महासमुंद 16 अप्रैल 2026/ भारत सरकार उर्वरक मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 16 मार्च से 29 मार्च 2026 तक पॉस मशीन से अनियमित रूप से यूरिया उर्वरक वितरण करने पर जिले के 12 कृषि सेवा केन्द्रों के लाइसेंस 21 दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया है। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया उक्त कृषि सेवा केन्द्रों के द्वारा उर्वरक वितरण में अनियमितता की गई थी। अनियमित यूरिया वितरण करने वाले कृषि केन्द्रां कृषि सेवा केन्द्र बंसुला, पवन देवांगन कृषि केन्द्र भीमखोज, सिन्हा कृषि केन्द्र खम्हरिया, श्री हरि कृषि केन्द्र बागबाहरा, श्री गणेश कृषि केन्द्र बागबाहरा, महेश ट्रेडिंग कम्पनी बसना, रितेश पटेल कृषि सेवा केन्द्र बरेकेल, रोशन अग्रवाल भंवरपुर, सिंधु कृषि सेवा केन्द्र बंसुला, शिव ट्रेडर्स बसना, सम्लेश्वरी कृषि सेवा केन्द्र परसकोल और शंकर टेक्सटाईल भंवरपुर का लाइसेंस 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने कृषकों से अपील किया है कि पॉस मशीन से अगूठा लगाकर ही उर्वरक का विक्रय करें।
मौसमी बीमारियों पर अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश, सतर्क रहें नागरिक महासमुंद 16 अप्रैल 2026/ ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु को देखते हुए जिले में डायरिया, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि मौसमी बदलाव के दौरान जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए जिले में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है तथा वहां लगातार निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स, एंटीमलेरियल सहित आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दवाओं की आपूर्ति के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनीकरण, कुएं में ब्लीचिंग पाउडर डालने तथा खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पीएचई विभाग से समन्वय स्थापित किया गया है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल गुणवत्ता की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी प्रकार का संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
संक्रामक रोगों के प्रकोप की स्थिति में सैंपल जांच हेतु स्टेट रेफरल लेबोरेटरी में परीक्षण की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं तथा 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करने की अपील की गई है। वहीं बच्चों में दस्त रोग के प्रबंधन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित बच्चों को लो ऑस्मोलर ओ.आर.एस. के साथ लगातार 14 दिनों तक जिंक डिस्पर्सिबल गोलियां दी जाए, जिससे रोग की गंभीरता को कम किया जा सके और बच्चों के स्वास्थ्य की शीघ्र सुधार सुनिश्चित हो।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ पानी का उपयोग करें, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें, सड़ी-गली वस्तुओं का सेवन न करें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
21 से 24 वर्ष के शिक्षित युवाओं के लिए इंटर्नशिप का सुनहरा अवसर
महासमुंद 16 अप्रैल 2026/ पीएम इंटर्नशिप स्कीम 2026 भारत सरकार द्वारा देश के युवाओं को शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने वाली एक सशुल्क इंटर्नशिप योजना है। इसके तहत 21-24 वर्ष के पात्र युवाओं को हर महीने 9,000 का स्टाइपेंड, 6,000 की एकमुश्त सहायता और बीमा कवरेज मिलता है।
इंटर्नशिप स्कीम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल-आधारित वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान करना है। जिसकी अवधि 1 महीने से लेकर 6 महीने या उससे अधिक की हो सकती है। इसके लिए पात्रता भारतीय नागरिक होना चाहिए। 21-24 वर्ष के युवा जो हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी, आईटीआई, या बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए आदि डिग्री धारक होना चाहिए। पारिवारिक वार्षिक आय 8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। फुल-टाइम एम्प्लॉयड न हों। इस योजना के तहत पात्र युवाओं को हर महीने 9,000 रुपए (500 रुपए सरकार द्वारा $ कंपनी द्वारा), 6,000 की एकमुश्त सहायता राशि और इंटर्न का बीमा कवरेज (जीवन और दुर्घटना) प्रदान किया जाता है।
इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एक उम्मीदवार अधिकतम 3 कंपनियों में आवेदन कर सकता है। इस योजना में कुल 1 लाख युवाओं को अवसर देने का लक्ष्य है। यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो कॉर्पोरेट जगत में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं। इंटर्नशिप एक सीमित समय के लिए किसी कंपनी या संस्थान में की जाने वाली ट्रेनिंग है, जहाँ आप पढ़ाई के बाद व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं। इसमें आमतौर पर प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स पर काम करना, कंपनी के नियमों को सीखना, और सहकर्मियों के साथ नेटवर्किंग करना शामिल होता है, ताकि आप असली कार्यस्थल के माहौल को समझ सकें। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कौशल विकास विभाग से सम्पर्क किया जा सकता है।



