महासमुंद। जिले के सांकरा थाना क्षेत्र के बल्दीडीह स्थित जोंक नदी के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक हवलदार की मौत हो गई। ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार हवलदार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान दयासागर भोई के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ पुलिस में हवलदार पद पर पदस्थ थे और वर्तमान में थाना बागबाहरा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि वे किसी कार्य से जा रहे थे। इसी दौरान बल्दीडीह के पास उनकी मोटरसाइकिल ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सांकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। वहीं ट्रक चालक के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
धनिया की खेती से किसान की बढ़ी आय
महासमुंद। जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील कृषक रतिराम पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए अपनी आय में अच्छी वृद्धि की है। कृषक पटेल बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी एवं मसाला फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया। भंडाफोड़, 3 खाईवाल गिरफ्तार वर्ष 2025-26 में पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया फसल का उत्पादन किया। विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान किया गया। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी आई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। रतिराम पटेल बताते हैं कि पूर्व में धान की खेती से उन्हें कुल लाभ सीमित ही मिलता था। वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्हें लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा कुल लाभ लगभग 50,000 रुपए तक पहुंच गया। रतिराम पटेल की सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान तथा उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।
जगदलपुर-सुकमा हाईवे में आवागमन ठप, वाहन में विशालकाय पेड़ गिरा
जगदलपुर। जगदलपुर-सुकमा राष्ट्रीय मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई है. दरअसल, दरभा बाजार के पास एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क से गुजर रहे ट्रक पर गिर पड़ा. इसमें ड्राइवर की जान तो बच गई, लेकिन ट्रक के क्षतिग्रस्त होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है. घटना की सूचना मिलते ही दरभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली, जाम हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू किया गया है. हादसे के कारण जगदलपुर और सुकमा की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन द्वारा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने के प्रयास जारी है.
महासमुंद में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 3 खाईवाल गिरफ्तार
महासमुंद। जिले की सांकरा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का संचालन महाराष्ट्र के नागपुर से किया जा रहा था और इसके तार स्थानीय स्तर पर कई अन्य खाईवालों तथा सट्टा संचालकों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी क्षेत्र में एक दुकान में आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जांच शुरू की। के दौरान आरोपी नरेश निषाद और मनोहर मांझी के मोबाइल फोन खंगाले गए। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे के संपर्क में रहकर आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाते थे। हार-जीत का भुगतान स्थानीय लोगों के माध्यम से कराया जाता था, जबकि कई लेन-देन फोनपे के जरिए भी किए जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट और फोनपे के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिलने का दावा किया है। मुताबिक, बरामद डिजिटल साक्ष्यों से यह संकेत मिले हैं कि नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई स्थानीय एजेंट एवं खाईवाल भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें नरेश निषाद (40), मनोहर मांझी (38),मधुसूदन ठाकरे (40) शामिल हैं। इनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 1,500 रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। जांच में कई संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। सांकरा थाना पुलिस का मानना है कि नागपुर के कथित संचालक मधुसूदन ठाकरे से जुड़े इस नेटवर्क के तार कई अन्य सट्टा कारोबारियों तक पहुंच सकते हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान, 15 मिनट में हो रही रजिस्ट्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों को नई गति देते हुए राज्य सरकार ने पंजीयन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में लागू किया गया स्मार्ट पंजीयन मॉडल अब सुशासन और डिजिटल प्रशासन की नई पहचान बनता जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।
