भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अनुबंधों के लिए बीमा जमानत बान्ड 10,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार किया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अनुबंधों के लिए बीमा जमानत बान्ड 10,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार किया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अनुबंधों के लिए बीमा कंपनियों द्वारा जारी बीमा जमानत बॉन्ड ने 10,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर लिया है। यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। जुलाई 2025 तक, 12 बीमा कंपनियों ने एनएचएआई अनुबंधों के लिए लगभग 10,369 करोड़ रुपये मूल्य के लगभग 1,600 बीमा जमानत बॉन्ड ‘बोली सुरक्षा’ के रूप में और 207 बीमा जमानत बॉन्ड ‘प्रदर्शन सुरक्षा’ के रूप में जारी किए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बोली सुरक्षा और/या प्रदर्शन सुरक्षा जमा जमा करने के एक अतिरिक्त तरीके के रूप में बीमा जमानत बांड के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहा है।

बीमा ज़मानत बांड और इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी को व्यापक रूप से अपनाने को बढ़ावा देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नई दिल्ली में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता श्री एन.आर.वी.वी.एम.के. राजेंद्र कुमार, सदस्य (वित्त), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण; श्री नीलेश साठे, पूर्व सदस्य, आईआरडीए; कार्यशाला में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और विभिन्न बीमा एवं वित्तीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बीमा जमानत बॉन्ड ऐसे साधन हैं, जिनमें बीमा कंपनियां ‘जमानतदार’ के रूप में कार्य करती हैं और वित्तीय गारंटी प्रदान करती हैं कि ठेकेदार सहमत शर्तों के अनुसार अपने दायित्व को पूरा करेगा। वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी खरीद के लिए ई-बीजी और बीमा जमानत बांड को बैंक गारंटी के समतुल्य बना दिया है। जारी किए जाने पर, बीमा जमानत बॉन्ड लागत प्रभावी होंगे और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजनाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेंगे।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण बाजार बनने की ओर अग्रसर है, इसलिए भारतीय बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बैंक गारंटी की आवश्यकता साल-दर-साल आधार पर 6 से 8 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। ज़मानत बॉन्ड, बैंक गारंटी के एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में कार्य करते हैं। बीमा जमानत बॉन्ड लागत प्रभावी हैं और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए पर्याप्त राहत प्रदान कर सकते हैं।

राशिफल विशेष, जहां आप पाएंगे आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल

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मेष
अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो
मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा।
राशि फलादेश

वृषभ
ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।
राशि फलादेश

मिथुन
का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।
राशि फलादेश

कर्क
ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
राशि फलादेश

सिंह
मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी।
राशि फलादेश

कन्या
ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।
राशि फलादेश

तुला
रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।
राशि फलादेश

वृश्चिक
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें।
राशि फलादेश

धनु
ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।
राशि फलादेश

मकर
भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।
राशि फलादेश

कुंभ
गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।
राशि फलादेश

मीन
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।

Raipur News: 20 करोड़ में बेची मंदिर की 4.40 एकड़ जमीन, दो साल बाद भी कार्रवाई अधूरी

Raipur News: 20 करोड़ में बेची मंदिर की 4.40 एकड़ जमीन, दो साल बाद भी कार्रवाई अधूरी

 

रायपुर: राजधानी के चंगोराभाठा क्षेत्र में स्थित सीरवेश्वरनाथ महादेव मंदिर की जमीन 20 करोड़ में बेचने आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। वर्ष 2022 में इस जमीन पर अवैध प्लाटिंग और बिक्री की शिकायतें सामने आई थीं। नगर निगम द्वारा तत्कालीन कार्रवाई में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाए गए, लेकिन अब तक न तो जांच पूरी हुई और न ही जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई की गई।

