छत्तीसगढ़ : करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा: 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी

छत्तीसगढ़ : करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा: 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी

छत्तीसगढ़ राज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था।

राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं।

जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त 26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे।

मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है।

जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।

 

महासमुंद श्री चंडी माता मंदिर ट्रस्ट घुँचापाली बागबाहरा एवं वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक सम्पन्न वन्य जीव भालू के साथ छेड़छाड, खाद्य पदार्थ या कोल्ड ड्रिंक पिलाना पूर्णतः प्रतिबंधित

महासमुंद श्री चंडी माता मंदिर ट्रस्ट घुँचापाली बागबाहरा एवं वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक सम्पन्न वन्य जीव भालू के साथ छेड़छाड, खाद्य पदार्थ या कोल्ड ड्रिंक पिलाना पूर्णतः प्रतिबंधित

 

महासमुंद/ श्री चंडी माता मंदिर ट्रस्ट घुँचापाली बागबाहरा एवं वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आज मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष श्री लाल चंद्र जैन, कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री नंद कुमार चंद्राकर, मंदिर पुजारी श्री टुकेश्वर प्रसाद तिवारी, एडवोकेट कु. सिमरन सलूजा सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी, उपवनमंडलाधिकारी श्री गोविंद सिंह, परिक्षेत्र अधिकारी श्री लोकनाथ ध्रुव एवं अन्य कर्मचारी शामिल हुए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर एवं आसपास किसी भी व्यक्ति द्वारा वन्य जीव भालू के साथ छेड़छाड़ करना, खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक आदि पिलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा कृत्य करते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 51 और 52 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 वर्ष का कारावास एवं जुर्माना दोनों शामिल हैं।

महासमुंद नवरात्रि एवं दशहरा पर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक सम्पन्न व्हीकल माउंटेन डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित शांति एवं सौहाद्रणूर्ण तरीके से पर्वों को मनाने की अपील – कलेक्टर

महासमुंद नवरात्रि एवं दशहरा पर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक सम्पन्न व्हीकल माउंटेन डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित शांति एवं सौहाद्रणूर्ण तरीके से पर्वों को मनाने की अपील – कलेक्टर

 

महासमुंद/ जिले में आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के दौरान सौहार्द्र एवं शांति बनाए रखने हेतु कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित किया गया। बैठक में पर्व आयोजनों को सुरक्षित, अनुशासित एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतिभा पांडेय सर्व धर्म एवं समाज प्रमुख, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि, पुलिस विभाग के अधिकारी सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री लंगेह ने नवरात्रि, दशहरा, झांकी और विसर्जन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भड़काऊ गतिविधियों को प्रशासन द्वारा प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने आयोजन के संबंध में कहा कि पर्व के दौरान बजने वाले गीत धार्मिक, पारम्परिक एवं गरिमा के अनुरूप होना चाहिए तथा किसी भी स्थिति में भड़काऊ न हो। जिससे किसी भी वर्ग को ठेस पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिए कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा। व्हीकल माउंटेन डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे तथा अन्य ध्वनि यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय सीमा एवं मानकों के भीतर ही सीमित रहेगा। उन्होंने समितियों को निर्देशित किया कि पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग तथा सुरक्षा संबंधी अन्य व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएं। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी गतिविधि के लिए पूर्व अनुमति संबंधित अनुविभागीय अधिकारी से लेना होगा। उन्होंने कहा कि एक ही समय पर रैली या झांकियों के आवागमन पर भी सहमति से निर्णय लेना होगा। ऐसे स्थानों पर निर्धारित रूट चार्ट के माध्यम से ही रैली व झांकियों का प्रवेश किया जाए। जहां दो से अधिक रैलियों का समागम हो सकता है। सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, डंडा, शस्त्र, अस्त्र का प्रदर्शन भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

