बागबाहरा में अवैध शराब पर पुलिस की दबिश, 7.240 लीटर शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

बागबाहरा में अवैध शराब पर पुलिस की दबिश, 7.240 लीटर शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद/बागबाहरा, 7 सितंबर 2026। बागबाहरा पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी के पास एक मकान से कुल 7.240 लीटर देशी प्लेन एवं हाथ भट्ठी महुआ शराब बरामद की है। जब्त शराब की कुल कीमत 2,240 रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने आरोपी बसंत दीवान (38) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को प्रशिक्षु उप निरीक्षक अंजली प्रधान हमराह आरक्षक 614 विरेन्द्र कर एवं आरक्षक 103 संदीप भोई के साथ शासकीय वाहन से देहात/टाउन पेट्रोलिंग पर रवाना हुई थीं। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कृषि उपज मंडी बागबाहरा के पास बसंत दीवान अपने घर में अवैध रूप से बिक्री के लिए शराब रखे हुए है।

सूचना से थाना प्रभारी को अवगत कराने के बाद पुलिस टीम गवाह प्रदीप वर्मा एवं यशवंत तांडी को साथ लेकर मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आंगन में रखे ड्रम के पीछे एक हरे रंग की प्लास्टिक बोरी मिली।

बोरी की जांच करने पर उसमें 18 पौवा देशी प्लेन शराब, प्रत्येक 180 मिली, कुल 3.240 लीटर कीमत 1,440 रुपये मिली। इसके अलावा 2 लीटर क्षमता की एक प्लास्टिक बोतल तथा 1-1 लीटर क्षमता की दो प्लास्टिक बोतलों में कुल 4 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 800 रुपये बताई गई।

इस तरह पुलिस ने कुल 7.240 लीटर शराब, जिसकी कीमत 2,240 रुपये है, जब्त की। आरोपी से शराब रखने एवं बिक्री के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने शराब को गवाहों की मौजूदगी में बरामद कर मौके पर सीलबंद किया।

कार्रवाई के बाद आरोपी को जब्त शराब सहित थाना लाया गया। जब्त सामग्री को मालखाने में सुरक्षित रखने के लिए माल मोहर्रिर के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने आरोपी बसंत दीवान के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

भंवरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 52 लीटर महुआ शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद/भंवरपुर चौक थाना बसना। अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भंवरपुर चौकी पुलिस ने ग्राम केवटापाली और पुरुषोत्तमपुर में दबिश देकर 52 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब जब्त की है। कार्रवाई में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जब्त शराब की कुल कीमत 10,400 रुपये बताई गई है।

पहली कार्रवाई ग्राम केवटापाली में की गई, जहां मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रजनी लहरे और गेदबाई लहरे के घर-बाड़ी में दबिश दी। तलाशी के दौरान दोनों के संयुक्त कब्जे से 44 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब, जिसकी कीमत करीब 8,800 रुपये है, बरामद हुई। पुलिस ने मौके से शराब जब्त कर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया।

इसी तरह दूसरी कार्रवाई ग्राम पुरुषोत्तमपुर में की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने अनुसर विश्वकर्मा के झोपड़ी के पास घेराबंदी कर कार्तिराम साहू को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 8 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 1,600 रुपये है। आरोपी को गिरफ्तार कर शराब जब्त की गई।

कार्रवाई के दौरान केवटापाली में आरोपियों के कब्जे से 25 बाल्टियों में करीब 125 किलोग्राम महुआ लाहन भी बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने मौके पर पंचनामा तैयार कर नष्ट किया।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर अपराध दर्ज किया है। कार्रवाई चौकी भंवरपुर प्रभारी के निर्देशन में उपनिरीक्षक कमलेश पाल, प्रधान आरक्षक परमानंद रथ सहित पुलिस टीम द्वारा की गई।

बसना के खिरोद कुमार साव को मिली ईवी सब्सिडी, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से हुआ समस्या का समाधान

मुख्यमंत्री एवं परिवहन विभाग के प्रति जताया आभार

बसना, 07 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई कर नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

इसी क्रम में महासमुन्द जिले के बसना विकासखंड के ग्राम केंवटापाली निवासी खिरोद कुमार साव ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की लंबित सब्सिडी राशि प्राप्त नहीं होने की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग ने प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप खिरोद कुमार साव को उनके ईवी वाहन की लंबित सब्सिडी राशि प्राप्त हो गई।

समस्या का समाधान होने पर श्री साव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से उनकी समस्या का समय पर समाधान हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने डिजिटल क्रॉप सर्वे में रचा इतिहास, 87% प्रगति के साथ प्रदेश में अव्वल