बता दें कि यह भूमि पटवारी हल्का क्रमांक 105, खसरा नंबर 84, रकबा 4.40 एकड़ में दर्ज है, जो रिंग रोड स्थित श्याम पेट्रोल पंप के पीछे तथा अभिनंदन पैलेस के समीप स्थित है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह भूमि मंदिर और तालाब से जुड़ी सार्वजनिक संपत्ति है, जिस पर निजी स्वामित्व दर्शाकर बिना अनुमति प्लाटिंग की गई और बिक्री भी कर दी गई। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने 7 जून 2022 को तत्कालीन कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपी थी।

यह हुई थी शिकायत

शिकायत में जमीन पर अवैध प्लाटिंग रोकने, रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाने, बंधक किए गए रास्ते को मुक्त करने और दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई थी। इसके बाद 16 जून 2022 को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया था। बावजूद इसके, जांच की प्रक्रिया अधूरी पड़ी है और जमीन अब भी विवादों के घेरे में है।

बदले में दी गई थी जमीन

संजय अग्रवाल व मंदिर प्रबंधन का पक्ष है कि सभी कार्रवाई कानूनी रूप से की गई है। कोर्ट ने इस मामले में उनके पक्ष में निर्णय दिया है। उनका कहना है कि मंदिर की जमीन के बदले दूसरी उपयुक्त जमीन दी गई है, जिससे किसी प्रकार की धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और सभी दस्तावेज वैध हैं। मंदिर समिति और संबंधित अधिकारियों की सहमति से यह कदम उठाया गया है। उनका उद्देश्य विकास कार्यों में सहयोग देना और धार्मिक स्थलों का सम्मान बनाए रखना है।

प्रकरण की जांच के संबंध में कलेक्टर को निर्देशित किया था। रिपोर्ट के संबंध में जानकारी ली जाएगी।

-टंकराम वर्मा, मंत्री, राजस्व विभाग

Bhilai News: मछली पकड़ने गए दो लोगों की नाले में बहने से मौत, दो दिन खोजने के बाद SDRF को मिले शव

Bhilai News: मछली पकड़ने गए दो लोगों की नाले में बहने से मौत, दो दिन खोजने के बाद SDRF को मिले शव

 

भिलाई: जुनवानी स्थित नाले में मंगलवार की रात दो लोग बह गए। दोनों यहां मछली पकड़ने पहुंचे थे और एक का पैर फिसला और तेज बहाव में बहता चला गया। वहीं दूसरा युवक उसे बचाने के लिए कूदा लेकिन वह भी बह गया। हादसे की सूचना के बाद एसडीआरएफ की टीम रात से ही रेस्क्यू में जुटी हुई है। बहे दो युवकों में से एक का शव बुधवार को बरामद कर लिया गया। वहीं दूसरे शव को गुरुवार के दिन बरामद किया गया।

घटना मंगलवार रात करीब आठ बजे के आसपास हुई। स्मृति नगर चौकी अंतर्गत विनोबा नगर जुनवानी निवासी पीलू निषाद और पवन खुटेल जुनवानी स्थित नाले में मछली पकड़ने गए थे। इस दौरान पवन का पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गया। उसे बचाने के लिए उसका साथी पीलू भी नाले में कूद गया।

बता दें कि इन दिनों दुर्ग-भिलाई सहित जिले में तेज बारिश हो रही थी। बारिश की वजह से पानी का बहाव काफी तेज था। मौके पर मौजूद तीसरे साथी नरेन्द्र वर्मा ने पानी के तेज बहाव को देखते हुए नाले में उतरने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने बस्ती में जाकर लोगों को घटना की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही स्मृति नगर और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।

एसडीआरएफ की टीम ने बारिश बंद होने के बाद रात में ही कुछ देर तक रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन स्थिति को देखते हुए बंद कर दिया। बुधवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम ने फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

जिला सेनानी नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे के आसपास नाले में बहे पीलू निषाद का शव बाहर निकाल लिया गया। शव घटना स्थल से करीब आधे किमी की दूरी पर बरामद किया गया। शव स्मृति नगर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।

