सरायपाली को मिला नया एसडीएम, 2023 बैच की आईएएस अनुपमा आनंद की पदस्थापना

सरायपाली को मिला नया एसडीएम, 2023 बैच की आईएएस अनुपमा आनंद की पदस्थापना

महासमुंद/रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2023 बैच के चार परिवीक्षाधीन अधिकारियों की पदस्थापना सूची जारी कर दी है। ये अधिकारी हाल ही में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में फेस-2 प्रशिक्षण पूरा कर 25 जुलाई को कार्यमुक्त हुए थे।

जारी सूची के अनुसार:

🔹 अनुपमा आनंद — सहायक कलेक्टर रायपुर से स्थानांतरित कर अनुविभागीय अधिकारी (SDM), सरायपाली, जिला महासमुंद नियुक्त की गई हैं।
🔹 एम. भार्गव — सहायक कलेक्टर दुर्ग से स्थानांतरित होकर अनुविभागीय अधिकारी, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव बनाए गए हैं।
🔹 तन्मय खन्ना — सहायक कलेक्टर बिलासपुर से स्थानांतरित होकर अनुविभागीय अधिकारी, कटघोरा, जिला कोरबा बनाए गए हैं।
🔹 दुर्गा प्रसाद अधिकारी — सहायक कलेक्टर जांजगीर-चांपा से स्थानांतरित होकर अनुविभागीय अधिकारी, घरघोड़ा, जिला रायगढ़ नियुक्त किए गए हैं।

इन नियुक्तियों से संबंधित आदेश विभाग द्वारा 28 जुलाई को जारी किए गए। सरायपाली सहित संबंधित क्षेत्रों में नए अधिकारियों की पदस्थापना से प्रशासनिक गतिविधियों में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

महासमुंद/विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जी.एन.एम की छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हेपेटाइटिस से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में दी गई जानकारी

महासमुंद विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जी.एन.एम की छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हेपेटाइटिस से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में दी गई जानकारी

महासमुंद,हर वर्ष की भांति इस वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार विश्व हेपेटाईटिस दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे के मागदर्शन में नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर (एनवीएचसीपी) की उपस्थिति में शासकीय जी.एन.एम प्रशिक्षण संस्था में नर्सिग छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा हेपेटाइटिस से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने जानकारी देते हुए बताया कि हेपेटाइटिस का मुख्य कारण एल्कोहॉल के साथ-साथ नान-एल्कोहॉल फैटी लिवर भी होता है, हेपेटाइटिस से सावधानी बरतने हेतु एल्कोहॉल के साथ-साथ जंक फूड सेवन न करने की सलाह दी गई, हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षण बुखार व थकान, भूख कम लगना, उल्टी, त्वचा में खुजली, गहरे रंग का पेशाब, शरीर में दर्द इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। हेपेटाइटिस बी व सी के बारे में भी बताया गया कि असुरक्षित इंजेक्शन, गोदना, कान-नाक छिदवाने में संक्रमित सूई और स्याही के उपयोग, संक्रमित यौन संबंध और संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से फैलता है। इससे बचाव के लिए इंजेक्शन और रेजर ब्लेड का एक ही बार उपयोग करें। रक्त पंजीकृत ब्लड बैंक से लें, नवाजातों को हेपेटाइटिस बी की खुराक दें, हेपेटाइटिस पॉजिटीव माताओं से जन्मे नवजात को 24 घंटे में हेपेटाइटिस इम्यूनो ग्लोबिन और एच.बी.आई.जी इंजेक्शन लगाना जरूरी हैं।

हेपेटाइटिस बी और सी निःशुल्क जांच, परामर्श, ईलाज और टीकाकरण की सुविधा जिले के सभी शासकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई कि वे नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाएं।

बागबाहरा/ग्राम गबौद जैन कॉम्प्लेक्स बागबाहरा से मोटरसाइकिल चोरी, अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज

बागबाहरा/ग्राम गबौद जैन कॉम्प्लेक्स बागबाहरा से मोटरसाइकिल चोरी, अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज

बागबाहरा, महासमुंद थाना खल्लारी क्षेत्र अंतर्गत बागबाहरा में मोटरसाइकिल चोरी की एक घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गबौद निवासी एक कृषक, दिनांक 24 जुलाई 2025 की रात अपने भाई के किराए के कमरे में जैन कॉम्प्लेक्स बागबाहरा में रुके हुए थे। रात लगभग 10 बजे उन्होंने अपनी बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 06 HA 2025) को कॉम्प्लेक्स के सामने खड़ा किया था।

