महासमुंद/पिथौरा। प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का घर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों को क्या पता था कि जिस व्यक्ति पर वे भरोसा कर रहे हैं, वही उनके खाते तक पहुंच बना लेगा। आवास के काम में मदद करने के नाम पर हितग्राहियों से अंगूठे के निशान लिए गए और शिकायत के मुताबिक बाद में उनके खातों से लाखों रुपये निकल गए। मामला ग्राम पंचायत मोहदा का है, जहां 15 हितग्राहियों की कुल ₹6.90 लाख की राशि कथित तौर पर आहरित किए जाने का आरोप लगा है।
मामले की शुरुआत 14 जुलाई 2026 को कलेक्टर जनदर्शन महासमुंद में दी गई शिकायत से हुई। शिकायत पुलिस अधीक्षक के माध्यम से चौकी बुंदेली पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि परस राम पटेल (24), निवासी ग्राम कोटादादर, को जनपद पंचायत पिथौरा के माध्यम से ग्राम पंचायत मोहदा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास मित्र के पद पर रखा गया था। उसका काम हितग्राहियों के आवास निर्माण को पूरा कराने और जियो टैग जैसे कार्यों में सहयोग करना था। बताया गया है कि वह एयरटेल पेमेंट बैंक में ग्रामीण बैंक मित्र के रूप में भी काम करता था।
हितग्राहियों का आरोप है कि आवास योजना से जुड़ी प्रक्रिया के नाम पर आवास मित्र ने उनसे फिंगर मशीन में अंगूठे के निशान लिए। शिकायत के अनुसार, हितग्राहियों को इसकी पूरी जानकारी नहीं थी कि उनके नाम से एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खोले जा रहे हैं। इसके बाद इन्हीं खातों से आवास योजना की राशि निकाले जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में हेमिन बाई पटेल से ₹55 हजार, गणेशु ध्रुव से ₹40 हजार, नूरपति पटेल से ₹55 हजार, लीला बाई पटेल से ₹55 हजार, तारा बाई पटेल से ₹55 हजार, मोहरमति बरिहा से ₹40 हजार, अगहन बाई ओगरे से ₹55 हजार, मुनु राम ओगरे से ₹55 हजार, पुरानीक ध्रुव से ₹55 हजार, उषा बाई ध्रुव से ₹55 हजार, मनटोरिया बाई निषाद, फगनी बाई निषाद और इन्द्रौतिन बाई निषाद से ₹25-25 हजार, मखियार बरिहा से ₹55 हजार तथा बोधनी बाई (मृतक) के नाम से ₹40 हजार की राशि का उल्लेख किया गया है।
पुलिस जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर परस राम पटेल के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला विवेचना में लिया है। अब जांच का अहम हिस्सा यह है कि हितग्राहियों के अंगूठे के निशान किस प्रक्रिया से लिए गए, खाते किस आधार पर खोले गए और ₹6.90 लाख की राशि आखिर किन खातों से और किसने निकाली। बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।



