
रायपुर : जन्म से ही दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे चिरायु योजना ने बचाई मासूम रुद्रांश की जान
जन्म से दिल में छेद की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था रुद्रांश, वेंकटेश हॉस्पिटल रायपुर में 8 जुलाई 2026 को हुआ था l निःशुल्क हृदय ऑपरेशन
रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। गरीबी और आर्थिक तंगी जब किसी मासूम के जीवन पर भारी पड़ने लगे, तब शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आती हैं। इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम कोसीर निवासी मासूम रुद्रांश अजगल्ले की कहानी है। जन्म से ही दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे रुद्रांश को छत्तीसगढ़ शासन की चिरायु योजना के माध्यम से नया जीवन मिला है। योजना के तहत समय पर बीमारी की पहचान, उचित मार्गदर्शन और निःशुल्क उपचार से रुद्रांश का जटिल हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब वह स्वस्थ होकर सामान्य बच्चों की तरह हंस-खेल रहा है
आर्थिक तंगी बनी थी इलाज में सबसे बड़ी बाधा
मासूम रुद्रांश के जन्म के बाद परिवार में खुशियों के साथ नई उम्मीदें थीं, लेकिन जब उसके दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी का पता चला, तो माता-पिता की चिंता बढ़ गई। बच्चे की बीमारी का इलाज कराना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगे इलाज और हृदय ऑपरेशन का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था।
एक ओर अपने बच्चे को स्वस्थ देखने की इच्छा थी, तो दूसरी ओर इलाज के लिए आवश्यक धन की कमी परिवार के सामने बड़ी बाधा बनकर खड़ी थी। ऐसे कठिन समय में परिवार को सरकारी स्वास्थ्य योजना से मदद मिलने की उम्मीद जगी।
चिरायु टीम ने थामा हाथ, परिवार में जगी नई उम्मीद
निराशा के इस दौर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत चिरायु टीम ने रुद्रांश और उसके परिवार की मदद की। आंगनबाड़ी एवं विद्यालय स्तर पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ने रुद्रांश की बीमारी की पहचान की। इसके बाद उसे आगे की जांच और उपचार के लिए आवश्यक प्रक्रिया से जोड़ा गया।
जांच में बीमारी की पुष्टि होने के बाद चिरायु टीम ने त्वरित पहल की। प्रशासनिक सहयोग से रुद्रांश के उपचार की व्यवस्था की गई, जिससे उसके परिवार को बड़ी राहत मिली।
रायपुर के वेंकटेश हॉस्पिटल में निःशुल्क हुआ हृदय ऑपरेशन
चिरायु योजना के अंतर्गत रुद्रांश का जटिल हृदय ऑपरेशन 8 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित वेंकटेश हॉस्पिटल में पूरी तरह निःशुल्क संपन्न हुआ। आर्थिक तंगी के कारण जिस उपचार को कराना परिवार के लिए मुश्किल था, वह शासन की स्वास्थ्य योजना के माध्यम से संभव हो सका।
समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार मिलने से रुद्रांश को नया जीवन मिला। इस पहल ने न केवल बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य का रास्ता खोला, बल्कि उसके माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता को भी दूर किया।
लौट आई घर की खुशियां, सामान्य बच्चों की तरह खेल रहा रुद्रांश
सफल ऑपरेशन के बाद अब रुद्रांश के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। सारंगढ़ की चिरायु टीम ‘ए’ ने हाल ही में उसके घर पहुंचकर स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक परीक्षण किए।
आज रुद्रांश पहले की तरह सामान्य बच्चों के साथ हंसता-खेलता नजर आता है। अपने बेटे को स्वस्थ और खुश देखकर माता-पिता के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई है। जिस बच्चे के इलाज को लेकर परिवार लंबे समय तक चिंतित रहा, उसकी खिलखिलाहट अब पूरे परिवार के लिए खुशी और सुकून का कारण बन गई है।
जनकल्याणकारी योजनाओं से जरूरतमंद बच्चों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और चिरायु टीम द्वारा बच्चों में बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
रुद्रांश की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर स्वास्थ्य जांच, सही मार्गदर्शन और निःशुल्क उपचार से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
चिरायु योजना के माध्यम से रुद्रांश को मिला उपचार उसके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आज उसकी मुस्कान उन जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद और भरोसे का संदेश है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने बच्चों का महंगा इलाज कराने में असमर्थ होते हैं।




