बसना : ग्राम सराईपाली बरोली रोड के पास पीले रंग की स्कुल बस ने मोटर सायकल वाले को मारी ठोकर ईलाज हेतु रायपुर रिफर करने पर रास्ते में हुई मृत्यु

बसना : ग्राम सराईपाली बरोली रोड के पास पीले रंग की स्कुल बस ने मोटर सायकल वाले को मारी ठोकर ईलाज हेतु रायपुर रिफर करने पर रास्ते में हुई मृत्यु
मैं सीताराम पटेल ग्राम कंचनपुर में रहता हू ग्राम जेराभरन में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हू कि दिनांक 18/04/2024 को घर से रात्रि करीबन 09.00 बजे मेरा भतीजा राम प्रसाद पटेल अपने मोटर सायकल हीरो होण्डा डिलक्स क्रमांक CG 06 K 5854 में कंचनपुर सांकरा से पिपलीपाली ईट रचने अपने अन्य साथी रामनाथ पटेल, खेमलाल पटेल, डिग्रीलाल पटेल के साथ अलग अलग मो0सा0 से जाने के लिये निकला था

कि रात्रि करीबन 09.40 बजे ग्राम सराईपाली बरोली रोड के पास पहुंचा था कि बरोली तरफ से आ रही पीले रंग की स्कुल बस क्रमांम CG06 H 0109 का चालक अपने वाहन को तेज रफ्तार, लापरवाही पूर्वक चलाकर मो0सा0 क्रमांक CG 06 K 5854 को सामने से ठोकर मारकर एक्सीडेंट कर दिया जिससे मोटर सायकल चालक मेरे भतीजा रामप्रसाद पटेल वही गिर गया।

जिससे मेरे भतीजे के सिर एवं दोनो पैर में चोट आया व मो0सा0 क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसे एम्बुलेंस के माध्यम से ईलाज हेतु शासकीय असपताल बसना लाये थे जहां ड0 साहब ने चेक कर उचित ईलाज हेतु रिफर करने पर रायपुर लेकर जा रहे थे। कि साल्हेतरई बाध के पास पहुंचे थे उसी दौरान मेरे भतीजे का फौत हो गया।

एक्सीडेंट की घटना को रामनाथ पटेल, खेमलाल पटेल एवं डिग्रीलाल पटेल रिपोर्ट करता हू कार्यवाही की जावे रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार थाना में धारा 304-A-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

बसना : छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध स्त्री रोग एवं फर्टिलिटी विशेषज्ञ अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में 21 अप्रैल 2024 सुबह 10 से 01 बजे तक

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बसना :मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श! विशेषज्ञ डॉ. पंकज शाह 21 अप्रैल 2024 सुबह 10 बजे से अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में

बसना :मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श! विशेषज्ञ डॉ. पंकज शाह 21 अप्रैल 2024 सुबह 10 बजे से अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में
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बसना के अग्रवाल नर्सिंगहोम बसना मे कुल्हा प्रत्यारोपण एवं घुटना प्रत्यारोपण 24 अप्रैल 2024

बसना के अग्रवाल नर्सिंगहोम बसना मे कुल्हा प्रत्यारोपण एवं घुटना प्रत्यारोपण 24 अप्रैल 2024
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बसना / धान खरीदी में 4 करोड़ के घोटालेबाज अभी तक फरार 20 दिन पहले आरोपियों के खिलाफ बसना पुलिस ने एफआईआर किया था,?

बसना / धान खरीदी में 4 करोड़ के घोटालेबाज अभी तक फरार
20 दिन पहले आरोपियों के खिलाफ बसना पुलिस ने एफआईआर किया था,?