रेस्क्यू आपरेशन के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार को दूसरे युवक पवन खुटेल का शव बरामद किया। दोनों के शवों को पुलिस के सुपूर्द कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की लैंडिंग बंद, बिजली गिरने से बंद हो गई थी नेविगेशन प्रणाली

रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की लैंडिंग बंद, बिजली गिरने से बंद हो गई थी नेविगेशन प्रणाली

 

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार की शाम बिजली गिरने से उपकरणों में आई खराबी के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। बुधवार की शाम को पांच फ्लाइट्स डाइवर्ट की गई थीं। गुरुवार दोपहर बाद तक खबर लिखे जाने तक चार फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी की दिल्ली से आई टीम मरम्मत के काम में लगी हुई है। अब तक उपकरण ठीक नहीं किया जा सका है। एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री यात्रा शुरू करने का इंतजार कर रहे हैं।

बंद हो गई थी नेविगेशन प्रणाली

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार बिजली गिरने से नेविगेशन सिस्टम में खराबी आ गई है। भूमि-आधारित रेडियो नेविगेशन सिस्टम, डीवीओआर (डॉपलर वीएचएफ ऑम्निडायरेक्शनल रेंज), विमानों को गंतव्य के सापेक्ष उनकी स्थिति और दिशा निर्धारित करने में मदद करता है। एयरपोर्ट के निदेशक केके लहरे ने बताया कि नेविगेशन सिस्टम में खराबी के कारण कोलकाता, इंदौर, बेंगलुरु और दिल्ली की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं।

बुधवार को दो बार मौसम विभाग ने जारी की थी एरोड्रम चेतावनी

इससे पहले मौसम विभाग की ओर से बुधवार को दो बार एयरोड्रम चेतावनी भी जारी की गई थी। इस चेतावनी के अंतर्गत 150 नॉटिकल मील तक का इलाका आता है। इस परिधि में विमानों के संचालन को खतरनाक माना जाता है। इससे पहले बुधवार की शाम को कोलकाता और हैदराबाद से आ रही दो अलग-अलग फ्लाइट्स को भुवनेश्वर, दिल्ली से आ रही फ्लाइट को भोपाल, मुंबई व पुणे से आ रही फ्लाइट को नागपुर में लैंड कराना पड़ा था

अनुविभागीय अधिकारी श्री उमेश साहू ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर दिए निर्देश

अनुविभागीय अधिकारी श्री उमेश साहू ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर दिए निर्देश

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा टी.एल. बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा श्री उमेश साहू द्वारा विकासखण्ड अंतर्गत बाल आश्रम बिहाझर तथा ग्राम खोपली स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र एवं पी.एम.श्री अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल का गहन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की उपस्थिति का परीक्षण करते हुए कक्षा-कक्षों में चल रहे अध्यापन कार्य का अवलोकन किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी अधिगम क्षमता, पढ़ने-लिखने की दक्षता तथा गणितीय योग्यता की स्थिति का आकलन किया। इस अवसर पर बच्चों ने पठन-पाठन से संबंधित उत्तर दिए, जिसके आधार पर शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को प्रदत्त पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की जांच की गई। वहीं विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना का भी परीक्षण करते हुए भोजन की गुणवत्ता, स्वाद एवं पोषण स्तर की समीक्षा की गई। अनुविभागीय अधिकारी ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य की आधारशिला होते हैं, इसलिए प्रत्येक शिक्षक की यह जिम्मेदारी है कि वे नियमित रूप से उपस्थित रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों की मूलभूत अधिगम क्षमता में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं और कमजोर बच्चों को अतिरिक्त समय देकर उन्हें सक्षम बनाया जाए। विद्यालय प्रमुखों को मासिक मूल्यांकन, कक्षा-कक्ष में अनुशासन एवं शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रारंभिक शिक्षा की गतिविधियों को और अधिक रचनात्मक व आकर्षक बनाया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जाए तथा बच्चों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति तभी संभव है जब अभिभावक-शिक्षक संवाद नियमित रूप से हो और समुदाय की सक्रिय भागीदारी शिक्षा के क्षेत्र में सुनिश्चित की जाए। अंत में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों में निरंतर वृद्धि, शिक्षकों की जवाबदेही, गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन एवं अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी समय-समय पर किए जाते रहेंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

