सरायपाली/ एक घंटी पर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दूर, अब गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर एक्शन की खबर कब आएगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी? क्या आम आदमी इससे खुश है, पढ़िए पूरी खबर

छत्तीसगढ़ महासमुंद। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज होने के बाद लोगों की समस्याओं के समाधान के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन इन मामलों के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है—क्या आम लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही नहीं हो सकता? क्या सीएम हेल्पलाइन में फोन करने के बाद ही समस्या का समाधान होना संभव है?

यह सवाल तब और जरूरी हो जाता है, जब कोई आम आदमी अपनी छोटी-सी समस्या का भी निराकरण कराने के लिए परेशान होता रहे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जारी प्रेस विज्ञप्तियों को पढ़ने पर कई बार यह सामने आता है कि संबंधित व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर दफ्तरों के चक्कर काटता रहा, लेकिन समाधान नहीं हुआ। आखिरकार उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर फोन किया और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उसकी समस्या का समाधान हो गया।

यह बात निश्चित रूप से अच्छी है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का निराकरण हो रहा है। लेकिन इसी के साथ यह सवाल भी जरूरी है कि जब शिकायत 1076 तक पहुंचते ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय होकर समस्या का समाधान कर सकते हैं, तो शिकायतकर्ता को पहले ही स्तर पर समाधान क्यों नहीं मिल पाता? महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम कसलबा निवासी कमलेश प्रधान ने राशन कार्ड से संबंधित समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले में त्वरित कार्रवाई की और उनकी समस्या का निराकरण कर दिया।

समस्या दूर होने के बाद कमलेश प्रधान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समय पर समाधान हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।

कमलेश का मामला निश्चित रूप से राहत देने वाला है और यह भी बताता है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम आदमी के लिए किस तरह सहारा बन रही है। लेकिन यह मामला व्यवस्था के दूसरे पहलू पर भी सवाल खड़ा करता है। जब 1076 पर शिकायत पहुंचने के बाद संबंधित विभाग तेजी से कार्रवाई कर समस्या का समाधान कर सकता है, तो क्या ऐसी शिकायतों के लिए नागरिकों को पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचना जरूरी है?

राशन कार्ड जैसी रोजमर्रा से जुड़ी समस्या आम नागरिक के लिए भले ही छोटी दिखाई दे, लेकिन संबंधित व्यक्ति के लिए वह महत्वपूर्ण होती है। ऐसी समस्या के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ही व्यवस्था उपलब्ध होने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यह देखना भी जरूरी है कि हेल्पलाइन पर शिकायत पहुंचने के बाद ही कार्रवाई क्यों तेज होती है और उससे पहले समस्या के समाधान की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।

महाजनपद न्यूज का मुख्यमंत्री से निवेदन

महाजनपद न्यूज का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से निवेदन है कि जिन गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी आम व्यक्तियों की छोटी-छोटी परेशानियों का भी निराकरण नहीं कर पा रहे हैं, उन पर भी ध्यान दिया जाए। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त है तथा उसके खिलाफ लिखित शिकायत के बाद भी जांच और कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है, तो ऐसे मामलों को भी मुख्यमंत्री स्तर पर संज्ञान में लिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएं। तभी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी योजना की सफलता और अधिक सार्थक होगी। क्योंकि केवल शिकायत का निराकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि आम व्यक्ति को अपनी समस्या लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।

यह कहना भी सही नहीं होगा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से लोगों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। यह वास्तविकता है कि जब से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू हुई है, इसका लाभ आम व्यक्ति जरूर ले रहा है और समस्याओं का निराकरण भी हो रहा है। लोग इस योजना से खुश हैं।

जो लोग अपना काम छोड़कर अपनी समस्याओं के लिए कार्यालय और पंचायत के दफ्तरों के चक्कर लगाते थे, कर्मचारियों और अधिकारियों के सामने अपनी समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाते थे और फिर भी कार्य नहीं होने पर दुखी हो जाते थे, वैसे लोगों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय निश्चित ही एक हीरो की तरह हैं।