रायपुर, 07 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ का नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और बेहतर प्रशासनिक रणनीति के दम पर डिजिटल कृषि की दिशा में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना के क्रियान्वयन में जिले ने 87 प्रतिशत कार्य पूर्णता के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं 86 प्रतिशत के साथ खैरागढ़ दूसरे और 81 प्रतिशत प्रगति के साथ कोरिया तीसरे स्थान पर है।

53 हजार से अधिक प्लॉटों का सर्वे, 35 हजार मामलों का अनुमोदन

जिले में कुल 53 हजार 524 लक्षित प्लॉटों के विरुद्ध अब तक 47 हजार 350 प्लॉटों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। वहीं 35 हजार 476 मामलों का अनुमोदन भी किया जा चुका है। इससे जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे की जमीनी प्रगति और प्रशासनिक सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सारसींवा और भटगांव तहसील का शानदार प्रदर्शन

जिले की सभी छह तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सारसींवा तहसील 93.27 प्रतिशत प्रगति के साथ जिले में सबसे आगे है। इसके बाद भटगांव तहसील ने 93.15 प्रतिशत सर्वे पूरा कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

जिले के सबसे बड़े राजस्व क्षेत्र सारंगढ़ तहसील में 88.60 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही यहां 84.36 प्रतिशत अनुमोदन दर्ज किया गया है। इसी तरह सारिया, बिलाईगढ़ और बरमकेला तहसीलों में भी 84 से 86 प्रतिशत से अधिक सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

डिजिटल क्रॉप सर्वे से खेतों और फसलों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे कृषि एवं राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी। भविष्य में यही डिजिटल जानकारी किसानों को फसल बीमा दावों, शासकीय योजनाओं और अन्य कृषि आधारित सुविधाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राजस्व और कृषि विभाग की टीम शेष प्लॉटों का सर्वे जल्द पूरा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में जुटी हुई है। नियमित समीक्षा और मैदानी अमले के साथ बेहतर समन्वय के चलते कार्य में लगातार तेजी लाई जा रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ की यह उपलब्धि प्रदेश में तकनीक आधारित कृषि प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।

रायपुर : एआई से फर्जी आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर बदनाम करना गंभीर साइबर अपराध

महिला आयोग की जनसुनवाई में 17 प्रकरणों की सुनवाई, 5 मामले नस्तीबद्ध

रायपुर, 07 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में सोमवार को रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में प्रदेश स्तर की द्वितीय जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 30 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए, जिनमें 17 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जबकि 5 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। इस दौरान आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका शोरी भी मौजूद रहीं।

जनसुनवाई में एआई के दुरुपयोग से जुड़ा मामला प्रमुख रूप से सामने आया। आवेदिका ने शिकायत की कि कुछ लोगों द्वारा एआई तकनीक के माध्यम से उसकी फर्जी आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं, जिससे उसकी सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आयोग ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी का माना। आयोग ने स्पष्ट किया कि आवेदिका संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र है। वहीं, अनावेदक पक्ष द्वारा अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगे जाने पर प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया।

पुराने मामले पर भी आयोग ने लिया संज्ञान

एक अन्य प्रकरण में आवेदिकाओं ने शिकायत की कि पिछली सुनवाई के दौरान उनकी बात सुने बिना ही मामला नस्तीबद्ध कर दिया गया था। आवेदिकाओं ने सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। आयोग ने शिकायत पर पुनर्विचार करते हुए प्रकरण को आगामी कार्रवाई के लिए रखा।

पति-पत्नी विवाद में सुलह, मामला निगरानी में

पति-पत्नी के विवाद से जुड़े एक मामले में आवेदिका ने शारीरिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार और धमकी देने की शिकायत की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सुलह होने और साथ रहने की जानकारी सामने आने पर आयोग ने प्रकरण को निगरानी में रखने का निर्णय लिया।

वहीं, एक अन्य मामले में पति द्वारा पत्नी की बहन के साथ रहने की बात स्वीकार किए जाने पर आयोग ने उसे पुलिस अभिरक्षा के साथ पत्नी को ससुराल ले जाने के निर्देश दिए। मामले को आगे की सुनवाई के लिए रखा गया।

संपत्ति विवाद में विधिक सहायता की सलाह

घर से निकाले जाने और पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल किए जाने की शिकायत पर आयोग ने आवेदिका को विधिक सहायता के माध्यम से अधिवक्ता से परामर्श लेने की सलाह दी। इसके अलावा मां और बेटे-बहू के बीच पारिवारिक विवाद के मामले में दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आयोग ने आपसी मतभेद दूर कर शांतिपूर्वक रहने की समझाइश दी।

