बसना: भीषण आग पराली से उठी लपटें धान संग्रहण केंद्र तक पहुंचीं 200 एकड़ क्षेत्र प्रभावित होने की खबर दमकल और पुलिस मौके पर पहुंची देखे वीडियो

बसना: भीषण आग पराली से उठी लपटें धान संग्रहण केंद्र तक पहुंचीं 200 एकड़ क्षेत्र प्रभावित होने की खबर दमकल और पुलिस मौके पर पहुंची देखे वीडियो

छत्तीसगढ़ महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गड़ फुलझर में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने के दौरान आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते आसपास के बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।

 

प्रारंभिक जानकारी में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र प्रभावित होने की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि खेतों में लगी आग फैलते हुए धान संग्रहण  केंद्र परिसर तक पहुंच गई, जहां रखे धान खरीदी के भूषा (भूसा) में आग पकड़ने से स्थिति और भयावह हो गई। आग की ऊंची लपटों और धुएं से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही बसना पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल वाहनों और पुलिस के लगातार प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया है

मामले में बसना थाना प्रभारी शरद दुबे ने बताया कि आग खेतों की ओर से लगी थी, जहां किसानों द्वारा पराली जलाई जा रही थी। आग बढ़ते हुए धान संग्रहण केंद्र परिसर में रखे भूसे तक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है तथा किसी जनहानि या खड़ी फसल को नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है
थाना प्रभारी शरद दुबे ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में खेतों में पराली जलाने से बचें, क्योंकि छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है और दोबारा ऐसी घटनाएं सामने आ सकती हैं

सरायपाली बागबहारा: दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड कृषि विभाग ने बताया- कार्रवाई नियमों के तहत

सरायपाली बागबहारा: दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड कृषि विभाग ने बताया- कार्रवाई नियमों के तहत

महासमुंद | 25 मई 2026
महासमुंद जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, जमाखोरी और अनियमित वितरण को लेकर प्रशासनिक निगरानी तेज कर दी गई है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों के निलंबन को लेकर विभाग ने तथ्यात्मक जानकारी जारी की है।
कृषि विभाग के अनुसार, वैश्विक स्तर पर उर्वरक आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए जिले में खाद वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कार्रवाई की जा रही है। शिकायत मिलने पर जांच और सत्यापन के बाद कदम उठाए जा रहे हैं।

विभाग के मुताबिक, हाल ही में शिकायतों की पुष्टि होने पर जिले के दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को निलंबित किया गया। इसके बाद कुछ वेब पोर्टलों में प्रकाशित खबरों में इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए शीर्षक प्रकाशित किए गए, जिन पर कृषि विभाग ने अपना पक्ष रखा है।
जारी जानकारी के अनुसार, 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच, जिसे फसल उत्पादन की अक्रियाशील अवधि बताया गया है, जिले के कई उर्वरक विक्रेताओं द्वारा किसानों को अनियमित रूप से अधिक मात्रा में खाद वितरण किए जाने की शिकायतें सामने आईं। जांच के बाद 26 उर्वरक विक्रय केन्द्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए।

विभाग ने यह भी बताया कि 4 उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर अत्यधिक मात्रा में उर्वरक विक्रय पाए जाने के मामले सामने आए। इनमें से कुछ केन्द्रों पर गत वर्ष भी 15 दिनों के लिए निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी थी।
कृषि विभाग के अनुसार, विकासखंड बागबाहरा और सरायपाली के दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को समय-सीमा बैठक और विभागीय पत्रों के माध्यम से इन उर्वरक केन्द्रों की जांच एवं सत्यापन रिपोर्ट तथा कार्रवाई संबंधी अनुशंसा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो जांच संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही अनुशंसा प्रस्तुत की गई। विभाग ने इसे उदासीन रवैया बताते हुए कहा कि इसी आधार पर कलेक्टर द्वारा नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की गई।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमित वितरण में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर अलर्ट मोड पर बलौदाबाजार नगर पालिका, केंद्रीय दल के औचक निरीक्षण की तैयारी तेज

बलौदाबाजार । केंद्रीय अध्ययन दल द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर का निरीक्षण किसी भी समय किया जा सकता है। नगर पालिका प्रशासन ने सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है, क्योंकि इस बार की रैंकिंग में नागरिकों का फीडबैक निर्णायक भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय टीम नागरिकों से कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कलेक्शन और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर सीधा संवाद करेगी। मोबाइल ऐप और फोन कॉल के जरिए भी फीडबैक लिया जाएगा।

