छोटे और सीमांत किसानों को 3000 रुपये की पेंशन देने का है प्रावधान

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के आज सात वर्ष पूरे हो गए हैं। छोटे और सीमांत किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना वर्ष 2019 में आज ही के दिन शुरू की गई थी।

 

योजना के अंतर्गत छोटे और सीमांत किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने कम से कम 3000 रुपये की पेंशन सुनिश्चित की गई है। इस पेंशन योजना का उद्देश्य किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक स्थिरता और सम्मान के साथ जीवन जीने में सहायता देना है, ताकि उनका जीवन अधिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण हो।

पिछले सात वर्षों में पीएम किसान मानधन योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरी है। इससे किसानों को अपने भविष्य की बेहतर आर्थिक योजना बनाने में मदद मिल रही है और उनका वित्तीय आत्मविश्वास बढ़ा है।

सरायपाली के अंर्तला गांव से 24 वर्षीय विवाहिता लापता, पुलिस ने दर्ज किया गुम इंसान

सरायपाली। ग्राम अंर्तला निवासी 24 वर्षीय विवाहिता पूजा प्रधान के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों द्वारा आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश किए जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। मामले में थाना सरायपाली पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 81/2026 दर्ज कर जांच एवं पतासाजी शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को सूचना दी गई कि पूजा प्रधान, पति विभूति प्रधान, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम अंर्तला, थाना सरायपाली, 11 सितंबर की रात करीब 1 बजे से 2 बजे के बीच घर से बिना बताए कहीं चली गईं। इसके बाद परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

पुलिस को दी गई सूचना के अनुसार लापता महिला का हुलिया रंग गोरा, चेहरा लंबा, कद करीब 5 फीट 1 इंच, काले बाल और सामान्य शरीर बताया गया है। वह घटना के समय हरे रंग की साड़ी पहने हुए थी। महिला ने कक्षा 12वीं तक पढ़ाई की है तथा ओड़िया, हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा बोलती है।

सूचना मिलने पर थाना सरायपाली पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 81/2026 कायम कर जांच-पड़ताल एवं पतासाजी शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों सहित संभावित स्थानों पर महिला की तलाश की जा रही है। कायमी की सूचना डीसीबी शाखा महासमुंद को भी भेजी गई है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट में उल्लेखित धारा 140(3) बीएनएस 2023 की प्रयोज्यता विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं साक्षियों के अधीन रहेगी।

सिंघोड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कंटेनर से 120.060 किलो गांजा जब्त, गुजरात के दो आरोपी गिरफ्तार

  1. महासमुंद। सिंघोड़ा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 120.060 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गांजे को 4 प्लास्टिक बोरियों में पैक कुल 112 पैकेटों में बरामद किया। जब्त गांजे की कीमत 60 लाख 3 हजार रुपये बताई गई है। गांजा परिवहन में प्रयुक्त कंटेनर वाहन, दो मोबाइल फोन सहित कुल 70 लाख 8 हजार 500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। मामले में गुजरात के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मुखबिर की सूचना पर NH-53 में घेराबंदी

पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को शाम करीब 4:40 बजे थाना सिंघोड़ा की टीम अपराध एवं संदिग्ध गतिविधियों की पतासाजी के लिए ग्राम घाटकछार, मुरमुरी की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक कंटेनर वाहन में अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा है।

सूचना से एसडीओपी सरायपाली को मोबाइल के माध्यम से अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस टीम विवेचना किट, सील-चपड़ा और नारकोटिक ड्रग्स डिटेक्शन किट के साथ NH-53 रोड स्थित रेहटीखोल चौक पहुंची। पुलिस ने वहां ओडिशा की ओर से आ रहे परसराम नवरंग और राजेश स्वाई को गवाह बनाया तथा धारा 179 BNSS के तहत नोटिस देकर कार्रवाई में सहयोग के लिए उपस्थित कराया।

कुछ समय बाद मुखबिर के बताए अनुसार हरे-पीले रंग का कंटेनर वाहन क्रमांक GJ06AV4815 वहां पहुंचा। पुलिस और गवाहों की मदद से वाहन को रोककर जांच की गई।