महासमुंद किसानों से खरीदे धान, बारदाना के
रखरखाव व भंडारण में 4 करोड़ 44 लाख 65 हजार 510 रुपए का घोटाला करने वाले 7 आरोपियों को
पुलिस अब तक ढूंढ नहीं पाई है। 20 दिन पहले न्यायालय के आदेश पर इन आरोपियों के खिलाफ बसना पुलिस
ने एफआईआर किया था। फरार.आरोपियों को छत्तीसगढ़ से बाहर भाग जाने की बात कही जा रही है। पुलिस अब तक आरोपियों को ट्रेस.नहीं कर पाई है। इस मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारी समेत समिति के प्रबंधक व अन्य शामिल
है।

महासमुंद दैनिक भास्कर एडिसन मे छपी खबर के अनुसार बसना पुलिस ने पिरदा सहकारी
समिति में साल 2021 को हुई
गड़बड़ी की शिकायत पर धारा 153,
3 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है जानकारी के अनुसार यह मामला 2020-21 का है। तत्कालीन समिति पदाधिकारियों ने धान खरीदी,भंडारण व बारदाना में अनियमितता बरती थी। इस मामले की शिकायत पर विभागीय जांच की गई, जिसमें

आरोपियों पर लगे सभी आरोप सही साबित हुए थे। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर
किया गया। तब जाकर न्यायालय के
आदेश पर आरोपियों के खिलाफ
अपराध कायम किया गया था। सहकारिता विभाग ने की
जांच तब हुआ खुलासा यह खुलासा तब हुआ जब शिकायत पर
सहकारिता विभाग ने जांच शुरू की।
अंकेक्षण अधिकारी एवं प्रभारी जांच
अधिकारी डीडी जोगांश की दो सदस्यीय समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की। विभागीय जांच में इतने बड़े आरोप के
सिद्ध होने के बाद भी आरोपियों के
खिलाफ सिद्ध होने के बाद एफआईआर कराने में देरी की गई। आखिरकार दोषियों
को सजा दिलाने के लिए परिवाद दायर  किया गया। तब कही जाकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

आरोपियों की खोजबीन की जा रही इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने कहा कि आरोपियों की खोजबीन की जा रही है। सभी
के संभावित ठिकानों पर पड़ताल की गई। लेकिन वहां से फरार है। जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

4 करोड़ 44 लाख 65 हजार 510 रुपए का घपला
पिरदा सहकारी समिति में 2021 में
कुल 68539.20 क्विंटल धान खरीदी गई थी, जिसमें 17 हजार 210 क्विंटल धान की कमी पाई
गई। तब राज्य सरकार 2500 रुपए के समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल धान खरीद रही थी। लिहाजा धान
खरीदी, रखरखाव और परिवहन में ही 4 करोड़ 30 लाख 26 हजार 800 रुपए की अनियमितता बरती गई। वहीं समिति में जांच के दौरान 65 हजार 467 बारदाने की कमी
पाई गई, जिसकी कीमत 14 लाख 38 हजार 710 रुपए है। यानी धान खरीदी और बारदान में 4 करोड़
44 लाख 65 हजार 510 रुपए का
घपला किया गया है।

बसना / मंदिर प्राण प्रतिष्ठा, विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल हुए शामिल

बसना / मंदिर प्राण प्रतिष्ठा, विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल हुए शामिल

ग्राम साल्हेतराई में नवनिर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान से पूजन कर किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की पूजा अर्चना कर सर्वमंगल की कामना की। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा जी की मंदिर में स्थापित हो जाने से अंचलवासियों में अत्यधिक खुशी देखी जा रही है।विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल ने जनमानस को सम्बोधित करते हुए लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी श्रीमती रुपकुमारी चौधरी को प्रचंड मतों से जीत दिलाने के लिए कमल फूल छाप पर मतदान करने की अपील करते मोदी सरकार के सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को बताये। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में महाराज शशिभूषण पाण्या, वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष कृष्ण कुमार साहू, महामंत्री रामलाल मलिक, सोनू छाबड़ा, परमानंद पण्डा, दुष्यंत पटेल, कन्हैया निषाद, खिरोद प्रधान, रोहित साहू, आनंद पण्डा, अंतर्यामी पंडा, सदानंद पंडा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ / पत्नी को बाड़ी में दफनाकर हुआ फरार : महीनेभर पहले ही हुई थी शादी, बदबू फैलने पर हुआ खुलासा 

