महासमुंद एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना के अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 112 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न बैंकों के अधिकारी, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, एरिया कोऑर्डिनेटर, एफएल एंड सीआरपी, बीमा सखी, पीआरपी एवं अन्य फील्ड स्टाफ शामिल रहे। कार्यशाला का उद्देश्य बैंकर्स और फील्ड स्टाफ को वित्तीय प्रक्रियाओं की जानकारी देना था, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक प्रभावी, समन्वित एवं परिणाम मुखी भूमिका निभा सकें।

कार्यशाला में बिहान योजना की अवधारणा और उद्देश्यों की समझ, स्वयं सहायता समूह के क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया, उद्यम वित्त के अवसर, बीसी सखी मॉडल की संरचना एवं संचालन प्रक्रिया, सरकारी बीमा योजनाओं की जानकारी नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की समस्या और समाधान के उपाय, कम्युनिटी बेस्ड रिकवरी मैकेनिज्म कमेटी की भूमिका जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही फाइनेंशियल लिटरेसी कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उन्हें प्रशिक्षण के माध्यम से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने, स्व सहायता समूह के सदस्यों को बैंकिंग से जोड़ने और दस्तावेज़ीकरण में सहयोग हेतु सशक्त किया गया। कार्यक्रम में एनआरपी श्री सतपती, डीडीएम नाबार्ड, आरसेटी डायरेक्टर, एनआरएलएम एपीओ, डीपीएम, डीसी श्री दिलीप साहू एवं अन्य एनआरएलएम सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे।

महासमुंद/समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश, विकास कार्यों में गति लाने पर जोर

महासमुंद/समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश, विकास कार्यों में गति लाने पर जोर

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल करें सभी विभाग ई-ऑफिस का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें राशन वितरण के कार्यां में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन की प्राथमिकताओं, जन घोषणाओं, योजनाओं और आगामी आयोजनों को लेकर निर्देश दिए गए तथा जन शिकायत, जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, जवाब दावा आदि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं श्री रविराज ठाकुर, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि घोषणाओं पर अमल करते हुए कार्य प्रारम्भ करें। जनपद सीईओ और निर्माण एजेंसियां इस कार्य को गंभीरता से लें और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने गढ़फुलझर में पर्यटन के क्षेत्र में की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने समग्र शिक्षा अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारम्भ कार्यों को प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। अनुकम्पा के रिक्त पदों की जानकारी सभी प्रभारी अधिकारियों को दिए गए है ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने शासन की महत्वपूर्ण ई-ऑफिस कार्यक्रम को सभी कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही प्रेषित किए जाए। इस संबंध में बैठक के दौरान अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।

कलेक्टर ने खाद वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निजी दुकान में खाद का अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। कृषि उप संचालक ने बताया कि जिले में वर्तमान में 18234 मीट्रिक टन खाद शेष है। उन्होंने बताया कि 469 मीट्रिक टन डीएपी खाद की खेप भी पहुंची है। जिसे जल्द ही समितियों तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में किसानों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों का पंजीयन अनिवार्य किया जाए। बिना पंजीयन के कृषक उन्नति योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए राजस्व, कृषि और सहकारी विभाग मिलकर व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए। धान संग्रहण एवं उठाव केंद्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश को ध्यान में रखते हुए केंद्रों की मरम्मत गिट्टी व मुरम से की जाए ताकि धान को नुकसान न हो।

मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत अब तक जनभागीदारी से जल संचयन हेतु 144 इंजेक्शन वेल और 4777 सोखता गड्ढों का निर्माण किया जा चुका है। इस कार्य की सराहना करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया जनभागीदारी से बन रहे जल संचयन के कार्यां में शिक्षा विभाग द्वारा 987, महिला बाल विकास द्वारा 531, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 29 एवं जिला पंचायत द्वारा 3241 गड्ढों का निर्माण जनभागीदारी से किया गया है।

कलेक्टर ने कहा सभी एसडीएम फील्ड में जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता की निगरानी करें। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु नालियों और पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश दिए गए। सभी नगरीय निकायों को सघन स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया। कलेक्टर ने राशन वितरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, जनहित के कार्यों में पारदर्शिता सर्वोपरि है।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बैठक में राजस्व प्रकरणों, सुशासन तिहार, पीएम जनमन योजना आदि की भी समीक्षा की गई। पीएमजनमन अंतर्गत सभी विकास के संकेतांकों को 15 अगस्त के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शहर और गांवों के मुख्य मार्गों से आवारा पशुओं को तत्काल हटाया जाए। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। सभी नगरीय निकायों और पंचायतों को संयुक्त कार्यवाही करने को कहा गया। सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और समय सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा गया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बागबाहरा में अज्ञात चोरों ने शिक्षक के घर को बनाया निशाना, सोने-चांदी के जेवर व नकदी सहित मोबाइल चोरी