सर्वेक्षण में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक निपटान, रिड्यूस-रियूज-रीसाइकिल (आरआरआर) मॉडल, और तालाबों/बाजारों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खुले में कचरा फेंकने पर सीधे अंक काटे जाएंगे।

109 सफाई कर्मी और 40 वाहन भी

नगर पालिका सफाई व्यवस्था पर सालाना 4 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक खर्च कर रही है, जिसमें 109 सफाई कर्मी और 40 वाहन तैनात हैं। इसके बावजूद, शहर के कई वार्डों में नियमित सफाई का अभाव है और खाली प्लाटों व सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं।

अधिकारियों का मानना है कि मार्च में कर वसूली (संपत्ति और जल कर) पर अधिक ध्यान देने के कारण सफाई व्यवस्था कुछ प्रभावित हुई थी, जिसे अब दुरुस्त किया जा रहा है।

वर्ष 2022 में बलौदाबाजार ने 25 से 50 हजार की आबादी वाले शहरों में ‘बेस्ट सिटी इन सिटिजन फीडबैक’  का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। अब उसी स्तर के प्रदर्शन को दोहराने का दबाव प्रशासन पर है। नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने शहर को शीर्ष 10 में लाने का लक्ष्य रखा है।

वहीं, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया है कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और फील्ड कर्मचारियों को विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में, शहर के प्रमुख मार्गों और घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर स्थिति को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।

महासमुंद में खनिज माफियाओं पर शिकंजा: विभाग ने 3 दिनों तक चलाया विशेष अभियान, अवैध परिवहन करते 5 हाइवा जप्त

महासमुंद। जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम द्वारा 21, 22 एवं 23 मई को विशेष जांच अभियान चलाते हुए अवैध रूप से खनिज परिवहन कर रहे 5 हाइवा वाहनों को जप्त किया। जब्त वाहनों में खनिज साधारण रेत से भरे 3 हाइवा तथा गिट्टी से भरे 2 हाइवा वाहन शामिल हैं। कार्रवाई के बाद वाहनों को सुरक्षार्थ थाना तुमगांव एवं कोतवाली महासमुंद में रखा गया है।  बरामद वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज विकास और विनियमन अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सपोस में आयोजित रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच और पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

पिथौरा। सपोस में आयोजित रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच और पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की। इस अवसर पर बसना विधायक डॉ. सम्पत अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष ऊषा पुरषोत्तम घृतलहरे, जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, बसना जनपद उपाध्यक्ष मोहित पटेल, बागबहरा जनपद उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार, पूर्व जनपद अध्यक्ष सतपाल सिंह छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

फाइनल मैच में ग्रीन सपोस ने रायगढ़ इलेवन को हराकर प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख 51 हजार रुपये और ट्रॉफी प्राप्त की। उपविजेता रायगढ़ इलेवन को 80 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई।
समारोह के आरंभ में जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि पुरषोत्तम घृतलहरे के नेतृत्व में अतिथियों का स्वागत किया गया। इस दौरान पंथी नृत्य, राउत नृत्य, गाजे-बाजे और आतिशबाजी का आयोजन किया गया। स्काउट गाइड के छात्रों द्वारा सलामी दी गई।

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मैदान में उपस्थित खेलप्रेमियों की संख्या यह दर्शाती है कि ग्राम सपोस का यह आयोजन प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के खिलाडिय़ों का यहां पहुंचना आयोजन की लोकप्रियता को प्रदर्शित करता है।

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ऐसे खेल आयोजन खिलाडिय़ों को प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर प्रदान करते हैं। विधायक डॉ. सम्पत अग्रवाल ने कहा कि सपोस में बड़े आयोजनों की परंपरा रही है और इस बार भी बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित हुए।

जनपद अध्यक्ष ऊषा पुरषोत्तम घृतलहरे ने कहा कि खेल आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होते हैं। वहीं जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और दैनिक दिनचर्या में खेल को शामिल करने की बात कही।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण पुरषोत्तम घृतलहरे द्वारा दिया गया। आभार प्रदर्शन सरपंच किशोर बघेल ने किया और मंच संचालन नरेंद्र बोरे द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कवलजीत सिंह छाबड़ा, दिनेश अग्रवाल, पुन्नी विष्णु साहू, हेमंत ठाकुर, निरंजन यादव, सोनू छाबड़ा, सोहन पटेल, गणेश पटेल, बाबूलाल साव सहित बड़ी संख्या में सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

