सारंगढ़ का छात्र सरायपाली कॉलेज जाने निकला था, फिर नहीं लौटा घर; परिजनों ने दर्ज कराई गुमशुदगी

सारंगढ़ का छात्र सरायपाली कॉलेज जाने निकला था, फिर नहीं लौटा घर; परिजनों ने दर्ज कराई गुमशुदगी

सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़ क्षेत्र का 20 वर्षीय युवक 5 सितंबर की सुबह वीरेंद्र बहादुर शासकीय कॉलेज, सरायपाली जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस घर नहीं लौटा। दो दिन तक तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार युवक वीरेंद्र बहादुर शासकीय कॉलेज, सरायपाली में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। वह 5 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे कॉलेज जाने के लिए मोटरसाइकिल से निकला था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस युवक के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।

फिलहाल युवक के अचानक लापता होने से परिजन चिंतित हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि युवक के संबंध में कोई जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

300 से अधिक पदों पर होगी भर्ती, 8वीं-10वीं पास हो सकेंगे शामिल

छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, गरियाबंद द्वारा 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को कार्यालय परिसर में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। रोजगार मेले में निजी प्रतिष्ठानों में उपलब्ध कुल 354 रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी। रोजगार मेला प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। इसमें निजी प्रतिष्ठान अलर्ट एस.जी.एस. प्रा. लिमिटेड, रायपुर एवं स्वतंत्र माइक्रो फाइनेंस प्रा. लि., रायपुर द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सिक्योरिटी गार्ड, सिक्योरिटी सुपरवाइजर, असिस्टेंट सुपरवाइजर, मार्केटिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर, फील्ड ऑफिसर एवं कलेक्शन ऑफिसर के पद शामिल हैं।

8वीं से स्नातकोत्तर तक के अभ्यर्थियों को अवसर –
जिला रोजगार अधिकारी अंजुम अफरोज ने बताया कि रोजगार मेले में 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, पीजीडीसीए एवं स्नातकोत्तर उत्तीर्ण इच्छुक अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। अभ्यर्थियों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो तथा समस्त शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता संबंधी अंकसूची, प्रमाण पत्र की मूल प्रति एवं छायाप्रति लाना अनिवार्य होगा।

ऑनलाइन पंजीयन जरूरी –
रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए अधिकृत वेबसाईट ई-रोजगार पोर्टल या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य है। पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। रोजगार मेला एवं भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, गरियाबंद के कार्यालयीन दूरभाष क्रमांक 07706-241269 एवं मोबाइल नंबर 93295-59607 पर संपर्क किया जा सकता है।

CG: सहायक शिक्षक पर गिरी गाज, फर्जी D.Ed. प्रमाण पत्र की खुली पोल

बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने वाले एक सहायक शिक्षक पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर कसडोल विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला कंजिया में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) रामेश्वर प्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार पिसीद (कसडोल) निवासी हेमदास मानिकपुरी ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि रामेश्वर प्रसाद साहू ने वर्ष 2011 में फर्जी डी.एड. अंकसूची (सत्र 2008, रोल नंबर 47240442) प्रस्तुत कर शिक्षाकर्मी वर्ग-03 के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। संदेह तब गहराया जब नियुक्ति के 11 साल बाद उन्होंने पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर से दोबारा डी.एड. किया। इससे स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2011 की नियुक्ति के समय जमा किया गया प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी और कूटरचित था।

जांच मे खुली पोल-कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत कसडोल और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कसडोल द्वारा जांच की गई। जांच रिपोर्में गंभीर गड़बड़ी पाई गई। शिक्षक द्वारा 4 जनवरी 2011 को कार्यभार ग्रहण करते समय संलग्न डी.एड. प्रमाण पत्र के सील पर जिला बलौदाबाजार अंकित था, जबकि बलौदाबाजार जिले का गठन वर्ष 2012 में हुआ था। एक अन्य प्रतिवेदन के सील में जिला रायपुर दर्ज था।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर शिक्षक के उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत पाया गया। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत शिक्षक रामेश्वर प्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित के खिलाफ पृथक से विभागीय जांच संस्थित की जा रही है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पलारी तय किया गया है। नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