बागबाहरा में अज्ञात चोरों ने शिक्षक के घर को बनाया निशाना, सोने-चांदी के जेवर व नकदी सहित मोबाइल चोरी

थाना बागबाहरा क्षेत्र के वार्ड नंबर 03 थाना पारा में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक शासकीय शिक्षक के घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना 13 जुलाई की रात 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब घर के सभी सदस्य सो रहे थे।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित सुनील कुमार श्रीवास्तव, जो वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कोसमी (विकासखंड छुरा, जिला गरियाबंद) में व्याख्याता के पद पर पदस्थ हैं, ने थाना बागबाहरा में लिखित आवेदन देकर बताया कि चोर उनके घर के पूजा कक्ष में रखे आलमारी से—

दो नग सोने की बाली (कीमत ₹15,000), ₹3,500 नकद, एक जोड़ी चांदी की पायल (कीमत ₹1,500), चांदी का मंगलसूत्र (₹1,500), एक चांदी का सिक्का (₹400), तथा MI कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल फोन (कीमत ₹1,000) चोरी कर ले गए। चोरी गई कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब ₹22,900 बताई गई है।

पीड़ित की शिकायत पर थाना बागबाहरा पुलिस ने अपराध क्रमांक दर्ज करते हुए धारा 331(4), 305(A) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।

पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है तथा संदिग्धों से पूछताछ जारी है। स्थानीय नागरिकों में इस चोरी की घटना को लेकर चिंता का माहौल है और उन्होंने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

महासमुंद/जिले में अब तक 346.3 मिलीमीटर औसत वर्षा

महासमुंद/जिले में अब तक 346.3 मिलीमीटर औसत वर्षा

सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 416.0 मिलीमीटर

आज 11.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 346.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 416.0 मिलीमीटर, सरायपाली में 406.4 मिलीमीटर, बसना में 345.2 मिलीमीटर, महासमुंद में 323.0 मिलीमीटर, बागबाहरा में 312.9 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 274.8 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 15 जुलाई को 11.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बसना तहसील में 21.6 मिलीमीटर, सरायपाली में 19.8 मिलीमीटर, पिथौरा में 16.1 मिलीमीटर, महासमुंद में 5.1 मिलीमीटर, कोमाखान में 2.5 मिलीमीटर एवं बागबाहरा तहसील में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

जोगी तालाब में जल भराव की उठी मांग, नगर पालिका से शीघ्र पहल की अपील

जोगी तालाब में जल भराव की उठी मांग, नगर पालिका से शीघ्र पहल की अपील

सरायपाली (महासमुंद), 15 जुलाई 2025 |
नगर के नागरिकों की जल संकट से राहत दिलाने की दिशा में जोगी तालाब को पुनः भरने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में संयुक्त महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी महासमुंद कमल किशोर अग्रवाल ने नगर पालिका अधिकारी सरायपाली को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि शहर के बड़े तालाब से पंप चालू कर जोगी तालाब तक जल पहुंचाया जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को जल संकट से राहत मिल सके।

अग्रवाल ने बताया कि बीते कई वर्षों से नगर के उत्तरी क्षेत्र में बसे मोहल्लों, जिनमें वार्ड 11, 12 एवं 13 शामिल हैं, के नागरिकों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नगर के ऊपरी हिस्से में जल स्तर गिरने के कारण लोगों को नल कनेक्शन होने के बावजूद पानी नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि बड़े तालाब में पर्याप्त जल मौजूद है, जिससे पंपिंग कर जोगी तालाब में जल पहुंचाना तकनीकी रूप से संभव है। यदि समय रहते यह कार्यवाही की जाती है तो आने वाले दिनों में जल संकट से जूझ रहे मोहल्लों के निवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

नगर पालिका अधिकारी द्वारा प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया गया कि इस मांग को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित इंजीनियरिंग विभाग से तकनीकी परीक्षण कराकर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।

 

 

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ हो रही साकार — रजत जयंती वर्ष में आस्था और सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक पहल

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ हो रही साकार — रजत जयंती वर्ष में आस्था और सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक पहल

विशेष ट्रेन 15 जुलाई को रायपुर से होगी रवाना — मुख्यमंत्री श्री साय हरी झंडी दिखाकर करेंगे शुभारभ

छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’  जन जन के जीवन से जुड़ रही है।

इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर  मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम श्री दयानंद, सीनियर डीसीएम श्री अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी – साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक श्री पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई।  इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन हेतु नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।

 

छत्तीसगढ़: ‘बस्तर संभाग के 1.15 लाख कृषकों को 600 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण’