मोटरसाइकिल का इंजन नंबर PFXWPJ91389 और चेचिस नंबर MD2A76AX8PWJ15879 है। वाहन की अनुमानित कीमत करीब ₹45,000 बताई गई है। रात करीब 2 बजे जब वह नींद से जागे और बाहर आए, तो देखा कि उनकी मोटरसाइकिल मौके से गायब थी।

उन्होंने आसपास के इलाके में काफी तलाश की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिल सका। पीड़ित ने आशंका जताई है कि अज्ञात चोर द्वारा 24 जुलाई की रात 10 बजे से 25 जुलाई की रात 2 बजे के बीच वाहन चोरी कर ली गई है।

इस संबंध में थाना खल्लारी में 303(2)-BNS के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच जारी है और चोर की तलाश की जा रही है।

CG / 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से हड़ताल पर बैठेंगे तहसीलदार-नायब तहसीलदार, तीन दिन नहीं होगा कामकाज

CG / 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से हड़ताल पर बैठेंगे तहसीलदार-नायब तहसीलदार, तीन दिन नहीं होगा कामकाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से तहसील से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सेवा ठप हो जाएगी कारण – तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से आंदोलन करने जा रहे हैं। अगले तीन दिन तक (28 से 30 जुलाई) तहसील कार्यालयों में कोई भी राजस्व संबंधी काम नहीं होगा। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की ओर से यह ऐलान पहले ही कर दिया गया था। संघ ने 18 जुलाई को ज्ञापन देकर सरकार को चेताया था कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और अब वही चेतावनी सच साबित हो गई है।

3 दिन का कार्यक्रम, फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ के मुताबिक, आंदोलन को तीन चरणों में बांटा गया है –

28 जुलाई: जिला स्तर पर सामूहिक अवकाश और विरोध प्रदर्शन।
29 जुलाई: संभाग और राज्य स्तर पर विरोध।
30 जुलाई: राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन।
यदि 30 जुलाई तक मांगे पूरी नहीं हुईं, तो तहसीलदार-नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

क्यों नाराज हैं राजस्व अफसर?
काफी समय से तहसीलदार-नायब तहसीलदार संसाधनों की कमी, तकनीकी सुविधाओं के अभाव और सुरक्षा जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार शासन से पत्राचार के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही।

17 सूत्रीय मांगों की मुख्य बातें
सभी तहसीलों में स्टाफ की नियुक्ति – कंप्यूटर ऑपरेटर, नायब नाजिर, माल जमादार, भृत्य, वाहन चालक और पटवारियों की तैनाती हो।
सीधी भर्ती व पदोन्नति का अनुपात 50:50 रखा जाए और पुरानी घोषणा लागू हो।
नायब तहसीलदार को राजपत्रित पद घोषित किया जाए।
लंबित ग्रेड-पे सुधार तुरंत किया जाए।
प्रोटोकॉल व फील्ड ड्यूटी के लिए सरकारी वाहन या भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
बिना ठोस कारण निलंबित अफसरों की 15 दिन में बहाली।
न्यायालयीन आदेशों को जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए।
कोर्ट केस पर FIR रोकने के लिए जारी आदेश का सख्त पालन।
न्यायालयीन कार्य हेतु अलग व्यवस्था, प्रोटोकॉल ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
आउटसोर्स स्टाफ की नियुक्ति का अधिकार तहसीलदार को दिया जाए।
e-Court, भू-अभिलेख जैसे कामों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति।
SLR/ASLR की बहाली।
शासकीय मोबाइल नंबर व डिवाइस।
हर तहसील में सुरक्षाकर्मी व वाहन की व्यवस्था।
सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं पर तत्काल मुआवजा राशि देने के स्पष्ट निर्देश।

संघ की औपचारिक मान्यता।
राजस्व न्यायालय सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति।
3 दिन जनता को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा?
नामांतरण, बंटवारा, खसरा-खतौनी की प्रतिलिपि, भूमि नामांतरण जैसे सभी राजस्व काम ठप रहेंगे।
तहसील कार्यालय में प्रमाण पत्र जारी करने का काम (जैसे जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र) रुक जाएगा।
जमीन संबंधी किसी भी तरह की कार्यवाही रुकी रहेगी।
सरकार पर दबाव – या लंबी हड़ताल?
संघ का कहना है – अगर 30 जुलाई तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा। ऐसे में तहसील कार्यालयों का काम पूरी तरह ठप होने की आशंका है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कत हो सकती है।