महिलाओं की डिजिटल गरिमा से समझौता नहीं

जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं की गरिमा और प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली डिजिटल गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा। एआई तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर किसी महिला को बदनाम करना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को विधिक कार्रवाई के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

शासकीय अनुदान ने पूरा किया मछली पालन का सपना, दुर्गावती ने बायोफ्लॉक से शुरू की आत्मनिर्भरता की राह

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिला 60 प्रतिशत अनुदान, 5 से 6 क्विंटल उत्पादन और करीब एक लाख रुपये आय की उम्मीद

रायपुर, 7 सितंबर 2026।
बलरामपुर जिले के ग्राम करीचलगली की श्रीमती दुर्गावती सिरोटिया ने शासकीय योजना का लाभ लेकर मछली पालन के अपने लंबे समय से देखे जा रहे सपने को साकार किया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिले आर्थिक सहयोग और मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने बायोफ्लॉक तालाब तैयार कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है।

दुर्गावती की लंबे समय से मछली पालन में रुचि थी, लेकिन व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिली। योजना के माध्यम से उन्हें अपने सपने को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिला।

60 प्रतिशत शासकीय अनुदान से तैयार हुआ बायोफ्लॉक तालाब

वर्ष 2025-26 में दुर्गावती ने योजना के तहत बायोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। परियोजना लागत का 60 प्रतिशत शासकीय अनुदान उन्हें मत्स्य विभाग के माध्यम से मिला, जबकि शेष 40 प्रतिशत राशि उन्होंने स्वयं वहन की। विभाग की ओर से उन्हें मछली पालन की तकनीक और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।

5 से 6 क्विंटल मछली उत्पादन की उम्मीद

बायोफ्लॉक तालाब तैयार होने के बाद अब दुर्गावती मछली पालन को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। उन्हें इस तालाब से लगभग 5 से 6 क्विंटल मछली उत्पादन की उम्मीद है, जिससे करीब एक लाख रुपये तक की आय होने की संभावना है।

दुर्गावती का कहना है कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वर्षों से अधूरा उनका सपना अब शासकीय सहायता से पूरा होने की दिशा में है। उनके लिए यह अनुदान केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

दुर्गावती की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है। उनका मानना है कि शासन की योजनाओं का सही लाभ और विभागीय मार्गदर्शन मिले तो सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

करीचलगली में तैयार उनका बायोफ्लॉक तालाब अब केवल मछली उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत बन गया है।

तहसील के चक्कर खत्म! अब घर बैठे होगा जमीन का सीमांकन, 7 दिन में लागू होगा नया डिजिटल सिस्टम

रायपुर, 7 सितंबर 2026।
छत्तीसगढ़ में जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी जल्द खत्म होने वाली है। राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिक लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर), राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल अथवा सेवासेतु के माध्यम से सीमांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

तहसील में मैन्युअल आवेदन की व्यवस्था होगी खत्म

नई डिजिटल व्यवस्था में सीमांकन के ऑफलाइन अथवा मैन्युअल आवेदन को ई-कोर्ट के अंतर्गत तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था समाप्त की जा रही है। ऑनलाइन आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर होगा। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षक को अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन जमा करनी होगी। इससे आवेदक को आवेदन की पूरी प्रक्रिया और उसके स्टेटस की जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी।

राजस्व विभाग की भू-अभिलेख शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी बदलाव कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपत्ति होने पर ही जाना पड़ेगा तहसील

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि निर्विवाद सीमांकन के मामलों में आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से आगे बढ़ेगी।

हालांकि, यदि सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से औपचारिक आपत्ति दर्ज की जाती है, तो आवेदक को तहसील कार्यालय बुलाया जा सकता है। यानी सामान्य और निर्विवाद मामलों में लोगों को दफ्तर के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

बिचौलियों की भूमिका पर भी लगेगी रोक

ऑफलाइन और मैन्युअल प्रक्रिया खत्म होने से अनावश्यक भाग-दौड़ कम होगी और बिचौलियों की भूमिका पर भी अंकुश लगेगा। ऑनलाइन प्रक्रिया और निर्धारित समय-सीमा से सीमांकन के मामलों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ लंबित प्रकरणों की समस्या कम होने की उम्मीद है। आवेदकों को सीमांकन रिपोर्ट भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्व सेवाओं को लगातार किया जा रहा डिजिटल

राजस्व विभाग पहले ही कई महत्वपूर्ण सेवाओं को ऑनलाइन कर चुका है। नागरिक डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II की QR कोड वाली प्रमाणित प्रतियां घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं। जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