कलेक्टर ने कहा कि सभी समिति अपने वालंटियर तैनात करें। ताकि सुगम आवागमन बाधित न हो और न ही नागरिकों को असुविधा हो। कलेक्टर ने विशेषकर युवाओं से सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर कहा कि किसी भी तरह का फेक न्यूज न फैलाएं और न ही बिना सोचे समझे मैसेज फॉरवर्ड करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि महासमुंद जिला हमेशा शांतिपूर्ण और सौहाद्रपूर्ण तरीके से सभी त्यौहारों को मनाते आएं हैं। अतः इस पर्व पर भी उच्च एवं आदर्श परम्परा को बनाए रखें। बैठक में सदस्यों ने पार्किंग स्थल, रात्रि में गस्त बढ़ाने आदि के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में दुर्गा उत्सव समिति, गौसिया मस्जिद कमेटी, विश्व हिन्दू परिषद्, जामा मस्जिद कमेटी, बौद्ध समाज, प्रेस क्लब एवं आम नागरिक भी शामिल हुए।

उप पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा संपूर्ण तैयारियां की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त व्यवस्था तथा सतत निगरानी की जाएगी। उन्होंने समितियों से आग्रह किया कि वे स्वयंसेवकों की टीम बनाकर पुलिस प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। बैठक में उपस्थित समाज प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

महासमुंद : अग्निवीर लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण के लिए कर सकते है आवेदन

महासमुंद : अग्निवीर लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण के लिए कर सकते है आवेदन

महासमुंद 19 सितम्बर 2025/ भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए जिला रोजगार कार्यालय महासमुन्द द्वारा निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 06 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ किया जाएगा। महासमुंद जिले के वे आवेदक, जिन्होंने अग्निवीर की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है और उक्त प्रशिक्षण का लाभ लेना चाहते हैं, वे 03 अक्टूबर 2025 तक जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अग्निवीर योजना एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07723-299025 पर संपर्क कर सकते हैं।

महासमुन्द : निरीक्षण दल को फैक्ट्री में प्रवेश से रोका, प्रबंधन पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कर नोटिस जारी

महासमुन्द : निरीक्षण दल को फैक्ट्री में प्रवेश से रोका, प्रबंधन पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कर नोटिस जारी

महासमुंद, 19 सितम्बर 2025/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम द्वारा बिरकोनी क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रातुसरिया उद्योग प्रा.लि. बिरकोनी पहुँची, तो फैक्ट्री बंद पाई गई। इस दौरान गेट पर मौजूद गार्ड द्वारा निरीक्षण दल को अंदर प्रवेश नहीं दिए जाने पर प्रबंधन के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।

निरीक्षण टीम में सहायक संचालक दिशा शुक्ला, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार, प्रबंधक शशिकांत सिंह जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद , श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, जिला परिवहन अधिकारी राम कुमार ध्रुव , निरीक्षक विधिक माप विज्ञान विभाग सिद्धार्थ दुबे, एवं एच.के. चौधरी पर्यावरण विभाग उपस्थित रहे।

इसके पश्चात टीम ने पॉली कर्व कंटेनर बिरकोनी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान विभागों द्वारा औद्योगिक संस्थान में अनियमितता पाई गई। जिसमें विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा तौल उपकरणों के सत्यापन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जिस पर नोटिस जारी किया गया। पर्यावरण विभाग ने आवश्यक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए जाने पर, प्रबंधन को शीघ्र लाइसेंस प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 एवं संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के तहत जांच में गंभीर उल्लंघन पाए गए। संस्था द्वारा ठेकेदार का लाइसेंस एवं ओवरटाइम संबंधी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण में कारखाना प्रबंधन द्वारा फैक्ट्री लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया तथा श्रमिकों को बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य में लगाया जाना पाया गया। इन सभी उल्लंघनों पर संबंधित विभागों द्वारा फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ नशे में धुत्त ट्रेलर ड्राइवर ने 19 बेजुबान गोवंशों को कुचला, 15 की मौत

छत्तीसगढ़ नशे में धुत्त ट्रेलर ड्राइवर ने 19 बेजुबान गोवंशों को कुचला, 15 की मौत

 

बिलासपुर: सड़कों पर बेजुवान मवेशियों के मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर गुरुवार रात एनएच-49 पर जयरामनगर मोड़ के पास सड़क किनारे विचरण कर रहे बेसहरा मवेशियों को तेज रफ्तार ट्रेलर ने रौंद दिया। दुर्घटना में 15 गौवंशों की मौत हो गई। दुर्घटना में चार गंभीर रूप से घायल है। जिन्हें उपचार के लिए गौ सेवक पशु चिकित्सालय लेकर चले गए। मामले में मस्तुरी पुलिस ने ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई कर रही हैं।

