मानसून में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

महासमुं- आगामी मानसून को देखते हुए कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव द्वारा जिले के समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को मौसमी बीमारियों एवं संभावित आपदाओं से बचाव तथा राहत व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही आमजनों से वर्षा ऋतु के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राव ने बताया कि वर्षा ऋतु में उल्टी-दस्त, मलेरिया, पीलिया तथा अन्य संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। समय पर रोकथाम एवं उपचार नहीं मिलने पर ये बीमारियां गंभीर और जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। उन्होंनेे बताया कि दस्त की स्थिति में व्यक्ति को बार-बार शौच जाना पड़ता है तथा मल ढीला और तरल हो जाता है। सामान्यतः दस्त दो से तीन दिनों तक रहते हैं, लेकिन यदि तीन दिनों से अधिक समय तक बने रहें या मरीज की स्थिति बिगड़ने लगे तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। इसके लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र से निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है अथवा निकटतम अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि दस्त के प्रमुख कारणों में वायरस एवं बैक्टीरिया जनित संक्रमण, दूषित भोजन एवं पानी का सेवन, अस्वच्छता तथा अधपके भोजन का सेवन शामिल हैं। इससे बचाव के लिए खाने-पीने की वस्तुओं और पानी को ढंककर रखने, ताजा भोजन करने, बासी एवं सड़े-गले फलों से परहेज करने तथा भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की सलाह दी गई है। पेयजल को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर उपयोग करने पर भी जोर दिया गया है। दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए ओआरएस घोल का सेवन करते रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा नारियल पानी, नमकीन लस्सी, नींबू की शिकंजी, चावल का मांड, हल्की चाय और दाल का पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन लाभकारी बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें, ताकि गंभीर स्थितियों से बचा जा सके।

महासमुंद : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल

सुशासन तिहार में ग्रामीणों की मांग पर की गई थी घोषणा

केवल 10 दिवस के भीतर मुक्तिधाम निर्माण कार्य को मिली स्वीकृति

महासमुंद, 3 जून 2026 सुशासन तिहार के दौरान आमजन की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित निराकरण की दिशा में जिला प्रशासन महासमुंद लगातार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बागबाहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणा को मात्र 10 दिवस के भीतर पूरा कर प्रशासन ने सुशासन और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
विगत 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद पहुंचे थे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में मुक्तिधाम निर्माण की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री  साय ने तत्काल मुक्तिधाम निर्माण कार्य की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कलेक्टर  विनय लंगेह ने घोषणा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  हेमंत नंदनवार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत मुक्तिधाम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
मुख्यमंत्री की घोषणा के मात्र 10 दिवस के भीतर स्वीकृति जारी होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त जनसमस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु लगातार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे शासन की योजनाओं और घोषणाओं का लाभ सीधे आमजन तक समय पर पहुंच सके।

मनरेगा निर्माण स्थल पर आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत…

मनेंद्रगढ़। एमसीबी जिले के वनांचल ब्लॉक भरतपुर की ग्राम पंचायत चरखर में मंगलवार दोपहर मनरेगा चेक डेम निर्माण स्थल पर अचानक आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत चरखर में मनरेगा (वीबी-जी राम जी) के तहत बोल्डर चेक डेम का निर्माण चल रहा था। इस परियोजना में दर्जनभर से अधिक मजदूर कार्यरत थे। मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बचाव के लिए मजदूर पेड़ों के नीचे शरण लेने गए, इसी दौरान आकाशीय बिजली गिर गई।  से सुभद्रा पति संदीप सिंह, कलावती पति विजय बहादुर सिंह, लक्ष्मी पति अशोक सिंह, मायवती पति रामनारायण सिंह, रामबाई पति उमेश सिंह और सुशीला पत्नी गेंदालाल सिंह बेहोश हो गईं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जनकपुर लाया गया। जहां डॉक्टरों ने सुशीला पत्नी गेंदालाल सिंह को मृत घोषित कर दिया। अन्य पांच महिलाओं का इलाज गंभीर अवस्था में जारी है। मौके पर घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक गुलाब कमरो सीएचसी पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों की जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।  अनुसार, यह घटना क्षेत्र में भारी सदमा लेकर आई है। ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। अधिकारियों ने भी घायलों के बेहतर उपचार के लिए तुरंत कदम उठाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का ध्यान रखने का निर्देश दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने मजदूरों और ग्रामीणों को मौसम संबंधी चेतावनी देने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। यह घटना मनरेगा परियोजनाओं में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। मौसम परिवर्तन और आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक घटनाओं से निपटने के लिए तत्काल सतर्कता और आपात प्रतिक्रिया की जरूरत है।