छत्तीसगढ़ : हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

छत्तीसगढ़ : हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

 सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।

 

महासमुंद/जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक 4 अगस्त को

महासमुंद/जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक 4 अगस्त को

 

महासमुंद, जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक सोमवार 04 अगस्त 2025 को दोपहर 1ः00 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे बैठक में अपने विभाग की अद्यतन जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित हों तथा बैठक से तीन दिवस पूर्व (01 अगस्त) तक विभागीय जानकारी 30 प्रतियों में फोल्डर सहित पीपीटी प्रारूप में जिला पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत करने कहा है।

बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता एवं उद्योग विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विषयों पर समीक्षा की जाएगी।

महासमुंद/आर.बी.सी. 6-4 के तहत 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

महासमुंद/आर.बी.सी. 6-4 के तहत 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

 

महासमुंद,कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 5 मृतकों के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए के मान से कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है।

सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत पानी में डूबने से मृत्यु होने पर ग्राम पतेरापाली के मृतक श्री मंगलू खुमरी की पत्नी श्रीमती सुस्मिता खुमरी के लिए, ग्राम टेंगनापाली के मृतक श्री जेहरूलाल भोई का भाई श्री सौभाग्य भोई के लिए एवं ग्राम तोरेसिंहा के मृतक श्री शांति बरिहा की पत्नी श्रीमती सोनतना बरिहा के लिए तथा सर्पदंश से मृत्यु होने पर ग्राम बलौदा के मृतक श्री रमेश दीवान की पत्नी श्रीमती अंजू दीवान के लिए एवं बिच्छू से डंक मारने से मृत्यु होने पर ग्राम बलौदा के मृतक श्री लिलेश्वर मिर्धा उर्फ श्री निलेश्वर मिर्धा के पिता श्री भरतलाल मिर्धा के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

छत्तीसगढ़: वित्त मंत्री श्री चौधरी ने किया पुसौर में उप पंजीयक कार्यालय का शुभारंभ

छत्तीसगढ़: वित्त मंत्री श्री चौधरी ने किया पुसौर में उप पंजीयक कार्यालय का शुभारंभ

उप पंजीयक कार्यालय शासन की जन-केन्द्रित सेवाओं की प्रतिबद्धता और त्वरित, पारदर्शी व्यवस्था का बनेगा प्रतीक – वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

रजिस्ट्री कार्य अब जिला मुख्यालय नहीं, स्थानीय स्तर पर होगा संभव

पुसौरवासियों को अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए रायगढ़ जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज जनपद पंचायत पुसौर परिसर में नवीन उप पंजीयक कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कार्यालय शासन की जन-केन्द्रित सेवाओं की प्रतिबद्धता और त्वरित, पारदर्शी व्यवस्था का प्रतीक बनेगा।

श्री चौधरी ने कहा कि यह केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता को सुलभ, सस्ती और तेज़ रजिस्ट्री सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से समय, ऊर्जा और धन की बचत होगी। यह कार्यालय क्षेत्रवासियों को 65 प्रकार की रजिस्ट्री सेवाएं प्रदान करेगा, जिनमें विक्रय विलेख, दानपत्र, बंटवारा, हक त्याग, वसीयत और केसीसी बंधक जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इस कार्यालय में एक उप पंजीयक, दो ऑपरेटर और एक एमटीएस की नियुक्ति की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो साल का बोनस दिया गया, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ साल में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से केवल पुसौर ब्लॉक में 127 करोड़ की राशि से 9000 आवासों के लिए स्वीकृति मिली है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवास प्लस सर्वे के माध्यम से सभी पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। महतारी वंदन योजना की सफलता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हर महीने 70 लाख महिलाओं को बिना विलंब राशि हस्तांतरित की जा रही है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा पुसौर में सड़कों, पुल-पुलियों, अस्पताल और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना जैसे विकास कार्यों की भी रूपरेखा साझा की गई। उन्होंने बताया कि 80 लाख रुपये की लागत से नवीन उप पंजीयक कार्यालय भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा।

