सिरपुर महोत्सव में कथक नृत्यांगना अश्विका साहू का हुआ भव्य सम्मान उत्कृष्ट कथक प्रस्तुति से दर्शकों और अतिथियों को किया मंत्रमुग्ध
बसना। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन सिरपुर महोत्सव में लखनऊ घराने की उभरती हुई कथक नृत्यांगना अश्विका साहू को उनकी उत्कृष्ट एवं भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति के लिए जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा सम्मानित किया गया। इस सम्मान से न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
अश्विका साहू बसना विकासखंड के ग्राम कुड़ारी बाहरा, जिला महासमुंद की निवासी हैं। वे वर्तमान में डीपीएस एनटीपीसी, कोरबा में कक्षा सातवीं की छात्रा हैं। कम उम्र में ही कथक नृत्य में उनकी परिपक्वता, भाव-भंगिमा, लयबद्धता और मंचीय आत्मविश्वास ने सभी को अत्यंत प्रभावित किया।
सिरपुर महोत्सव के मंच पर अश्विका साहू ने लखनऊ घराने की पारंपरिक शैली में एकल कथक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में नज़ाकत, ठहराव, भाव और ताल का सुंदर समन्वय देखने को मिला। दर्शकों के साथ-साथ उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने भी उनकी प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।
सम्मान समारोह के दौरान जिला प्रशासन महासमुंद के अधिकारियों द्वारा अश्विका साहू को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अश्विका ने जिला प्रशासन महासमुंद एवं सिरपुर महोत्सव आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें कथक नृत्य की साधना में और अधिक समर्पण व मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
गौरतलब है कि अश्विका साहू बचपन से ही भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक के प्रति समर्पित हैं। वे अपने कथक गुरु श्री रंजीत नायक एवं तबला गुरु डॉ. कुणाल दास गुप्ता से लखनऊ घराने की परंपरा में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। निरंतर साधना और गुरुओं के आशीर्वाद से उन्होंने इस विधा में अद्भुत निपुणता हासिल की है।
विद्यालयीन स्तर से लेकर राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों (दुबई, थाईलैंड, मलेशिया) तक अश्विका अपनी प्रस्तुतियों से न केवल दर्शकों का दिल जीत चुकी हैं, बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

बसना विखं के शाउमावि दुलारपाली में कक्षा ग्यारहवीं के छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन रखा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रेमानन्द भोई ने किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तनीषा साहू ने गीत एवं कामिनी, यामिनी, तनीषा, रूपा यादव, धनेश्वरी एवं रश्मि साहू ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों के आग्रह पर कक्षा बारहवीं की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रधानमंत्री जी के परीक्षा पे चर्चा उपरांत आयोजित इस कार्यक्रम में परीक्षा से डी फोकस के उद्देश्य से एकाग्रता से संबंधित अनेक मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया।
जिसमें सभी विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। अप्पी आरती, नीर दास ने कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक विद्यालयीन जीवन के अनुभव को साझा किया और अपने शिक्षकों व सहपाठियों का धन्यवाद दिया। बच्चों को सम्बोधित करते हुए शाला प्रबंधन एवं विकास समिति दुलारपाली के अध्यक्ष देवेंद्र साहू ने कहा कि अब शिक्षकों से प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर अमल में लाने का समय है। इसमें न केवल किताबी ज्ञान बल्कि बुद्धि और विवेक का उपयोग करना पड़ता है। पद्मिनी भोई, लोकेंद्र नायक, जयनारायण पटेल, द्रुपद पटेल अमित चौरसिया, शंखलाल जगत, टेकलाल पटेल, उपेंद्र बुड़ेक, रोहित कुमार साहू, रूपधर पटेल, सुशांत प्रधान, डी एल खटकर, सी एस विशाल सहित सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने विदा हो रहे छात्र छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मानव सेवा की एक और पहल, बसना अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा परामर्श देंगे वरिष्ठ सर्जन डॉ. एन. के. अग्रवाल एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक।
अब मातृत्व की राह में आर्थिक चिंता नहीं, अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 24 घंटे प्रसव सुविधा उपलब्ध