बता दें कि एनएच 49 में मवेशियों की रौंदने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 28 जुलाई को एनएच 49 पर 24 मवेशियों को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया था। दुर्घटना में सभी मवेशियों की जान चली गई थी। नेशनल हाइवे 49 में जयराम नगर मोड के पास हुई दुर्घटना में जब घटना हुई उस दौरान कुछ ग्रामीण भी वहां पर मौजूद थे, जिन्होंने चालक को पकड़ लिया।

चालक गांजे के नशे में घुत होने की बात भी प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताई। मवेशियों पर वाहन चलाने की घटना का पता चलते ही गौ सेवा धाम के सेवक घटनास्थल पहुंचे और 4 घायल गायों को प्राथमिक उपचारके लिए ले गए। घटना की जानकारी लगते ही मस्तुरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और आरोपी ट्रैलर चालक को पकड़कर जांच शुरू कर दी।

वाहन से मवेशियों की मौत

केस नं. 1- 22 जुलाई को सरकंडा निवासी गौसेवक पियूष शुक्ला अपने साथियों के साथ रतनपुर जा रहे थे। एनएच-130 पर गतौरी ओवरब्रिज के पास एक ट्रक ने गाय को ठोकर मारी। मौके पर ही गाय की मौत हो गई।

केस नं. 2- 28 जुलाई की रात कडार गांव के पास एनएच-200 पर अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे बैठे 19 मवेशियों को कुचल दिया। 18 की मौके पर मौत हो गई और एक घायल हो गया।

केस नं. 3- 28 जुलाई रात करीब 2 से 3 बजे के बीच लावर मोड़ के पास तेज रफ्तार वाहन ने सड़क किनारे बैठे छह गौवंशों को कुचल दिया। मौके पर ही सभी मवेशियों की मौत हो गई।

केस नं. 4- 31 जुलाई को सुबह ग्राम किरना के पास एनएच -130 पर अज्ञात वाहन ने तेज गति से चलते हुए 12 गाय और 4 बछड़ों को कुचल दिया। दुर्घटना में 12 की मौत हो गई और 3 घायल हो गए।

केस नं. 5- 22 अगस्त की रात ग्राम सैदा तिवारी पारा ओवर ब्रीज के उपर नेशनल हाईवे रोड पर बैठे मवेशियों को अज्ञात वाहन के चालक ने कूचल दिया। दुर्घटना में 4 नग मवेशी की मौत हो गई एवं 1 को चोट आई है।

पांच सदस्यों के टीम का गठन, कार्रवाई फिर भी शुन्य

मवेशियों को सड़क से हटाने के लिए ग्राम पंचायत व शहर दोनों स्तर पर टीम का गठन किया गया है। ग्राम स्तर पर राजस्व, पशुधन चिकित्सा विभाग, सचिव, कोटवार व दो ग्रामीण को टीम में शामिल किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्र में राजस्व, नगर निगम व पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी मिलकर मवेशियों को पकड़ कर सुरक्षित आश्रय देने गौ आश्रय केंद्र में ले जाते हैं।

मवेशियों आश्रय देने के लिए जिला पंचायत को मिले 5 लाख

एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि उनके रास्ते में 47 गांव आते हैं। जो सड़क किनारे है। इन सड़कों पर मवेशियों को हटाने के लिए जिला पंचायत को विभाग ने 5 लाख रुपए दिए हैं। इन रुपयों का इस्तेमाल जिला पंचायत को बेसहरा मवेशियों को सुरक्षित सड़कों से हटाने के लिए करना है।

छत्तीसगढ़: घर वाले नहीं माने तो Couple ने नदी में लगाई छलांग, टापू पर मिला युवक, युवती का कोई अता-पता नहीं

छत्तीसगढ़: घर वाले नहीं माने तो Couple ने नदी में लगाई छलांग, टापू पर मिला युवक, युवती का कोई अता-पता नहीं

CG: कोरबा प्रेम विवाह करने की अनुमति स्वजन द्वारा नहीं दिए जाने पर प्रेमी युगल ने आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों ने हसदेव नदी में छलांग लगा दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस और नगर सेना की टीम ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, पर युवती का पता नहीं चल सका।