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से हत्या का मामला सामने आया है। पति ने अपनी पत्नी को मारकर 2 फीट गड्ढे में गाड़ दिया। उनकी शादी अभी महीनेभर पहले ही हुई थी। वारदात के बाद से आरोपी पति फरार है। बाड़ी से बदबू उठने पर लोगों को लाश दबे होने की जानकारी हुई। मामला परपोड़ी थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम 22 वर्षीय रेशमी वर्मा है। वह कुल्लू गांव की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि, एक महीने पहले 18 फरवरी को ही ग्राम लुक के रहने वाले ओमप्रकाश वर्मा के साथ उसकी शादी हुई थी। मृतका की सास बीरन बाई ने बताया कि, वह शनिवार को धमधा के अछोटी गांव गई थी। बेटे और बहू ने उसे पैर छूकर विदा किया था।

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी
सोमवार को जब वह घर लौटी तो बड़ा बेटे रमाकांत की पत्नी करुणा ने बताया कि, आपके बेटे-बहू ओमप्रकाश और रेशमी बिना बताए कहीं चले गए हैं। इसके बाद आनन-फानन में परिवार ने दोनो के लापता होने की सूचना थाने में दी। दो दिन तक दोनों की पतासाजी की गई, पर वे कहीं नहीं मिले। इसके बाद गुरुवार की सुबह मृतका की सास बाड़ी में राख फेंकने निकली थी, तभी उसे बदबू आई। आस-पास के लोगों को पता चलने के बाद जब एक गड्ढे को खोदा गया तो वहां बहू की लाश मिली।

ससुर और भाइयों से भी पूछताछ
बाड़ी में बहू की लाश मिलने की सूचना पुलिस और मृतका के परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक की तलाश में जुट गई। वहीं पुलिस ने मृतका के ससुर और आरोपी के अन्य छह भाइयों से भी पूछताछ की है।

रायपुर-महासमुंद हाइवे पर स्थित अशोका बिरयानी में बड़ा हादसा सामने आया हैं। यहाँ काम करने वाले दो कर्मचारियों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर मे जहां GE रोड के किनारे स्थित मशहूर अशोका बिरयानी के गटर में दो लोगों की लाश मिली है। दोनों मृतक होटल के कर्मचारी बताए जा रहे है। मिली जानकारी के अनुसार दोनों मृतक नीलकुमार पटेल और डेविड साहू अशोका बिरयानी में इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। खबर लगते ही इलाके में सनसनी फैल गई है साथ ही होटल में काम करने वाले अन्य कर्मचारी भी सहमे हुए है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और  जांच शुरू की। ये घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने कवरेज शुरू की तो अशोका बिरियानी का प्रबंधन सवालों से बौखला गया। इस दौरान पत्रकारों से मारपीट की गई। निजी चैनल के कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ दिया गया।

गटर मै कैसे पहुंचे दोनों ?
दोनों के शव गटर में मिलने के बाद सबके मन में यही सवाल आ रहा है कि आखिर दोनों गटर में पहुंचे कैसे? क्या ये हत्या है या हादसा? चर्चा है की गटर की सफाई करते वक्त दोनों जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिस वजह से दोनों का दम घूट गया। अगर ऐसा है तो एक सवाल उठता है की जब दोनों इलेक्ट्रीशियन थे तो उनसे गटर की सफाई क्यों करवाई जा रही थी? क्या होटल प्रबंधन एक्सपर्ट स्वीपर को सफाई के लिए नहीं बुला सकता था? तो शायद इन दोनों नौजवानों के मौत नहीं होती। फिलहाल पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। PM रिपोर्ट आने पर मौत का कारन साफ हो जाएगा।

गांव से रोजी-रोटी कमाने आए थे शहर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय नीलकुमार पटेल जांजगीर-चांपा के खुटादरहा और 19 वर्षीय डेविड साहू धमतरी के खामहरिया का रहने वाला था। दोनों अपने गांव से शहर काम करने आए थे। परन्तु उन्हें क्या पता था यहां उनकी मौत हो जाएगी। पुलिस ने बताया कि दोनों के परिवार वालों से संपर्क किया जा रहा है।

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इस साल होगी झमाझम बारिश, ला नीना के प्रभाव से बेहतर रहेगा मानसून, IMD ने दी जानकारी!

