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तहसील के चक्कर खत्म! अब घर बैठे होगा जमीन का सीमांकन, 7 दिन में लागू होगा नया डिजिटल सिस्टम

रायपुर, 7 सितंबर 2026।
छत्तीसगढ़ में जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी जल्द खत्म होने वाली है। राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिक लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर), राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल अथवा सेवासेतु के माध्यम से सीमांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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तहसील में मैन्युअल आवेदन की व्यवस्था होगी खत्म

नई डिजिटल व्यवस्था में सीमांकन के ऑफलाइन अथवा मैन्युअल आवेदन को ई-कोर्ट के अंतर्गत तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था समाप्त की जा रही है। ऑनलाइन आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर होगा। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षक को अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन जमा करनी होगी। इससे आवेदक को आवेदन की पूरी प्रक्रिया और उसके स्टेटस की जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी।

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राजस्व विभाग की भू-अभिलेख शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी बदलाव कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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आपत्ति होने पर ही जाना पड़ेगा तहसील

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि निर्विवाद सीमांकन के मामलों में आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से आगे बढ़ेगी।

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हालांकि, यदि सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से औपचारिक आपत्ति दर्ज की जाती है, तो आवेदक को तहसील कार्यालय बुलाया जा सकता है। यानी सामान्य और निर्विवाद मामलों में लोगों को दफ्तर के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

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बिचौलियों की भूमिका पर भी लगेगी रोक

ऑफलाइन और मैन्युअल प्रक्रिया खत्म होने से अनावश्यक भाग-दौड़ कम होगी और बिचौलियों की भूमिका पर भी अंकुश लगेगा। ऑनलाइन प्रक्रिया और निर्धारित समय-सीमा से सीमांकन के मामलों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ लंबित प्रकरणों की समस्या कम होने की उम्मीद है। आवेदकों को सीमांकन रिपोर्ट भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्व सेवाओं को लगातार किया जा रहा डिजिटल

राजस्व विभाग पहले ही कई महत्वपूर्ण सेवाओं को ऑनलाइन कर चुका है। नागरिक डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II की QR कोड वाली प्रमाणित प्रतियां घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं। जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

इसके अलावा ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (डायवर्सन) और नजूल जमीन के टैक्स रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती है।

नई सीमांकन व्यवस्था को राजस्व सेवाओं के डिजिटल विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों को समय की बचत के साथ पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से जमीन संबंधी सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

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