इसके अलावा ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (डायवर्सन) और नजूल जमीन के टैक्स रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती है।

नई सीमांकन व्यवस्था को राजस्व सेवाओं के डिजिटल विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों को समय की बचत के साथ पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से जमीन संबंधी सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

महिला के पेट से निकाला 8 किलो का विशाल ट्यूमर, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बचाई जान

महिला के पेट से निकाला 8 किलो का विशाल ट्यूमर, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बचाई जान

रायपुर, 7 सितंबर 2026। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने एक जटिल और हाई-रिस्क ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 46 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी। लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय, रायगढ़ में झलमला निवासी चंपा यादव के पेट से करीब 8 किलोग्राम वजनी विशालकाय फाइब्रॉएड ट्यूमर निकाला गया।

ट्यूमर का आकार लगभग 24.2 × 23.1 × 17 सेंटीमीटर था, जो आकार में एक बड़े फुटबॉल के बराबर बताया गया। महिला पिछले एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से परेशान थीं। 22 अगस्त को उन्हें गंभीर हालत में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया।

जांच में उनका हीमोग्लोबिन महज 7.5 ग्राम/डेसीलीटर पाया गया। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में सामने आया कि विशाल ट्यूमर के दबाव से गर्भाशय विस्थापित हो गया था, जबकि बायीं मूत्रवाहिनी पर भी दबाव पड़ रहा था। इसके कारण किडनी प्रभावित होने के साथ लिवर के पैरामीटर भी बिगड़ गए थे।

पहले मरीज को किया गया स्थिर

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन करने के बजाय पहले उन्हें सर्जरी के लिए स्थिर किया। खून की कमी दूर करने के लिए कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) चढ़ाए गए। साथ ही एंटीबायोटिक्स और आवश्यक उपचार देकर उनके ऑर्गन फंक्शन को बेहतर किया गया।

तीन विभागों की संयुक्त टीम ने किया ऑपरेशन

मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद 1 सितंबर 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत हाई-रिस्क एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि विशाल ट्यूमर आंतों से गहराई तक चिपका हुआ था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनरल सर्जरी यूनिट की सहायता ली गई। स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने बेहद सावधानी से ट्यूमर को आंतों से अलग किया। दोनों मूत्रवाहिनियों को सुरक्षित रखते हुए जटिल सर्जरी पूरी की गई। इसके बाद गर्भाशय सहित विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक शरीर से बाहर निकाला गया।

अब महिला की हालत स्थिर

सफल ऑपरेशन के बाद चंपा यादव को रिकवरी रूम में रखा गया, जहां उन्हें आवश्यक आईवी फ्लूइड्स और दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।

इस जटिल ऑपरेशन की सफलता को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों की टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

CG : साय कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 09 सितम्बर 2026 को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में होगी। मंत्रिपरिषद की यह बैठक मंत्रालय स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों एवं प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना है।

 

तीजा तिहार में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की दिखी भव्य झलक, मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

तीजा तिहार में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की दिखी भव्य झलक, मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

बहतराई स्टेडियम में झूले, मेहंदी, गीत-संगीत और पारंपरिक व्यंजनों ने बढ़ाई उत्सव की रौनक

बिलासपुर, 6 सितंबर 2026।

बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा तिहार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक आत्मीयता की मनमोहक झलक देखने को मिली। माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक तीजा पर्व मनाया। कार्यक्रम में झूले, मेहंदी, भोजन और उपहार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने भी विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और उत्सवी माहौल से पूरा स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और तीजा की खुशियों से सराबोर रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं गांव और घर के नजदीक पहुंचें। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि खनिज और वन संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने की दो बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए 30 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

 

तीजा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था का पर्व : उप मुख्यमंत्री

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ–साथ समाज में आत्मीयता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।

 

महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : लक्ष्मी राजवाड़े

 

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। महिलाओं के जीवन में इस पर्व का विशेष महत्व है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीजा जैसे पारंपरिक पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक अपनी परंपराओं को पहुंचाने का संदेश देते हैं।

नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का माध्यम : विधायक सुशांत शुक्ला

 

बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से गहराई से जुड़ा पर्व है। इसमें माताओं और बहनों की आस्था, त्याग और पारिवारिक प्रेम की सुंदर झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

तीजा तिहार के इस भव्य आयोजन ने महिलाओं, बच्चों और परिवारों को एक साथ उत्सव मनाने का अवसर दिया। पारंपरिक गीत-संगीत, वेशभूषा, मेहंदी, झूले और स्वादिष्ट व्यंजनों के बीच बहतराई स्टेडियम में देर तक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।