IMD की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल मॉनसून की आवक से पहले अल नीनो न्‍यूट्रल हो जाएगा. इसके साथ ही जुलाई से La Nina के एक्‍टिव होने की संभावना है. इस वजह से मॉनसून में सामान्‍य से अधिक बारिश देश के अधिकांश राज्‍यों में दर्ज की जा सकती है.
L Nino का असर बीते साल देश ने देखा. जून 2023 से एक्‍टिव हुए अल नीनो की वजह से मॉनसून में भी कई राज्‍य सूखे रहे. 100 सालों में अगस्‍त का महीना सबसे सूखा दर्ज किया गया. मसलन, अल नीनो की वजह से मॉनसून में हुई कम बारिश के चलते देश के 25 फीसदी भाग में सूखा, 40 फीसदी भाग में कम बारिश दर्ज की गई है, इस वजह से देश के कई राज्‍यों में नदियों और भूजल स्‍तर में गिरावट देखी गई. अब फिर से दक्षिण-पश्‍चिम मॉनसून के सक्रिय होने का समय आ रहा है. इसको लेकर भी IMD पूर्वानुमान जारी कर चुका है.

IMD की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल मॉनसून की आवक से पहले अल नीनो न्‍यूट्रल हो जाएगा. इसके साथ ही जुलाई से La Nina के एक्‍टिव होने की संभावना है. इस वजह से मॉनसून में सामान्‍य से अधिक बारिश देश के अधिकांश राज्‍यों में दर्ज की जा सकती है. आइए इसी कड़ी में समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्‍यों La Nina को मॉनसून में बेहतर बारिश की गांरटी माना जा रहा है.

La Nina क्‍या है
ला नीना को अल नीनो को विरोधी भी कहा जाता है. स्‍पेनिश में अल नीनो का मतलब छोटा लड़का है तो वहीं ला नीना का मतलब छोटी लड़की है. अल नीनो को जहां सूखे या तापमान में बढ़ोतरी के लिए जाना चाहता है तो वहीं ला नीना को तापमान में गिरावट यानी ठंड में बढ़ोतरी के लिए जाना जाता है. असल में ट्रेड विंंड के अधिक तेज होने की वजह से ला नीना एक्‍टिव होता है. इन हवाएं के तेज होने से गर्म पानी पश्‍चिमी प्रशांत महासागर की ओर जमा हो जाता है तो वहीं ठंडा पानी मध्‍य और पूर्वी प्रशांत महासागर की ओर जमा हो जाता है. इस कारण प्रशांत महासागर का पानी सामान्य तापमान से कम हो जाता है,जो जेट स्‍ट्रीम को उत्‍तर की ओर धकेलता है. इससे दुनिया के कई देशों के मौसम में व्‍यापक बदलाव होता है. ला नीना अक्सर अल नीनो के बाद सक्रिय होता है.

La Nina और मॉनसून में बारिश का कनेक्‍शन
ला नीना से भारत समेत एशिया के मौसम में भी बदलाव होता है. असल में प्रशांत महासागर के पानी के ठंड होने से यानी ला नीना के प्रभाव के भारत के संदर्भ की बात करें तो ला नीना पूरे भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में भारी मानसून पैदा करता है.

असल में ला नीना पश्चिमी प्रशांत, हिंद महासागर और सोमालिया के तट पर उच्च तापमान पैदा करता है. इसके कारण पूरे भारत में भारी माॅनसूनी वर्षा होती है. इसी तरह इससे पेरू और इक्वाडोर में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. तो वहीं दक्षिणपूर्वी अफ्रीका में ठंडी सर्दियां और दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में ठंड बढ़ती है. इसके कारण ऑस्ट्रेलिया में भारी बाढ़ आती है.

La Nina काे लेकर पुराना अनुभव क्‍या है
ला नीना और मॉनसून का पुराना कनेक्‍शन रहा है. असल में प्रत्‍येक 2 से 7 साल के बीच अल नीनो और ला नीना की परिस्‍थतियां बनती हैं. ऐसे में इससे पहले भी अल नीनो और ला नीना मॉनसून को प्रभावित कर चुके हैं. भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के आंकड़ों के साल 1953 से 2023 के बीच कुल 22 ला नीना साल दर्ज किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ दो बार यानी साल 1974 और 2000 के मॉनसून सीजन में सामान्‍य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि बाकी सालों के मॉनसून में सामान्‍य से अधिक, अधिक बारिश दर्ज की गई है.