 

CG: छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार, अधीक्षिका निलंबित

कोरबा जिले के 100 सीटर कन्या छात्रावास पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ छात्रावास अधीक्षिका  शारदानेताम (मूल पद सहायक शिक्षक एल.बी.शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीहा) को छात्राओं के प्रति अनुचित व्यवहार की शिकायत की जांच के बाद निलंबित कर दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार 06 अगस्त 2026 को छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका के कार्य-व्यवहार को लेकर मुख्य मार्ग पर आक्रोश प्रदर्शन कर उन्हें हटाने तथा किसी अन्य व्यक्ति को अधीक्षिका के रूप में पदस्थ करने की मांग की थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पोड़ी उपरोड़ा द्वारा  प्रकरण की जांच के लिए तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की समिति गठित की गई थी। जांच प्रतिवेदन में अधीक्षिका का व्यवहार छात्राओं के प्रति उचित नहीं होने तथा मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराने, भोजन की गुणवत्ता खराब होने, छात्रावास परिसर में देर रात तक पूजा पाठ और घंटी बजाने से बच्चों की पढ़ाई एवं नींद प्रभावित होने संबंधी शिकायतों की पुष्टि हुई।

संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा से  प्राप्त प्रस्ताव एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर श्रीमती नेताम का कृत्य गंभीर कदाचरण की श्रेणी में पाए जाने पर  छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत श्रीमती शारदा नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है।

अब जमीन के सीमांकन के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, नया ऑनलाइन सिस्टम होगा लागू

राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ज़मीन के सीमांकन (Demarcation)  की प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। अब ज़मीन मालिकों को नाप-जोख या सीमांकन के लिए तहसील कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
नए डिजिटल सिस्टम में सीमांकन आवेदन के लिए तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि सिर्फ  लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर) और राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटिज़न  पोर्टल या सेवासेतु के माध्यम से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगे। जिससे सीमांकन के ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन को E-Court अंतर्गत  तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था खत्म की जा रही है। आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर हो जाएंगे। एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा भी अपने रिपोर्ट ऑनलाइन  जमा करने का प्रावधान भी इसमें शामिल किया जा रहा है, जिससे आवेदक को आवेदन के संबंध मे सभी स्तर के जानकारी उपलब्ध होती रहेगी।
     
राजस्व विभाग के भू-अभिलेख शाखा से जारी पत्र अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट  (E-Court)  सॉफ्टवेयर में ज़रूरी तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गये हैं।
      
सिर्फ आपत्ति होने पर ही जाना होगा तहसील
नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग से पूरी होगी। आवेदक को तहसील कार्यालय केवल तभी जाना पड़ेगा, जब सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष द्वारा कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई जाए। अगर मामला निर्विवाद है, तो आवेदक को एक बार भी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
मैन्युअल व्यवस्था खत्म होने से दफ्तरों की अनचाही भाग-दौड़ और बिचौलियों का दखल पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। तय समय-सीमा के कारण मामलों के पेंडिंग रहने की समस्या दूर होगी और आवेदकों को निश्चित समय में सीमांकन रिपोर्ट मिल जाएगी। 

ई-गवर्नेंस की ओर एक और बड़ा कदम
राजस्व विभाग नागरिकों की सुविधा के लिए पहले ही कई सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर चुका है। जिसमें डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II नागरिक घर बैठे खसरा और खतौनी की QR कोड वाली प्रमाणित कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं। ज़मीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (Diversion) और नजूल ज़मीन के टैक्स रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई का स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है।

राजस्व विभाग की यह नई पहल राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को पारदर्शी तरीके से हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