बता दें कि गुरुवार की सुबह हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। युवक ने पुलिस को अपना नाम राहुल निवासी काशीनगर बताया। उसने कहा कि अटल आवास में रहने वाली एक युवती के साथ उसका प्रेम संबंध है। दोनों शादी करना चाहते हैं, पर युवती के स्वजन इस रिश्ते के तैयार नहीं, जबकि उसके स्वजन ने शादी की स्वीकृति दे दी थी।

बीती शाम उसने युवती की मां से मिल कर शादी की बात रखी, लेकिन उन्होंने पुन: मना कर दिया। इससे नाराज होकर दोनों आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लिया। गुरूवार की सुबह नौ बजे राहुल और युवती बाइक से गेरवा घाट पुल पहुंचे और पास के सर्वेश्वर एनीकट तक गए। इसके बाद यहां दोनों ने नदी में छलांग लगा दी।

बहते हुए राहुल नदी के बीच बने टापू पर फंस गया, उसे देखकर आसपास के लोगों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। नगर सेना की टीम ने तुरंत रेस्क्यू कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं युवती का पता नहीं चल सका। पुलिस युवती की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस ने बताया कि युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन युवती का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवती की तलाश जारी है।

पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बचा

युवक को बचाने के लिए कोतवाली थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी चंद्रकांत गुप्ता और उनके दो साथी नदी में कूद पड़े। बचाव अभियान के दौरान चंद्रकांत गुप्ता तेज धारा में बहने लगा और उनकी जान खतरे में पड़ गई। हालांकि मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें ट्यूब फेंककर सुरक्षित निकाला।

बसना अग्रवाल में अब रोज उपलब्ध रहेंगे नेत्र रोग विशेषज्ञ अत्यंत कम दरों पर सुरक्षित व सफल ऑपरेशन

बसना अग्रवाल में अब रोज उपलब्ध रहेंगे नेत्र रोग विशेषज्ञ अत्यंत कम दरों पर सुरक्षित व सफल ऑपरेशन

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम परिवार की ओर से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश अग्रवाल का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। डॉ. अग्रवाल अत्यंत सरल स्वभाव एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी हैं। वे ऑक्यूलोप्लास्टी एवं मोतियाबिंद फेको सर्जन हैं तथा सत्कुज नेत्रालय चित्रकूट से प्रशिक्षित हैं। 7 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. अग्रवाल अब बसना के मरीजों को प्रतिदिन अपनी सेवाएं देंगे।

समय – सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक मरीज परामर्श ले सकेंगे।

उपलब्ध इलाज –

मोतियाबिंद

कम दिखाई देना

कांचबिंद

ग्लूकोमा

आंखों में रुकावट

बार-बार संक्रमण

लगातार बदलने वाली चश्मे की संख्या

झुकी पलकें

अंदर मुड़ी या बाहर निकली पलकें

आंखों से आंसू आना

आंखों में खुजली, जलन व लालीपन

ऑपरेशन सुविधा –
मोतियाबिंद एवं अन्य जटिल नेत्र रोगों के ऑपरेशन नवीनतम तकनीक से किए जाएंगे। रोगियों को चिन्हांकित कर ऑपरेशन की तिथि बताई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि लेजर मशीन एवं फेको मशीन के माध्यम से अत्यंत कम दरों पर सुरक्षित व सफल ऑपरेशन उपलब्ध कराया जाएगा।

नेत्र रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। अब बसना व आसपास क्षेत्र के लोगों को बेहतर नेत्र चिकित्सा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

📍 स्थान – अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)
📞 संपर्क – 93036-23130, 91312-76288, 77730-86100

CG News: ट्रेनों में सिर्फ चेन पुलिंग अपराध नहीं, Chhattisgarh HC ने 15 साल पुराने मामले में दिया बड़ा फैसला

CG News: ट्रेनों में सिर्फ चेन पुलिंग अपराध नहीं, Chhattisgarh HC ने 15 साल पुराने मामले में दिया बड़ा फैसला

 

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कर्मचारी (टीटीई) को बड़ी राहत दी है। कर्मचारी पर ट्रेन की अलार्म चेन खींचने के मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत वेतन कटौती और पदावनति की सजा दी गई थी। मामले में हाई कोर्ट ने कहा कि आरोप अस्पष्ट और अस्थिर थे तथा यह सिद्ध नहीं किया गया कि उन्होंने बिना उचित कारण के चेन खींची थी।