छत्तीसगढ़: ‘बस्तर संभाग के 1.15 लाख कृषकों को 600 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण’

’लैम्पस समितियों से जारी है खाद-बीज का वितरण’

बस्तर संभाग में खरीफ सीजन- 2025 के तहत अब तक एक लाख 14 हजार 929 किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 600 करोड़ 74 लाख रुपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। यह ऋण जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, जगदलपुर द्वारा “सहकार से समृद्धि” योजना के अंतर्गत वितरित किया गया है। बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि बस्तर संभाग के किसानों को खरीफ के लिए 950 करोड़ का ऋण वितरित किए जाने का लक्ष्य है।

बस्तर संभाग में आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को 58 हजार 159 मैट्रिक टन उर्वरक एवं 33 हजार 62 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। बस्तर जिले में 13,963 मैट्रिक टन, कोंडागांव में 14,679, नारायणपुर में 2,105, कांकेर में 23,884, सुकमा में 1,615 और बीजापुर जिले में 1,913 मैट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है। जैविक खेती जिला होने के कारण दंतेवाड़ा में उर्वरक प्रदाय नहीं किया गया। इसी प्रकार बीज वितरण के तहत बस्तर जिले में 7,645 क्विंटल, कोंडागांव में 3,674, नारायणपुर में 1,337, कांकेर में 8,397, दंतेवाड़ा में 2,184, सुकमा में 2,372 और बीजापुर जिले में 7,453 क्विंटल बीज कृषकों को उपलब्ध कराए गए हैं।

अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण कार्यक्रम के तहत बस्तर जिले के 24,256 किसानों को 162.53 करोड़, कोंडागांव के 23,301 को 122.63 करोड़, नारायणपुर के 4,351 को 25.66 करोड़, कांकेर के 45,921 को 186.93 करोड़, दंतेवाड़ा के 1,943 को 12.79 करोड़, सुकमा के 7,359 को 41.04 करोड़ तथा बीजापुर जिले के 7,798 किसानों को 49.16 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है।

डीएपी खाद की कमी को देखते हुए नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण भी किया गया है। सुगंधित धान, कोदो-कुटकी, रागी, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर, मूंगफली, तिल व उद्यानिकी फसलों के लिए अब तक 30 करोड़ 74 लाख रुपए ऋण दिया गया है। ऋण और आदान सामग्री के वितरण की यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

 

रायपुर : पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

रायपुर : पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020 के पुनः उन्मुखीकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में लागू स्नातक पाठ्यक्रमों में एनईपी के एक वर्ष के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों पर विचार करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि एनईपी 2020 न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि यह युवाओं को उनकी स्थानीय परंपरा और ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर देगी, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (NEP) डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिसमें छात्र अपनी रुचि एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एक समग्र और लचीला शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है।

द्वितीय तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि यह नीति आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को भारत की समृद्ध चिंतन परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना एनईपी का अहम लक्ष्य है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने एनईपी को वर्तमान और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल और बाज़ार योग्यताओं से छात्रों को लैस करना है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनईपी संयोजक श्री पंकज नयन पाण्डेय ने एनईपी 2020 पर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में पाठ्यक्रम संरचना और वैकल्पिक विषयों के क्रियान्वयन के तहत अनेक प्रभावी पहल की गई हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचियों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिला है।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. नृपेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मांडवी, डॉ. राजेंद्र मोहंती, उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

’विश्वविद्यालय परिसर में बिहान कैंटीन का शुभारंभ’

इसी दिन विश्वविद्यालय परिसर में ‘बिहान कैंटीन’ का भी शुभारंभ कुलपति श्री महादेव कावरे द्वारा किया गया। यह कैंटीन जिला पंचायत रायपुर के माध्यम से बिहान स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित की जा रही है। इस अवसर पर कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देव सिंह पाटिल एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

सरायपाली/ “किसान की बेटी, खेत की नेता : धान रोपती सभापति कुमारी भास्कर बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल”

सरायपाली/ “किसान की बेटी, खेत की नेता : धान रोपती सभापति कुमारी भास्कर बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल”

महासमुंद | 14 जुलाई 2025
“किसान की बेटी हूँ, खेती करना मेरा कर्म है, अपने साथ दूसरों का पेट भरना मेरा धर्म है।” – ये शब्द हैं महासमुंद जिला पंचायत की सभापति श्रीमती कुमारी भास्कर के, जो इन दिनों नारी शक्ति और किसान जीवन दोनों की सशक्त पहचान बन चुकी हैं।