वाहन में सवार मिले दो व्यक्ति

वाहन में दो व्यक्ति सवार थे। पूछताछ में चालक ने अपना नाम वसीम शाह पिता सबीर शाह, उम्र 38 वर्ष, निवासी अमीरपुरा, नडियाद, थाना नडियाद, जिला खेड़ा, गुजरात बताया। वहीं दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम अय्यूब खान पिता मेहताब खान, उम्र 56 वर्ष, निवासी बोरसद सकरिया मोहल्ला, थाना बोरसद, जिला आनंद, गुजरात बताया।

संदेह होने पर पूछताछ करने पर दोनों ने वाहन के पीछे डाला में गांजा होना बताया। पुलिस के अनुसार उन्होंने गांजे को संबलपुर, ओडिशा से गुजरात ले जाना बताया।

चार बोरियों में मिला 112 पैकेट गांजा

एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों संदेहियों को धारा 50 एनडीपीएस एक्ट का नोटिस देकर तलाशी संबंधी कार्रवाई की गई। इसके बाद कंटेनर वाहन की तलाशी लेने पर पीछे डाला में खाकी रंग के टेप से पैक किए गए नमीयुक्त मादक पदार्थ गांजा से भरी चार प्लास्टिक बोरियां मिलीं।

पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स डिटेक्शन किट से परीक्षण करने पर पदार्थ गांजा पाया गया। इसके बाद मौके पर तौलकर्ता सचिन पाणीग्रही, निवासी सिंघोड़ा को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं 500 ग्राम का बाट लेकर बुलाया गया। तराजू और बाट का भौतिक सत्यापन करने के बाद गवाहों के समक्ष गांजे का वजन कराया गया।

बोरीवार बरामदगी इस प्रकार है—

  1. बोरी क्रमांक 01: 30 पैकेट, कुल वजन 32 किलोग्राम, कीमत 16 लाख रुपये।
  2. बोरी क्रमांक 02: 30 पैकेट, कुल वजन 32.400 किलोग्राम, कीमत 16 लाख 20 हजार रुपये।
  3. बोरी क्रमांक 03: 30 पैकेट, कुल वजन 32.170 किलोग्राम, कीमत 16 लाख 8 हजार 500 रुपये।
  4. बोरी क्रमांक 04: 22 पैकेट, कुल वजन 23.490 किलोग्राम, कीमत 11 लाख 74 हजार 500 रुपये।

इस प्रकार कुल 112 पैकेटों में 120.060 किलोग्राम गांजा, जिसकी कुल कीमत 60,03,000 रुपये आंकी गई।

कंटेनर और मोबाइल भी जब्त

पुलिस ने आरोपियों के संयुक्त कब्जे से हरे-पीले रंग का कंटेनर वाहन क्रमांक GJ06AV4815 जब्त किया। वाहन का इंजन नंबर 475IDT14LUZPE3251 और चेचिस नंबर 607144LUZPD8872 बताया गया है। वाहन की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है तथा उसका आरसी कार्ड वसीम शाह के नाम पर बताया गया।

इसके अलावा वसीम शाह के कब्जे से रेडमी कंपनी का स्मार्ट मोबाइल फोन कीमत 5 हजार रुपये तथा अय्यूब खान के कब्जे से KXD कंपनी का की-पैड मोबाइल कीमत 500 रुपये जब्त किया गया।

इस प्रकार गांजा, कंटेनर वाहन और मोबाइल सहित कुल 70,08,500 रुपये की संपत्ति पुलिस ने जब्त की।

वीडियो और फोटोग्राफी से कार्रवाई दर्ज

पुलिस के अनुसार गवाहों को दिए गए नोटिस, आरोपियों की तलाशी, बरामदगी, तराजू-बाट के भौतिक सत्यापन, तौल पंचनामा तथा गांजे की जब्ती की कार्रवाई की विधिवत वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी की गई। कार्रवाई को ई-साक्ष्य एप्लीकेशन के माध्यम से भी दर्ज किया गया।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दोनों गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों का कृत्य धारा 20(B)(ii)(C) नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध पाए जाने पर उन्हें धारा 52(1) एनडीपीएस एक्ट की नोटिस देकर गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराया गया। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को वसीम शाह को शाम 5:10 बजे तथा अय्यूब खान को शाम 5:20 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना उनके परिजनों को मोबाइल के माध्यम से दी गई।

सिंघोड़ा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत संपूर्ण कार्रवाई पूरी कर देहाती नालसी क्रमांक 0/2026, धारा 20(B)(ii)(C) नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक राकेश दिव्य सहित थाना सिंघोड़ा के पुलिस स्टाफ की भूमिका रही।

