बीजापुर। सीएम साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आज बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में पेड़ की छांव तले चौपाल लगाकर ग्रामीणजनों से आत्मीय संवाद किया तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभाव के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान यह जानकर संतोष हुआ कि कभी नक्सल प्रभावित रहा यह क्षेत्र आज विकास, विश्वास और सुशासन की नई पहचान के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों, माताओं-बहनों, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंच रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। हमारा संकल्प है – विकास की रोशनी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और हर जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे। आगे उन्होंने कहा, जहां कभी नक्सलवाद का अंधियारा था, वहां आज सुशासन का उजियारा पहुंच रहा ह
छत्तीसगढ़: एक वर्ष पूर्व हुए ब्लाइंड मर्डर का हुआ खुलासा, पत्नी ने अपने प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने पति को करंट देकर की थी हत्या
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक वर्ष पूर्व हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलासा हुआ है, अवैध संबंध का खुलासा होने पर पत्नी ने अपने प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने पति को करंट देकर उसकी हत्या की थी,मामले में पुलिस ने सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बालोद जिले के दल्लीराजहरा के रहने वाले युवक मुकेश विश्वास की शादी 18 साल पहले बांदे क्षेत्र की सरस्वती से हुई थी, शादी के चंद दिनों बाद ही अपने ससुराल दल्ली राजहरा में पड़ोस में रहने वाले युवक इन्द्रजीत विश्वास से उसकी जान पहचान के बाद नजदीकिया बढ़नी शुरू हो गई थी।
दोनों के बीच सालों से चल रहे इस प्रेम प्रसंग का पता महिला के पति को नहीं चल पाया था, लेकिन लंबे समय के बाद जब दोनों साथ में घूमने गए तब इसकी जानकारी मुकेश को मिल गई और दोनों के बीच विवाद होने लगा, इस बीच महिला अपने बच्चों के साथ अपने मायके बांदे आ गई थी, 25 मई 2025 को मुकेश विश्वास अपनी पत्नी को तलाक देने की बात कहकर दिल्ली राजहरा से बांदे आने निकला था, लेकिन महिला को डर था कि तलाक के बाद उसकी संपत्ति से हाथ धोना पड़ेगा इसलिए उसमें अपने प्रेमी इंद्रजीत और बांदे के उसके दो साथियों के साथ मिलकर मुकेश की हत्या का प्लान बनाया और मुकेश जब बांदे पहुंचा तो मामले का हल निकालने का बहाना बनाकर बातचीत के बहाने उसे गांव में नजदीक खेत में ले जाकर धोखे से अत्यधिक शराब का सेवन करवा दिया
जब मुकेश नशे में अचेत हो गया तो उसके हाथ पैर बांधे और बिजली के तार उसके हाथ में लपेट कर बोर के लिए लगाए गए बिजली बोर्ड से करंट देकर उसकी हत्या कर दी, आरोपियों में शव को घटना स्थल से कुछ देर में फेंककर इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तो जिस जगह मुकेश की लाश मिली थी वहां किसी तरह का बिजली कनेक्शन नहीं पाया गया जिससे पुलिस को शक हुआ और इसके साथ ही मृतक की पत्नी का सामान्य व्यवहार भी पुलिस के मन में लगातार शंका पैदा कर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो सारे मामले का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने घटना में शामिल मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास, इंद्रजीत विश्वास, सुरेन्द्र बछाड़ और रंजीत सरकार को हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि कई पहलुओं पर जांच और बारीकी से घटना स्थल का निरीक्षण करने पर मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ था जिसके बाद पुलिस ने जांच प्रारंभ की थी, मामले में सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, आरोपी महिला का प्रेमी घटना स्थल पर मौजूद नहीं था लेकिन घटना के षड्यंत्र में शामिल था और घटना के दिन लगातार महिला के संपर्क में था।
CG NEWS: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किए 24 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
रायगढ़। रायगढ़ विधायक और छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को रायगढ़ जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। वित्त मंत्री ओ पी चौधरी गोतमा-कोतासुरा मार्ग का 3 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से लोकार्पण किया, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम होगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी। लोकार्पण अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं।
बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होती है, व्यापार एवं कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके बाद ग्राम पंचायत मिडमिडा में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हाई स्कूल पहुंच मार्ग का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही सीसी सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। मंत्री ने कहा कि इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
वहीं ग्राम पंचायत कोड़ातराई में वित्त मंत्री ने 19 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके अलावा महतारी सदन निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा यात्री प्रतीक्षालय एवं सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों को विभिन्न आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
CG – पिथौरा चिरायु दल की सराहनीय पहल 7 माह के मासूम के हृदय का मुंबई में हुआ निःशुल्क ऑपरेशन
पिथौरा/ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) अंतर्गत कार्यरत चिरायु दल पिथौरा ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए 7 माह के मासूम राजकुमार साहू के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चे के हृदय में गंभीर जन्मजात बीमारी होने के कारण उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी तथा जान का खतरा बना हुआ था।
राजकुमार साहू, पिता गोवर्धन साहू एवं माता दीपा साहू निवासी खपराखोल ठाकुरदिया पिथौरा का स्वास्थ्य परीक्षण चिरायु दल द्वारा किया गया। जांच के दौरान चिरायु दल के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र प्रजापति ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उसे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बिशाल को दिखाया। विशेषज्ञ परामर्श में बच्चे को गंभीर हृदय रोग से पीड़ित पाया गया।
रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि इतनी कम उम्र में बच्चे का उपचार स्थानीय स्तर पर अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसके बाद चिरायु दल के प्रभारी डॉ. वीरेन्द्र प्रजापति ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार अनुपम शर्मा तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा अग्रवाल के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूर्ण कर बच्चे को उच्च स्तरीय उपचार हेतु मुंबई रेफर कराया।
मुंबई स्थित SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चे के हृदय की सफल सर्जरी की गई। उपचार पूर्णतः निःशुल्क रहा। सफल ऑपरेशन के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ और वर्तमान में बच्चा पूर्णतः स्वस्थ है।
हाल ही में चिरायु दल पिथौरा की टीम ने बच्चे के घर पहुंचकर उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र प्रजापति, डॉ. तनुजा चंद्राकर, फार्मासिस्ट लेखरंजन पटेल, एएनएम राजकुमारी बंजारे एवं लैब टेक्नीशियन बेनुराम सिन्हा उपस्थित रहे।
घर पर बच्चे के नाना दुकालू साहू, परनाना भगतराम साहू सहित परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। परिजनों ने चिरायु दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता और मार्गदर्शन के कारण उनके बच्चे को नया जीवन मिला है।
चिरायु दल की यह पहल न केवल स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि समय पर पहचान, उचित परामर्श और त्वरित रेफरल से गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है।
उक्त जानकारी विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री जयकांत विश्वकर्मा द्वारा प्रदान की गई।
सरायपाली –छत्तीसगढ़ आर टी ओ चेकपोस्ट में नियम विपरीत लगेज परिवहन करने वाली बसों पर कार्यवाही
सरायपाली//परिवहन चेकपोस्ट खम्हारपाली में छत्तीसगढ़ से ओड़िसा तथा झारखंड चलने वाली अखिल भारतीय पर्यटक परमिट तथा अन्य बसों की जांच की जा रही है| जाँच में बहुत सी बसें आवश्यकता से अधिक लगेज भरकर परिवहन कर रहीं हैं,ऐसी बसों की लगातार जाँच की जा रही है और कार्यवाही की जा रही है, मई माह में 15 बसों पर अधिक लगेज तथा अन्य बसों पर कार्यवाही कर 2 लाख शमन शुल्क वसूल किया गया।आगे अधिक सामान परिवहन नही करने की चेतावनी दी जा रही है,