महासमुंद आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत डूमरपाली में प्रशिक्षण का आयोजन

महासमुंद आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत डूमरपाली में प्रशिक्षण का आयोजन

 

महासमुंद/ जनजातीय समुदायों के उत्कर्ष एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के पश्चात अब ग्राम स्तर पर आदि कर्मयोगी सहयोगियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद विकासखंड की 25 पंचायतों के लिए 10 से 16 सितंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जनपद पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बी.एस. मंडावी ने बताया कि 10 सितंबर को झलप में आयोजित हुआ। 11 सितंबर को डूमरपाली, 12 सितंबर को रूमकेल, 15 सितंबर को जनपद पंचायत मुख्यालय तथा 16 सितंबर को सिरपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। इस क्रम में आज ग्राम पंचायत डूमरपाली में प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत डूमरपाली, कुरूभाठा, तेलीबांधा और सिंगूरपाली के आदि कर्मयोगी सहयोगियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण में विलेज लेबर मास्टर ट्रेनर्स को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम स्तर पर श्रम प्रबंधन, आजीविका संवर्धन एवं सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने संबंधी बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर ग्रीस ध्रुव के मार्गदर्शन में ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स – शीला प्रधान, मोनिका गुप्ता, आलोक शुक्ला, बाबूलाल ध्रुव, योगेश निर्मलकर, कुलदीप सर्वा, रितु चंद्राकर, मोहनीश वैष्णव एवं लखिया मंडले ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत डूमरपाली की सरपंच श्रीमती यमुना ठाकुर एवं उपसरपंच देवानंद नायक सहित पंचायत प्रतिनिधि, सचिव राकेश साहू, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, मितानिन एवं रोजगार सहायक भी उपस्थित रहे।प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दिलाया गया।

उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों को संगठित कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना, आजीविका के अवसर बढ़ाना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत बनाना है। ग्राम स्तर पर इस प्रकार के प्रशिक्षण से समुदाय को जागरूकता के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सकेगा।

महासमुंद में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से होगा श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण 12 को शिव चौक नयापारा एवं 13 सितंबर को बिरकोनी में होगा आयोजन

महासमुंद में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से होगा श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण 12 को शिव चौक नयापारा एवं 13 सितंबर को बिरकोनी में होगा आयोजन

 

महासमुंद/ श्रमिकों एवं आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु श्रम पदाधिकारी कार्यालय, महासमुंद द्वारा शुक्रवार को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

श्रम पदाधिकारी श्री डी एन पात्र ने बताया कि महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार 12 सितंबर को शिव चौक नयापारा वार्ड क्रमांक 06 महासमुंद में आयोजित होगा जिसमें अनुमानित लाभार्थी 200 शामिल होंगे। इसी तरह शनिवार 13 सितंबर को औद्योगिक विकास निगम क्षेत्र परिसर बिरकोनी में आयोजित होगा जिसमें अनुमानित लाभार्थी 200 शामिल होंगे।

इन शिविरों में श्रमिकों एवं आम नागरिकों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श, दवाई वितरण सहित अन्य बुनियादी चिकित्सीय सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

श्रम पदाधिकारी श्री पात्र ने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों का मुख्य उद्देश्य मजदूर वर्ग एवं श्रमिक परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी का समय रहते निदान और उपचार सुनिश्चित हो सके। इस संबंध में नगर पालिका परिषद महासमुंद एवं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।

महासमुंद सफलता की कहानी :मातृत्व को संबल देती प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

महासमुंद सफलता की कहानी :मातृत्व को संबल देती प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

 