तेंदुकोना खेडीगांव से 21 वर्षीय विवाहिता ज्योति सेन एक माह से लापता, धारा 140(3) BNS में अपराध दर्ज

तेंदुकोना खेडीगांव से 21 वर्षीय विवाहिता ज्योति सेन एक माह से लापता, धारा 140(3) BNS में अपराध दर्ज

12 अगस्त को दोपहर घर से बिना बताए निकली थी महिला, परिजनों ने ससुराल और आसपास तलाश की, नहीं मिला सुराग

महासमुंद/तेन्दूकोना, 12 सितंबर 2026।

चौकी बुंदेली क्षेत्र के ग्राम खेडीगांव से 21 वर्षीय विवाहिता के करीब एक माह से लापता होने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने धारा 140(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। लापता महिला की पहचान ज्योति सेन, पति चैतराम सेन, उम्र 21 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 05 खेडीगांव, चौकी बुंदेली, थाना तेन्दूकोना, जिला महासमुंद के रूप में हुई है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूचनाकर्ता चैतराम सेन पिता स्व. शत्रुघन सेन, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 05 खेडीगांव, जो सेलून दुकान एवं किसानी का कार्य करता है, ने चौकी बुंदेली में उपस्थित होकर मौखिक सूचना दी कि उसकी पत्नी ज्योति सेन दिनांक 12 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12 से 13 बजे के बीच घर से बिना बताए कहीं चली गई है।

महिला के लापता होने के बाद परिजनों द्वारा उसकी तलाश की गई। परिवार की सलाह लेने तथा ससुराल और आसपास तलाश करने के बाद भी महिला के नहीं मिलने के कारण 11 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार, सूचनाकर्ता को महिला के लापता होने की परिस्थितियों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। साथ ही उसके द्वारा किसी व्यक्ति के विरुद्ध दोषपूर्ण परिरोध अथवा किसी अन्य प्रकार का आरोप या संदेह व्यक्त नहीं किया गया है।

पहले दर्ज किया गया था गुम इंसान क्रमांक 33/2026

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ज्योति सेन के लापता होने की सूचना पर पहले गुम इंसान क्रमांक 33/2026 दर्ज कर जांच में लिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि महिला 12 अगस्त को दोपहर करीब 12 से 13 बजे घर से बिना बताए चली गई थी।

पुलिस ने धारा 140(3) BNS में दर्ज किया अपराध

पुलिस के प्रथम सूचना विवरण के अनुसार, लापता व्यक्ति का ठिकाना एवं सुरक्षा अज्ञात होने के कारण उसे किसी अज्ञात व्यक्ति अथवा व्यक्तियों द्वारा ले जाकर किसी अज्ञात स्थान पर रखे जाने की संभावना से इस स्तर पर इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर मामले की तत्काल विवेचना आवश्यक मानते हुए धारा 140(3) BNS 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुलिस ने यह भी उल्लेख किया है कि उक्त धारा की प्रयोज्यता विवेचना में प्राप्त तथ्यों एवं साक्षियों के अधीन रहेगी। यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा G. Ganesh Vs. State of Tamil Nadu मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है।

यह है लापता महिला का हुलिया

पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज विवरण के अनुसार ज्योति सेन का चेहरा गोल, रंग गोरा, कद करीब 5 फीट, बाल काले हैं। महिला ने कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की है तथा वह हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा बोलती है।

11 सितंबर 2026 को चौकी बुंदेली में सूचना प्राप्त होने के बाद देहाती नालसी को नम्बरी हेतु पेश किया गया और अपराध क्रमांक 00/2026, धारा 140(3) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की प्रति माननीय न्यायालय JMFC पिथौरा, जिला महासमुंद को सूचनार्थ भेजी गई है। प्रकरण की विवेचना चौकी बुंदेली पुलिस द्वारा की जा रही है।

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक : राज्यपाल डेका

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक : राज्यपाल डेका

आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया तकनीक के सदुपयोग का संदेश

19 विद्यार्थियों को गोल्ड और 16 को सिल्वर मेडल, 504 विद्यार्थियों को मिली उपाधिया

रायपुर, 12 सितंबर 2026।

आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल प्रदान किए गए। वहीं स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।