लेकिन जिस दिन मुख्यमंत्री स्वयं उन गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के मामलों पर भी संज्ञान लेना शुरू कर देंगे, जो आम लोगों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरत रहे हैं, उस दिन इस व्यवस्था का संदेश और मजबूत होगा। महाजनपद न्यूज की ओर से यह कहना है कि आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अगला चुनाव भाजपा लाएगी और सरकार बनाएगी, ऐसी उम्मीद भी लोग कर सकते हैं—लेकिन इसके लिए शासन की योजनाओं के साथ-साथ जमीनी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी जरूरी है।

सरायपाली, बसना और पिथौरा से उठ रही जवाबदेही की मांग

महासमुंद जिले के सरायपाली, बसना और पिथौरा क्षेत्र के कुछ पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कुछ गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें की गईं, लेकिन कुछ मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इन दावों की पुष्टि संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए।

फिर भी यदि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मामले को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो ऐसे मामलों को मुख्यमंत्री स्तर पर देखे जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाए।

महाजनपद न्यूज को भी मुख्यमंत्री जी की ऐसी कार्रवाई का इंतजार रहेगा, ताकि पूरा छत्तीसगढ़ यह देख सके कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल आम लोगों की समस्याओं का निराकरण ही नहीं करती, बल्कि जो अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करते हैं, उन्हें भी उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने और नियमानुसार कार्रवाई करने का माध्यम बनती है।

सिर्फ शिकायत का समाधान नहीं, जिम्मेदारी भी तय हो

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके निराकरण का माध्यम है। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इसके जरिए अब तक लाखों नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।

कमलेश प्रधान की शिकायत का समाधान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की उपयोगिता को सामने लाता है। लेकिन इसके साथ यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या हेल्पलाइन आम लोगों की अंतिम उम्मीद बनी रहेगी, या स्थानीय स्तर पर ही व्यवस्था इतनी मजबूत होगी कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए नागरिकों को 1076 की घंटी बजाने की जरूरत न पड़े।

क्योंकि असली सफलता सिर्फ यह नहीं कि 1076 पर शिकायत आई और समस्या दूर हो गई। असली सफलता तब होगी, जब आम आदमी की समस्या संबंधित कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझें और उसका समाधान करें।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना करते हुए महाजनपद न्यूज का निवेदन है कि निराकरण के साथ गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर भी संज्ञान और नियमानुसार कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इससे आम आदमी को राहत भी मिलेगी, शासन-प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ेगा और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य भी पूरी तरह सार्थक होगा।

धन्यवाद।

SSC ने 12वीं पास के लिए निकाली बंपर भर्ती

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने Combined Higher Secondary Level (CHSL) Exam 2026 की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), जूनियर सचिवालय सहायक (JSA) और डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) के 2,536 पदों पर भर्ती की जाएगी। पात्र और इच्छुक उम्मीदवार SSC के नए पोर्टल ssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 
आवेदन शुल्क: सामान्य, OBC और EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ₹100 आवेदन शुल्क रखा गया है। महिला उम्मीदवारों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), दिव्यांग (PwBD) और पूर्व सैनिकों (ESM) को शुल्क से पूरी छूट दी गई है।

आवेदन शुरू होने की तिथि: 07 सितंबर2026 तथा आवेदन की अंतिम तिथि: 07 अक्टूबर 2026 तक है।

शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सीएजी (C&AG) कार्यालयों में डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) के पदों के लिए 12वीं में विज्ञान वर्ग (Science Stream) के साथ गणित विषय का होना आवश्यक है। आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 27 वर्ष होनी चाहिए (आयु की गणना 01 अगस्त 2026 के आधार पर होगी)। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अधिकतम आयु में छूट मिलेगी—SC/ST को 5 वर्ष, OBC को 3 वर्ष और PwBD को 10 वर्ष की छूट दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका की भर्ती, जानिए पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया

एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र बापूनगर-ए, वार्ड क्रमांक 05 में आंगनबाड़ी सहायिका का पद रिक्त है। उक्त पद की पूर्ति के लिए इच्छुक आवेदिकाओं से 10 से 24 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

आवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, नियम एवं शर्तों की जानकारी परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर देखी जा सकती है।

CG: कीटनाशक विक्रेता पर गिरी गाज, जानें कृषि विभाग ने क्यों की कार्रवाई

कृषि विभाग द्वारा कीटनाशी विक्रय एवं भंडारण में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मेसर्स तिलोकचंद अग्रवाल मंडी बाजार-गौरेला के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों के उल्लंघन से संबंधित विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं।

निरीक्षण में अनुज्ञप्ति प्रमाण-पत्र निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं होना, विक्रय परिसर में कीटनाशी की मात्रा एवं मूल्य प्रदर्शित नहीं होना, निर्धारित प्रारूप में क्रय-विक्रय अभिलेख संधारित नहीं किया जाना, स्टॉक रजिस्टर एवं बिल रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का संधारण निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप नहीं होना तथा नियमित प्रतिवेदन शासन द्वारा निर्धारित समय पर प्रस्तुत नहीं किया जाना जैसी अनियमितताएं पाई गईं।

  1. इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कीटनाशी अधिनियम 1968 की धारा-14 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कीटनाशी विक्रय/भंडारण अनुज्ञप्ति क्रमांक-51 को 8 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा किसी भी प्रकार के कीटनाशी का विक्रय एवं भंडारण नहीं किया जा सकेगा। साथ ही प्रतिष्ठान को उपलब्ध कीटनाशियों का नियमानुसार सत्यापन एवं अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना अनुज्ञप्ति की अवधि में किसी भी प्रकार की कीटनाशी संबंधी व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। विभाग द्वारा आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार स्टॉक का निरीक्षण/सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज  मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज  मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

2.    मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

3.    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

4.    मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

5.    मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

बसना : खेत से पानी लेने से मना करने पर लाठी से मारपीट, सिर और कंधे पर आई चोटें

बसना : ग्राम परसकोल निवासी एक किसान के साथ उसके ही खेत के बोर से बिना इजाजत पानी लेने का विरोध करने पर दबंग द्वारा लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। मारपीट की इस घटना में पीड़ित के सिर और दोनों कंधों पर गंभीर चोटें आई हैं।

 

पीड़ित किसान हितेश साहू ने बताया कि ग्राम बिछिया की सीमा में स्थित उनके खेत में बोर लगा हुआ है। 8 सितंबर की शाम जब वे अपने खेत में लगी धान की फसल देखने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पड़ोसी खेत में काम कर रहा भोजराज बुढ़ेक उनके बोर से बिना पूछे जुगल बुढ़ेक के खेत में पानी ले जा रहा था। जब पीड़ित ने बिना अनुमति पानी ले जाने से मना किया, तो आरोपी आक्रोशित हो उठा। मना करने से नाराज भोजराज बुढ़ेक ने किसान को मां-बहन की गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे बांस के डंडे से हमला कर दिया। ताबड़तोड़ किए गए इस हमले से पीड़ित के सिर के पिछले हिस्से और दोनों कंधों में गंभीर चोटें आई हैं।

घटना के समय मौके पर मौजूद ग्राम परसकोल के विनोद साहू और ग्राम बिछिया के रामप्रसाद यादव ने तुरंत बीच-बचाव कर पीड़ित को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पूरी घटना को देखा और सुना है। पीड़ित किसान की लिखित शिकायत और बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

महासमुंद में सिंचाई को लेकर बड़ा फैसला, सरायपाली-पिथौरा समेत 6 जलाशयों पर खर्च होंगे 25.67 करोड़ 817 हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी, जानिए किन 6 सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

 

महासमुंद जिले में 6 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 25.67 करोड़ रुपये स्वीकृत
817 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई क्षमतारायपुर, 09 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने महासमुंद जिले की 6 सिंचाई योजनाओं के सुदृढ़ीकरण, जीर्णाेद्धार और निर्माण कार्यों के लिए 25 करोड़ 67 लाख 92 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग (मंत्रालय, महानदी भवन) द्वारा मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इन सभी योजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र के कुल 817 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।           डूमरपाली एनीकट निर्माण (सरायपाली)- कटंगी नाला पर ग्राम डूमरपाली एनीकट निर्माण के लिए 3.52 करोड़ से अधिक

(3,52,99,000 रुपये) स्वीकृत किए गए हैं, इससे 100 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। राजाडेरा जलाशय (पिथौरा) के नहर के सुदृढ़ीकरण एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4.95 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत की गई है, इससे 76 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी पहुंचेगा। कुन्ती नाला व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य, नहर के जीर्णाेद्धार एवं सी.सी. लाईनिंग के लिए 4.74 करोड़ (4,74,31,000 रुपये) स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 170 हेक्टेयर में सिंचाई होगी।  जामली जलाशय (महासमुंद) के शीर्ष कार्य की मरम्मत, नहरों की रिमॉडलिंग, लाईनिंग और

पक्के निर्माणों की मरम्मत हेतु 4.24 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, इससे 202 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परसदा जलाशय (महासमुंद) के शीर्ष जीर्णाेद्धार, नहर रिमॉडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4.22 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिससे 166 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। छपोराडीह जलाशय (महासमुंद) के नहर रिमॉडलिंग, लाईनिंग और पक्के स्ट्रक्चरों के उन्नयन के लिए 3.97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 103 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।क्रमांक-7771/राठौर/चौधरी

CG सरायपाली: गोदावरी पावर के जंगलबेड़ा सोलर प्रोजेक्ट में चोरी, 1.50 लाख की कॉपर केबल ले गए चोर; 152 सोलर प्लेटें क्षतिग्रस्त फोटो-वीडियो साक्ष्य के साथ कार्रवाई की मांग, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ सरायपाली/महासमुंद। ग्राम जंगलबेड़ा स्थित गोदावरी पावर एवं इस्पात लिमिटेड (GPIL) के 100 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट परिसर में चोरी और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। के0एस0एल0 क्लीनटेक लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन सोलर पावर प्लांट में अज्ञात व्यक्तियों ने करीब 1500 मीटर सोलर कॉपर केबल, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है, चोरी कर ली। वहीं चोरी के दौरान 152 सोलर प्लेट भी क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की गई है।

कंपनी के मैनेजर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को प्रोजेक्ट परिसर में निरीक्षण के दौरान असिस्टेंट मैनेजर यश कुमार चंद्राकर और स्टोर इंचार्ज दीपक लवंशी ने सोलर केबल गायब होने की जानकारी दी। स्थल का निरीक्षण करने पर पता चला कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सोलर पावर प्लांट के ब्लॉक नंबर-01 क्षेत्र से केबल चोरी की गई है।

कंपनी की ओर से थाना सरायपाली में 8 सितंबर 2026 को दिए गए लिखित आवेदन में बताया गया है कि चोरी हुई केबल 6 Sqmm, KEI Cables की है। इसके साथ ही Rayzon Solar कंपनी की 152 सोलर प्लेटों के केबल को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे प्लेटें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

शिकायत के मुताबिक चोरी की संभावित तारीख 15 अगस्त 2026 की रात बताई गई है। घटना के समय संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सिक्योरिटी गार्ड सुपरवाइजर/गेट सिक्योरिटी जीवनलाल सतनामी की थी।