महासमुंद/ मां बनना हर स्त्री के जीवन का सबसे बड़ा सुख है। परंतु इस सुख के साथ कई जिम्मेदारियाँ और चुनौतियाँ भी आती हैं। गर्भावस्था के दौरान शारीरिक कमजोरी, कामकाज का बोझ और आर्थिक अभाव अक्सर माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। इन्हीं कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की जो गर्भवती माताओं के लिए संबल और वरदान बनकर सामने आई।

महासमुंद जिले की हजारों माताओं ने इस योजना का लाभ उठाया है। महासमुंद निवासी श्रीमती अंशुनी साय, रेखा देवांगन, राजकुमारी निषाद और तबस्सुम खातून जैसी हितग्राही महिलाओं का कहना है कि इस योजना से उन्हें न सिर्फ आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की हिम्मत और अवसर भी मिला। योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने पौष्टिक आहार लिया और आज मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। यही अनुभव वे अब अन्य गर्भवती माताओं के साथ भी साझा कर उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग श्री टीकवेंद्र जटवार ने बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य यही है कि गर्भवती माताओं को पर्याप्त विश्राम और अच्छा पोषण मिले ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें और आने वाली पीढ़ी मजबूत हो।

वर्ष 2017 से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में ही महासमुंद जिले की 19,036 गर्भवती माताओं को 6 करोड़ 32 लाख 84 हजार रुपये का लाभ दिया गया है। पंजीयन के बाद गर्भावस्था के सातवें माह में 3,000 रुपये और प्रसव के साढ़े तीन माह बाद बच्चे को टीका लगने के पश्चात 2,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। यही नहीं, दूसरी डिलीवरी में यदि बालिका जन्म लेती है तो माताओं को 6,000 रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, एक पहल जो बेटियों के जन्म को सम्मान और सुरक्षा देती है।

यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मातृत्व का सम्मान है। यह एक ऐसा स्पर्श है, जो गर्भवती माताओं के चेहरे पर संतोष की मुस्कान और शिशुओं के भविष्य में स्वास्थ्य की नींव रखता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने वास्तव में माताओं के जीवन में उम्मीद, पोषण और सुरक्षा का उजियारा भरा है।

बलौदा बाजार  : प्लांट के लिए बनाई जा रही रेल लाइन को लेकर बढ़ा विवाद, 13 गांव के ग्रामीणों में आक्रोश

बलौदा बाजार  : प्लांट के लिए बनाई जा रही रेल लाइन को लेकर बढ़ा विवाद, 13 गांव के ग्रामीणों में आक्रोश

बलौदा बाजार। जिले के खपराडीह में स्थित श्री सीमेंट प्लांट के लिए बनाई जा रही रेलवे लाइन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद 13 गांव के किसान और ग्रामीण एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार और कंपनी मिलकर किसानों की ज़मीन जबरन छीनने का प्रयास कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी उपजाऊ ज़मीन किसी भी कीमत पर रेलवे लाइन के लिए नहीं देंगे। उनका कहना है कि सरकार ने किसानों से राय लिए बिना ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। इसी को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय सिमगा का घेराव किया और बुधवार को कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

कंपनी पर साठगांठ का आरोप

जानकारी के अनुसार श्री रायपुर सीमेंट कंपनी को लंबे समय से प्लांट से सीमेंट और क्लिंकर परिवहन के लिए रेलवे लाइन की आवश्यकता थी। कंपनी ने इसके लिए कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में उसने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी के खिलाफ कोर्ट केस भी किया, जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद कंपनी ने सरकार से साठगांठ कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राजपत्र में प्रकाशित करवा दी।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे और यदि सरकार जबरन अधिग्रहण करती है तो उग्र आंदोलन करेंगे। किसानों का आरोप है कि इससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा और कई परिवार उजड़ जाएंगे।

प्रशासन की स्थिति

वहीं प्रशासन का कहना है कि इस मामले में सभी पक्षों से चर्चा की जाएगी और किसानों की आपत्तियों को दर्ज कर समाधान तलाशा जाएगा।