यात्रियों की सुरक्षा एवं यातायात नियमों से लोगो को जागरूक करने लगातार अभियान चलाया जा रहा है,चेकपोस्ट में व्यावसायिक व भारी वाहनों के लगातार तेज गति से आवाजाही से चेकपोस्ट के दोनों गेट पर पूर्व में नियमित दुर्घटनाये घटित होती थी जिससे बहुत से लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, उक्त समस्या को कम करने के लिए वाहनों की गति नियंत्रित करने चेकपोस्ट के दोनों गेट पर मुख्य मार्ग में बैरिकेट्स लगाया गया है जिसकी वजह से वाहनों की गति नियंत्रित हुई है और इसका परिणाम पिछले आठ माह में चेकपोस्ट में कोई भी दुर्घटना घटित नही हुआ है।
आसपास के लोगो को ट्रैफिक से मुक्त रखने मोटरसाइकिल तथा निजी चारपहिया वाहनों को चेकपोस्ट में नही ले जाकर बाहर से ही बाईपास किया जा रहा है जिससे यातायात का दबाव कम हुआ है और जाम की समस्या के राहत मिली है,।भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों और चालको के पीने के लिए वाटर कूलर और मटके की व्यवस्था की गई है ,विगत वित्तीय वर्ष में चेकपोस्ट में शासन द्वारा निर्धारित राजस्व म किया बसों तथा अन्य वाहनोंपर कार्यवाही निरंतर जारी है।
बलौदाबाजार के स्वच्छता कर्मियों को मिलेगा नया आशियाना: 70 साल पुराने जर्जर आवासों की जगह बनेंगे नए मकान, ₹117.14 लाख स्वीकृत
बलौदाबाजार। नगर पालिका परिषद क्षेत्र अंतर्गत लगभग 70 वर्ष पुराने और जर्जर हो चुके स्वच्छता कर्मियों के आवासों के स्थान पर अब नए और सर्वसुविधायुक्त मकानों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा कुल 117.14 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय के बाद नगर पालिका प्रशासन ने निर्माण कार्य शुरू करने के लिए निविदा (टेंडर) की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी कर ली है।
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, रायपुर से प्राप्त स्वीकृति के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में निम्नलिखित निर्माण कार्य कराए जाएंगे- वार्ड क्रमांक 11 एवं 12 के मध्य 10 नए आवासों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी स्वीकृत लागत 60.25 लाख रुपये है। वार्ड क्रमांक 16 (नयापारा) में 12 नए आवास बनाए जाएंगे, जिसकी स्वीकृत लागत 56.89 लाख रुपये है।
संयुक्त निरीक्षण के बाद मिली मंजूरी
नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन के अनुसार, सफाई कामगारों के वर्षों पुराने और जीर्ण-शीर्ण हो चुके मकानों की स्थिति को देखते हुए एक कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसके पूर्व, कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक टंकराम वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने संयुक्त रूप से दोनों स्वीपर कॉलोनियों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया था। इस मांग को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा के प्रयासों से इस परियोजना को तत्काल प्रशासनिक स्वीकृति दिलाई गई।
सफाई कर्मियों को मिलेगी राहत
नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने बताया कि नगर पालिका के सफाई विभाग में कार्यरत कर्मचारी लंबे समय से इन पुराने मकानों में रहने को मजबूर थे। समय-समय पर मरम्मत कार्य तो कराया जाता था, लेकिन स्थाई समाधान के लिए नए आवासों का निर्माण अत्यंत आवश्यक था। अब निविदा की औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं और जल्द ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और वार्डवासियों ने जताया आभार
इस महत्वपूर्ण कार्य की स्वीकृति और राशि प्रदाय किए जाने पर नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष जितेंद्र माहले, सभापति हरजीत सिंह सलूजा, जितेंद्र डड़सेना, कन्हैया सेन, प्रिया शशिभूषण शुक्ला, मनोज कान्त पुरैना, आदित्य गुप्ता सहित पार्षद अंजनी गोविंद पात्रे, अमितेष नेताम, रेखा पोषण पटेल, श्रद्धा मनीष वर्मा, रोहित साहू, लोकेश चेलक, सतीश पटेल, सुरेश घृतलहरे, गौतम सिंह चौहान, चन्द्र शेखर गुप्ता, डिगेश्वरी रविंद्र नामदेव, मंजू फेकर, सलमान शेख और ममता सुभाष राव ने कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा एवं नगर पालिका अध्यक्ष के प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। वहीं, स्वीपर कॉलोनी के निवासियों ने भी इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त किया है।
बलौदाबाजार ब्रेकिंग: जिला प्रशासन ने नियमों के विरुद्ध संचालित क्लीनिक को किया सील, क्लीनिक संचालकों में मची अफरा-तफरी