पहले जहां जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था और कई बार एक से दो दिन तक का समय लग जाता था, वहीं अब आधुनिक डिजिटल व्यवस्था के जरिए यही प्रक्रिया मात्र 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है। इससे आम नागरिकों के समय और खर्च दोनों में बड़ी बचत हो रही है।
राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष में प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर और तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
इन कार्यालयों में वातानुकूलित वेटिंग लाउंज, निःशुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क और प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डिजिटल तकनीक के उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ी है। टोकन सिस्टम लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था कम हुई है, जबकि बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
अब नागरिकों को व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, कैशलेस भुगतान, ऑनलाइन संपत्ति जानकारी और डिजीलॉकर जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है।
रायगढ़ के लाभार्थी आशीष अग्रवाल ने नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब पंजीयन कार्यालयों का माहौल पूरी तरह बदल गया है और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
सरकार का मानना है कि स्मार्ट पंजीयन मॉडल “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के विजन को साकार कर रहा है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ में सुशासन को मजबूत कर रही है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रही है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 3 करोड़ का 6 क्विंटल गांजा जब्त, ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था माल
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य का 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। तस्कर गांजे की खेप को ओडिशा से महाराष्ट्र ले जा रहा था। पुलिस ने गांजा, वाहन, मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ओडिशा सीमा से लगे इलाकों में लगातार निगरानी कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक लाल रंग की टाटा माजदा वाहन में मशीनरी सामान की आड़ में बड़ी मात्रा में गांजा महाराष्ट्र भेजा जा रहा है। सूचना के आधार पर सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के मुरमुरी चौक में घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई। वाहन चालक ने अपना नाम महबूब बादशाह शेख (65 वर्ष) निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) बताया। तलाशी के दौरान वाहन में रखे मशीनरी के बड़े-बड़े कार्टूनों और अन्य सामान के नीचे तथा पीछे 24 प्लास्टिक बोरियां मिलीं। प्रत्येक बोरी में 25-25 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इस तरह कुल 600 किलोग्राम यानी 6 क्विंटल गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के बौद्ध जिले से महाराष्ट्र के ठाणे ले जाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
तस्करों ने वाहन को काले रंग के त्रिपाल से ढंक रखा था, ताकि बाहर से देखने पर वह सामान्य मालवाहक वाहन लगे। उल्लेखनीय है कि महासमुंद पुलिस ने हाल के दिनों में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। इससे पहले भी एंबुलेंस और पिकअप वाहन से बड़ी मात्रा में गांजा जब्त किया जा चुका है।
महिला विधायक रेत उत्खनन रोकने आधी रात पहुंच गई खदान
कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी अवैध रेत उत्खनन को लेकर कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी का गुस्सा फूट पड़ा. अपने कार्यकर्ताओं के साथ महिला विधायक ने शुक्रवार देर रात तक बेलवापानी रेत खदान में धरना दिया. घंटों तक कार्रवाई की मांग करने पर प्रशासन ने वाहनों को जब्त किया. कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने ग्रामीणों के साथ पुलिस थाना घेराव करने की चेतवानी दी है. जानकारी के मुताबिक, भानुप्रतापपुर ब्लॉक के बेलवापानी रेत खदान में अघोषित क्षेत्रों से भी मशीनों के जरिए रेत निकला जा रहा है. आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे शासन के निर्देशों और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हो रहा है. लगातार शिकायतें मिलने के बाद शनिवार को कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी खुद खदान क्षेत्र पहुंची और वहां की स्थिति का जायजा लिया। विधायक का कहना है कि उस वक्त मौके पर करीब 14 वाहनों को मौके पर पाया, जिसमें से एक चेन माउंटेन थी। इन वाहनों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन से मांग की गई. करीब शाम 7 बजे वह यहां पहुंची थी, लेकिन रात के 1 बजे प्रशासन पहुंचा और चैन माउंटेन को सील किया है.