*CG महासमुंद/ खैर लकड़ी तस्करी पर बड़ा खुलासा: रायगढ़ से हरियाणा-हिमाचल तक नेटवर्क, सरायपाली में विधायक प्रतिनिधि पर भाजपा नें उठाए सवाल; बसना में गिरफ्तारी पर हंगामा देखिए वीडियो

CG सरायपाली रायगढ़ खैर लकड़ी तस्करी मामले में सियासत गरमाई, विधायक प्रतिनिधि को लेकर भाजपा ने कांग्रेस से पूछे सवाल देखें वीडियोविधायक प्रतिनिधि से जुड़े गंभीर सवालों पर कांग्रेस की चुप्पी क्यों? भाजपा ने विधायक चतुरी नंद और कांग्रेस संगठन से मांगा जवाब सरायपाली/बलौदा। सरायपाली क्षेत्र में बेशकीमती खैर लकड़ी की कथित अवैध कटाई एवं तस्करी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलांबर वी. तांडी ने कांग्रेस संगठन और सरायपाली विधानसभा की वर्तमान विधायक चतुरी नंद की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण में स्पष्टता की मांग की है।

 

नीलांबर वी. तांडी ने कहा कि भरत मेश्राम को सरायपाली विधायक चतुरी नंद द्वारा वन विभाग का विधायक प्रतिनिधि बनाया गया है तथा वे कांग्रेस संगठन में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में यदि उनके विरुद्ध किसी मामले में कार्रवाई चल रही है और वे फरार बताए जा रहे हैं, तो कांग्रेस संगठन एवं विधायक चतुरी नंद को जनता के सामने अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह केवल किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही, पारदर्शिता और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया से जुड़ा विषय है। विधायक प्रतिनिधि की नियुक्ति पर उठाए सवाल भाजपा मंडल अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब भरत मेश्राम को विशेष रूप से वन विभाग का विधायक प्रतिनिधि बनाया गया, तो आखिर उन्हें वन विभाग का प्रतिनिधित्व देने का उद्देश्य क्या था? क्या यह जिम्मेदारी केवल सामान्य समन्वय के लिए थी या इसके पीछे कोई विशेष राजनीतिक एवं प्रशासनिक उद्देश्य था? जनता को इसकी जानकारी मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधायक प्रतिनिधि की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और वह जनता, विधायक तथा प्रशासन के बीच समन्वय का कार्य करता है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि भरत मेश्राम की वन विभाग के विधायक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्ति किन आधारों पर हुई, नियुक्ति से पहले उनका आवश्यक सत्यापन किया गया था या नहीं और वर्तमान परिस्थितियों में विधायक चतुरी नंद एवं कांग्रेस संगठन का उनके संबंध में आधिकारिक रुख क्या है।

नीलांबर वी. तांडी ने सवाल किया कि यदि विधायक चतुरी नंद को पूरे मामले की जानकारी थी तो भरत मेश्राम को वन विभाग जैसे महत्वपूर्ण विषय का विधायक प्रतिनिधि क्यों बनाया गया और यदि जानकारी नहीं थी तो नियुक्ति से पहले आवश्यक सत्यापन क्यों नहीं किया गया?

उन्होंने कहा कि खैर जैसी बेशकीमती वन संपदा से जुड़े विषय में विधायक प्रतिनिधि की भूमिका और जिम्मेदारी को देखते हुए यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि जिस व्यक्ति को वन विभाग का प्रतिनिधित्व सौंपा गया, उसी क्षेत्र में बहुमूल्य खैर लकड़ी की कथित अवैध कटाई एवं परिवहन को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं।