तकनीक का सदुपयोग करें, दुष्प्रभावों से बचें

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी इंटरनेट के युग में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि उनके समय में शिक्षा चाक, पेंसिल, पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त होती थी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज आवश्यक तकनीक है, लेकिन इसका उपयोग मानव समाज के हित में आवश्यक सीमा तक ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करना चाहिए और इसके दुष्प्रभावों से स्वयं को बचाना चाहिए।

राज्यपाल ने न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक को दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियां बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। सतत विकास को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।

पढ़ाई और लक्ष्य पर केंद्रित रहें विद्यार्थी

श्री डेका ने विद्यार्थियों को भगवद्गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं। अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ज्ञान ऐसी संपत्ति है जिसे कोई उनसे छीन नहीं सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।

जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से बढ़ें आगे

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है ताकि उसका उपयोग मानव समाज के हित में किया जा सके। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने स्वागत भाषण दिया तथा विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित रहे।

गरियाबंद : ‘आशीर्वाद का दीया’ से जगमगाएगा भूतेश्वरनाथ धाम

 गरियाबंद : ‘आशीर्वाद का दीया’ से जगमगाएगा भूतेश्वरनाथ धाम

17 सितंबर को शाम 7 बजे होगा वृहद दीप प्रज्ज्वलन, कलेक्टर रणबीर शर्मा ने तैयारियों का लिया जायजा

गरियाबंद, 12 सितंबर 2026।
सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भूतेश्वरनाथ धाम में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत वृहद दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। आयोजन को भव्य और गरिमापूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इसी सिलसिले में कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने शनिवार को जिला अधिकारियों के साथ भूतेश्वरनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन के लिए उपयुक्त स्थान, श्रद्धालुओं की सुविधा, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम से पहले मंदिर परिसर की व्यापक साफ-सफाई कराते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर

कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि भूतेश्वरनाथ धाम जिले का प्रमुख धार्मिक एवं आस्था का केंद्र है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए आवागमन, प्रकाश, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, कार्यक्रम स्थल को सुव्यवस्थित करने तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए।

शाम 7 बजे प्रज्ज्वलित होंगे दीप

सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसी क्रम में भूतेश्वरनाथ मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

आयोजन को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बताया गया है। कलेक्टर ने अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और कार्यक्रम की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी श्री वेदव्रत सिरमौर, डीएफओ श्री मयंक पांडे, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, श्री नवीन भगत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-NIBSM के कार्यों की सराहना

रायपुर : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-NIBSM के कार्यों की सराहना

रायपुर, 12 सितंबर 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान ICAR-NIBSM, रायपुर के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर संस्थान के अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों और प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि विभाग के साथ समन्वय से किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।

डॉ. राय ने बताया कि संस्थान फसलों में कीट-व्याधियों, रोगों और अन्य जैविक तनावों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अनुसंधान कर रहा है। साथ ही फसल उत्पादकता बढ़ाने, कृषि को अधिक प्रतिरोधक बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए सतत एवं किसानोन्मुख तकनीकों के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कृषि अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास में ICAR-NIBSM के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित यह संस्थान कृषि क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। श्री चौहान ने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों, नवाचारों एवं किसान-केंद्रित पहलों का अवलोकन करने के लिए निकट भविष्य में ICAR-NIBSM का दौरा करने की इच्छा भी व्यक्त की।

उन्होंने उभरती कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। यह मुलाकात केंद्र एवं राज्य सरकार तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच कृषि अनुसंधान को मजबूत करने, फसल तनावों के प्रभावी प्रबंधन और किसानों के कल्याण के साझा संकल्प को दर्शाती है।

बसना/ पत्नी से छेड़छाड़ का बदला बना हत्या की वजह सबूत को अस्पताल के सामने ही गड्ढे में दफनाया शराब पार्टी के बाद हुआ विवाद, पुलिस ने किया खुलासा

महासमुंद/बसना। चौकी भंवरपुर क्षेत्र में हुई परदेशी यादव की मौत की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ फोरेंसिक जांच कराई और पूछताछ के आधार पर मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर खून लगे कपड़े और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

