बसना : 2600 पीएम आवास के पात्र हितग्राहियों को योजना से अपात्र करने आरोप जनपद सदस्य ने लगाया है ?
गरीबो के लिए आवास कितना जरूरी है ये जनपद के आवास साखा के अधिकारि क्या जाने जिनका छत घास भूष और छप्पर का कच्चा मकान है उनकी हालात सायद आवास साखा के जिम्मेदार अधिकारियों की नजर नही रहती है या फिर वे घर बैठे ही अपने मन से आंकलन कर सर्वे कर कर दे रहे है मामला बसना ब्लाक का है जहां पीएम आवास के लगभग
2600 पात्र हितग्राहियों को अपात्र घोषित कर सूची जारी कर दिया गया है । मामले में बसना ब्लॉक के जनपद सदस्य राजेश गड़तीया ने यह जानकारी को देते हुए बताया कि हमारे गाँव आवास लगभग सभी पात्र हितग्राहियों का सूची से हट गया है वे पात्र थे पूछने पर जानकारी देते हुए बताया कि अभी राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में लगभग 18 लाख हितग्राहियों को सूची जारी किया गया है जनपद सदस्य राजेश गड़तिया ने कहा की मेरे गांव बिछिया में जब आवास का सूची देखा तो किसी का नाम नही था जनपद सदस्य इस बात को लेकर जनपद पंचायत के आवास साखा से जाकर पात्र हितग्राहियों को अपात्र करने का कारण पूछने पर जो जवाब आया उसको सुनकर 2600 हितग्राहियों के खून खौल उठेगा राजेश गड़तिया जनपद सदस्य के अनुसार सर्वे हितग्राहियों के मोबाइल नम्बर की जगह किसी लेंड लाइन नँबर को डाल दिया गया है 2600 अपात्र हितग्राहियों की सूची देखने पर हितग्राहियों के मोबाइल नम्बर की जगह लेंड लाइन नम्बर बता रहा है सर्वे कर ऊपर भेज दिया गया है और यही
लापरवाही उन बसना ब्लॉक के 2600 हितग्राहियों को महंगा पड़ा उनका आवास आते आते छीनते दिखाई दे रहा है , आवास साखा के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि यह पूर्व में आवास मित्रो और अधिकारियों का कार्य है लेकिन क्या इतना बड़ा आवास साखा क्या सिर्फ आवास मित्रों के भरोसे ही चल रहा था जो कि आवास मित्रों को संविदा में ही लिया गया था और भाजपा के कार्यकाल समाप्ति के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने पर निकाल दिया गया है और वे आज फिर से दोबारा आवास मित्र बनने की सपना देख रहे है ।
जनपद सदस्य राजेश गड़तिया का कहना है कि हमारे गांव में जिनका रिजेक्ट हुवा है उनके पास लेंड लाइन नम्बर नही है ,यह मामला सिर्फ हमारे ब्लाक का नही राज्य ऐसी लापरवाही के चलते लाखो की सँख्या में पात्र हितग्राहि अपात्र हो गए है , जनपद सदस्य ने कहा नाम नही जोड़ने पर गरीबो के साथ अन्याय होगा और आवास साखा के जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही की मांग करने कि बात कही है
इस सम्बंध में बसना जनपद सीईओ सनत महादेवा से दुरभाष के माध्यम से जानकारी लेने पर बताया कि इस प्रकार का मामला मेरे सामने नही आया है किस प्रकार का सूची है देखने पर ही पता चलेगा जनपद सीईओ ने कहा कि सूची अगर केंद्र से जारी हुवा है तो संसोधन मुश्किल है ,सूची भेज दीजिए दिखवाता हु ।
वही बसना आवास साखा प्रभारी देवेंद्र ध्रुव ने बताया कि सर्वे के पीएम आवास का पोर्टल अलग अलग भाग में बाटता है कहा कि आवास सर्वे किसी ने हितग्राहियों के सामने मोबाइल नम्बर की जगह लेंड लाइन नँबर डाल दिया है इसलिए ब्लॉक के लगभग 2600 आवास योजना से अपात्र हो जाएंगे बताया कि यह केंद्र सरकार का कार्य है जहां से कुछ नही हो सकता है ,
वही बसना विधायक सम्पत अग्रवाल से चर्चा करने पर कहा कि किसी गरीब के साथ अन्याय होने नही दूंगा इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा कर हल करने की बात कही ।