खैर लकड़ी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग श्री तांडी ने सरायपाली क्षेत्र में बेशकीमती खैर लकड़ी की कथित अवैध कटाई एवं परिवहन को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि अवैध कटाई और परिवहन के पीछे कौन लोग हैं तथा कहीं किसी प्रभावशाली व्यक्ति या राजनीतिक संरक्षण की भूमिका तो नहीं है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग के विधायक प्रतिनिधि की भूमिका, क्षेत्र में खैर लकड़ी की कथित अवैध कटाई एवं परिवहन तथा इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के संबंधों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “जनता अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछ रही है और जवाब की अपेक्षा कर रही है। यह किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने का विषय नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता का सवाल है। जब विधायक चतुरी नंद द्वारा भरत मेश्राम को वन विभाग का विधायक प्रतिनिधि बनाया गया है, तो जनता यह जानना चाहती है कि उन्हें यह जिम्मेदारी किस उद्देश्य से दी गई थी और इस जिम्मेदारी के दौरान उनकी भूमिका क्या रही। खैर लकड़ी से जुड़े कथित मामले और विधायक प्रतिनिधि की भूमिका पर कांग्रेस एवं विधायक चतुरी नंद को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मौन रहने से सवाल खत्म नहीं होंगे।”

 

 लकड़ी तस्करी के आरोपी की गिरफ्तारी पर हंगामा, पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर बैठी महिला बसना। खैर लकड़ी तस्करी के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची रायगढ़ पुलिस को बसना में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस जब आरोपी मनीष अग्रवाल को पकड़कर ले जाने लगी, तो परिजनों ने हंगामा कर दिया और पुलिस टीम के साथ उनकी तीखी झूमाझटकी हुई। गिरफ्तारी से आक्रोशित परिजन पुलिस वाहन के सामने आ गए।

एक महिला आरोपी को ले जाने से रोकने के लिए पुलिस जीप के बोनट पर ही चढ़कर बैठ गई, जिससे मौके पर भारी तनाव की स्थिति बन गई। बोनट से महिला को हटाने के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने की सूचना है।

रायगढ़ के जूटमिल थाने में साल 2025 में खैर लकड़ी की तस्करी का अपराध दर्ज हुआ था। आरोपी मनीष इस मामले में लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। भारी हंगामे के बावजूद पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार कर अपने साथ ले जाने में सफल रही। इस पूरे घटनाक्रम की बसना में दिनभर चर्चा रही।

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रायगढ़ में फर्जी TP से लकड़ी तस्करी के इंटरस्टेट सिंडिकेट का खुलासा

रायगढ़ जिले में खैर और तेंदू प्रजाति की बेशकीमती लकड़ियों की कथित अवैध कटाई और तस्करी करने वाले इंटरस्टेट सिंडिकेट का पुलिस और वन विभाग ने खुलासा किया है। पुलिस ने रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपी भरत कुमार मेश्राम फरार बताया गया है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र के जंगलों से लकड़ी कटवाते थे। इसके बाद लकड़ी को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में जमा कर छिलाई की जाती थी। यहां से ट्रांसपोर्ट के जरिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों में भेजकर मुनाफा कमाया जाता था।

फर्जी TP बनाकर अवैध लकड़ी को दिखाते थे वैध

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा अवैध रूप से काटी गई लकड़ी की तस्करी को वैध दिखाने के लिए फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) का इस्तेमाल किया जाता था। वन विभाग की जांच में एक ऐसा TP मिला, जिस पर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। प्रथम दृष्टया दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

5 मई 2025 को गोदाम में मिला था अवैध लकड़ी का स्टॉक

पिछले साल 5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित नरेश अग्रवाल के गोदाम में दबिश दी थी। यह गोदाम रोहित मित्तल ने किराए पर लिया था।

कार्रवाई के दौरान ट्रक में लोड और गोदाम में रखी खैर व तेंदू की लकड़ी, कटर मशीन और अन्य सामान जब्त किया गया था। SSP शशि मोहन सिंह के मुताबिक गोदाम से 42 नग तेंदू के लट्ठे भी मिले थे। कार्रवाई के दौरान रोहित मित्तल अपने साथियों के साथ मौके से भाग गया था।

