पिथौरा में गूंजी ‘मन की बात’: वरिष्ठ भाजपा नेत्री उषा पटेल के निवास पर कार्यकर्ताओं ने सुना पीएम मोदी का 134वां एपिसोड

पिथौरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 134वां एपिसोड रविवार को पिथौरा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक रूप से सुना गया। वरिष्ठ भाजपा नेत्री उषा पटेल के निवास पर भाजपा के सैकड़ा भर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की मन की बात ध्यान से सुनी।

श्रोता भाजपा नेताओं ने बताया कि प्रधान मंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देश में खेलों और खिलाडिय़ों की बढ़ती उपलब्धियों से की। उन्होंने झारखंड के रांची में आयोजित राष्ट्रीय वरिष्ठ एथलेटिक्स प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

कार्यक्रम के बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन गया है। प्रधानमंत्री द्वारा खिलाडिय़ों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन देने से युवाओं को आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से वर्तमान मे पड़ रही भीषण गर्मी से बचने के उपाय बताते हुए देश के अलग-अलग राज्यों फलों के राजा आम से बनने वाले पेय का विस्तृत वर्णन किया।

मन की बात सुनने वालों में मुख्यत: भाजपा के वरिष्ठ नेता शंकर अग्रवाल (सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला प्रभारी) आशीष शर्मा मंडल अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद नगर पंचायत उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी प्रीत राम सूर्या जिला सह कोषाध्यक्ष,वेद प्रकाश गोयल व्यापारी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नरेश सिंघल पुर्व मंडल अध्यक्ष शशी डडसेना वरिष्ठ भाजपा नेता उषा पटेल (पूर्व जिला पंचायत) जतीन ठक्कर मंडल महामंत्री दुर्गेश सिन्हा प्रदेश कार्य समिति सदस्य युवा मोर्चा रैदास गोयल वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश पटेल श्रीमती  राजकुंवर सिंन्हा पार्षद  वर्षा सोनी अंजली पांडे कुलदीप अग्रवाल प्रदेश कार्य समिति सदस्य व्यापार प्रकोष्ठ जीवन तांडी जिला महामंत्री अल्प संख्यक मोर्चा संतोष डड़सेना (पार्षद), भाजपा अजजा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ पार्षद मन्नूलाल ठाकुर, जिला कार्य समिति सदस्य एवं सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा, महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं पार्षद राम कुंवर मुन्ना सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि पुष्पराज गजेंद्र, मंडल कोषाध्यक्ष राजेश चौधरी, टीकाराम देवांगन, पार्षद प्रेमरंजन रौतिया, किशोर पटेल, लीलाधर तारक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

‘सुशासन तिहार समाधान शिविर’ की तैयारी: पालिकाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने ली बैठक, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश

महासमुंद। सुशासन तिहार समाधान शिविर के आयोजन को लेकर पालिकाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में शिविर की रूपरेखा, विभागीय दायित्वों एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान पालिकाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासकीय आयोजन पूर्णत: प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की राजनीतिक भावना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ निष्पक्ष रूप से आमजन तक पहुंचाना ही प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए।

पालिकाध्यक्ष ने यह भी कहा कि नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सुशासन समाधान शिविर के आयोजन की वार्डवार सूचना समस्त पार्षदों एंव सभापतियो को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। ताकि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके एंव आमजन तक शिविर की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना होगा।

बैठक में शिविर स्थल पर पेयजल, साफ.सफाई, विद्युत व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, शिकायत पंजीयन काउंटर एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समय.सीमा में पूर्ण करते हुए शिविर में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पालिकाध्यक्ष ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण करना है, इसलिए सभी विभाग गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

बैठक में प्रमुख रूप से डिप्टी कलेक्टर एंव मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोज कुमार खांडे,उप अभियंता हेमंत पिस्दा, राजस्व प्रभारी दिलीप चन्द्राकर, स्थापना प्रभारी करण कुमार यादव, जल प्रभारी दुर्गेश कुंजेकार, स्वच्छ भारत मिशन के नौशाद बक्श, वाहन प्रभारी सुरेश तिवारी, राशनकार्ड प्रभारी जितेंद्र मोहंती आदि उपस्थित रहे।

