महासमुंद। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा पांडिचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप बालक एवं बालिका का आयोजन 22 मई से 29 मई तक राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम पांडिचेरी में जारी है, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम शामिल हैं। इस टीम में महासमुंद जिले से अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी इमलीभांठा शामिल हैं। इस चैंपियनशिप में दिव्या ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ की टीम बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही फाइनल में पहुंच गई हैं।

महासमुंद। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा पांडिचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप बालक एवं बालिका का आयोजन 22 मई से 29 मई तक राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम पांडिचेरी में जारी है, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम शामिल हैं। इस टीम में महासमुंद जिले से अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी इमलीभांठा शामिल हैं। इस चैंपियनशिप में दिव्या ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ की टीम बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही फाइनल में पहुंच गई हैं।

छत्तीसगढ़ टीम ने क्वार्टर फ ाइनल मैच में महाराष्ट्र की टीम को 56-44 के अंकों से परास्त कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। छत्तीसगढ़ की टीम से चैंपियनशिप में रूमी कोनवर, अदिति कोडापे, अंजली कोडापे, अंजनी, सोफ ी सिका, दिव्या रंगारी एवं नंदनी माधो प्रधान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

सेमीफाइनल मैच छत्तीसगढ़ एवं कर्नाटक के मध्य खेला गया, जिसमें हॉफ टाइम तक छत्तीसगढ़ की टीम कर्नाटक से 31-24 अंकों से आगे रहते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी।

तीसरे क्वॉर्टर में 48.43 अंकों से छत्तीसगढ़ ने अपनी बढ़त बनाए रखा एवं अंतिम क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने कर्नाटका को 67-62 अंकों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर पदक पक्का कर लिया।
महासमुंद की दिव्या ने सेमीफाइनल में बेहतर प्रदर्शन कर सबसे ज्यादा 27 अंक बनाकर टीम को विजेता बनने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस माह दिव्या बास्केटबॉल इंडिया कैंप का हिस्सा रहीं हैं।

छत्तीसगढ़ की बालिका टीम में अंजली कोडापे कप्तान, अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफ ी सिका, नंदनी माधो प्रधान सभी सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी राजनांदगांव, नताशा प्रजापति साई ट्रेनिंग सेंटर राजनांदगांव, दिव्या रंगारी महासमुंद, पारूल वर्मा और नित्या पांडे रायपुर, कलश झा एवं सारा सिंह भिलाई, टीम के कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेन्द्र साहू एस ई सी आर, मैनेजर अनिता तिर्की सरगुजा जिला हैं।

छत्तीसगढ़ बालिका टीम एवं महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी के बेहतर प्रदर्शन करने व फाइनल में प्रवेश करने पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष नुरेन चंद्राकर, चेयरमैन गौरव चंद्राकर, सचिव शुभम तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, पुरन साहू, बादल मक्कड, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे, संतोष कुमार सोनी, किरण महाडीक, अभिषेक अंबिलकर,कुलेश्वर चंद्राकर, पिता विनोद रंगारी, माता सपना रंगारी, प्राचार्य मां गायत्री स्कूल महासमुंद विमला सागर, सुभाष मंडल, विवेक मंडल, निखिल चंद्राकर, विकास सोनी, आकाश सोनी, योजना रंगारी, तारणी साहू, सौम्या,श्रेया घोष, राइमा दास ने शुभकामनाएं दी हैं।

महासमुंद LPG घोटाले में बड़ा एक्शन, ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक और डायरेक्टर गिरफ्तार

महासमुंद। महासमुंद जिले में सामने आए करीब 1.5 करोड़ रुपए के LPG घोटाले मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और उनके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 92 टन एलपीजी गैस चोरी कर अवैध रूप से बेची गई थी। इस गैस की बिक्री से लगभग 80 लाख रुपए का लेन-देन हुआ। मामले में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अब निलंबित जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, भाजपा नेता और गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर, मैनेजर निखिल वैष्णव तथा व्यापारी मनीष चौधरी समेत अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, पूरे घोटाले की साजिश तत्कालीन जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने रची थी। आरोप है कि सुपुर्दनामा मिलने के बाद गैस कैप्सूलों से एलपीजी निकालकर अलग-अलग एजेंसियों और संस्थानों को बिना जीएसटी और कच्चे बिलों पर बेचा गया। मामले को वैध दिखाने के लिए फर्जी पंचनामा भी तैयार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में गैस बेचने के लिए 1.30 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, लेकिन बाद में सौदा करीब 90 लाख रुपए में तय हुआ। पैसों के बंटवारे में कई लोगों की भूमिका सामने आई है।