10 सितंबर 2026 को सूचक द्वारा चौकी भंवरपुर, थाना बसना में उपस्थित होकर अस्पताल मेमो प्रस्तुत किया गया था। मेमो में बताया गया कि ग्राम बड़े साजापाली में भानूप्रताप लहरे पिता बुद्धेश्वर लहरे, उम्र 37 वर्ष, निवासी कुदरीपारा बांकी मोंगरा, थाना बांकी मोंगरा, जिला कोरबा तथा मनोहर कोसरिया पिता स्व. देवेन्द्र कोसरिया, उम्र 37 वर्ष, निवासी बड़े साजापाली, चौकी भंवरपुर, थाना बसना, एक व्यक्ति को मोटरसाइकिल से अस्पताल लेकर पहुंचे थे। व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान परदेशी यादव के रूप में हुई। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने रिपोर्ट में मृत्यु के संबंध में हत्या की आशंका जताते हुए मामले को पुलिस जांच का विषय बताया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी भंवरपुर पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कराया। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया और आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू की। तफ्तीश के दौरान पता चला कि घटना से ठीक पहले तीनों व्यक्ति शराब का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान मृतक परदेशी यादव द्वारा आरोपी मनोहर कोसरिया की पत्नी के साथ छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। इससे आक्रोशित होकर मनोहर कोसरिया ने परदेशी यादव के साथ हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की। गंभीर चोट लगने से परदेशी जमीन पर गिर गया। इसके बाद मनोहर ने दोबारा गुस्से में उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे शरीर में चोटें आईं और वह अचेत हो गया। इसके बाद मनोहर कोसरिया और भानूप्रताप लहरे द्वारा परदेशी यादव को मोटरसाइकिल के बीच में बैठाकर अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर तलब कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान भानूप्रताप लहरे और मनोहर कोसरिया ने मृतक परदेशी यादव के साथ मारपीट करना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि घटना के दौरान उनके कपड़ों में खून लग गया था। पुलिस द्वारा कपड़े बरामद कर लिए जाने की आशंका के चलते उन्होंने खून लगे कपड़ों को शासकीय अस्पताल भंवरपुर के सामने स्थित गड्ढे में छिपा दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने गवाहों की उपस्थिति में मौके से दोनों आरोपियों के खून लगे कपड़े बरामद किए। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी वजह सबूत जब्त किया गया।

दोनों आरोपियों द्वारा अपराध घटित करना स्वीकार किए जाने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 492/2026, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध कायम किया। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी:
01. भानूप्रताप लहरे, पिता बुद्धेश्वर लहरे, उम्र 37 वर्ष, निवासी कुदरीपारा बांकी मोंगरा, थाना बांकी मोंगरा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़)।
02. मनोहर कोसरिया, पिता स्व. देवेन्द्र कोसरिया, उम्र 37 वर्ष, निवासी बड़े साजापाली, चौकी भंवरपुर, थाना बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)।

CG सरायपाली/पिथौरा/ मां के नाम हुई जमीन, फिर सरायपाली के अधिकारी-रिश्तेदारों के नाम? कोटवारी सेवा भूमि को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत

महासमुंद/ सेवा भूमि पहले मां के नाम, फिर अधिकारी-रिश्तेदारों के नाम? कलेक्टर जनदर्शन पहुंची शिकायत सरायपाली वन विभाग के उप वन मंडलाधिकारी उदेराम बसंत से जुड़ा मामला, शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों के साथ जांच की मांग की

 

महासमुंद/सरायपाली। शासकीय सेवा भूमि से जुड़ा एक मामला अब कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता जय कुमार सारथी ने सरायपाली वन परिक्षेत्र के उप वन मंडलाधिकारी उदेराम बसंत को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित भूमि के दस्तावेजों के साथ प्रशासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की है। मामला पिथौरा तहसील के ग्राम रामपुर से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, रामपुर उदेराम बसंत का पैतृक गांव है। शिकायत में भूमि के रिकॉर्ड और उसके नामांतरण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अब प्रशासन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की जाती है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।

