रायपुर/ डी.एड. अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई से बवाल, हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल रायपुर भेजे गए प्रदर्शनकारी
रायपुर | पिछले दो माह से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे डी.एड. अभ्यर्थियों पर बुधवार देर शाम पुलिस बल प्रयोग का मामला सामने आया है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल रायपुर में रखा गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है।
जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए राज्य सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान युवाओं से रोजगार और नियमितीकरण को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब उन्हीं युवाओं की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाया जा रहा है।
प्रधान ने कहा, “भाजपा ने चुनाव के समय युवाओं से कई वादे किए थे। अब जब उन्हें पूरा करने का समय आया है, तो सरकार अभ्यर्थियों को जेल में भर रही है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकार को चाहिए कि वह बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले, न कि बल प्रयोग से आवाज दबाए।”
“रोजगार विरोधी” होने का आरोप
प्रदेश में युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सियासत तेज हो गई है। मोक्ष कुमार प्रधान ने भाजपा सरकार को “रोजगार विरोधी” बताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान व्यापम परीक्षाओं की आवेदन फीस माफ कर अभ्यर्थियों को राहत दी गई थी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को बड़ा लाभ मिला।
उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आते ही शुल्क माफी समाप्त कर दी गई, जिससे बेरोजगार युवाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव से जूझ रहे युवाओं के लिए आवेदन शुल्क जैसी बाधाएं और मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।
प्रधान ने सरकार से डी.एड. अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।