महासमुंद में भाजयुमो का उग्र प्रदर्शन; प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, किया पुतला दहन

महासमुंद। भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के दिशा निर्देश में महासमुन्द भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी व पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अराजक मानसिकता का परिचायक बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में मर्यादा, औचित्य और सामाजिक सद्भाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। लेकिन राहुल गांधी का हालिया बयान इन मूल्यों के विपरीत है। लगातार चुनावी पराजय के कारण कांग्रेस नेता की भाषा और व्यवहार में हताशा झलक रही है।

महासमुंद पुलिस की त्वरित कार्रवाई: धारदार औजार से सिर पर प्राणघातक हमला करने वाला आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार

महासमुंद। महासमुन्द पुलिस ने हत्या के प्रयास मामले में आरोपी को चंद घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। इस मामले मेंधारदार औजार से आरोपी ने पीडि़त के सिर पर प्राणघातक हमला किया था। आरोपी के कब्जे से धारदार औजार बरामद किया गया है।

घटना 23 मई की है। पीडि़त टकेश्वर साहू निवासी वार्ड नं. 28 मौहारीभांठा, महासमुन्द ने कोतवाली थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 22 मई की रात्रि 8 बजे आरोपी शुभम निषाद मौहारीभांठा ने बच्चे को डांटन-धमकाने की मामूली सी बात को लेकर मुर्गा काटने वाले का चापड़ (धारदार औज़ार) से प्राण घातक हमला किया है। जिससे पीडि़त के सिर, दोनों हाथ, ऊंगलियों तथा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोंटे आई है। बताया कि घटना के बाद आरोपी शुभम फ रार हो गया है।

उक्त रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 309-2026 धारा 109-1 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर फरार आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने अपने सक्रिय मुखबिर तंत्र को अलर्ट किया और 24 मई को सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी शुभम निषाद को हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चापड़ को विधिवत जब्त किया है।

गिरफ्तार आरोपी शुभम निषाद के खिलाफ  कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

महासमुंद: सड़क हादसे की स्क्रिप्ट लिखकर की थी हत्या, 39 दिन बाद बकमा के चितरंजन मौत मामले का खुलासा; दो गिरफ्तार

महासमुंद। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ग्राम बकमा निवासी युवक चितरंजन पटेल की मृत्यु हत्या की साजिश का नतीजा थी। आरोपियों ने मारपीट के बाद बेहोश चितरंजन को सडक़ किनारे फेंककर तथा उसकी बाइक को पत्थरों से कुचलकर इसे सडक़ हादसा दिखाने की कोशिश की। वारदात 15 अप्रैल की है। बेहोश चितरंजन की 2 दिन पूर्व 22 मई को इलाज के दौरान मौत हो गई। वारदात के 39 दिन बाद पुलिस ने उसी गांव के कुंजन साहू, दीपेश साहू थाना बागबाहरा क्षेत्र निवासी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।

इस मामले में बताना जरूरी है कि मारपीट के 8 दिन बाद होश में आने पर चितरंजन ने 3 आरोपियों के नाम बता दिये थे। नाम सामने आने के बाद भी करीब माह भर आरोपी बेखौफ  गांव में घूमते रहे और पीडि़त परिवार को धमकाते रहे। इस मामले का एक आरोपी अभी भी फ रार है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से एक की बहन से चितरंजन प्रेम करता था और परिवार की सहमति के बगैर ही उससे विवाह कर लिया था। इससे वे आक्रोशित थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बकमा निवासी लीला बाई पटेल ने 3 मई को थाना कोमाखान में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुत्र चितरंजन पटेल के साथ ग्राम लामीसरार स्थित मुर्गी फ ार्म के पास दीपेश साहू, कुंजन साहू एवं एक अन्य व्यक्ति ने पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की है।

इस घटना में गंभीर रूप से घायल चितरंजन का उपचार चल रहा था और वह बेहोशी की हालत में था। उपचार के दौरान 22 मई को उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मारपीट,गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया गया था।

मृतक के इलाजरत रहने तथा चोटों की प्रकृति स्पष्ट नहीं होने के कारण घटना की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी थी। इस दौरान आरोपियों ने घटना को सडक़ दुर्घटना साबित करने का प्रयास भी किया। पुलिस ने मर्ग जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में हत्या की धारा 103-1 बीएनएस जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।