वन विभाग ने जांच के बाद पुलिस को दिया आवेदन

गोदाम से जब्त लकड़ी की ट्रांसपोर्टिंग के लिए आरोपियों ने वन अमले के सामने TP पेश किया था। जांच में TP पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं मिले। इसके बाद वन विभाग ने दस्तावेज की जांच की और इसे प्रथम दृष्टया फर्जी पाया।

मामले में विस्तृत जांच के लिए वन विभाग के रेंजर ने 2 सितंबर को जूटमिल थाने में आवेदन दिया। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

गोदाम से दूसरे राज्यों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार रोहित मित्तल ने गढ़उमरिया में गोदाम लेकर अवैध लकड़ी का स्टॉक कराया। उसका बिजनेस पार्टनर मनीष अग्रवाल लकड़ी की छिलाई के काम में शामिल था। वहीं भरत मेश्राम और सलाउद्दीन खान के जरिए लकड़ी को दूसरे राज्यों तक भेजने की बात सामने आई है।

तीन गिरफ्तार, एक आरोपी फरार पुलिस की विशेष टीम ने जांच के दौरान तीनों आरोपियों की भूमिका की पुष्टि के बाद रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया। पूछताछ और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

पुलिस अब फरार आरोपी भरत कुमार मेश्राम की तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

SSP बोले- संगठित गिरोह की तरह कर रहे थे काम

SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। जांच में पता चला कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। फर्जी TP के जरिए अवैध लकड़ी को वैध बताकर दूसरे राज्यों में भेजने की कोशिश की जा रही थी।

CG : महिला ने एक साथ दिया 3 स्वस्थ बच्चों को जन्म

बलरामपुर जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जरूरतमंद मरीजों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
राजपुर विकासखंड की अति-जोखिम वाली गर्भवती पहाड़ी कोरवा महिला श्रीमती बसंती किसी कारणवश जिला अस्पताल अंबिकापुर से बिना उपचार कराए अपने गांव वापस लौट आई थीं। इसकी जानकारी मिलते ही विभागीय अमला तत्काल सक्रिय हुआ और महिला को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई।

स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम तथा अस्पताल के चिकित्सकों के समन्वित एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप बसंती ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के मामले में समय पर पहचान, नियमित निगरानी और तत्काल रेफरल अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ व आदिवासी अंचलों में प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व की सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सजग स्वास्थ्य अमले, त्वरित एंबुलेंस सेवा और मैदानी कार्यकर्ताओं के इस उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।

चिवराकुट्टा/ सरायपाली में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, नवजीवन मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और ऑर्थोपेडिक सेवाएं उपलब्ध

चिवराकुट्टा/ सरायपाली। क्षेत्र के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नवजीवन मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुट्टा, सिंघोड़ा, सरायपाली में विभिन्न अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यहां लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के साथ-साथ ऑर्थोपेडिक विभाग में हड्डी, जोड़ एवं चलने-फिरने से जुड़ी समस्याओं का आधुनिक उपचार किया जा रहा है।

छोटे चीरे से लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा

अस्पताल में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के तहत पित्त की थैली की पथरी के लिए लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी, अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए लैप्रोस्कोपिक एपेंडेक्टॉमी, हर्निया के उपचार के लिए लैप्रोस्कोपिक हर्नियोप्लास्टी, गर्भाशय निकालने के लिए लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी तथा अंडाशय की गांठ के ऑपरेशन के लिए लैप्रोस्कोपिक ओवेरियन सिस्टेक्टॉमी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

अस्पताल के अनुसार लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में छोटे चीरे, अपेक्षाकृत कम दर्द एवं कम रक्तस्राव और जल्द सामान्य गतिविधियों में लौटने जैसे लाभ हो सकते हैं। विज्ञापन में चीरे का आकार लगभग 0.5 से 1 सेमी तक बताया गया है।

ऑर्थोपेडिक विभाग में हड्डी-जोड़ों का आधुनिक इलाज

नवजीवन अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में रीढ़ की हड्डी, कंधा, घुटना, कूल्हा, पैर एवं टखना तथा हाथ एवं कलाई से संबंधित समस्याओं के उपचार की सुविधा बताई गई है।