यह है पूरा मामला

घटना 15 जुलाई 2010 की है, जब बिलासपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन नंबर 2252 क्रबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस रवाना हुई। आस्टिन हाइड, जो उस समय रेलवे कर्मचारी (टीटीई) होते हुए भी यात्री के रूप में यात्रा कर रहे थे, उन्होंने कथित तौर पर ट्रेन की अलार्म चेन दो बार खींची। आरोप था कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी परिवार की महिलाएं और सामान ट्रेन में चढ़ सकें। विभागीय जांच में दो आरपीएफ जवानों (गवाह) ने यह कहा कि कर्मचारी आस्टिन हाइड ने चेन खींची थी और कारण बताया कि उनका परिवार नहीं पहुंचा।

कर्मचारी पर हुई 
विभागीय कार्रवाई 2012 में अनुशासनिक प्राधिकारी ने कर्मचारी को दोषी मानते हुए दो वेतन स्तर नीचे पदावनति और दो साल के लिए वेतन कटौती की सजा दी। अपील (2013) और पुनरीक्षण (2014) में भी यह सजा बरकरार रखी गई। अंततः हाइड ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जबलपुर बेंच में चुनौती दी, लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज हो गई।

डीबी ने कहा- आरोपपत्र में नहीं कहा कि बिना उचित कारण चेन खींची

जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की बेंच ने कहा कि, सिर्फ चेन खींचना अपने आप में अपराध या कदाचार नहीं है, जब तक यह सिद्ध न हो कि यह बिना उचित और पर्याप्त कारण किया गया। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 में भी स्पष्ट है कि यदि कोई यात्री बिना पर्याप्त कारण चेन खींचे तो ही यह अपराध है।

विभागीय आरोपपत्र (चार्जशीट) में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि आस्टिन हाइड ने बिना उचित कारण चेन खींची। गवाहों ने भी केवल चेन खींचने की बात कही, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि परिवार ट्रेन में चढ़ा या यह कार्य अनुचित कारण से हुआ। इस तरह आरोपपत्र अस्पष्ट था और कर्मचारी को अपना बचाव करने का सही अवसर नहीं मिला।

अस्पष्ट आरोपों के आधार पर ही सजा को रखा गया था बरकरार

हाई कोर्ट ने कहा कि, अनुशासनिक प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी, पुनरीक्षण प्राधिकारी और कैट, सभी ने गंभीर त्रुटि की और अस्पष्ट आरोपों पर ही सजा को बरकरार रखा। नतीजतन, कोर्ट ने सभी आदेशों (2012, 2013, 2014 और 2023) को रद्द कर दिया और आस्टिन हाइड पर लगाई गई सजा समाप्त कर दी।

कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में विभागीय अधिकारियों को यह साबित करना आवश्यक है कि कर्मचारी ने बिना कारण चेन खींची, तभी यह कदाचार माना जाएगा।

महासमुंद दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 के लिए 25 सितंबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित

महासमुंद दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 के लिए 25 सितंबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित

 

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष राज्योत्सव के अवसर पर दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता प्रदान करने वाले उत्कृष्ट व्यक्ति अथवा संस्था को दानवीर भामाशाह सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इस सम्मान के अंतर्गत चयनित व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 हेतु योग्य व्यक्ति/संस्था की प्रविष्टियां 25 सितम्बर 2025 तक समाज कल्याण विभाग महासमुंद में जमा करनी होंगी। प्रविष्टियों के साथ व्यक्ति/संस्था का पूर्ण परिचय, दानशीलता एवं राष्ट्रीयता के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण, उत्कृष्ट कार्यों के संबंध में प्रकाशन, प्रख्यात व्यक्तियों/पत्र-पत्रिकाओं की टिप्पणी, यदि अन्य पुरस्कार प्राप्त किए हों तो उसका विवरण, निरंतर सक्रियता एवं निर्विवाद होने की जिला कलेक्टर से अनुशंसा एवं पुरस्कार ग्रहण करने की लिखित सहमति एवं पासपोर्ट साईज की 03 फोटो अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। प्रविष्टियां केवल छत्तीसगढ़ में निवासरत, कार्यरत व्यक्ति अथवा संस्था से मान्य प्रस्तुत कर सकेंगे तथा सम्मान हेतु ज्यूरी के सदस्यों की प्रविष्टियां मान्य नहीं होगा।