महिला आयोग की जनसुनवाई में 17 प्रकरणों की सुनवाई, 5 मामले नस्तीबद्ध
रायपुर, 07 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में सोमवार को रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में प्रदेश स्तर की द्वितीय जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 30 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए, जिनमें 17 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जबकि 5 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। इस दौरान आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका शोरी भी मौजूद रहीं।
जनसुनवाई में एआई के दुरुपयोग से जुड़ा मामला प्रमुख रूप से सामने आया। आवेदिका ने शिकायत की कि कुछ लोगों द्वारा एआई तकनीक के माध्यम से उसकी फर्जी आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं, जिससे उसकी सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आयोग ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी का माना। आयोग ने स्पष्ट किया कि आवेदिका संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र है। वहीं, अनावेदक पक्ष द्वारा अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगे जाने पर प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया।
पुराने मामले पर भी आयोग ने लिया संज्ञान
एक अन्य प्रकरण में आवेदिकाओं ने शिकायत की कि पिछली सुनवाई के दौरान उनकी बात सुने बिना ही मामला नस्तीबद्ध कर दिया गया था। आवेदिकाओं ने सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। आयोग ने शिकायत पर पुनर्विचार करते हुए प्रकरण को आगामी कार्रवाई के लिए रखा।
पति-पत्नी विवाद में सुलह, मामला निगरानी में
पति-पत्नी के विवाद से जुड़े एक मामले में आवेदिका ने शारीरिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार और धमकी देने की शिकायत की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सुलह होने और साथ रहने की जानकारी सामने आने पर आयोग ने प्रकरण को निगरानी में रखने का निर्णय लिया।
वहीं, एक अन्य मामले में पति द्वारा पत्नी की बहन के साथ रहने की बात स्वीकार किए जाने पर आयोग ने उसे पुलिस अभिरक्षा के साथ पत्नी को ससुराल ले जाने के निर्देश दिए। मामले को आगे की सुनवाई के लिए रखा गया।
संपत्ति विवाद में विधिक सहायता की सलाह
घर से निकाले जाने और पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल किए जाने की शिकायत पर आयोग ने आवेदिका को विधिक सहायता के माध्यम से अधिवक्ता से परामर्श लेने की सलाह दी। इसके अलावा मां और बेटे-बहू के बीच पारिवारिक विवाद के मामले में दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आयोग ने आपसी मतभेद दूर कर शांतिपूर्वक रहने की समझाइश दी।
महिलाओं की डिजिटल गरिमा से समझौता नहीं
जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं की गरिमा और प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली डिजिटल गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा। एआई तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर किसी महिला को बदनाम करना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को विधिक कार्रवाई के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।



