छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर त्वरित अमल : बाढ़ पीड़ितों को राशन-ईलाज के साथ अब जरूरी दस्तावेज बनाने का काम भी शुरू तत्काल मुआवजा और सहायता से मिली बड़ी राहत 

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर त्वरित अमल : बाढ़ पीड़ितों को राशन-ईलाज के साथ अब जरूरी दस्तावेज बनाने का काम भी शुरू तत्काल मुआवजा और सहायता से मिली बड़ी राहत

बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है।  बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।

बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।

सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।

स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण श्री मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।

इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।

 

छत्तीसगढ़ : बालक आश्रम मानकापाल में लापरवाही का मामला, प्रभारी अधीक्षक निलंबित

छत्तीसगढ़ : बालक आश्रम मानकापाल में लापरवाही का मामला, प्रभारी अधीक्षक निलंबित

 

सुकमा जिले के बालक आश्रम मानकापाल में छात्रों को भोजन में केवल नमक परोसे जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर सहायक आयुक्त श्री हेमंत सिन्हा एवं मंडल संयोजक ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रभारी अधीक्षक श्री जय प्रकाश बघेल को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन तथा पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सुकमा रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

कलेक्टर श्री ध्रुव ने स्पष्ट किया है कि आश्रमों एवं छात्रावासों में बच्चों के भोजन, स्वास्थ्य और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छात्रावासों और आश्रमों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की सतत निगरानी सुनिश्चित करें।

 

छत्तीसगढ़: दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.58 करोड़ रुपये से अधिक राशि स्वीकृत

छत्तीसगढ़: दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.58 करोड़ रुपये से अधिक राशि स्वीकृत

 

छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले की दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7 करोड़ 58 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यों में आरंग विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम चकवे के बंजारी नाला में स्टाप डेम निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 36 लाख 39 हजार रुपये स्वीकृत किये हैं। इसी तरह से विकासखण्ड  धरसींवा के अंतर्गत भिम्भौरी जलाशय के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोधार कार्य के लिए 4 करोड़ 22 लाख 25 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।

जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराकर मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने कमार बस्ती में चौपाल लगाकर सुनी समस्याएं योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्परता और पारदर्शिता बरतें

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने कमार बस्ती में चौपाल लगाकर सुनी समस्याएं योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्परता और पारदर्शिता बरतें

 

महासमुंद/ प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार आज ग्राम पंचायत भीमखोज के आश्रित ग्राम जोरातराई (कमार बस्ती) तथा खल्लारी पहुँचे। यहाँ उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, बिहान, प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माण कार्य, मनरेगा एवं अन्य योजनाओं की जानकारी ली और स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के पश्चात उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधी चर्चा की। चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ, समस्याओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श किया और अधिकारियों को जनहित में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्हांंने यहां बन रहे बहुउद्देशीय केन्द्र का भी निरीक्षण किया और जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस केन्द्र में कमार परिवारों के लिए एक ही छत के नीचे स्कूल, आंगनवाड़ी, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं मुहैय्या कराई जाएगी। इस अवसर पर जनपद सीईओ श्री मंडावी, एवं ग्रामीण कमार परिवार मौजूद थे।

श्री नंदनवार ने कहा कि शासन की योजनाएं सीधे आमजन तक पहुँचें, यही प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी एवं मैदानी अमला योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्परता और पारदर्शिता बरतें, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

खल्लारी में उन्होंने आवास योजना एवं मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री नंदनवार ने ग्रामों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों से भी चर्चा की और उनके आर्थिक सशक्तिकरण तथा आजीविका संवर्धन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधार हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

औद्योगिक कारखानों के निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर नोटिस जारी जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा बिरकोनी में आकस्मिक निरीक्षण

औद्योगिक कारखानों के निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर नोटिस जारी जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा बिरकोनी में आकस्मिक निरीक्षण

 

महासमुंद/ औद्योगिक कारखानों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा प्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी पहुंचकर जांच किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री शशिकांत सिंह प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री राम कुमार ध्रुव जिला परिवहन अधिकारी, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान विभाग उपस्थित रहे।

परिवहन विभाग द्वारा जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के द्वारा जांच किया गया, जिसमें कारखाना में किसी प्रकार की कमियां नही पाई गई। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में उक्त संस्थान में उपयोग किए जा रहे गैर स्वचालित तौल उपकरणों के सत्यापन के संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है।

श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र प्रेषित किया जाएगा। 03 ठेकेदार कार्यरत पाया गया, जिनके द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970 अंतर्गत लाइसेंस नहीं लिया गया है। तत्संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसी तरह मेसर्स सेवियो बायो ऑर्गेनिक एंड फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी का निरीक्षण किया गया।

जिसमें श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 अंतर्गत प्रमुख नियोजक का अनुज्ञप्ति नही लिया जाना पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।

ADEO भर्ती घोटाला: छत्तीसगढ़ में बोनस अंक पाने के लिए बांटी फर्जी डिग्रियां, उच्च शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश

ADEO भर्ती घोटाला: छत्तीसगढ़ में बोनस अंक पाने के लिए बांटी फर्जी डिग्रियां, उच्च शिक्षा मंत्री

छत्तीसगढ़/ एडीईओ भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्री की आशंका को लेकर प्रदेश स्तर पर जांच शुरू हो गई है। व्यापमं द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल 200 पदों पर भर्ती की जानी है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ग्रामीण विकास विषय में पीजीडी डिग्री और डिप्लोमा धारकों को दिए जा रहे बोनस अंक को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई थी, जिसपर जांच शुरू हुई है।

शिकायत के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग को उन विश्वविद्यालयों की सूची सौंप दी है, जहां ग्रामीण विकास की डिग्री या डिप्लोमा दी जा रही है। दरअसल अभ्यर्थियों ने एक सितंबर को विकास आयुक्त से लिखित शिकायत की थी।

अभ्यर्थियों के अनुसार एडीईओ की भर्ती परीक्षा में पीजीडीआरडी (पोस्ट ग्रेजुएशन इन रूरल डेवलपमेंट), एमएससी(मास्टर ऑफ सोशल साइंस), एमएआरडी (मास्टर्स ऑफ आर्ट्स इन रूरल डेवलपमेंट) की डिग्री या डिप्लोमा वालों को 15 अंकों के बोनस अंक दिए गए हैं, जबकि अभ्यर्थियों ने RTI से जानकारी लेकर साक्ष्यों के साथ बताया है कि किस तरह से कुछ उम्मीदवारों ने बोनस अंक पाने के लिए फर्जी डिग्री प्राप्त की है और विश्वविद्यालयों ने नियमों से विपरित जाकर डिग्रियां बांटीं, जिसके बाद अब इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।

UGC के नियमों के विपरित बांटी गई डिग्रीयां

अभ्यर्थियों ने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ यूनिवर्सिटियों ने किस तरह से प्राइवेट और डिस्टेंस मोड में डिग्रियां बांटी, जबकि इन यूनिवर्सिटियों के पास केवल रेगुलर मोड पर ही डिग्रियां बांटने के लिए मान्यता थी। शिकायत में यह भी दर्शाया गया है कि केवल इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय ही डिस्टेंस और प्राइवेट मोड में डिग्रीयां बांटने के लिए मान्य है।

पीजीडी डिग्री या डिप्लोमा के लिए 15 कोर अंक

इस भर्ती परीक्षा में लिखित परीक्षा 100 अंकों की रखी गई थी। नियमों के अनुसार ग्रामीण विकास विषय में पीजीडी डिग्री या डिप्लोमा धारकों को अतिरिक्त 15 अंक दिए जा रहे हैं। यानी, यदि किसी उम्मीदवार ने लिखित परीक्षा में 60 अंक हासिल किए हैं और उसके पास मान्य डिग्री है, तो उसकी अंतिम मेरिट में 75 अंक जुड़ जाएंगे। यही बोनस अंक विवाद का कारण बने हैं।

कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ निजी विश्वविद्यालयों और दूरस्थ शिक्षा संस्थानों से ऐसे प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जिनकी वैधता पर सवाल है। 17 की लिस्ट भेजी लेकिन विभाग ने इस मामले में उच्च शिक्षा विभाग से राज्य के विश्वविद्यालयों से जानकारी मांगी है। जिस पर उच्च शिक्षा विभाग ने 17 निजी विश्वविद्यालय और नौ शासकीय विश्वविद्यालयों की सूची तैयार की है।

इनमें से सात विश्वविद्यालयों ने साफ-साफ कहा है कि उनके यहां ग्रामीण विकास विषय में न तो कोई डिग्री संचालित है और न ही डिप्लोमा। वहीं, 10 निजी विश्वविद्यालयों की ओर से जानकारी अपडेट करके नहीं भेजी गई है। इस लिस्ट में वे यूनिवर्सिटी भी हैं जिन पर आरोप लगे हैं।

निजी विवि पर गिर सकती है गाज

मामले की जांच में सबसे ज्यादा सवाल निजी विश्वविद्यालयों पर उठ रहे हैं। खासकर उन विश्वविद्यालयों पर जो दूरस्थ शिक्षा या आफ-कैंपस मोड में कोर्स चलाने के लिए पहले से विवादों में रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही डिग्री और डिप्लोमा मान्य होंगे जो सूचीबद्ध और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित नियमित पाठ्यक्रम से प्राप्त हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद उन विश्वविद्यालयों पर गाज गिर सकती है, जो बिना मान्यता के ग्रामीण विकास जैसे कोर्स चलाकर प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं।

परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल

व्यापम की परीक्षाओं पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। एडीईओ परीक्षा में गलत प्रश्नों और विवादित विकल्पों के कारण परीक्षा पहले से ही विवादों में रही है।

अगस्त में जारी किए गए एडीईओ परीक्षा के माडल आंसर में से 12 प्रश्नों को ही विलोपित करना पड़ा था। अब फर्जी डिग्री का मुद्दा सामने आने से परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर और प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

7.50 से 15 लाख हो गया ब्याज, परेशान होकर MP के व्यापारी को मारा, जेब से निकाले 50 हजार रुपये

7.50 से 15 लाख हो गया ब्याज, परेशान होकर MP के व्यापारी को मारा, जेब से निकाले 50 हजार रुपये

 

छत्तीसगढ़ /बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चपोता के रेड़ नदी में ग्राम पंडरी थाना माडा जिला सिंगरौली निवासी व्यवसायी शिवराज सिंह की लाश मिलने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। आरोपित सियाचंद वैश्य ने मृतक से 7.50 लाख रुपये उधार लिए थे, जो ब्याज सहित बढ़कर 15 लाख रुपये हो गए थे। मृतक लगातार रुपये वापसी का दबाव बना रहा था, जिससे क्षुब्ध होकर आरोपित ने योजना बनाकर चाकू से वार कर और गला दबाकर व्यवसायी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई गला दबाकर हत्या की पुष्टि

जानकारी के अनुसार 30 अगस्त 2025 को थाना रघुनाथनगर के ग्राम चपोता रेड़ नदी के किनारे पानी में ग्राम पंडरी थाना माडा जिला सिंगरौली निवासी व्यवसायी शिवराज सिंह की लाश मिली थी। नदी से लगभग 50 मीटर दूर एक मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली थी। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर शव को घसीटने के निशान, संघर्ष के चिह्न, टूटा हुआ चाकू का हत्था और मृतक की बाइक मिली। इन परिस्थितियों से हत्या की आशंका गहरी हुई। फॉरेंसिक टीम अंबिकापुर और डॉग स्क्वाड बलरामपुर की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। चिकित्सक की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।

मृतक लगातार कर रहा था पैसे की मांग

इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या का अपराध मानते हुए पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के मार्गदर्शन में एसडीओपी वाड्रफनगर रामअवतार ध्रुव के साथ पुलिस टीम ने जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मृतक के आवागमन मार्ग पर लगे सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसमें मृतक के साथ अंतिम बार देखे गए व्यक्ति की पहचान सियाचंद वैश्य (43) निवासी ग्राम भावखण्ड थाना माडा जिला सिंगरौली के रूप में हुई। मृतक के स्वजन ने भी बताया कि आरोपित ने मृतक से करीब 7.50 लाख रुपये उधार लिए थे, जो ब्याज सहित 15 लाख रुपये हो गए थे। अभी तक आरोपित ने केवल 1.50 लाख रुपये लौटाए थे और मृतक लगातार पैसे की मांग कर रहा था।

आरोपित ने ऐसे दिया घटना को अंजाम

पुलिस ने आरोपित सियाचंद वैश्य को हिरासत में लिया।कड़ी पूछताछ में आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि मृतक रुपये की मांग कर उसे लगातार प्रताड़ित करता था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने हत्या की योजना बनाई। घटना से एक दिन पहले आरोपित ने सिंगरौली स्थित “वैष्णो बर्तन भंडार” दुकान से चाकू खरीदा। दोनों एक साथ मिले भी थे। यहां नाश्ता करने के दौरान यह तय हुआ कि अगले दिन छत्तीसगढ़ के चपोता गांव में जाकर खरीदने के लिए जमीन देखेंगे। इसी के तहत 30 अगस्त को मृतक और आरोपित सेमरिया गांव में मिले और वहां से चांदनी-बिहारपुर मार्ग होते हुए चपोता रेड़ नदी के पास पहुंचे। आरोपित ने अपनी मोटरसाइकिल पहले ही छोड़ दी और मृतक की बाइक में पीछे बैठकर नदी किनारे तक आया।

वहां आरोपित ने चाकू से मृतक पर वार करने का प्रयास किया, लेकिन झगड़े के दौरान मृतक ने चाकू पकड़ लिया और छीना-झपटी में दोनों को चोट आई तथा चाकू टूट गया। इसके बाद आरोपित ने मृतक का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को घसीटकर नदी में फेंक दिया।