बलौदाबाजार। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा नियमों के विरुद्ध संचालित निजी क्लीनिकों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में शनिवार को रिसदा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक क्लीनिक को सील कर दिया, जबकि दूसरे क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी कर संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी क्लीनिक बिना वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त टीम ने रिसदा क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवदीप बांधे और तहसीलदार निवेश कोरेटी के नेतृत्व में टीम ने दो संस्थानों पर वैधानिक कार्रवाई की।
जांच टीम सबसे पहले ऋषभ क्लीनिक पहुंची। दस्तावेजों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्लीनिक के पास संचालन के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस मौजूद नहीं था, इसके बावजूद वहाँ मरीजों का उपचार किया जा रहा था।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और तत्काल प्रभाव से क्लीनिक को सील कर दिया।
इसके बाद संयुक्त टीम ने कबीर क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान निम्नलिखित कमियां पाई गईं- निरीक्षण के समय क्लीनिक के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपूर्ण पाए गए। जांच के समय मौके पर कोई अधिकृत चिकित्सक मौजूद नहीं था।
टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार करते हुए क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नर्सिंग होम एक्ट के तहत नियमानुसार पंजीकरण प्राप्त किए बिना क्लीनिक का संचालन नहीं किया जा सकता। संचालक को सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कर विधिवत पंजीयन कराने के बाद ही पुन: संचालन शुरू करने की समझाइश दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नियमों की अनदेखी पर सख्त रुख अपनाया जाएगा। जिले भर में संचालित निजी क्लीनिकों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों की जांच का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत रिसदा के सरपंच गंगाराम साहू सहित स्थानीय फील्ड स्टाफ और राजस्व व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
बलौदाबाजार पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी का शिकार हुई ग्रामीण महिला को वापस मिले ₹1 लाख, पुलिस ने दिखाई मुस्तैदी
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला अंतर्गत पलारी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई एक ग्रामीण महिला को पुलिस और साइबर सेल के प्रयासों से उनकी पूरी राशि वापस मिल गई है। पीडि़ता द्वारा समय रहते दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित तकनीकी कार्रवाई करते हुए 1 लाख की राशि को होल्ड कराया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि वापस दिलाई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सिसदेवरी निवासी लता बाई फेकर ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हो गई थीं। अज्ञात ठगों ने डिजिटल माध्यम से उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। ठगी का अहसास होते ही पीडि़ता ने तत्परता दिखाते हुए 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत प्राप्त होते ही बलौदाबाजार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस की साइबर टीम ने संबंधित बैंक और वित्तीय एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित कर तकनीकी स्तर पर ट्रांजैक्शन (लेनदेन) को ट्रैक किया। पुलिस की सक्रियता के चलते ठगों द्वारा निकाली गई राशि को आगे ट्रांसफर होने से पहले ही संबंधित खाते में होल्ड (फ्रीज) करवा दिया गया था।
आवश्यक वैधानिक और बैंकिंग प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, 29 मई को थाना पलारी में पीडि़ता को 1 लाख की राशि वापस हस्तांतरित की गई। राशि वापस मिलने पर पीडि़ता ने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली के प्रति आभार व्यक्त किया।
एएसपी ने दी गोल्डन टाइम में शिकायत करने की सलाह
इस मामले की सफलता पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से सजग रहने की अपील की है।
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे (गोल्डन टाइम) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीडि़त तुरंत शिकायत करता है, तो खातों को फ्रीज कर रकम को आगे जाने से रोका जा सकता है।
