रायपुर। खान मंत्रालय द्वारा मंगलवार को रायपुर में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 8वीं श्रृंखला को लेकर रोड शो आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के समृद्ध खनिज संसाधनों और देश के खनन एवं औद्योगिक विकास में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने खनिज संसाधनों के त्वरित विकास, अधिक निवेश और केंद्र-राज्य के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से निवेश सुगम बनाने तथा सतत खनिज विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों को भारत के आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने खनिजों की खोज एवं विकास में तेजी लाने तथा उद्योग और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनिज मूल्य श्रृंखला में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना भारत की खनिज सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के मजबूत खनन एवं औद्योगिक आधार का उल्लेख करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश से नए औद्योगिक विकास केंद्र विकसित होंगे, अवसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं नए अवसर पैदा होंगे।
सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने निवेशकों से छत्तीसगढ़ की खनिज क्षमता का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने तेज परिचालन, पारदर्शी खनन प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी आधारित खनिज निगरानी के लिए राज्य की पहलों की जानकारी दी। उन्होंने आदिवासी टिन संग्राहकों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए टिन पोर्टल तथा टिन-युक्त संसाधनों से कोलंबाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज संबंधी पहलों का भी उल्लेख किया। खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने बताया कि नीतिगत सुधारों, पारदर्शी नीलामी और तेज परिचालन से भारत का महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हुआ है। अब तक प्रस्तुत 88 महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों में से 56 की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि नीलामी की 8वीं श्रृंखला में नौ राज्यों में फैले 20 ब्लॉक शामिल हैं। इनमें 17 समग्र लाइसेंस और 3 खनन पट्टा ब्लॉक हैं। इन ब्लॉकों में ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, दुर्लभ धातु, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लॉकोनाइट जैसे खनिज शामिल हैं। इनमें पांच ब्लॉक छत्तीसगढ़ में स्थित हैं। तकनीकी सत्र में एनएमईडीटी के महानिदेशक श्री पंकज गर्ग ने समग्र लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित योजना की जानकारी दी। इसके बाद एमईसीएल के एचओडी (अन्वेषण) श्री श्रीकांत शर्मा ने खनिज ब्लॉकों और उनकी संभावनाओं, एसबीआईसीएपीएस के सहायक उपाध्यक्ष श्री प्रतिन शर्मा ने खनिज नीलामी प्रक्रिया एवं निविदा दस्तावेज तथा एमएसटीसी के सहायक प्रबंधक श्री पुष्कर हजेला ने ई-नीलामी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। रोड शो के दौरान संभावित बोलीदाताओं के साथ संवाद भी हुआ। उनके प्रश्नों का समाधान करते हुए नीलामी प्रक्रिया और अन्य संबंधित पहलुओं पर आवश्यक स्पष्टीकरण दिए गए।