उपलब्ध सेवाओं में हड्डियों के फ्रैक्चर का उपचार, घुटना एवं कूल्हे के दर्द का इलाज, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण (Joint Replacement), आर्थ्रोस्कोपी, रीढ़ की हड्डी की समस्याओं का उपचार, खेल संबंधी चोटों का इलाज, बच्चों की हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का उपचार तथा फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन सुविधा शामिल है।

आधुनिक तकनीक के साथ उपचार की सुविधा

अस्पताल की प्रचार सामग्री में अनुभवी विशेषज्ञ टीम, आधुनिक उपकरण एवं तकनीक, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार तथा व्यक्तिगत देखभाल और फॉलो-अप पर जोर दिया गया है। अस्पताल ने क्षेत्रवासियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का दावा किया है।

अधिक जानकारी एवं परामर्श के लिए संपर्क:
📞 08331-015859
📱 9424184383
📍 नवजीवन मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुट्टा, सिंघोड़ा, सरायपाली (छत्तीसगढ़)

नोट: यह समाचार अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रचार सामग्री पर आधारित है।

सरायपाली में खड़ी कार को दूसरे वाहन ने मारी टक्कर, बलेनो क्षतिग्रस्त

सरायपाली में खड़ी कार को दूसरे वाहन ने मारी टक्कर, बलेनो क्षतिग्रस्त

सरायपाली, महासमुंद। सरायपाली थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-53 पर खड़ी कार को एक अन्य वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में बलेनो कार क्षतिग्रस्त हो गई। मामले में वाहन मालिक ने थाना सरायपाली में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार ग्राम आरबीचीपमेन निवासी मनोज कुमार पटेल छत्तीसगढ़ वेयरहाउसिंग स्टेट हाउस कॉरपोरेशन की शाखा सरायपाली में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि 6 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे वे अपनी बलेनो कार क्रमांक CG 06 GS 9582 से सरायपाली से बैतारी की ओर NH-53 से जा रहे थे।

रास्ते में उन्होंने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी कर कुछ समय के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान MH20GC9398 क्रमांक के वाहन के चालक ने उनकी खड़ी कार को टक्कर मार दी। टक्कर से उनकी बलेनो कार क्षतिग्रस्त हो गई।

घटना के संबंध में मनोज कुमार पटेल ने थाना सरायपाली में आवेदन प्रस्तुत कर FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। मामले में पुलिस द्वारा आवेदन के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बसना। राइस मिल में चोरों का धावा, मोटर-केबल समेत हजारों का सामान पार

बसना। रायपुर बायपास रोड स्थित महालक्ष्मी राइस मिल में अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर मोटर, केबल, स्टार्टर, पैनल का सामान, कैपेसिटर, सौटेक्स मशीन का सामान और लोहे का कबाड़ समेत करीब 8 हजार रुपये का सामान चोरी कर लिया। मामले में बसना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, आवेदक वरूण अग्रवाल निवासी अग्रसेन वार्ड बसना ने 6 सितंबर 2026 को थाना बसना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 27 अगस्त को रायपुर रोड पर दानी फ्यूल के पास स्थित लक्ष्मी राइस मिल एवं भवानी राइस मिल परिसर में अज्ञात लोग चोरी कर रहे थे। चोर मिल के कार्यालय का कांच तोड़कर अंदर घुसे और वहां लगे सामान की चोरी की।

घटना के दौरान कुछ लोगों ने संदिग्धों को सामान ले जाते हुए देखा और पकड़ने का प्रयास किया। बताया गया कि मौके से तीन संदिग्धों को पकड़कर थाना बसना पुलिस के हवाले किया गया, जबकि अन्य आरोपी भाग निकले।

शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने चोरी की घटना घटित होना पाए जाने पर धारा 305 एवं 331(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपियों और चोरी गए सामान की बरामदगी के संबंध में जांच कर रही है।