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि पुसौर के नजदीक 88 पंचायतें हैं, जिनके लोग अब स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्री करा सकेंगे। संपत्ति क्रय-विक्रय, उत्तराधिकार, वसीयत व अन्य दस्तावेजों की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है। सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राज्य सरकार ने रजिस्ट्री कार्यों में 10 क्रांतिकारी सुधार किए हैं, जिनमें आधार सत्यापन, ऑनलाइन भुगतान, डिजीलॉकर सेवा, घर बैठे दस्तावेज निर्माण और स्वतः नामांतरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी सतपथी सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

छत्तीसगढ़: न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है: न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा

छत्तीसगढ़: न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है: न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा

छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू-सर्किट हाउस में किया गया। इस सेमिनार में रायपुर संभाग के चार जिलों के 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रकरणों के शीघ्र निराकरण किये जाने, गिरफ्तारी रिमाण्ड और जमानत से संबधित प्रावधान, अभियुक्त की परीक्षण का उद्देश्य एवं प्रक्रिया तथा हिन्दु उत्तराधिकार अधिकार एवं विरासत से संबंधित कानून का विश्लेशण एवं अध्ययन किया जाना है। न्याय और विधिक ज्ञान के प्रकाशन का प्रतीक सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के द्वारा किया गया। सेमिनार में न्यायमूर्ति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति श्री दीपक कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति श्री राकेश मोहन पांडेय, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

न्यायिक सेमिनार में मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में न्यायपालिका से अपेक्षाएं अत्यधिक बढ़ गई हैं। जनता हमसे निष्पक्षता, गति और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। सेमिनार में चर्चा के लिए निर्धारित विषय हमारे आपराधिक और दीवानी न्यायशास्त्र के मूल स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों में दक्षता केवल प्रक्रियात्मक अनुपालन का विषय नहीं है, बल्कि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने, व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं की रक्षा करने और न्यायिक प्रक्रिया में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस बात पर बल दिया कि हाल ही में अधिनियमित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) एवं अन्य नए कानूनों के प्रकाश में, न्यायाधीशों के लिए इन प्रावधानों से भली-भांति परिचित होना अत्यंत आवश्यक है, विशेष रूप जमानत संबंधी प्रावधान से हैं, ताकि न्यायिक निर्णयों में एकरूपता एवं विधिक शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। यदि आरोपी के अधिकारों के प्रतिकूल कोई संभावना हो, तो न्यायाधीशों को यह अत्यंत सावधानीपूर्वक देखना चाहिए कि क्या प्रस्तुत किया जा रहा है और क्या नहीं। किसी प्रकरण के तथ्यों और परिस्थितियों में न्यायाधीश की अपनी राय हो सकती है, परंतु वे कानून की सीमाओं तथा सर्वाेच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णयों से बंधे होते हैं। मजिस्ट्रेट को जमानत आवेदन पर आदेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि अपराध क्रमांक, जिन धाराओं के अंतर्गत आरोपी पर आरोप लगाया गया है, तथा आरोपी के संबंध में सही विवरण स्पष्ट रूप से उल्लेखित हो। उपर्युक्त में किसी भी प्रकार की चूक या त्रुटिपूर्ण विवरण उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन के निस्तारण में विलंब का कारण बन सकता है, जिससे आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता बाधित हो सकती है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस संभागीय कार्यशाला के उद्देश्य को न्यायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और हमारे न्याय प्रदाता प्रणाली में सीखने, सहयोग और निरंतर सुधार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका कानून के शासन को बनाए रखने और समाज के सभी वर्गों को न्याय सुनिश्चित करने में एक आधारभूत भूमिका निभाती है। संविधान के संरक्षक के रूप में, यह आवश्यक है कि हम न केवल कानूनी रूप से सुदृढ़ हों, बल्कि सामाजिक रूप से जागरूक, उत्तरदायी और नैतिक रूप से दृढ़ भी हों।