दोस्तों को रील बनाने कहा और पुल से नदी में कूदा युवक, मौत…

रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र स्थित अंबेटिकरा पुल पर एक युवक के नदी में कूदने के बाद लापता होने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि युवक अपने साथियों के साथ वीडियो बना रहा था, इसी दौरान उसने पुल से नदी में छलांग लगा दी। पानी में कूदने के बाद वह दोबारा ऊपर नहीं आया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक अपने दो दोस्तों के साथ अंबेटिकरा पुल पर पहुंचा था। इसी दौरान वीडियो शूट करने के उद्देश्य से उसने नदी में छलांग लगा दी। हालांकि छलांग लगाने के बाद युवक पानी से बाहर नहीं निकल पाया, जिससे उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई। लापता युवक की पहचान जयसिंह अघरिया के रूप में हुई है। वह छाल थाना क्षेत्र के ग्राम हाटी का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी। घटना के समय जयसिंह के साथ मौजूद उसके साथी पिंटू निषाद और हीरालाल से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस घटना के पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

सुकमा में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही

सुकमा. तोंगपाल क्षेत्र में आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है. आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के कारण पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई. सबसे ज्यादा नुकसान सीआरपीएफ की 227वीं बटालियन के मुख्यालय को हुआ है. कई विशाल पेड़ उखड़कर भवनों और कार्यालय परिसरों पर गिर गए. सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने के साथ संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं. झीरम घाटी, कोमाकोलेंग और अन्य समवाय भी तूफान की चपेट में आए. घटना के बाद प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया राहत और पुनर्स्थापना कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है. कर्मचारी और जवान क्षतिग्रस्त परिसरों को सामान्य बनाने में जुटे हैं. तूफान ने एक बार फिर मानसून पूर्व मौसम की चुनौती सामने रख दी है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली और संचार सेवाओं को बहाल करने का प्रयास जारी है. फिलहाल पूरे क्षेत्र में नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

बड़ी कार्रवाई: 5 महीनों में 8090 लीटर अवैध शराब जब्त, 540 आरोपी गिरफ्तार….

महासमुंद। जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में महासमुंद पुलिस ने पिछले 5 महीनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8090 लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त की है। इस दौरान 640 प्रकरण दर्ज किए गए और 540 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) और 34(2) के तहत कुल 466 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में प्रति प्रकरण औसतन 18 लीटर शराब की जब्ती दर्ज की गई, जो प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है। कुल जब्त शराब में महुआ शराब 6610 लीटर, देशी शराब 1191 लीटर और अंग्रेजी शराब 289 लीटर शामिल है। थाना स्तर पर कार्रवाई में सराईपाली थाना सबसे आगे रहा, जहां 2000 लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त की गई। इसके अलावा बसना, सांकरा, पिथौरा, पटेवा, महासमुंद, बागबाहरा, सिंघोड़ा, कोमाखान, खल्लारी, बलौदा, तेन्दूकोना और तुमगांव क्षेत्रों में भी लगातार कार्रवाई की गई है। महासमुंद पुलिस ने बताया कि इस अभियान के तहत 100 लीटर से अधिक के 7 प्रकरण, 50 से 100 लीटर के 15 प्रकरण, 20 से 50 लीटर के 101 प्रकरण और 20 लीटर से कम के 343 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।  महीनेवार आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 108 प्रकरण, फरवरी में 128, मार्च में 118, अप्रैल में 116 और मई में अब तक 122 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों में कुल 726 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष कार्रवाई में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 5440 लीटर, वर्ष 2025 में 1330 लीटर और वर्ष 2026 के पहले 5 महीनों में 8090 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। अभियान में ‘संवाद हेल्प डेस्क’ व्हाट्सएप नंबर 9479229939 की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसके माध्यम से मिली गुप्त सूचनाओं पर लगातार कार्रवाई की गई। इस पोर्टल के जरिए जुआ, सट्टा, अवैध शराब, गैस सिलेंडर कालाबाजारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई हुई है। , गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार इसके अलावा 28 ढाबों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई, जिनमें से 12 मामलों में बाउंड-ओवर की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में यह अभियान सफल रहा है। ओडिशा सीमा से लगे क्षेत्रों में सख्त निगरानी और लगातार छापेमारी के चलते अंतरराज्यीय शराब तस्करी पर भी प्रभावी रोक लगी है। पुलिस की इस कार्रवाई से माफियाओं को आर्थिक नुकसान हुआ है और कई अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है। महासमुंद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना हेल्पलाइन नंबर पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

