प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अम्बिकापुर सहित देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों किया लोकार्पण                       

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अम्बिकापुर सहित देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों किया लोकार्पण                                अमृत स्टेशनों में दिखेगी विकसित भारत की झलक: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया अम्बिकापुर में अमृत स्टेशन

छत्तीसगढ़ को मिली 5 अमृत स्टेशनों की सौगात  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े।

गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्री मंजूषा भगत मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए।

अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर  दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।

अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा। रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक बड़ा तिरंगा झंडा लगाया गया है साथ ही स्टेशन में यात्रियों के लिए सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

रायपुर : मुख्यमंत्री ने दोकड़ा में पीएम आवास योजना के हितग्राही संतु चक्रेस को चाबी देकर गृह प्रवेश कराया

रायपुर : मुख्यमंत्री ने दोकड़ा में पीएम आवास योजना के हितग्राही संतु चक्रेस को चाबी देकर गृह प्रवेश कराया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हितग्राही श्री संतु चक्रेस को उनके नए आवास की चाबी देकर गृह प्रवेश कराया। संतु चक्रेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले कच्चा मकान होने के कारण बरसात और गर्मी के मौसम में बहुत परेशानी होती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें चिंता से मुक्ति मिल गई।

आम लोगों की समस्याओं के निराकरण एवं उनकी मांगों को पूरा करने का सशक्त माध्यम बन रहा है सुशासन तिहार – उद्योग मंत्री

आम लोगों की समस्याओं के निराकरण एवं उनकी मांगों को पूरा करने का सशक्त माध्यम बन रहा है सुशासन तिहार – उद्योग मंत्री

शिविर का किया निरीक्षण, आमजन से भेंट कर जाना उनका कुशल-क्षेम, शिविर में अधिकारियों का किया मार्गदर्शन

प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश में विगत डेढ़ माह से संचालित सुशासन तिहार आम जनमानस की समस्याओं के निराकरण एवं उनकी मांगों को पूरा करने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्हेने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि देश का हर नागरिक खुशहाल हो, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण हो, उनकी विकासपरक मांगे व आवश्यकताएं पूरी हों, इसी लक्ष्य को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ सुशासन तिहार-2025 का वृहद आयोजन किया जा रहा है।

इस आशय के व्यक्त करते हुए उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अपने बालको जोन कार्यालय में सुशासन तिहार- 2025 के तहत आयोजित समाधान शिविर में कही। यहॉं उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसढ़ राज्य व कोरबा जिले के साथ-साथ नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है, आयोजन के तीसरे चरण में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नगर पालिक निगम कोरबा के बालको जोन कार्यालय में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, शिविर में नगर पालिक निगम कोरबा के विभिन्न विभागों निर्माण, जल प्रदाय, विद्युत, प्रधानमंत्री आवास योजना, सम्पत्तिकर, संपदा, अतिक्रमण, स्थापना, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, सहित जिले के विभिन्न विभागों यथा राजस्व विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग, कौशल विकास योजना सहित अन्य विभागों के स्टाल लगाए गए थे, जिनके माध्यम से आमनागरिकों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न शिकायतों, समस्याओं व मांगों से संबंधित आवेदनों के निराकरण की जानकारी प्रदान की गई। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने शिविर में पहुंचकर वहॉं पर स्थापित विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया तथा आमजन द्वारा प्रस्तुत मांग, शिकायत व समस्या संबंधी आवेदनों के विभागवार निराकरण की स्थिति की जानकारी ली तथा अधिकारियां का मार्गदर्शन किया। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने शिविर में काफी संख्या में उपस्थित आमनागरिकों से भेंट मुलाकात की, उनका कुशल-क्षेम पूछा तथा उनके द्वारा प्रस्तुत आवेदनों पर किए गए निराकरण की कार्यवाही व प्राप्त परिणामों पर चर्चा की। सुशासन तिहार में आमजन की आकांक्षाएं हो रही पूरी