पिथौरा में गरमाई सियासत: कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने जिलाधीश कार्यालय में की शिकायत, धान उठाव में गड़बड़ी का लगाया आरोप

पिथौरा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंकित बागबाहरा ने जिला प्रशासन और वर्तमान सरकार पर धान खरीदी और उसके उठाव की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी समितियों को अनियमितताएं छुपाने का अवसर देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर रवि साहू को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है।

अंकित ने बताया कि बागबाहरा विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र संभर में 6,075 कट्टा (लगभग 2,430 क्विंटल) धान की कमी पाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में तत्काल विस्तृत जांच और एफआईआर दर्ज कराने के बजाय संबंधितों को धान जमा करने की अतिरिक्त मोहलत दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को रकबा समर्पण, टोकन और भौतिक सत्यापन के नाम पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस नेता ने इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह जताते हुए प्रशासन के समक्ष तीन बिंदु रखे हैं-  क्या यह धान बिना वास्तविक खरीदी के ही फर्जी नामों से कागजों पर खरीद कर भुगतान कर दिया गया था?  क्या कुल 2,430 क्विंटल धान की इतनी बड़ी गड़बड़ी को कोई खरीदी प्रभारी अकेले अंजाम दे सकता है या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं?  शासन द्वारा 3,100 की दर से खरीदी करने के आधार पर इस 2,430 क्विंटल धान की कुल राशि लगभग 75 लाख होती है। अब यदि इसकी पूर्ति 1,600 की दर से (मात्र 38 लाख में) कराई जा रही है, तो शेष साढ़े 36 लाख रुपये के अंतर का लाभ किन लोगों में बंटने वाला है?

 तत्काल एफआईआर की मांग

अंकित बागबाहरा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने मामले की सूक्ष्म जांच कर इसमें शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कामयाबी: बसना में चेकिंग के दौरान बोलेरो से 16.52 लाख का गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

महासमुंद। बसना पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो वाहन से 33.050 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 16 लाख 52 हजार 500 रुपए आंकी गई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ  नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार 29 मई को बसना पुलिस पदमपुर रोड स्थित पलसापाली बैरियर पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से आ रही सिल्वर रंग की बोलेरो क्रमांक ओआर 13 एच 4140 को पुलिस ने रुकने का संकेत दिया। पुलिस को देखकर वाहन में सवार दोनों युवक घबरा गए और गाड़ी मोडक़र वापस भागने का प्रयास करने लगे।

उनकी हरकतों से संदेह गहराने पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम डमरूधर डडसेना तथा धीरज कहार दोनों निवासी ओडिशा बताया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने वाहन में बिक्री के उद्देश्य से गांजा परिवहन करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी ली। जांच के दौरान बोलेरो में रखी एक सफेद प्लास्टिक बोरी से गांजा बरामद हुआ। तौल करने पर बोरी सहित मादक पदार्थ का कुल वजन 33.050 किलोग्राम पाया गया। बरामद गांजे की बाजार कीमत 16 लाख 52 हजार 500 रुपए आंकी गई है।

महासमुंद ब्रेकिंग: धान गबन मामले में एक और बड़ी कार्रवाई; नरसैयापल्लम केंद्र प्रभारी पर गिरी गाज, 1 करोड़ से ज्यादा का घोटाला

महासमुंद। महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्रों में वित्तीय अनियमितताओं की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। इससे पहले ही बम्हनी धान खरीदी केंद्र में करोड़ों रुपए के धान घोटाले के खुलासे के बाद प्रभारी को जेल भेजा गया है। अब नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में भी 1 करोड़ 12 लाख 92 हजार 420 रुपए के धान गबन का बड़ा मामला सामने आया है।  इसमें भी प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

विभागीय जानकारी अनुसार यहां सरकारी अभिलेखों में दर्ज हजारों क्विंटल धान भौतिक सत्यापन के दौरान गायब मिला है। जिसके बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा पिरदा के प्रबंधक उसत प्रधान की शिकायत पर बसना पुलिस ने केंद्र प्रभारी महेन्द्र प्रधान के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

जानकारी के अनुसार उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं महासमुंद के निर्देश तथा कलेक्टर महासमुंद के आदेश पर गठित विशेष जांच दल ने 16 मई को नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र का आकस्मिक भौतिक सत्यापन किया था। केंद्र में पुराने खाली बारदानों की संख्या अभिलेखों की तुलना में 1 हजार 468 अधिक पाई गई। ये बारदाने अव्यवस्थित स्थिति में रखे हुए थे।

विशेष जांच दल ने पूरे मामले के लिए केंद्र प्रभारी महेन्द्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया है। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि धान खरीदी नीति 2025-26 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए शासन एवं सहकारी संस्था को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर बसना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 316-5 के तहत आपराधिक विश्वासघात एवं गबन का अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है।

जांच दल में पिथौरा तहसीलदार मोहित कुमार अमिला, खाद्य निरीक्षक दिव्यांशु देवांगन, पिरदा शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान तथा संग्रहण केंद्र के कर्मचारी शामिल थे। जांच प्रतिवेदन के अनुसार केंद्र में कुल 34 हजार 364 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी, जिसमें से 29 हजार 838.08 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका था। अभिलेखों के मुताबिक केंद्र में 4 हजार 525.92 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। इसमें 25.60 क्विंटल सरना धान तथा 4 हजार 500.32 क्विंटल मोटा धान दर्ज था

जब जांच दल ने मौके पर रखे धान का भौतिक सत्यापन किया तो सरना धान की मात्रा रिकॉर्ड के अनुरूप मिली। लेकिन मोटा धान मात्र 857.60 क्विंटल ही पाया गया। इस प्रकार 3 हजार 642.72 क्विंटल मोटा धान अर्थात 9 हजार 107 कट्टे धान मौके से गायब मिले। रिकॉर्ड और वास्तविक स भंडारण में इतना बड़ा अंतर सामने आने के बाद जांच दल ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना।

जांच में गायब पाए गए धान की कुल कीमत 1 करोड़ 12 लाख 92 हजार 420 रुपए आंकी गई है, इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 86 लाख 29 हजार 603 रुपए 68 पैसे तथा कृषक उन्नति योजना की 26 लाख 62 हजार 828 रुपए 32 पैसे 92 हजार 432 रुपये के धान गबन की बड़ी राशि शामिल है। धान घोटाले के आरोप में केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

ड्राइवर की लापरवाही ने ली जान: पटेवा में शासकीय अस्पताल के पास बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से महिला की मौके पर ही मौत

महासमुंद। पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत शासकीय अस्पताल के पास शनिवार को ड्राइवर की लापरवाही से दर्दनाक हादसा हो गया। बिना ड्राइवर के ढलान पर सरकते ट्रक की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर और आसपास अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार ग्राम बनपचरी निवासी लक्ष्मी बाई ध्रुव अपनी बीमार बेटी के लिए पटेवा थाना के पास स्थित एक होटल से नाश्ता लेकर अस्पताल लौट रही थीं। इसी दौरान सडक़ किनारे खड़े ट्रक सीजी 04 जेडी 4097, का चालक संतोष ठाकुर वाहन को चालू हालत में छोडक़र नीचे पानी पीने उतर गया।

ढलान होने के कारण चालक विहीन ट्रक अचानक आगे बढऩे लगा और सीधे लक्ष्मी बाई को अपनी चपेट में ले लिया। भारी वाहन के पहियों के नीचे कुचलने से महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। अस्पताल में भर्ती बेटी अपनी मां का इंतजार करती रही। लेकिन उसे यह जानकारी नहीं थी।

महासमुंद: ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, नागपुर से संचालित नेटवर्क का खुलासा; सरगना समेत 3 गिरफ्तार

महासमुंद: ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, नागपुर से संचालित नेटवर्क का खुलासा; सरगना समेत 3 गिरफ्तार

Mahajanpadnews.com | महासमुंद | 31 मई 2026

महासमुंद जिले के थाना सांकरा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए IPL क्रिकेट मैचों में दांव लगाकर सट्टा संचालित करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय स्तर के दो आरोपियों सहित नागपुर (महाराष्ट्र) से नेटवर्क संचालित करने वाले कथित सरगना को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी में नरेश निषाद की दुकान में IPL मैच के दौरान रुपये-पैसे का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद थाना सांकरा पुलिस ने रेड कार्रवाई की।

जांच के दौरान आरोपी नरेश निषाद और मनोहर मांझी के मोबाइल फोन की जांच की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे से संपर्क कर IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाते थे तथा हार-जीत की रकम स्थानीय माध्यमों और PhonePe के जरिए प्राप्त की जाती थी।

पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टे से जुड़े चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट और PhonePe के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिलने की बात सामने आई है। जप्त मोबाइलों में iPhone, Vivo और Oppo जैसे फोन शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकता। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल भुगतान के डेटा की जांच में कई संदिग्ध नंबर तथा स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। नागपुर से जुड़े इस नेटवर्क के स्थानीय स्तर पर कई अन्य खाईवालों से संबंध होने की आशंका जताई जा रही है।

सांकरा पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों तक पहुंचने की संभावना है।

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की है।

गिरफ्तार आरोपी

नरेश निषाद (40 वर्ष), निवासी भगतदेवरी

मनोहर मांझी (38 वर्ष), निवासी नवागांव टुकड़ा सांकरा

मधुसूदन ठाकरे (40 वर्ष), निवासी जैताला, नागपुर महाराष्ट्र (कथित संचालक)

जप्त सामग्री

01 लैपटॉप

10 मोबाइल फोन

नगदी 1500 रुपये

Mahajanpadnews.com

पुलिस हवलदार की मौत : बाइक-ट्रक की हुई जोरदार भिड़ंत! चपेट में आने से पुलिस जवान की मौके पर मौत

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां बाइक सवार हवलदार ट्रक की चपेट में आ गया। इस घटना में हवलदार दयासागर भोई की मौत हो गई और ट्रक चालक वाहन के साथ फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है। यह घटना सांकरा थाना क्षेत्र में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान दयासागर भोई के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ पुलिस में हवलदार पद पर पदस्थ थे और वर्तमान में थाना बागबाहरा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। रविवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच वो किसी काम से बल्दिडिह से सांकरा की ओर जा रहे थे, इसी दौरान बल्दीडीह स्थित जोंक नदी के पास उनकी बाइक विपरीत दिशा से आ रही ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

सांकरा थाने के थानेदार उत्तम तिवारी ने बताया की हादसे की सूचना मिलते ही सांकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के पिथौरा भेजा है, जहां पंचनामा तैयार कर पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और ट्रक चालक के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

ईधर घटना की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। साथी पुलिसकर्मियों और परिचितों ने दयासागर भोई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

40 से ज्यादा लड़कियां, झूठी मोहब्बत और ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल…