विवेचना के दौरान तथ्य सामने आया है कि मृतक चितरंजन पटेल द्वारा पूर्व में आरोपियों में से एक की बहन को (भगाकर) ले जाने की घटना को लेकर आरोपी नाराज थे और बदला लेने की योजना बना रहे थे।

पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल को आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर योजना बनाई। जब चितरंजन पटेल मोटर साइकिल से लामीसरार मुर्गी फार्म मोड़ के पास पहुंचा तो उसे रास्ते में रोककर कब्रिस्तान के समीप ले जाया गया। वहां पुराने विवाद को लेकर विवाद बढ़ा और तीनों आरोपियों ने डंडों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

पुलिस के  अनुासर आरोपी और उसके साथियों ने पहले तो चितरंजन को बेहोश होते तक डंडों से पीटा। इसेक बाद वारदात को सडक़ हादसा बताने की कोशिश की गई। उसकी मोटरसाइकिल को पत्थर से क्षतिग्रस्त कर बेहोश चितरंजन और वाहन को बिजली खंभे के पास छोड़ दिया गया। ताकि मामला सडक़ दुर्घटना का प्रतीत हो।

जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कुंजन साहू और दीपेश साहू दोनों निवासी ग्राम बकमा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। कार्रवाई पूर्ण कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फरार है।

कल इस मामले में यह तथ्य सामने आया है कि मारपीट की वारदात 15 अप्रैल की है। मारपीट से चितरंजन बेहोश हो गया था और उसे गंभीरावस्था में जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया गया था। लेकिन मामले में एफआईआर 17 दिन बाद 3 मई को तब हुई, जब चितरंजन की मां लीलाबाई ने लिखित आवेदन में घटना का विवरण और आरोपियों के नाम का उल्लेख किया।

तदुपरांत कोमाखान पुलिस ने 296, 115-2, 126-2, 324-4, 3-5 के तहत मारपीट, गाली-गलौच, धमकी का अपराध दर्ज किया। उसके बाद भी ओरोपियों का अता-पता नहीं था। लेकिन आरोपी पीडि़त परिवार को धमकाते गांव में ही घूमते रहे। फिर से इसकी शिकायत लीलाबाई ने 8 मई को एसपी से करते हुए सुरक्षा मांगी। फि र भी पुलिस के हाथ खाली रहे।

आखिर 22 मई को चितरंजन की इलाज के दौरान मौत हो गई। फलस्वरूप पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

खेत साफ करने की लापरवाही पड़ी भारी; बसना क्षेत्र में आगजनी से किसानों की महीनों की मेहनत खाक

महासमुंद। जिले के बसना क्षेत्र में रबी फसलों की कटाई अंतिम चरण में है और धान कटाई के बाद खेतों में बचा पैरा हटाने किसानों द्वारा आग लगाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खेतों को शीघ्र साफ कर ट्रैक्टर से जुताई कराने की सुविधा के लिए लगाई जाने वाली आग अब दूसरे किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बनती जा रही है। तेज हवा और तूफान के बीच एक बार फिर ऐसी ही लापरवाही ने रविवार को नुकसान पहुंचाया। जिससे कई किसानों की तैयार धान फसल जलकर राख हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में एक दर्जन से अधिक किसानों की फसल प्रभावित हुई है। आज सुबह समाचार लिखे जाने तक आग फैलने की स्थिति बनी हुई थी। कल ग्राम भूकेल के गांव तालाब समीप किसी खेत में लगी आग हवा के कारण तेजी से फैलते हुए भूकेल के मांझाखार, बानीपाली खार और गुढिय़ारी खार तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी धान फसलों को अपनी चपेट में ले लिया।

गौरतलब है कि अभी भी बड़ी संख्या में किसानों के खेतों में धान की फसल कटी नहीं है और किसान हार्वेस्टर का इंतजार कर रहे हैं। समय पर हार्वेस्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण कई खेतों में पकी हुई फसल अभी भी खड़ी हुई है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके धान कट गये हैं और वे अपने खेतों में पड़ा पैरा जला रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि करीब डेढ़ सौ मीटर दूर से भी उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था। धुएं का गुबार इतना अधिक था कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ  होने लगी।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब आग की लपटें भूकेल के मतवारपारा स्थित घरों तक पहुंच गई। जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते लगभग 60 से 70 लोगों ने एकजुट होकर आग को रोकने का प्रयास नहीं किया होता तो कई मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। ग्रामीण घंटों तक आग बुझाने और उसे फैलने से रोकने में जुटे रहे। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से घरों को सुरक्षित बचाया जा सका।