शिकायतकर्ता जय कुमार सारथी ने मीडिया टीम को बताया कि उदेराम बसंत ने वन विभाग में कर्मचारी के रूप में सेवा शुरू की और बाद में पदोन्नति पाते हुए उप वन मंडलाधिकारी के पद तक पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शासकीय सेवा के दौरान उनके पद और प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। इसी के साथ उन्होंने अधिकारी की चल-अचल संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 19(1) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। हालांकि यह फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम रामपुर में मौजूद एक भूमि शासकीय सेवा भूमि है, जिसे स्थानीय स्तर पर ग्राम नौकर या कटवारी भूमि के नाम से जाना जाता है। आरोप है कि इस भूमि को कथित तौर पर पहले उदेराम बसंत की मां के नाम पर दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि कुछ वर्षों बाद भूमि के रिकॉर्ड में उदेराम बसंत, उनके रिश्तेदारों और अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हो गए। इसी दावे को लेकर शिकायतकर्ता ने प्रशासन से भूमि के पुराने और वर्तमान रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की वास्तविक प्रकृति क्या दर्ज है और नामांतरण किस आधार पर किया गया। इन सवालों का जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

शिकायतकर्ता ने इस मामले में एक अहम सवाल भी उठाया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों द्वारा वन अथवा शासकीय भूमि पर कब्जे की शिकायत मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाती है और जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में यदि किसी सरकारी अधिकारी से जुड़ी भूमि के रिकॉर्ड को लेकर शिकायत सामने आती है तो क्या उस मामले में भी उसी तरह निष्पक्ष जांच होगी? शिकायतकर्ता ने इसी सवाल के साथ कलेक्टर जनदर्शन में अपनी शिकायत प्रस्तुत की है। फिलहाल मामला शिकायतकर्ता के आरोपों और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर सामने आया है। प्रशासनिक जांच होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और भूमि रिकॉर्ड में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत हुआ।

इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण भूमिका राजस्व रिकॉर्ड और प्रशासनिक जांच की होगी। जांच के दौरान भूमि का पुराना रिकॉर्ड, वर्तमान रिकॉर्ड, नामांतरण की प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेज और भूमि की वास्तविक प्रकृति सामने आ सकती है। यदि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कोई गंभीर विसंगति पाई जाती है तो संबंधित विभागों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। वहीं यदि रिकॉर्ड और प्रक्रिया नियमों के अनुरूप पाई जाती है तो शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल बिना जांच किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत पहुंचने के बाद अब नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

समाचार तैयार किए जाने तक उप वन मंडलाधिकारी उदेराम बसंत का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने यह भी संकेत दिया है कि सरायपाली वन परिक्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेज आगामी रिपोर्ट में सामने रखे जाएंगे। ऐसे में इस शिकायत के बाद मामले की अगली कड़ी प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों के जवाब पर निर्भर करेगी। अब देखना होगा कि कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और जांच होने की स्थिति में सेवा भूमि से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

सरायपाली थाना के सामने मेडिकल दुकान के बाहर खड़ी एक्टिवा चोरी, अज्ञात चोर ले गया सफेद स्कूटर

सरायपाली थाना के सामने मेडिकल दुकान के बाहर खड़ी एक्टिवा चोरी, अज्ञात चोर ले गया सफेद स्कूटर

सरायपाली। थाना सरायपाली के सामने स्थित मेडिकल दुकान के बाहर खड़ी एक सफेद रंग की होंडा एक्टिवा चोरी होने का मामला सामने आया है। वाहन मालिक सेवाशंकर अग्रवाल, निवासी वार्ड क्रमांक 06, सरायपाली ने मामले की शिकायत थाना सरायपाली में दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार सेवाशंकर अग्रवाल की मेडिकल दुकान एवं घर थाना सरायपाली के सामने स्थित है। उन्होंने अपनी होंडा एक्टिवा क्रमांक CG06GQ2326, जिसकी कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई गई है, को अपनी दुकान के सामने खड़ा किया था। इसके बाद वे घर चले गए।

आवेदन के मुताबिक 9 सितंबर 2026 की रात करीब 1:40 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के सामने खड़ी एक्टिवा को चोरी कर लिया। सुबह उठकर वाहन देखने पर एक्टिवा मौके पर नहीं मिली। इसके बाद आसपास तलाश की गई, लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चल सका।

वाहन मालिक ने पुलिस से चोरी हुई एक्टिवा की तलाश करने और अज्ञात आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

शिकायत आवेदन के आधार पर थाना सरायपाली में धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। चोरी हुए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर CG06GQ2326, रंग सफेद और वाहन मालिक का नाम सेवाशंकर अग्रवाल दर्ज है।

फिलहाल चोरी की घटना को लेकर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अज्ञात आरोपी और चोरी हुए वाहन का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।