मुख्य न्यायाधीश ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में व्यक्त किया कि एक प्रशिक्षित और संसाधनयुक्त न्यायपालिका ही जन विश्वास की नींव है। यह कार्यशाला केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं है, अपितु यह आत्मनिरीक्षण, ज्ञान विनिमय और संस्थागत अखंडता को मजबूत करने का एक मंच है। मुख्य न्यायाधीश के द्वारा सभी न्यायिक अधिकारियों से इस कार्यशाला का पूर्ण लाभ उठाने एवं सेमिनार में आयोजित सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेने के साथ प्राप्त शिक्षा को अपने-अपने न्यायालयों में लागू करने हेतु कहा गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है। प्रत्येक फाइल के पीछे एक मानवीय कहानी छिपी होती है, जिसमें दर्द, संघर्ष और आशा समाहित होती है। ‘जहाँ कानून हमारा साधन है, वहीं न्याय हमारा उद्देश्य है’। मुख्य न्यायाधीश ने कार्यशाला की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला रचनात्मक अंतर्दृष्टि, क्रियाशील परिणाम और इस राष्ट्र की जनता की निष्पक्षता, विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की एक नई प्रतिबद्धता की ओर ले जाएगी।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारीगण, और रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर द्वारा दिया गया। सेमिनार में परिचयात्मक भाषण छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के निदेशक द्वारा प्रस्तुत किया गया और धन्यवाद ज्ञापन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर द्वारा किया गया।

इस सेमिनार में कुल 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से प्रत्येक जिले के प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों जैसे – निष्पादन में तेजी लाना, गिरफ्तारी, रिमांड और जमानत से संबंधित प्रावधान, हिंदुओं में उत्तराधिकार और विरासत से संबंधित कानून का विश्लेषण, अभियुक्त की परीक्षा का उद्देश्य और प्रक्रिया पर अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं।

 

छत्तीसगढ़: बिल्हा ने देशभर में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – स्वच्छता में देशभर में प्रथम, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना

छत्तीसगढ़: बिल्हा ने देशभर में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – स्वच्छता में देशभर में प्रथम, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना

छत्तीसगढ़ की नगर पंचायत बिल्हा ने स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में 20,000 से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए दिनांक 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बिल्हा नगर पंचायत को सम्मानित किया गया था। आज इस गौरवशाली उपलब्धि की प्रतिध्वनि ‘मन की बात’ के राष्ट्रीय मंच तक पहुँची, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण में बिल्हा नगर पंचायत की महिलाओं द्वारा किए गए नवाचार और श्रम का उल्लेख करते हुए सराहना की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है, जिसने स्वच्छता को न केवल शासकीय योजना के रूप में, बल्कि सामुदायिक आंदोलन के रूप में अपनाया है।

नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15,000 है, जहाँ 28 स्वच्छता दीदियाँ कार्यरत हैं। ये दीदियाँ नगर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं और फिर कचरे को SLRM सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बिल्हा नगर में 10 विशेष स्वच्छता कमांडो भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। बिल्हा नगर पंचायत द्वारा जन-जागरूकता अभियान, मुनादी, और घरों-दुकानों से सीधे कचरा संग्रहण जैसे कदमों से आज नगरवासी कचरे को पृथक कर ई-रिक्शा में देने के लिए प्रेरित हो चुके हैं। मुक्तिधाम, तालाब, गार्डन, सामुदायिक भवन आदि में सामूहिक सफाई अभियान भी समय-समय पर चलाए जाते हैं। इस सफलता का श्रेय सभी सफाई कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों, नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों और सकारात्मक सोच वाले जनप्रतिनिधियों को जाता है, जो निरंतर निरीक्षण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत में 20,000 से कम आबादी वाले 2000 से अधिक नगरीय निकाय हैं। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था का परीक्षण, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रोड स्विपिंग, नाइट स्विपिंग, कचरा निपटान, शौचालयों और पार्कों की सफाई व्यवस्था सहित जनता से फीडबैक शामिल था, उसी के आधार पर यह सम्मान मिला है।

इस अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, नगर पंचायत बिल्हा की अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेन्ड्रे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री प्रवीण सिंह गहलोत, उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, पीआईसी सदस्य श्री मोहन ढोरिया, तत्कालीन उप अभियंता श्री नरेंद्र दुबे, सफाई दरोगा श्री यशवंत सिंह, स्वच्छता सुपरवाइजर श्री राकेश डागोर, स्वच्छता दीदी श्रीमती पूजा राठौर एवं पीआईयू श्री अंकित दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किया है, वह सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में देशभर के 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिल्हा ने न केवल प्रदेश का मान बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि संकल्प, सहभागिता और सेवा भाव से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बिल्हा की महिलाओं और उनके स्वच्छता नवाचार की प्रशंसा करना इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक बना देता है। यह समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।

उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में बढ़ाया है। यह सफलता हमारे नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता, कार्यशैली और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य नगर निकायों को भी नई प्रेरणा देगी और हम सब मिलकर स्वच्छता में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।