इस मौके पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहे इस सुशासन तिहार में आमजनता की आकांक्षाएं पूरी हो रही हैं, सुशासन तिहार की सफलता का यह प्रत्यक्ष प्रमाण है कि नगर पालिक निगम कोरबा को विभिन्न समस्याओं, शिकायतों व मांगों से संबंधित प्राप्त आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण किया गया है या निराकरण की प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है, जो समस्याएं व मांग तुरंत निराकृत होने वाली विषय से संबंधित थी, उनका त्वरित निराकरण किया जा चुका है तथा जिन मांगों को पूरा करने के लिए प्रक्रिया की आवश्यकता होती है उन्हें प्रक्रिया में लिया जा चुका है, आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनकी यह मांगें पूर्ण हो जाएगी। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि इस भीषण गर्मी में अधिकारी कर्मचारी पूरी लगन व जिम्मेदारी के साथ सुशासन तिहार में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, जिसके लिए मैं उन्हें हृदय से साधुवाद देती हूॅं।

हितग्राहियों को राशन कार्डाे का वितरण समाधान शिविर के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत ने हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया, जिन हितग्राहियों को राशन कार्ड मिले, उनमें पाड़ीमार निवासी रूकमणी देवी, परसाभांठा निवासी पूजादेवी केसरी व कुसुमलता सोनी,  रूमगरा निवासी उमा राठौर व सानू खंडेलवाल, बालको नगर निवासी कौशिल्या बाई व सावित्री स्वर्णकार, कैलाशनगर निवासी संतोषी शाह, रीता यादव, पदमा यादव तथा लालघाट निवासी दुखनी बाई शामिल है।  समाधान शिविर में सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, आयुक्त श्री विनय मिश्रा, एम.आई.सी. सदस्य व पार्षद सर्वश्री नरेन्द्र देवांगन, हितानंद अग्रवाल, सत्येन्द्र दुबे, सरोज शांडिल्य सहित गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित थे।

बागबाहरा परिक्षेत्र के ग्राम तमोरा से अवैध अतिक्रमण हटाया गया* 100 हेक्टेयर वन भूमि क्षेत्र में था 50 व्यक्तियों का अतिक्रमण*       

*बागबाहरा परिक्षेत्र के ग्राम तमोरा से अवैध अतिक्रमण हटाया गया* 100 हेक्टेयर वन भूमि क्षेत्र में था 50 व्यक्तियों का अतिक्रमण*                                                                                वनमंडलाधिकारी, सामान्य वनमंडल, महासमुन्द ने बताया कि वनमण्डल अंतर्गत बागबाहरा परिक्षेत्र के ढोड़ परिसर के कक्ष क्रमांक 95 व 96 में ग्राम तमोरा के निवासी बैसाखूराम वल्द बैलाराम खैरवार, हिरउ वल्द बोधराम, खेलकुंवर वल्द हिरउराम धु्रव, रमेश धु्रव वल्द फूलसिंग धु्रव एवं अन्य 50 व्यक्तियों द्वारा वन क्षेत्र में रकबा लगभग 100 हेक्टेयर वन भूमि में अतिक्रमण के उद्देश्य से कचरा, सूखे पत्ते की सफाई एवं घांस निंदाई कर मेड़ बनाकर कुछ सालों से खेती किया जा रहा था। उक्त व्यक्तियों द्वारा वर्ष 2019-20 में भी अतिक्रमण का प्रयास किया गया था। वर्ष 2019-20 में अतिक्रमणकारियों से वनक्षेत्र को मुक्त कराया गया था। अतिक्रमणकारियों द्वारा पुनः अतिक्रमण किया गया, जिसके लिये पी.ओ.आर. क्रमांक 14403/23, 24, 25 दिनांक 22.01.2025 जारी कर अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। परिक्षेत्र अधिकारी बागबाहरा द्वारा अतिक्रमणकारियों को समझाईश देकर वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने हेतु प्रयास किया गया। अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर 21मई 2025 को पुलिस बल एवं वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कक्ष क्रमांक 95 एवं 96 से अतिक्रमणकारियों को हटाया गया है।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत समोदा-अछोला समूह जल प्रदाय योजना का औचक निरीक्षण*             

*कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत समोदा-अछोला समूह जल प्रदाय योजना का औचक निरीक्षण*               *48 ग्रामों के 12 हजार से ज्यादा परिवारों को होगा लाभ*

महासमुंद, 22 मई 2025/. जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में संचालित समोदा-अछोला समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजना के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वप्रथम समोदा बैराज के निकट महानदी पर निर्मित किए जा रहे 10.0 मीटर व्यास के आरसीसी इंटेकवेल का निरीक्षण किया। इसके पश्चात वे ग्राम अछोली पहुँचे, जहाँ 6.0 एमएलडी क्षमता वाला जल शुद्धिकरण संयंत्र निर्माणाधीन है। इन दोनों प्रमुख स्थलों पर कार्य की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता की जानकारी लेकर समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

48 ग्रामों के 12 हजार से ज्यादा परिवारों को होगा लाभ निरीक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने कलेक्टर को जानकारी दी कि समोदा-अछोला समूह जल प्रदाय योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 48 ग्रामों के कुल 12,395 ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करने हेतु एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों से योजना के विभिन्न अवयवों की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त की एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं एवं निर्माण की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता एवं कार्य एजेंसी के अभियंता भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कलेक्टर को योजना की आगामी कार्य योजना एवं संभावित पूर्णता तिथि से भी अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि सरकार की प्राथमिकता में ग्रामीणों को स्वच्छ जल की सुविधा उपलब्ध कराना है।

जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। महासमुंद जिले में इस योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को उनके घरों तक जल सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में चिकित्सा क्षेत्र निभाए अहम भूमिका – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल.                                                                   

रायपुर : विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में चिकित्सा क्षेत्र निभाए अहम भूमिका – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल.                                                                     मेडिकल कॉलेज को निजी संस्थानों से बेहतर बनाने के निर्देश डॉक्टरों से मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बरतने का आह्वान

मंत्री श्री जायसवाल की अध्यक्षता में हुई मेडिकल कॉलेज की स्वशासी समिति की बैठक

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047 ” की परिकल्पना को साकार करने हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस महाअभियान में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। यह विचार उन्होंने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा की स्वशासी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।

बैठक में मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण ढांचे, कार्यप्रणाली और सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालयों को इस प्रकार सुसज्जित किया जाए कि वे निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अधिक बेहतर और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरें। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, ओपीडी व आईपीडी में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित करना, और मरीजों के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चिकित्सा संस्थानों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से कहा, “आपके कार्य और सेवा की गुणवत्ता इस प्रकार की होनी चाहिए कि स्वयं आप एक ब्रांड बन जाएं। आम जनता को आपके कार्य से न सिर्फ चिकित्सा सेवा मिले, बल्कि उन्हें सम्मान और संवेदना का भी अनुभव हो।”

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया, आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली, सेवा की पुष्टि और समग्र प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से संस्थान की पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।

जनहित में डीएमएफ का बेहतर उपयोग

बैठक में कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद से चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डीएमएफ का प्रयोग जनहितकारी चिकित्सा अधोसंरचना के विकास, उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं के विस्तार में किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज के पदेन सदस्य सचिव डॉ. के. के सहारे ने पिछली स्वशासी समिति बैठक के पालन प्रतिवेदन का वचन किया। स्वशासी समिति द्वारा पिछली बैठकों में पारित कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया और प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें स्किल लैब की स्थापना, ऑन कॉल ड्यूटी एवं कार्यालयीन कार्य हेतु हल्के वाहन की खरीदी, तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित बजट पर विचार शामिल था।

संवेदनशीलता हो चिकित्सकीय सेवा की आत्मा

स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में समस्त डॉक्टरों, नर्सों एवं मेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि वे अपने व्यवहार में मानवीयता, संवेदनशीलता और सेवा भाव को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक सेवा धर्म है, जिसे समर्पण और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, जनप्रतिनिधि, डॉ. यू . एस पैकरा,अधीक्षक डॉ. गोपाल सिंह कंवर, सीएमएचओ डॉ. केसरी, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

समापन में मंत्री श्री जायसवाल ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कोरबा मेडिकल कॉलेज आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरेगा।

 

जल को सिर्फ संसाधन नहीं, संस्कार के रूप में अपनाएं – श्री अरुण साव

जल को सिर्फ संसाधन नहीं, संस्कार के रूप में अपनाएं – श्री अरुण साव

भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर आयोजित कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री ने दिया प्रस्तुतिकरण, कहा यह केवल मिशन नहीं जल के प्रति दृष्टिकोण बदलने का संकल्प

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य जिसने शहरी जल के पुनर्भरण का जिम्मा लिया है – श्री राजेन्द्र सिंह

वाटरमैन के नाम से मशहूर श्री सिंह ने कार्यशाला में वर्षा जल के संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की दी जानकारी

हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह और राज्य शासन के विभिन्न विभागों ने भू-जल और वर्षा जल के प्रभावी संरक्षण पर किया संवाद

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ पर आयोजित कार्यशाला में ‘जल संरक्षण की प्राचीन परंपरा और वर्तमान में इसे पुनर्जीवित करने की जरूरत’ पर पीपीटी के माध्यम से अपनी बातें रखीं। उन्होंने रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, अभियंताओं, स्वयंसेवी और गैर-सरकारी संगठनों से कहा कि इस गर्मी में सभी लोगों ने महसूस किया होगा कि जल संरक्षण क्यों जरूरी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भी गंभीरता से इसे महसूस कर वर्षा जल और भू-जल संवर्धन का अभियान मिशन मोड पर शुरू कर रही है। इसमें सभी शहरवासियों की सहभागिता जरूरी है। कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह और राज्य शासन के विभिन्न विभागों ने भू-जल और वर्षा जल के प्रभावी संवर्धन पर चार घंटे तक संवाद किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध श्री राजेन्द्र सिंह ने ओपन सेशन (Open Session) में प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने प्रस्तुतिकरण में कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए जल को सहेजकर रखना हमारा सामाजिक दायित्व है। हमारे पूर्वजों ने भावी पीढ़ियों के लिए तालाब, कुएं और बावली बनाकर जल संरक्षित किया था। बाद की पीढ़ियों ने इनके संरक्षण-संवर्धन पर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन, आज बड़ी संख्या में ये पट गए हैं या अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं। जलस्रोतों के प्रति हमारी उदासीनता ने आज हमें जल संकट की ओर धकेल दिया है। श्री साव ने प्राचीन भारतीय ग्रंथों में उल्लेखित जल के महत्व को रेखांकित करते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल न सिर्फ प्यास बुझाता है, अपितु यह संस्कृति, आस्था और जीवन का संगम है। जल संरक्षण जरूरत नहीं, हमारा सामाजिक दायित्व है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यशाला में प्रतिभागियों को भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमने नए तालाब और नए कुएं खोदने बंद कर दिए हैं। जल की हमारी सभी जरूरतों के लिए हम सरकार पर आश्रित हो गए हैं। हमने पूर्वजों के दिए स्रोतों को भी संरक्षित नहीं किया। इसने एक बड़ी विसंगति को जन्म दिया है। एक ओर गर्मी में बूंद-बूंद के लिए संघर्ष करते हैं तो दूसरी ओर बरसात में बाढ़ झेलते हैं। श्री साव ने कार्यशाला में शहरों में जल संकट की प्रमुख चुनौतियों को सामने रखते हुए भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण के विभिन्न तरीकों को प्रभावी रूप से अमल में लाने पर जोर दिया।

भारत के वाटरमैन के नाम से मशहूर श्री राजेन्द्र सिंह ने कार्यशाला में कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने शहरी जल के पुनर्भरण का जिम्मा लिया है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री श्री अरुण साव को बधाई देता हूं। समाज को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राज्य के साथ मिलकर जल संरक्षण करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हम पानी का अनुशासित उपयोग करेंगे तो पेयजल, निस्तारी, सिंचाई, खेती और उद्योग सभी के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। हम जलस्रोतों के रिचार्ज की तुलना में डिस्चार्ज ज्यादा कर रहे हैं। इससे स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने भारतीय ग्रंथों में जल के महत्व और इसके संयमित उपयोग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का प्राचीन ज्ञान, तकनीक, अभियांत्रिकी, संस्कृति और संस्कार धरती की पोषक हैं, शोषक नहीं। हमें धरती के पर्याप्त पोषण पर भी गंभीरता से ध्यान देना होगा।

श्री राजेन्द्र सिंह ने खेती के चक्र को वर्षा के चक्र के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरों के चारों ओर की खेती को शहरों में पानी की जरूरत के अनुकूल करना होगा। शिक्षा के पाठ्यक्रम में पानी की पढ़ाई शामिल करना चाहिए। विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए जल साक्षरता का अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती के पोषण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जल, जंगल और जमीन के रिश्ते को समझना जरूरी है। भावी पीढ़ी को जल, जंगल और जमीन के रक्षण, संरक्षण और पोषण का महत्व समझाना होगा। श्री सिंह ने कार्यशाला में सर्वसम्मति से गंदे पानी को साफ पानी के साथ नहीं मिलने देने का संकल्प पारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने सभी शहरों में वाटर-बॉडीज (Water-bodies) की पहचान और सीमांकन कर उन्हें अधिसूचित करने का भी सुझाव दिया, जिससे इन पर अतिक्रमण को रोकने स्थानीय शासन द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा सके।

भू-वैज्ञानिक डॉ. विपिन दुबे ने कार्यशाला में रायपुर शहरी क्षेत्र के भूगर्भीय जलस्रोतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम बारिश के पानी को व्यर्थ बहने देते हैं, जबकि इसका उपयोग जलस्तर को रिचार्ज करने में किया जाना चाहिए। उन्होंने उपयोग किए हुए पानी के रिसायकल और रियूज पर भी जोर दिया। भू-वैज्ञानिक डॉ. के. पाणिग्रही ने कार्यशाला में कहा कि यदि हम 30 प्रतिशत वर्षा जल को भी हार्वेस्ट कर लें तो रायपुर में पानी की दिक्कत नहीं होगी।

कार्यशाला में गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन के पर्यावरण अभियंता श्री शरद काक्लोतर और सहायक अभियंता श्री भरत चौधरी ने वहां भू-जल और वर्षा जल के संवर्धन के लिए किए जा रहे नवाचारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भू-जल को रिचार्ज करने के विभिन्न तरीकों को अमल में लाने के साथ ही वहां जल संरक्षण के लिए उद्यान विकास, सरोवर पुनरोत्थान (Lake Rejuvenation), प्रभावी सीवेज प्रबंधन और उपयोग किए हुए जल के उपचार के बाद दोबारा उपयोग में लाने जैसे काम प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ क्रेडाई (CREDAI) के अध्यक्ष श्री मृणाल गोलछा, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के श्री जयशंकर गिरी, वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय, जल संसाधन विभाग के उप अभियंता श्री जयंत कुमार बिसेन, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री विशाल द्विवेदी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री ए.के. मालवे और कार्यपालन अभियंता सुश्री आशालता गुप्ता ने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में जल संरक्षण-संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया।                                                             नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में कार्यशाला में शामिल हुए।

 

रायपुर : सर्वे सूची में शामिल हितग्राहियों को मिलेगा पीएम आवास: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर : सर्वे सूची में शामिल हितग्राहियों को मिलेगा पीएम आवास: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

जशपुर जिले के दोकड़ा में कॉलेज खोलने सहित कई घोषणाएं मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर में.            रायपुर 21 मई 2025

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में अचानक उतरा और वे वहां आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दोकडा में कालेज और मिनी स्टेडियम की घोषणा की। उन्होंने वहां के प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र, वनवासी कल्याण आश्रम के उन्नयन, के साथ ही डोरियामुडा जलाशय का सौन्दर्यकरण कराए जााने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंगल भवन के जिर्णाेद्धार के लिए 20 लाख और शिव मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार कराए जाने की भी मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम लोग गांव-गांव पहुंच रहे हैैंं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सर्वे सूची में जितने भी हितग्राहियों का नाम है सभी को पीएम आवास स्वीकृत किया जाएगा। पिछले डेढ़ वर्षों में मोदी जी की अधिकांश गारंटी को हमारी सरकार ने पूरा किया है। सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को नए आवास स्वीकृति के साथ ही पूर्ण हो चुके गए पीएम आवासों की चाँबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सशासन तिहार के अंतर्गत शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में लोगों को ऑनलाईन तथा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केन्द्र खोला गया है इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने और राशि के लेन-देन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी तथा नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को मुद्रा लोन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली जाल और आईस बाक्स, मनरेगा जाब कार्ड, वालीबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों को किट प्रदान किए। उन्होंने इस मौके पर हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल के बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

क्रमांक-961

महासमुंद : नगरपालिका महासमुंद में तीसरे समाधान शिविर का हुआ आयोजन

महासमुंद : नगरपालिका महासमुंद में तीसरे समाधान शिविर का हुआ आयोजन

केन्द्र और राज्य सरकार वंचित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें कर रही हैं लाभान्वित – विधायक श्री सिन्हा

अब सड़क दुर्घटना में पीड़ितों को डेढ़ लाख रूपए तक उपचार की पात्रता होगी

स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण एवं हितग्राही को श्रमिक कार्ड वितरित किया

सुशासन तिहार के अंतर्गत नगर पालिका महासमुंद क्षेत्र का तीसरा समाधान शिविर आज वार्ड क्रमांक 15 पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में आयोजित किया गया। इस शिविर में 10 वार्डों के नागरिकों ने भाग लिया और विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। संबंधित विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने शिविर में दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण एवं एक हितग्राही को श्रमिक कार्ड वितरण किया तथा गोद भराई और अन्नप्राशन रस्म सम्पन्न किया।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, स्थानीय पार्षदगण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विधायक श्री सिन्हा ने शिविर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं का लाभ पात्र अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं जनसमूहों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं और सभी वर्गों के हित को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्लस सर्वे कराया गया है ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित न रह जाए और सभी को पक्का मकान मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि महतारी वंदन योजना का लाभ अब नवविवाहित बहुओं को भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब सरकार ने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को राहत देने हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए तक उपचार के लिए  पात्रता हेतु नियम लागू किया है।

विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि शिविरों को सफल बनाने में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सराहनीय भूमिका रही है। श्री सिन्हा ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें वंचित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें लाभान्वित कर रही हैं। उन्होंने महासमुंद जिले के प्रत्येक गांव को विकसित करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अवश्य पूरा होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और योजनाओं का लाभ उठाएं।

शिविर के दौरान पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा ने स्टॉल का निरीक्षण कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को लोगों की मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदनों का गम्भीरता पूर्वक गुणवत्तायुक्त निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं की क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर तभी सार्थक होगा जब लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण हो।

नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतों और आवश्यकताओं को सीधे सुनकर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। सरकार की मंशा है कि शिविर के माध्यम से उनकी समस्याओं का निदान हो। साथ ही उन्होंने शहर के विकास कार्य के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी।