हत्या के बाद मृतक का 50 हजार लेकर चला गया था आरोपित

हत्या के बाद आरोपित ने मृतक की जेब से 50,000 रुपये निकाले, अपने खून से सने कपड़े बदलकर घटनास्थल के पास झाड़ी में फेंक दिए और अपनी मोटरसाइकिल से घर चला गया। वहां कपड़े बदलकर वह सामान्य रूप से स्कूल पढ़ाने चला गया। आरोपित से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, हेलमेट, मोबाइल और लूटा गया 50,000 रुपये जब्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपित सियाचंद वैश्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

रायपुर में फर्जी पुलिसवाला बन वसूली करता था युवक, कारोबारी से 5 लाख मांगते दबोचा गया

रायपुर में फर्जी पुलिसवाला बन वसूली करता था युवक, कारोबारी से 5 लाख मांगते दबोचा गया

रायपुर। राजधानी में क्राइम ब्रांच के नाम पर वसूली करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी आशीष घोष उर्फ आशीष शर्मा भाठागांव निवासी है। वह खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बताकर कारोबारी से पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था।

जानकारी के मुताबिक आरोपी जेल रोड स्थित होटल में पहुंचा था। वहां उसने कुछ लोगों को धमकाते हुए कहा कि ड्रग्स केस में गिरफ्तार नव्या मलिक ने उनका नाम लिया है। कार्रवाई से बचना है तो पांच लाख रुपये देने होंगे। होटल प्रबंधन ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।

आरोपी के घर और वाहन की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नोटों के बंडल, थाने से जुड़े दस्तावेज, सायरन लगी कार, पुलिस की ड्यूटी चार्ट, गश्त प्वाइंट और एसीबी-ईओडब्ल्यू का फर्जी आई कार्ड बरामद किया गया है। उसके मोबाइल की जांच भी जारी है। फिलहाल पुरानी बस्ती थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

थानों में जाकर बैठता था आरोपी

पुलिस ने बताया कि आशीष घोष पहले कोतवाली, फिर तेलीबांधा और हाल ही में गंज थाने में जाकर बैठता था। थानों में आने वाले फरियादियों से बातचीत भी वही करता था। पुलिस की गाड़ियों में घूमना और पेट्रोलिंग करना उसका आम काम हो गया था। 31 अगस्त को उसने क्राइम ब्रांच का सिपाही ‘आशीष राजपूत’ बनकर वसूली की कोशिश की थी।

अधिकारियों से करीबी, सिपाहियों की पोस्टिंग भी कराता था

आरोपी की दोस्ती राज्य के कई बड़े पुलिस अधिकारियों से थी। वह उनके घरों तक आता-जाता था और उनकी गाड़ियों में भी घूमता था। आरोप है कि उसने कई सिपाही-हवलदारों की पोस्टिंग भी कराई और इसके एवज में मोटी रकम वसूली।

क्राइम ब्रांच में भी कुछ सिपाही से हर महीने भी वसूली करता था। पैसे नहीं देने पर उनको ब्लैकमेल करता था। डर दिखाता था कि क्राइम ब्रांच से हटवा देगा, उच्च अधिकारियों से उसकी पहुंच है। सिपाही उसे डर करके हर महीने उसे पैसे भी देते थे।

संरक्षण की जांच में जुटी पुलिस

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपी को किसका संरक्षण प्राप्त था, उसके पास सरकारी दस्तावेज कैसे पहुंचे और किन-किन अधिकारियों से उसके संबंध थे, इसकी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

जिले में अब तक 688.3 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 908.8 मिलीमीटर आज 17.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

जिले में अब तक 688.3 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 908.8 मिलीमीटर आज 17.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

 

महासमुंद/ महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 688.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 908.8 मिलीमीटर, सरायपाली में 711.0 मिलीमीटर, बसना में 654.9 मिलीमीटर, कोमाखान में 645.9 मिलीमीटर, बागबाहरा में 636.3 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 573.1 मिलीमीटर महासमुंद तहसील में दर्ज की गई। आज 04 सितम्बर को 17.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बसना तहसील में 32.2 मिलीमीटर, सरायपाली में 25.6 मिलीमीटर, पिथौरा में 22.5 मिलीमीटर, बागबाहरा में 12.7 मिलीमीटर, कोमाखान में 8.2 मिलीमीटर एवं महासमुंद तहसील में 6.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

महासमुंद/सामान्य प्रशासन समिति एवं सामान्य सभा की बैठक 8 सितम्बर को

महासमुंद/सामान्य प्रशासन समिति एवं सामान्य सभा की बैठक 8 सितम्बर को

 

महासमुंद/ जिला पंचायत महासमुंद के सामान्य प्रशासन समिति एवं सामान्य सभा की बैठक सोमवार 8 सितम्बर 2025 को सुबह 11ः00 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया जाएगा। बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता एवं उद्योग विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन, समाज कल्याण विभाग से संबंधित एवं अन्य विषय पर चर्चा की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे बैठक में अपने विभाग की अद्यतन जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।