
महासमुंद: सामाजिक बहिष्कार की धमकी देकर जुर्माने के नाम पर एक लाख 25 हजार रुपये मांगने का आरोप, तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज
महासमुंद/सांकरा। 14 अक्टूबर 2026 जिले के सांकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेन्ड्रावन में सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की धमकी देकर जुर्माने के नाम पर रुपये मांगने और राशि देने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(3), 3(5) तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
नाति के दूसरे समाज की युवती से विवाह करने पर जुर्माना मांगने का आरोप
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पेन्ड्रावन, थाना सांकरा, जिला महासमुंद निवासी रसपाल सिदार, पिता जगमोहन सिदार ने कार्तिक राम नेटी, जयचंद पालेश्वर और लक्ष्मण सिदार उर्फ सुधु के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रसपाल सिदार के नाति बंशीलाल सिदार ने अन्य समाज की लड़की से विवाह कर लिया था। इसी बात को लेकर समाज के पदाधिकारियों द्वारा जुर्माने के नाम पर रुपये की मांग की गई।
शिकायत के अनुसार, जून 2026 में आवेदक के घर पर बैठक आयोजित की गई, जिसमें 25 हजार रुपये जुर्माना राशि की मांग की गई। इसके दो दिन बाद गांव में रामलाल साहू की किराना दुकान के पास अतिरिक्त एक लाख रुपये जुर्माना देने की मांग की गई।
आरोप है कि संबंधित लोगों द्वारा सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की धमकी देकर जुर्माने की राशि देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
एसडीओपी पिथौरा ने की शिकायत की जांच
इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पिथौरा के कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक अअपु/पिथौरा/20-D/26, दिनांक 10 अक्टूबर 2026 के माध्यम से थाना प्रभारी सांकरा को शिकायत की जांच के संबंध में निर्देश दिए गए थे।
शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पत्र क्रमांक पुअ/महा/शिका/04-49 SDOPPTR-13/ऑनलाइन/2026, दिनांक 6 अगस्त 2026 के माध्यम से जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पिथौरा के कार्यालय को प्राप्त हुई थी।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता रसपाल सिदार, अनावेदक कार्तिक राम नेटी, जयचंद पालेश्वर और लक्ष्मण सिदार उर्फ सुधु के अलावा गवाह सुशील डड़सेना, ग्राम कोटवार श्रीमती सदमा नंद, निरंजन बिसाल तथा रतिराम नेटी के कथन लिए गए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि गवाह सुशील डड़सेना के कथन से होना बताया गया है। आवेदक, अनावेदकों और गवाहों के कथनों के आधार पर शिकायत की जांच पूरी की गई।
तीन लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध
जांच में प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पिथौरा ने थाना प्रभारी सांकरा को संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(3), 3(5) तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को थाना सांकरा में प्राप्त आवेदन का अवलोकन कर वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने कार्तिक राम नेटी, जयचंद पालेश्वर और लक्ष्मण सिदार उर्फ सुधु के विरुद्ध उक्त धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
एसडीओपी पिथौरा के निर्देशानुसार, मामले में की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन तीन दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।
फिलहाल, मामले में शिकायत और पुलिस जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।




