बसना बेलटिकरी में श्री गोविन्द भीमागोपनाथ गौशाला का भव्य उद्घाटन, गौसेवा को मिला जनसमर्थन
बसना बेलटिकरी। पूरे श्रद्धा, भक्ति एवं जनसहभागिता के साथ सोमवार 12 जनवरी 2026 को बेलटिकरी में श्री गोविन्द भीमागोपनाथ गौशाला का भव्य उद्घाटन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, गौभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती कौशल्या साव जी (धर्मपत्नी – मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ श्री विष्णुदेव साय जी) रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और बच्चों को नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों से जोड़ने का यह सशक्त माध्यम है। उन्होंने समाज से गौसंरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथियों में विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल जी, महिला प्रदेश उपाध्यक्ष एवं महिला आयोग सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया जी तथा विधायक सारंगढ़ श्रीमती केरा बाई जी शामिल रहीं। विधायक श्री संपत अग्रवाल जी ने गौवंश संरक्षण को सामाजिक दायित्व बताते हुए कहा कि गौसेवा से ही समरस और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
परम गौभक्त डॉ. अखिल जैन जी (मनोहर गौशाला, खैरागढ़–रायपुर) ने आशीर्वचन देते हुए गौसंरक्षण एवं जैविक खेती के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण और जैविक कृषि को बढ़ावा देना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कृषि एवं गौसेवा सत्र में जैविक किसान श्री अंतर्यामी प्रधान जी तथा अन्नपूर्णा महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती हरिता पटेल जी ने प्रेरक उद्बोधन दिए। उन्होंने कहा कि “गौवंश और कृषि के बिना समग्र विकास की कल्पना संभव नहीं है।”
डॉ. अखिल जैन जी द्वारा किसानों को जैविक खेती का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, तथा प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले किसानों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने जैविक किसान लक्ष्मीकांत प्रधान जी के खेतों का अवलोकन किया, बनवारी गौशाला सरायपाली में मार्गदर्शन दिया तथा सरायपाली में श्री सुशील जैन जी के निवास पर नागरिकों को संबोधित कर गौसंरक्षण हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर अग्र शिरोमणि संस्था सरायपाली द्वारा डॉ. अखिल जैन जी का भव्य सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेंद्र खोडियार, मदनलाल, संजय अग्रवाल, मनोज जैन, राजकुमारी दीदी, मनोज अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, महावीर अग्रवाल एवं ऋषभ जैन (रायपुर) सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समारोह का समापन गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए “जय गौमाता, जय गोपाल” के जयघोष के साथ किया गया।