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष एवं पार्षद श्री पवन पटेल ने कहा कि राज्य सरकार बहुत महती कार्यक्रम के साथ जनता के द्वार तक पहुंच रही है। जहां लोग बड़ी उम्मीद और विश्वास लेकर आवेदन दे रहे है। ये सभी विभागों की जिम्मेदारी है कि सभी आवेदनों का गम्भीरता पूर्ण और गुणवत्ता पूर्ण निदान सुनिश्चित करें। केन्द्र और राज्य सरकार की नीति और नियम स्पष्ट है कि आम जनता की समस्या का त्वरित निराकरण हो। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म एवं नन्हें बालक का अन्नप्राशन की रस्म पूर्ण किया। वहीं मुख्य अतिथि श्री सिन्हा द्वारा प्राथमिक शाला कुम्हारपारा में कक्षा 4 थी में अध्ययनरत दिव्यांग कु. डॉली नेताम को श्रवण यंत्र एवं उच्च प्राथमिक शाला स्टेशनपारा में कक्षा 8 वीं में अध्ययनरत दिव्यांग पोखराज को एमआर किट प्रदान किया गया। साथ ही हसीदा देवार को श्रमिक कार्ड दिया गया। ज्ञात है कि महासमुंद नगरीय निकाय में कुल 749 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण किया गया। इस अवसर पार्षदगण श्री हरबंश सिंह ढिल्लो, श्री पीयूष साहू, श्री राहुल आवड़े, श्री माखन पटेल, शुभ्रा शर्मा, श्री चंद्रशेखर बेलदार, माधुरी यदु, धनेश्वरी सोनवानी, श्री गुलशन साहू, श्री जय देवांगन एवं श्री महेन्द्र सिक्का, श्री मुन्ना साहू, श्री हनीश बग्गा, श्री गोविंद ठाकुर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री अशोक सलामे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इसी तरह महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाली पूर्व माध्यमिक शाला एवं पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सपोस गुरूघासीदास खेल मैदान में समाधान शिविर का आयेजन किया गया।

बलौदाबाजार : पीएमएफएमई के तहत ऋण हेतु आवेदन आमंत्रित

बलौदाबाजार : पीएमएफएमई के तहत ऋण हेतु आवेदन आमंत्रित

जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बलौदाबाजार द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (FMFME) अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्यम स्थापित करने के लिये इच्छुक व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाना है। ऋण हेतु आवेदन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में आवेदन जमा कर सकते हैं।

नवीन या विद्यमान माईक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमों यथा मसाला उद्योग, मुरमरा (मुरी), पोहा, मिनी राईस मिल, राईस मिल, आटा चक्की, पशु आहार उद्योग, दलिया, बेकरी उत्पाद, आचार, पापड, नमकीन, भुजिया, चिप्स, मिष्ठान निर्माण, जैम जैली, जूस एवं पल्प तथा अन्य फल एवं सब्जी प्रसंस्कण उद्योग इत्यादि को ऋण सहायता राष्ट्रीयकृत बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जायेगी। योजना में प्रोजेक्ट लागत के 35 प्रतिशत पर क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है।

अधिकतम सब्सिडी 10 लाख रु. तक प्रति उद्यम है। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए तथा इसके लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है।आवेदन करने के लिए कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, संयुक्त जिला कार्यालय भवन, कक्ष क्रमांक 63-71 में संपर्क कर सकते है। योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए श्री जितेन्द्र धिरही, प्रबंधक मोबाईल नंबर-90988-98088, श्री प्रमोद कुमार टण्डन, प्रबंधक मोबाईल नंबर-98935-72140 एवं दीपक कुमार सोनी सहायक प्रबंधक मोबाईल नंबर- 79879-20066 पर भी संपर्क कर सकते है। साथ ही वेबसाईट   से भी जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।