फरार आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे और मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद पुलिस ने उन्हें कोल्हापुर के एक होटल से दबोच लिया। पुलिस का दावा है कि मामले में अभी और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी की घटना पर सख्त टिप्पणी की है। घटना में संलिप्त आरोपियों ने 7 से 8 हजार लोगों की भीड़ को उकसा कर 13 से 14 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस पर जानलेवा हमला कराया गया। समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाई कोर्ट ने बवाल, पथराव और कलेक्ट्रेट परिसर में आगजनी के मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे थे। आरोप है, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उग्र कर दिया और भड़काया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सैकड़ों वाहनों के साथ ही कलेक्टोरेट भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया।

इस दौरान बीच-बचाव कर रहे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

सुनवाई के दौरान अमित बघेल के वकील ने कोर्ट को बताया, 10 जून को बलौदाबाजार में हिंसा के समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच वे अपनी पत्नी ईश्वरी बघेल के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। वकील ने बताया, उस दौरान संजय कुमार सोनी के पक्ष में रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, पेश दस्तावेजों में ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि घटना के समय अमित बघेल रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दलील सच्चाई से परे नजर आती है। कोर्ट ने कहा, समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से कहा गया कि सह-आरोपी नोविल कुमार नवरंग को महज दो महीने चार दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। इस पर राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने उनके तर्कों पर आपत्ति जताते हुए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखा। रिकॉर्ड के मुताबिक अमित बघेल के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले, अजय यादव के खिलाफ 13 मामले और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक मामला दर्ज है।

हाई कोर्ट ने कहा कि जिस सह-आरोपी को दो महीने में जमानत मिली थी, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, जबकि इन आवेदकों के खिलाफ गंभीर मामलों की लंबी सूची मौजूद है। कोर्ट ने अमित बघेल की चार, अजय यादव की चार और दिनेश कुमार वर्मा की एक याचिका सहित 9 जमानत याचिकाएं एक साथ खारिज कर दी है।

शराब में मिलावट: व्हिस्की में पानी मिलाते 4 कर्मचारी गिरफ्तार

महासमुंद । महासमुंद जिले के पिथौरा स्थित कंपोजिट शराब दुकान में मिलावटी शराब बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी कर शराब में पानी मिलाते हुए चार प्लेसमेंट कर्मचारियों को पकड़ लिया। आरोप है कि कर्मचारी ‘मैकडावल नंबर-1’ व्हिस्की में पानी मिलाकर ग्राहकों को बेच रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से शराब में मिलावट कर ग्राहकों को ठगा जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा था। शिकायत मिलने के बाद आबकारी विभाग ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें यह गड़बड़ी पकड़ी गई।कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मौके से मिलावटी शराब और संबंधित सामग्री जब्त की। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आबकारी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।

आबकारी विभाग ने कहा है कि जिले की अन्य शराब दुकानों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि शराब खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

माओवादी हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़, भारी विस्फोटक और हथियार बरामद

नारायणपुर/गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की पुलिस को माओवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में सुरक्षा बलों ने घने जंगलों में संचालित माओवादियों के हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और निर्माण सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत की गई। सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने में उपयोग होने वाली कई सामग्री भी जब्त की गई।  जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि नारायणपुर जिले के काकूर थाना क्षेत्र से लगभग सात किलोमीटर दूर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में माओवादियों ने हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। इसी सूचना के आधार पर 26 मई 2026 को गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन में संयुक्त अभियान शुरू किया गया। अभियान में प्राणहिता के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियां, नारायणपुर डीआरजी की एक टीम तथा बीडीडीएस प्राणहिता की दो टीमें शामिल थीं। 27 मई 2026 को काकूर थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें बीडीडीएस टीम ने संदिग्ध स्थानों की जांच के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार निर्माण सामग्री बरामद की। Alsoनगर सेना का जवान घायल बरामद सामग्री में 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और निर्माण सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लोहे की रॉड, दो लेथ मशीन, दो मोटर, ग्राइंडर मशीन, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क माओवादियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सुरक्षा बलों ने  जा रही मोदी सरकार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बरामद सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि उसका उपयोग आगे किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके। यह संयुक्त अभियान गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज, अहेरी के अपर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन बी. जे., पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) विशाल नागरगोजे तथा नारायणपुर के पुलिस उपाधीक्षक मनोज मंडावी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा स्थापित करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