कंपनी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि घटना के संबंध में स्थल का निरीक्षण किया गया है और फोटोग्राफ एवं वीडियो जैसे साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें पुलिस जांच के लिए प्रस्तुत किया गया है। कंपनी ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर घटना स्थल का निरीक्षण, पंचनामा एवं जांच की कार्रवाई करने तथा चोरी गई कॉपर केबल की बरामदगी और क्षतिग्रस्त सोलर प्लेटों के मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन यश कुमार चंद्राकर, पिता दिलीप चंद्राकर, निवासी पतेरापाली, सरायपाली की ओर से प्रस्तुत किया गया है। मामले में गवाह के रूप में रवि प्रकाश यादव और दीपक लवंशी के नाम दिए गए हैं।

महासमुंद में रोजगार मेला: 200 पदों पर भर्ती, युवाओं को सीधे रोजगार का अवसर

200 विभिन्न पदों पर भर्ती का सुनहरा अवसर 
महासमुंद, 8 सितंबर 2026/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा जिले के शिक्षित एवं योग्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। रोजगार मेला लाइवलीहुड कॉलेज, द्वितीय तल, पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर, ग्राम-बरोडाबाजार में प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा।

उपसंचालक रोजगार डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों द्वारा 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर, स्नातक एवं आईटीआई उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती की जाएगी। स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, पुष्कल एग्रोटेक लिमिटेड, अलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड, रजत इक्विपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड एवं श्रमिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग 200 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य नियोजकों के उपस्थित होने पर उन्हें भी रोजगार मेले में सम्मिलित किया जाएगा।

रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदकों को निर्धारित स्थल एवं समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति एवं पासपोर्ट साइज के स्वयं के फोटो के साथ उपस्थित होना होगा। साक्षात्कार की प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार एप/वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। रोजगार मेले में भाग लेने की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद से संपर्क कर सकते हैं अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाइट छत्तीसगढ़ रोजगार वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

CG: बैंको के रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश 

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। मंत्री केदार कश्यप ने बैठक में सहकारिता के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा मुख्य ध्येय प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और प्रदेश के प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना हैको-ऑपरेटिव सेक्टर पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का किया विमोचनबैठक में मंत्री कश्यप ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से किसानों का भरोसा सहकारिता प्रणाली पर और मजबूत होगा। उन्होंने को-आपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की समीक्षा की। उन्होंने रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने सहकारी सप्ताह 29 जून से 06 जूलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में को-ऑपरेटिव सेक्टर में आयोजित विविध कार्यक्रम पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का विमोचन किया है।

बैठक में मंत्री कश्यप ने अधिकारियों, प्रबंध संचालकों, संभागीय संयुक्त आयुक्तों, उप/सहायक आयुक्तों तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए ताकि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे।

मंत्री कश्यप ने अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, समय पर उर्वरक (खाद), बीज एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों को कोआपरेटिव्ह बैंको के माध्यम से चालू खरीफ सीजन 2026 हेतु 8800 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। बैठक में मंत्री श्री कश्यप द्वारा अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण के निर्देश दिया गया। ग्रामीण अंचलों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार करने तथा माइक्रो ए.टी.एम. की उपलब्धता बढ़ाकर डिजिटल बैंकिंग को सुलभ बनाने पर बल दिया गया।

मंत्री कश्यप ने 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण व त्प्क्थ् योजना के तहत   स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई, साथ ही नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए। बैठक में आराईडीएफ अंतर्गत  आबंटित 725 गोदामों में 718 गोदामों के निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई है। शेष 7 गोदाम के जल्द ही निर्माण पूर्ण किये जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने तथा कार्यालयों में ई-ऑफिस और आधार-बेस्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने के आदेश दिए गए। बैठक के अंत में मंत्री कश्यप ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिये।

इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ सी.आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक महाप्रबंधक एवं प्रभारी प्रबंध संचालक युगल किशोर, अपर पंजीयक यू बीएस राठिया, अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत व सहकारिता विभाग व अपेक्स बैंक के अधिकारीगण तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित थे।