महासमुंद/नवीन समिति प्रबंधकों को पॉस मशीन का किया गया वितरण वैकल्पिक खाद के उपयोग एवं फायदे की दी जानकारी

महासमुंद/नवीन समिति प्रबंधकों को पॉस मशीन का किया गया वितरण वैकल्पिक खाद के उपयोग एवं फायदे की दी जानकारी

महासमुंद/ इफको सहकारी संस्था के द्वारा 29 नवीन सेवा सहकारी समितियों को पॉस मशीन वितरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उप संचालक कृषि महासमुंद कार्यालय में किया गया। जिसमें उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप, जिला सहकारी बैंक मर्या. रायपुर शाखा महासमुंद से नोडल श्री अविनाश शर्मा एवं इफको महासमुंद के क्षेत्रीय अधिकारी श्री साजिद रजा उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान सभी समिति प्रबंधकों को पॉस मशीन वितरण किया गया एवं पॉस मशीन के उपयोग की जानकारी तथा प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही बढ़ती खाद संकट को ध्यान में रखते हुए रासायनिक खाद के अलावा वैकल्पिक खाद जैसे हरी खाद, नील हरित शैवाल एवं नैनो उर्वरक के बारे में जानकारी दी ताकि किसानों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके। इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री साजिद रजा ने नैनो उर्वेरको के उपयोग की सही विधि एवं उससे होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बताया।

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप के द्वारा समिति प्रबंधकों को समझाइश दी गई कि जब खाद की बोरी किसान को दी जा रही हो उसी समय पॉस मशीन में किसान का अंगूठा लगाकर मशीन से भी खाद की संख्या को घटाएं एवं गोदाम में वास्तविक खाद की मात्रा एवं पॉस में खाद की मात्रा हमेशा मिलान कर के रखें।

महासमुंद/समय सीमा बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश: बिजली कटौती की पूर्व सूचना दें, खेती बचाओ अभियान तेज करें

महासमुंद/समय सीमा बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश: बिजली कटौती की पूर्व सूचना दें, खेती बचाओ अभियान तेज करें

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सुबह 10 बजे से समय सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। शासन के निर्देशानुसार बैठक वर्चुअल मोड में हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री श्री रवि साहू उपस्थित थे तथा सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ सहित जिला स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।

कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार 01 जून से ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू होगी तथा मैनुअल फाइल संचालन प्रतिबंधित रहेगा। सभी विभागों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना 1076 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि नामित जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण बुधवार को सुबह 10ः30 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री लंगेह ने सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में अब तक 37 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 30 हजार 493 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 16 हजार 69 आवेदनों का निराकरण किया जाना है तथा 14 हजार 396 आवेदन लंबित हैं। उन्होंने सभी विभागों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करते हुए इस सप्ताह के भीतर लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में विद्युत अवरोध की स्थिति में आम नागरिकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि बिजली बंद होने की स्थिति में अवरोध के कारण एवं पुनः विद्युत आपूर्ति प्रारंभ होने का संभावित समय लोगों को अवश्य बताया जाए, ताकि आम जनता अनावश्यक परेशानी से बच सके। साथ ही अधिकारियों को फोन कॉल प्राप्त होने पर तत्काल रिस्पॉन्स देने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में “खेती बचाओ अभियान” के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कृषि विभाग के मैदानी अमले को गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करने कहा गया। यह अभियान 01 जून से 30 जून तक संचालित होगा। उन्होंने किसानों को शासन द्वारा निर्धारित यूरिया एवं डीएपी खाद की मात्रा वितरण करने तथा खाद भंडारण का नियमित भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद को भी प्रोत्साहित करने किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। जो किसान यूरिया लेने सहकारी समितियों में पहुंच रहें हैं, उन्हें यूरिया प्रदान करें।