आग बुझाने के दौरान नगर सेना का जवान घायल

बलौदाबाजार. भाटापारा के हटरी बाजार स्थित एक बिल्डिंग के कपड़े और मोबाइल की दुकान में गुरुवार देर रात आग भड़क गई. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया. सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. इस दौरान अचानक वह बिल्डिंग धराशाई हो गई. इस दौरान नगर सेना के जवान कृष्णा खुंटे गंभीर रूप से घायल हो गए. फिलहाल उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर के एक अस्पताल लाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.  जानकारी के अनुसार, हटरीबाजार में देर रात बाबूलाल बत्रा की कपड़े की दुकान और एक मोबाइल दुकान में भीषण आग लग गई. गर्मी और तेज हवाओं के कारण यह आग तेजी से फैली और कुछ ही देर में इसने विकराल रूप ले लिया. स्थानीय लोगों की सूचना पर भाटापारा शहर थाना प्रभारी अमित पाटले सहित अन्य अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया. इस भीषण आग पर काबू पाने के लिए नगर सेना बलौदाबाजार, भाटापारा दमकल, अंबुजा सीमेंट रवान और अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर टीमों ने मिलकर मोर्चा संभाला. बचाव कार्य के दौरान, दुकान की पुरानी बिल्डिंग आग की तपिश न झेल पाने के कारण अचानक भरभराकर ढह गई. इस हादसे में आग बुझाने में जुटे बलौदाबाजार नगर सेना के जवान कृष्णा खुंटे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रायपुर रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. बताया जा रहा है कि उनके पैर में गंभीर चोट आई है.

नवतपा में रिकॉर्डतोड़ गर्मी: पिछले सालों की तरह इस बार नहीं मिली बारिश की राहत, आग उगल रहा महासमुंद का आसमान

महासमुंद। नवतपा के बीच महासमुंद जिला इन दिनों भीषण गर्मी की गिरफ्त में है। सूरज की तपिश ऐसी है कि सुबह 10 बजे के बाद ही सडक़ें तपने लग रही हैं और दोपहर होते होते हालात कफ्र्यू जैसे दिखाई दे रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में नवतपा के दौरान बीच-बीच में बारिश और आंधी से लोगों को राहत मिल जाती थी, लेकिन इस बार मौसम पूरी तरह बेरहम बना हुआ है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

महासमुंद जिले के कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंचा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। शहर सहित बागबाहरा, बसना, पिथौरा और सरायपाली क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्मी की चपेट में हैं। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। सडक़ किनारे चाय-नाश्ते की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सन्नाटा दिखाई दे रहा है।

गर्म हवा के थपेड़ों से बाइक सवार और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसान भी तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल हैं। जिले में इस बार नवतपा का असर बीते वर्षों की तुलना में ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने और वातावरण में नमी की कमी के कारण गर्मी लगातार बढ़ रही है। अभी लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण लोगों को रात में भी राहत आराम नहीं मिल पा रही। दिनभर तपिश और रात भर उमस जैसी स्थिति से लोग परेशान हैं।

महासमुंद जिले के विभिन्न ब्लॉकों में तापमान लगातार 45 से 46 डिग्री के बीच बना हुआ है। बागबाहरा और सरायपाली क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म माने जा रहे हैं और वहां तापमान 46 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। महासमुंद मुख्यालय में पारा करीब 44.8 डिग्री औसत है। बसना और पिथौरा क्षेत्र में भी गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी का असर दैनिक कामकाज पर भी साफ  दिखाई दे रहा है। निर्माण कार्य, खेतों का काम और खुले स्थानों पर श्रम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

किसान सुबह जल्दी और शाम ढलने के बाद ही खेतों में काम कर रहे हैं। शहर में भी दोपहर के समय ऑटो चालकों, डिलीवरी ब्वाय और ट्रैफिक पुलिस जवानों को ड्यूटी के दौरान भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कूलर,एसी और पंखों के उपयोग से बिजली खपत बढ़ी है। कई इलाकों में पानी की किल्ल्त है। अभी तीन चार दिन राहत मिलने की संभावना कम है। 28 से 30 मई तक तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच बना रह सकता है और लू चलने की आशंका बनी हुई है।

इसके बाद 31 मई से मौसम में हल्का बदलाव शुरू हो सकता है। आसमान में आंशिक बादल छाने और प्री.मानसून गतिविधियां बढऩे के संकेत हैं। जून के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाओं से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही पर्याप्त पानी पीने,ओआरएस का सेवन करने, हल्के सूती कपड़े पहनने और खाली पेट बाहर नहीं निकलने की सलाह लोगों को दे रखी है।

महासमुंद: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने वीसी के जरिए ली समय-सीमा की बैठक, विकास कार्यों की समीक्षा की

महासमुंद। समय-सीमा की बैठक कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार,जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ सहित जिला स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे एवं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार एवं अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा व रवि साहू सभाकक्ष में मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जिन कार्यालयों में अभी तक आधार बेस्ड उपस्थिति लागू नहीं हुई है, वहां इसे अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए। सभी विभाग प्रमुखों को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि आगामी 01 जून से ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कार्यालयों में आवश्यक तैयारी समय रहते पूर्ण कर ली जाए ताकि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं गति लाई जा सके।

कलेक्टर ने किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खेतों में पराली जलाने से आगजनी की बढ़ी घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जन-धन एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोटवारों के माध्यम से गांवों में लगातार मुनादी कराई जाए तथा किसानों को जागरूक किया जाए। एसडीएम एवं तहसीलदारों को इस संबंध में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राजस्व अधिकारियों को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करने कहा गया।

उन्होंने कहा कि यह नियम निरंतर प्रभाव से लागू रहेगा। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अब तक 31 शिविरों में कुल 22 हजार 648 आवेदन प्राप्त हुए हैंए जिनमें से 11 हजार 723 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को शेष लंबित प्रकरणों का समय.सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।

बैठक में खाद दुकानों के भौतिक सत्यापन के निर्देश देते हुए कहा गया कि स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानों को तत्काल सीज किया जाए। खाद विक्रय में किसी प्रकार की धांधली अथवा कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा इस संबंध में सतत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए तथा पीओएस मशीन के माध्यम से ही खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए एवं खाद वितरण का कड़ाई से पालन करें।

उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों का एग्रीस्टैक में पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर ने आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए आगामी तीन माह के लिए सभी राशन दुकानों में राशन भंडारण के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा जल संरक्षण के लिए मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत कलेक्टर ने अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, डबरी, तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए है। साथ ही इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। सभी विभागों को समन्वय के साथ अभियान का क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। जल संचयन भागीदारी में अभी तक 74 हजार संरचना का निर्माण हुआ है।

कलेक्टर ने कहा कि किसानों को अपने खेत अथवा बाडिय़ों में सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

इसी तरह कलेक्टर ने अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। रेत के अवैध उत्खनन के लिए संयुक्त टीम को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जिले में रेत का अवैध परिवहन और उत्खनन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  कलेक्टर ने राजस्व विभाग अंतर्गत विवादित एवं अविवादित प्रकरणों तथा स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

महासमुंद प्रशासन के आदेश पर बवाल: आम आदमी को डिब्बे में पेट्रोल न मिलने से बढ़ेगी परेशानी, AAP ने जताया विरोध

महासमुंद। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश झाबक ने जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश सिर्फ किसानों को ही जर्किन और डिब्बों में पेट्रोल डीजल दिया जाय, यह बेतुका आदेश है।

उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा है कि पेट्रोल पंपों से जर्किन, डिब्बों अथवा अन्य पात्रों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाना अव्यावहारिक और जनविरोधी निर्णय है। शहरों और कॉलोनियों में बड़ी संख्या में डीजल जनरेटर उपयोग में लाए जाते हैं, जिनके लिए डीजल की आवश्यकता पड़ती है। लाइट बंद होने पर बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट चलती है। केटरिंग वाले भी डीजल भट्टी का उपयोग करते हैं और ढाबों में भी डीजल भट्टी उपयोग होती है।

आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि जिला प्रशासन अपने आदेश पर पुनर्विचार करे और  छोटे व्यवसायियों तथा उपयोगकर्ताओं को पहचान और आवश्यक जानकारी के आधार पर सुरक्षित तरीके से जर्किन या डिब्बों में पेट्रोल.डीजल उपलब्ध कराने की अनुमति दी जाए।

CG : डेढ़ करोड़ की LPG गैस चोरी मामले में बड़ी सफलता, फरार संतोष-सार्थक ठाकुर महाराष्ट्र से गिरफ्तार

महासमुंद। जिले में डेढ़ करोड़ रुपए की LPG गैस चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर को पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी पिछले एक महीने से फरार थे और उनकी तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें देश के कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही थीं।

पूरा मामला महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र का है। दिसंबर 2025 में पुलिस ने बिना वैध दस्तावेजों के 90 मीट्रिक टन LPG गैस से भरे 6 बड़े गैस कैप्सूल वाहनों को जब्त किया था। जांच में खुलासा हुआ कि इन कैप्सूलों में भरी गैस की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, व्यापारी मनीष चौधरी और गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर ने मिलकर पूरी साजिश रची थी। आरोपियों ने गैस से भरे 6 कैप्सूल सीधे अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दिए थे।

इस मामले में पहले ही जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, व्यापारी मनीष चौधरी और एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर को गिरफ्तार किया जा चुका है। पंकज चंद्राकर भाजपा की पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर के बड़े भाई धनंजय चंद्राकर का दामाद बताया जा रहा है।