बारिश का मौसम शुरू होते ही महासमुंद जिले के खेतों में हरियाली लौटने लगी है। किसानों ने खेतों का रुख कर दिया है और धान रोपाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र सिर्फ फसल नहीं, बल्कि वह महिला नेता हैं, जो खुद खेत में उतरकर कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत कर रही हैं – कुमारी भास्कर।

जहां राजनीति में महिलाएं अक्सर दफ्तरों और सभाओं तक सीमित रहती हैं, वहीं कुमारी भास्कर ने परंपराओं की दीवार तोड़ते हुए खेती किसानी में भी सहभागिता दिखाई है। ट्रैक्टर चलाना हो या धान की रोपाई – वह हर काम खुद करती हैं और अपने क्षेत्र की महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करती हैं।

कुमारी भास्कर की यह छवि केवल एक नेता की नहीं बल्कि एक जिम्मेदार बेटी, मेहनती किसान और सच्ची जनप्रतिनिधि की बन चुकी है। उन्होंने यह साबित किया है कि कुर्सी पर बैठकर फैसले लेने के साथ-साथ धरती से जुड़कर भी सेवा की जा सकती है।

माटी की महक, नारी का स्वाभिमान
उन्हें समर्पित कविता की कुछ पंक्तियाँ उनकी भावना और कर्मठता को दर्शाती हैं –
“हाथ मं ट्रेक्टर, दिल मं सेवा,
हर खेत-खार मं भर देथें मेवा।
ना साज-श्रृंगार, ना राज गुमान,
किसानी मं दिखथे नेता के पहचान।”

कुमारी भास्कर आज ग्रामीण महिलाओं के लिए न केवल प्रेरणा हैं, बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ भाषणों में नहीं, ज़मीनी कार्यों में दिखना चाहिए।

नारी सशक्तिकरण की सजीव मिसाल
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को एक नई ऊँचाई देने वाली कुमारी भास्कर यह दिखा रही हैं कि महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं – चाहे वह पंचायत कार्यालय हो या पकी धान की क्यारी।

आज जब महिलाएं खुद को पिछड़ा और सीमित समझती हैं, तब कुमारी भास्कर जैसी शख्सियत उनके लिए रोल मॉडल बनकर खड़ी हैं। उनकी कार्यशैली, मेहनत और सादगी आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बन सकती है।

जय हो किसान बेटी के हौंसले को,
जो धरती मां की सेवा में जुटी है।

छत्तीसगढ़ / भीख और बीमारी का नाटक कर सुनसान घरों में करती थी चोरी – कांकेर पुलिस के हत्थे चढ़ी शातिर महिला चोर ₹10.97 लाख की चोरी का खुलासा, सोना-चांदी, नगदी व स्कूटी बरामद

छत्तीसगढ़ / भीख और बीमारी का नाटक कर सुनसान घरों में करती थी चोरी – कांकेर पुलिस के हत्थे चढ़ी शातिर महिला चोर ₹10.97 लाख की चोरी का खुलासा, सोना-चांदी, नगदी व स्कूटी बरामद

कांकेर। जिले की गोंडाहूर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक शातिर महिला चोर को गिरफ्तार किया है, जो भीख मांगने और बीमारी का बहाना बनाकर सुनसान घरों की रेकी करती थी और मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 11 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त की है।

गिरफ्तार महिला की पहचान श्रीमती साधना उर्फ सपना मंडल (पत्नी स्व. सरजीत मंडल, उम्र 45 वर्ष), निवासी ग्राम पीव्ही 41, पुरूषोत्तमनगर, थाना पखांजूर के रूप में हुई है।

शिकायत के बाद खुला मामला

दिनांक 11 जुलाई 2025 को प्रार्थी अरुण बढ़ाई, निवासी पीव्ही-52 द्वारा थाना गोंडाहूर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ करने पर आरोपी महिला ने न केवल इस घटना की जिम्मेदारी ली, बल्कि यह भी स्वीकार किया कि वह बीते एक वर्ष से परलकोट क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रही थी।

चोरी का शातिर तरीका

आरोपी महिला भीख मांगने व बीमारी का बहाना बनाकर पहले घरों की रेकी करती थी, फिर जब घर खाली या सुनसान होते, तब चोरी करती थी। उसने गोंडाहूर, पखांजूर, बांदे, और बड़गांव क्षेत्रों में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

पुलिस ने की बड़ी बरामदगी

कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से कुल ₹10,97,300 की सामग्री जब्त की गई, जिसमें शामिल हैं:

सोने-चांदी के जेवरात: ₹6,00,000

नगदी रकम: ₹4,47,300

अपराध में प्रयुक्त स्कूटी: ₹50,000

न्यायालय में पेशी

पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आज माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस द्वारा मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी जारी है।

👉 कांकेर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की आमजन में सराहना की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशन में कार्यवाही को अंजाम दिया गया।