ग्रामीणों ने बताया है कि करीब 50 फीट ऊंचाई तक पेड़ों की पत्तियां आग की तपिश से बुरी तरह झुलस गई। इसके अलावा गुढिय़ारी निवासी बंशीधर चौधरी के बोरवेल का प्लास्टिक पाइप और केबल जल गया। जिससे सबमर्सिबल पाइप और केबल सहित नीचे गिर गया और उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसा उठाना पड़ा।

इस घटना से एक दिन पहले ग्राम बरपेलाडीह खार में भी एक खेत में लगी आग तेज हवा के कारण गुढिय़ारी खार तक पहुंची थी और इस समय भी 40 से 50 ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत कर आग को नियंत्रित किया था। कल भी गांव तक पहुंचकर आग घरों को अपनी चपेट में ले सकती थी।

ग्रामीणों से मिली खबर अनुसार गांव के किसान नरेश पारेश्वर एक दिन पहले ही राइस मिल से 150 बोरा बारदाना लेकर आया था। कल वह धान कटाई की तैयारी था। हार्वेस्टर पहुंचता, उससे पहले ही आग की लपटें उनके खेत तक पहुंच गईं। आग से 150 बोरा धान उत्पादन की उम्मीद पर पानी फिर गया। हालांकि कुछ फसल को बचा लिया गया।

इसी तरह किसान बालमुकुंद पारेश्वर ने खेत में ही धान की कटाई के बाद बोरे में लगभग 25 बोरा धान रखा था, जो आग की भेंट चढ़ गया। वहींं किसान त्रिलोचन के चार एकड़ में लगी धान फसल लगभग तीन एकड़ पूरी तरह राख हो गई। वहीं किसान मनोज पटेल का खेत भी खड़ी फसल समेत आग से नष्ट हो गया।

महासमुंद-बसना में डीजल का बड़ा संकट, पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी कतारें

महासमुंद। एनएच 53 फ ोरलेन एवं बसना नगर के पेट्रोल पंपों में इन दिनों डीजल संकट लोगों की परेशानी का कारण बनता जा रहा है। अनेक पम्पों में पखवाड़े भर में डीजल लेने लम्बी कतारें लग रही है। हालात ऐसे हंै कि केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि कृषक गण व आमजन डिब्बों में डीजल लेने घंटों लाइन में खड़े रहने मजबूर हैं। क्षेत्र के दानी फ्यूल्स, ऑटो केयर पेट्रोल पम्प, भारत पेट्रोलियम, फुलझर हाईवे, शिवाय फ्यूल्स सहित आसपास के कई पेट्रोल पम्पों में पिछले लगभग दो सप्ताह से डीजल लेने वालों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या 12 मई से शुरू हुई थी,  लेकिन 15 मई के बाद स्थिति और गंभीर हो गई।

बसना क्षेत्र के कई पम्पों में बीच बीच में डीजल पूरी तरह समाप्त हो जाने के कारण लोगों को एक-दो दिन बाद आने की सलाह दी जाती रही है। इससे किसानों, मालवाहक वाहनों, यात्री वाहनों और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र में इन दिनों धान कटाई, भूमि सुधार में लगे जेसीबी ट्रैक्टर एवं खरीफ सीजन की खेती के लिए ट्रैक्टर से खेतों की जुताई करने जैसे कृषि कार्यों के लिए डीजल की आवश्यकता अधिक होती है।

इस समय कई किसान खेतों के कार्यों में व्यस्त हैं। ऐसे में डीजल की अनुपलब्धता सीधे खेती-किसानी पर असर डाल रही है। भूकेल और सिंघनपुर क्षेत्र के पेट्रोल पम्पों में डीजल नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में किसान गिधली तोषगांव रोड स्थित पम्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां रात से ही लंबी कतारें लग रही हैं।

वाहन चालकों का कहना है कि पहले जहां पांच दस मिनट में ईंधन मिल जाता था। अब कई बार एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल संकट जारी रहने से माल परिवहन भी प्रभावित हो सकता है। वहीं यात्रियों को किराए में वृद्धि का भी असर झेलना पड़ सकता है।