बस्तर संभाग से ब्लैकमेलिंग और डिजिटल फ्रॉड का एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अमान वीरानी (25) नाम के आरोपी ने दोस्ती और शादी का झांसा देकर करीब 43 लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। आरोपी लड़कियों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था और मोटी रकम वसूलता था। जुलाई 2025 में एक केंद्रीय सरकारी अधिकारी की शिकायत पर कोंडागांव पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस और साइबर टीम द्वारा जब्त किए गए आरोपी के मोबाइल से जो खुलासे हुए, वे हैरान करने वाले हैं। गैलरी में 40 से अधिक लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले और कांटेक्ट लिस्ट में दर्ज 43 लड़कियों के नंबरों की जांच करने पर पता चला कि इनमें 20 नाबालिग, 10 शादीशुदा और 8 ऐसी युवतियां थीं जिनकी शादी होने वाली थी। इस मामले में अब तक तीन पीड़िताओं (एक अधिकारी, एक कॉलेज छात्रा और एक नवविवाहिता) की शिकायत पर कुल 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।  इस मामले की पहली पीड़िता, जो एक सरकारी अधिकारी है, ने बताया कि आरोपी ने कार्यालय में जान-पहचान बढ़ाई और धोखे से फोटो-वीडियो बनाकर 30 हजार रुपए ऐंठ लिए। विरोध करने पर मारपीट की और फोन तोड़ दिया। पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर एफआईआर तो कराई, लेकिन डर और भारी दबाव के कारण उसे छत्तीसगढ़ से ट्रांसफर लेना पड़ा। दूसरी पीड़िता एक नवविवाहिता है, जो आरोपी के साथ पहले काम करती थी। शादी के बाद आरोपी ने उसके पति को वीडियो भेजने और रिश्ता तुड़वाने की धमकी दी, जिसके बाद उसके पति ने एफआईआर दर्ज कराई।  लापरवाही और ढीला रवैया सामने आया है। गिरफ्तारी के 10 महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट साइबर लैब (नवा रायपुर) से नहीं आ पाई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर केस की जांच ‘साइबर क्राइम’ के नजरिए से की ही नहीं गई। वर्तमान में आरोपी अमान वीरानी जमानत पर बाहर घूम रहा है। पीड़िता का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी उस पर केस वापस लेने का लगातार दबाव बना रहा है। हाल ही में पीड़िता का एक एक्सीडेंट भी हुआ, जिसके पीछे उसने आरोपी का हाथ होने की आशंका जताई है। पीड़िता ने बिस्तर पर होने के कारण पुलिस को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी, लेकिन पुलिस ने दोबारा बयान दर्ज करने तक की जहमत नहीं उठाई। यही नहीं, जमानत पर आने के बाद आरोपी ने पीड़िता के इंस्टाग्राम का आईडी-पासवर्ड इस्तेमाल कर अन्य पीड़िताओं को केस रफा-दफा करने के लिए मैसेज भी भेजे, जिसकी शिकायत पर भी कोई ठोस एक्शन नहीं हुआ। साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के अनुसार, ऐसे मामलों में ‘पैटर्न ऑफ क्राइम’ को समझना बेहद जरूरी है। इसमें बैंक ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया चैट, ब्राउज़र हिस्ट्री और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच होनी चाहिए, जो इस केस में अब तक अधूरी है। “प्रकरण मेरी जॉइनिंग के पहले का है, लेकिन बेहद संवेदनशील है। मैं साइबर लैब इंचार्ज से बात करके जल्द से जल्द मोबाइल की जांच रिपोर्ट मंगवाता हूं। पीड़िताओं की शिकायतों को मैं स्वयं देखूंगा।”— पंकज चंद्रा, एसपी, कोंडागांव इस मामले में 10 महीने बाद भी मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट न आना और साइबर एंगल से जांच न होना पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। आरोपी जमानत पर छूटकर पीड़िताओं को डरा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए इस संवेदनशील केस में त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

अंतर्राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रायगढ़। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आह्वान पर 31 मई अंतर्राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग रायगढ़ द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डे केयर सेंटर सियान गुड़ी जतन केन्द्र परिसर से निकाली गई जागरूकता रैली के माध्यम से आमजन, बालक-बालिकाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को तंबाकू एवं धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी देते हुए लोगों से धूम्रपान एवं अन्य नशे की आदतों से दूर रहने का आह्वान किया। वक्ताओं ने बताया कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों सहित अनेक असाध्य रोगों का प्रमुख कारण है। साथ ही यह भी बताया गया कि धूम्रपान का दुष्प्रभाव केवल सेवन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालता है। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उपस्थित नागरिकों को तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई। युवाओं को विशेष रूप से तंबाकू उत्पादों के भ्रामक एवं आकर्षक प्रचार-प्रसार से सतर्क रहने तथा अपने परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। समाज कल्याण विभाग ने सभी नागरिकों से धूम्रपान एवं तंबाकू उत्पादों का सेवन त्यागकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम का समापन ’तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें-स्वस्थ रहें, खुशहाल रहें’ के संदेश के साथ किया गया।