सीएम हेल्पलाइन की घंटी बजते ही क्यों दूर हो रही लोगों की परेशानी? छोटी शिकायतों के लिए भी 1076 का सहारा क्यों
महासमुंद। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज होने के बाद लोगों की समस्याओं के समाधान के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन इन मामलों के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है—क्या आम लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही नहीं हो सकता? क्या सीएम हेल्पलाइन में फोन करने के बाद ही समस्या का समाधान होना संभव है?
यह सवाल तब और जरूरी हो जाता है, जब कोई आम आदमी अपनी छोटी-सी समस्या का भी निराकरण कराने के लिए परेशान होता रहे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जारी प्रेस विज्ञप्तियों को पढ़ने पर कई बार यह सामने आता है कि संबंधित व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर दफ्तरों के चक्कर काटता रहा, लेकिन समाधान नहीं हुआ। आखिरकार उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर फोन किया और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उसकी समस्या का समाधान हो गया।
यह बात निश्चित रूप से अच्छी है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का निराकरण हो रहा है। लेकिन इसी के साथ यह सवाल भी जरूरी है कि जब शिकायत 1076 तक पहुंचते ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय होकर समस्या का समाधान कर सकते हैं, तो शिकायतकर्ता को पहले ही स्तर पर समाधान क्यों नहीं मिल पाता?
महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम कसलबा निवासी कमलेश प्रधान ने राशन कार्ड से संबंधित समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले में त्वरित कार्रवाई की और उनकी समस्या का निराकरण कर दिया।
समस्या दूर होने के बाद कमलेश प्रधान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समय पर समाधान हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। कमलेश का मामला निश्चित रूप से राहत देने वाला है और यह भी बताता है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम आदमी के लिए किस तरह सहारा बन रही है। लेकिन यह मामला व्यवस्था के दूसरे पहलू पर भी सवाल खड़ा करता है। जब 1076 पर शिकायत पहुंचने के बाद संबंधित विभाग तेजी से कार्रवाई कर समस्या का समाधान कर सकता है, तो क्या ऐसी शिकायतों के लिए नागरिकों को पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचना जरूरी है?
राशन कार्ड जैसी रोजमर्रा से जुड़ी समस्या आम नागरिक के लिए भले ही छोटी दिखाई दे, लेकिन संबंधित व्यक्ति के लिए वह महत्वपूर्ण होती है। ऐसी समस्या के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ही व्यवस्था उपलब्ध होने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यह देखना भी जरूरी है कि हेल्पलाइन पर शिकायत पहुंचने के बाद ही कार्रवाई क्यों तेज होती है और उससे पहले समस्या के समाधान की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।
महाजनपद न्यूज का मुख्यमंत्री से निवेदन महाजनपद न्यूज का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से निवेदन है कि जिन गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी आम व्यक्तियों की छोटी-छोटी परेशानियों का भी निराकरण नहीं कर पा रहे हैं, उन पर भी ध्यान दिया जाए। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त है तथा उसके खिलाफ लिखित शिकायत के बाद भी जांच और कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है, तो ऐसे मामलों को भी मुख्यमंत्री स्तर पर संज्ञान में लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएं। तभी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी योजना की सफलता और अधिक सार्थक होगी। क्योंकि केवल शिकायत का निराकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि आम व्यक्ति को अपनी समस्या लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।
यह कहना भी सही नहीं होगा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से लोगों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। यह वास्तविकता है कि जब से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू हुई है, इसका लाभ आम व्यक्ति जरूर ले रहा है और समस्याओं का निराकरण भी हो रहा है। लोग इस योजना से खुश हैं।
जो लोग अपना काम छोड़कर अपनी समस्याओं के लिए कार्यालय और पंचायत के दफ्तरों के चक्कर लगाते थे, कर्मचारियों और अधिकारियों के सामने अपनी समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाते थे और फिर भी कार्य नहीं होने पर दुखी हो जाते थे, वैसे लोगों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय निश्चित ही एक हीरो की तरह हैं।
लेकिन जिस दिन मुख्यमंत्री स्वयं उन गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के मामलों पर भी संज्ञान लेना शुरू कर देंगे, जो आम लोगों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरत रहे हैं, उस दिन इस व्यवस्था का संदेश और मजबूत होगा। महाजनपद न्यूज की ओर से यह कहना है कि आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अगला चुनाव भाजपा लाएगी और सरकार बनाएगी, ऐसी उम्मीद भी लोग कर सकते हैं—लेकिन इसके लिए शासन की योजनाओं के साथ-साथ जमीनी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी जरूरी है।
सरायपाली, बसना और पिथौरा से उठ रही जवाबदेही की मांग
महासमुंद जिले के सरायपाली, बसना और पिथौरा क्षेत्र के कुछ पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कुछ गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें की गईं, लेकिन कुछ मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इन दावों की पुष्टि संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए।
फिर भी यदि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मामले को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो ऐसे मामलों को मुख्यमंत्री स्तर पर देखे जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाए।
महाजनपद न्यूज को भी मुख्यमंत्री जी की ऐसी कार्रवाई का इंतजार रहेगा, ताकि पूरा छत्तीसगढ़ यह देख सके कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल आम लोगों की समस्याओं का निराकरण ही नहीं करती, बल्कि जो अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करते हैं, उन्हें भी उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने और नियमानुसार कार्रवाई करने का माध्यम बनती है।
सिर्फ शिकायत का समाधान नहीं, जिम्मेदारी भी तय हो
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके निराकरण का माध्यम है। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इसके जरिए अब तक लाखों नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।
कमलेश प्रधान की शिकायत का समाधान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की उपयोगिता को सामने लाता है। लेकिन इसके साथ यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या हेल्पलाइन आम लोगों की अंतिम उम्मीद बनी रहेगी, या स्थानीय स्तर पर ही व्यवस्था इतनी मजबूत होगी कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए नागरिकों को 1076 की घंटी बजाने की जरूरत न पड़े।
क्योंकि असली सफलता सिर्फ यह नहीं कि 1076 पर शिकायत आई और समस्या दूर हो गई। असली सफलता तब होगी, जब आम आदमी की समस्या संबंधित कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझें और उसका समाधान करें।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना करते हुए महाजनपद न्यूज का निवेदन है कि निराकरण के साथ गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर भी संज्ञान और नियमानुसार कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इससे आम आदमी को राहत भी मिलेगी, शासन-प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ेगा और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य भी पूरी तरह सार्थक होगा।
धन्यवाद।