प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया और 1-1 बोरी डीएपी ले सकेंगे किसान
बलौदाबाजार। खरीफ वर्ष 2026-27 हेतु खेती के लिये जिले के सहकारी समितियो में खाद एवं बीज़ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान समितियों से उर्वरक और बीज़ का अग्रिम उठाव तेजी से कर रहे हैं। इस वर्ष समितियो में उर्वरक भण्डारण हेतु 58350 मेट्रिक टन का लक्ष्य हैं जिसके विरुद्ध 24299 मेट्रिक टन भण्डारण एवं समितियो के द्वारा 4102 मेट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है।समितियों में 20197 मेट्रिक टन खाद शेष है।बीज भण्डारण लक्ष्य 32690 क्विंटल के विरुद्ध 6593 क्विंटल भण्डारण एवं 3338 क्विंटल वितरण किया गया है। दिक्कत न हो इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा ट्रेक्टर में आवश्यकता अनुसार डीजल देने पेट्रोल पम्प को निर्देशित नहीं किया गया है। इसके साथ ही ट्रेक्टर के लिये डिब्बा या जरिकेन में भी डीजल ले सकते हैं। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में सतत कृषि विकास के लिए वैज्ञानिकों के एकीकृत पोषक प्रबंधन के सुझाव के अनुसार किसानों को रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद और हरी खाद का उपयोग करने की सलाह दी गई है। खरीफ 2026 में भूमि धारिता के आधार पर किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80% मात्रा तथा डीएपी की 60% मात्रा ही वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। शेष 20% यूरिया और 40% डीएपी वैकल्पिक उर्वरकों (एनपीके) या नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को नैनो उर्वरक लेने के लिए किसी भी स्थिति में बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की अनुशंसा के आधार पर चार्ट तैयार कर सभी विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया है। इसमें नैनो उर्वरक न लेने पर प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया, एवं 1 -1बोरी डीएपी व एमओपी देने का प्रावधान है।
दिनदहाड़े लाखों की चोरी से दहशत, रेलवे कर्मी के घर से दो लाख रुपए से अधिक के जेवरात पार कर चोर फरार
बालोद। बालोद शहर में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। अज्ञात चोर रेलवे कॉलोनी स्थित एक रेलवे कर्मी के घर से दो लाख रुपए से अधिक के जेवरात पार कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बालोद शहर के रेलवे कॉलोनी में रहने वाले एक रेलवे कर्मचारी के घर सुबह करीब 11 बजे से 12 बजे के बीच अज्ञात चोर घुस गया। घर में रखी अलमारी को निशाना बनाते हुए चोर ने उसमें रखे दो लाख रुपए से अधिक कीमत के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से भी सुराग तलाशने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल चोरों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।सबसे बड़ी बात यह है कि चोरी की यह वारदात रेलवे चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है।
महिलाओं के नाम पर लोन लेकर फरार हुआ युवक, ग्रामीणों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
रायगढ़। रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बिजना की ग्रामीण महिलाएं शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और गांव के ही एक युवक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पीड़ित महिलाओं ने लिखित आवेदन सौंपकर बताया कि गांव निवासी राजनाथ चौहान ने उन्हें विभिन्न योजनाओं और आर्थिक लाभ का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक से लोन स्वीकृत करवाया।
महिलाओं के अनुसार, लोन स्वीकृत होने के बाद राजनाथ चौहान ने विश्वास में लेकर पूरी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। उसने आश्वासन दिया था कि वह स्वयं लोन की मासिक किश्तों का भुगतान करेगा और महिलाओं को भी इसका लाभ मिलेगा। उसके भरोसे में आकर करीब एक दर्जन महिलाओं ने उसके कहने पर लोन प्रक्रिया पूरी कराई। पीड़ितों का आरोप है कि कुछ महीनों तक किश्त जमा करने के बाद राजनाथ चौहान ने अपनी गाड़ी और मकान बेच दिया तथा बिना किसी को जानकारी दिए फरार हो गया। इसके बाद संबंधित बैंक के कर्मचारी महिलाओं के घर पहुंचकर बकाया राशि की मांग कर रहे हैं।महिलाओं का कहना है कि उन्होंने लोन की रकम का उपयोग नहीं किया, फिर भी उनसे वसूली की जा रही है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। समस्या से त्रस्त ग्रामीण महिलाएं न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच कर आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।