स्वास्थ्य विभाग को आगामी बरसात को ध्यान में रखते हुए मौसमी बीमारियों पर सतर्क रहने तथा आवश्यक अलर्ट जारी करने कहा गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय निकायों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत सभी नगरीय निकायों में लोक कल्याण मेला आयोजित कर अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित करने कहा गया। पीएम सूर्य घर बिजली योजना के तहत अब महिला समूहों को भी जोड़ा जाएगा। इस संबंध में सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 3626 सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया। कलेक्टर ने राजस्व विभाग अंतर्गत विवादित एवं अविवादित प्रकरणों तथा स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही बैठक में जन शिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

महासमुंद/सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण किसान आसानी से कर रहे हैं यूरिया और डीएपी खाद का उठाव 

महासमुंद/सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण किसान आसानी से कर रहे हैं यूरिया और डीएपी खाद का उठाव

महासमुंद/ खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी के अनुसार जिले के 159 सहकारी समितियों में खाद का भंडारण किया गया है तथा किसानों की मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 के लिए जिले को 60 हजार 850 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 16 हजार 294 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 26.78 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 7 हजार 720 टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इनमें यूरिया 11 हजार 338 टन, डीएपी 1928 टन, एनपीके 449 टन एवं एसएसपी 1496 टन शामिल है। विभिन्न सहकारी समितियों में किसानों द्वारा खाद का उठाव किया जा रहा है। तोरेसिंहा सहकारी समिति बेलमुंडी अंतर्गत 108 किसानों को खाद का वितरण किया गया। गांव के किसान श्री कमलेश ने बताया कि उन्हें 8 बोरी यूरिया और 3 बोरी डीएपी प्राप्त हुआ। वहीं गांव के किसान श्री शरद और गुलाल ने आसानी से डीएपी और यूरिया मिलने की बात कही।

कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से पॉस मशीन से ही उर्वरक खरीदें एवं रसीद प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें।

CG बसना, अर्धनग्न अवस्था में मिला शव युवक के सिर को चादर से बांधकर ट्यूबवेल बोर से बांधा गया था हत्या, फोरेंसिक टीम जुटी जांच में देखें वीडियो

CG बसना, अर्धनग्न अवस्था में मिला शव युवक के सिर को चादर से बांधकर ट्यूबवेल बोर से बांधा गया था हत्या, फोरेंसिक टीम जुटी जांच में देखें वीडियो

बसना थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। भंवरपुर चौकी अंतर्गत ग्राम झारउडेला में मोगरे भोई  युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। युवक का शव ट्यूबवेल बोर के पास अर्धनग्न अवस्था में मिला, जबकि उसके सिर के पीछे चोट के निशान पाए गए हैं। इतना ही नहीं, मृतक के सिर को एक चादर से बांधकर ट्यूबवेल बोर से बांधा गया था। घटनास्थल की स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है और पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को हत्या से जोड़कर जांच कर रही है।

देखिए वीडियो

मृतक की पहचान 30 वर्षीय मोगरे भोई के रूप में हुई है, जो गांव में मजदूरी का काम करता था। पुलिस के अनुसार सोमवार शाम किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आने के बाद वह अपनी पत्नी से ग्राम चनाट जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटा।मंगलवार सुबह उसका शव गांव के ही रविशंकर पटेल की बाड़ी में स्थित ट्यूबवेल बोर के पास मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय के मुताबिक मृतक के सिर के पिछले हिस्से में चोट के निशान मिले हैं। वहीं घटनास्थल से मिले हालात हत्या की आशंका को और मजबूत कर रहे हैं।घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक की मौत के पीछे आखिर किसका हाथ है और यह पूरी घटना किन परिस्थितियों में हुई।फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। महाजनपद न्यूज को फॉलो और शेयर करें और अपना राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं