रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु भैया की पहल से सिम्मी कुजूर के सपनों को मिली उड़ान, मेहनत और लगन से बदली जिंदगी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आज अपनी मेहनत और हुनर के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ नए रोजगार के साधन भी विकसित कर रही हैं।

कुनकुरी निवासी सिम्मी कुजूर की कहानी भी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है। कभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहीं सिम्मी के लिए परिवार की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया। समूह के माध्यम से उन्हें ऋण की सुविधा मिली, जिसका उपयोग उन्होंने पशुपालन व्यवसाय शुरू करने में किया।

सिम्मी ने मेहनत और लगन से पशुपालन को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उनकी आमदनी में वृद्धि होने लगी और परिवार को आर्थिक संबल मिला। इस सफलता से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपनी आजीविका को और विस्तार देने का निर्णय लिया।

इसी क्रम में सिम्मी ने दोबारा ऋण लेकर अब ईंट निर्माण की मशीन लगाने की तैयारी की है। उनका विश्वास है कि इस नए व्यवसाय से रोजगार और आय का एक अतिरिक्त साधन विकसित होगा तथा परिवार की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

सिम्मी कुजूर ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने और शासन की योजनाओं का लाभ मिलने से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति में आए सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सिम्मी की सफलता यह संदेश देती है कि अवसर, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी अपनी जिंदगी बदलने के साथ परिवार की आर्थिक मजबूती और गांव की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

रायपुर : जशपुर में 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिला नि:शुल्क फॉस्टेक प्रशिक्षण

खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला जशपुर द्वारा जिला पंचायत के संवाद सभागार में 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को नि:शुल्क फॉस्टेक (खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन) प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नेस्ले इंडिया एवं नासवी (नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया) के सहयोग से किया गया।

 

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के प्रावधानों के तहत खाद्य कारोबारियों के लिए फॉस्टेक प्रशिक्षण आवश्यक है। प्रशिक्षण में चाय-नाश्ता, भोजन ठेला, टपरी, खोमचा, जलेबी-पकौड़ा-भजिया, चाट-गुपचुप, इडली-डोसा, भुंजा-फलीदाना, जूस-लस्सी-शेक, फास्ट फूड, मोमोज, चाइनीज फूड तथा आइसक्रीम-फलूदा सहित विभिन्न खाद्य व्यवसायों से जुड़े विक्रेता शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों की स्वच्छ एवं सुरक्षित तैयारी, उचित तरीके से परोसने तथा व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक स्वच्छता के निर्धारित मानकों की जानकारी दी गई। साथ ही खाद्य सुरक्षा के प्रति ग्राहकों को जागरूक करने के लिए आवश्यक सावधानियों से भी अवगत कराया गया।

 

प्रमाण पत्र और हाईजीन किट का वितरण

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी 200 विक्रेताओं को फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रमाण पत्र तथा हाईजीन किट निरूशुल्क प्रदान की गई। हाईजीन किट में एप्रन, टोपी, हेड कवर, हाथ के दस्ताने, किचन तौलिया, हाथ धोने का साबुन और गोल्डन रूल चार्ट शामिल हैं।

 

पाँच वर्ष के लिए निरूशुल्क खाद्य पंजीयन

विभाग द्वारा बताया गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की योजना के तहत पात्र स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को आवेदन करने पर पाँच वर्ष के लिए खाद्य पंजीयन निरूशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छोटे खाद्य कारोबारियों को औपचारिक रूप से खाद्य सुरक्षा मानकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

 

कार्यक्रम के दौरान ईट राइट आंदोलन के तहत भोजन में कम तेल, कम नमक और कम शक्कर के उपयोग के लिए भी विक्रेताओं को प्रेरित किया गया। इस संबंध में शासन द्वारा जारी पोस्टर एवं पर्चे वितरित किए गए, जिन्हें विक्रेता अपनी दुकानों पर लगाकर आम नागरिकों को भी जागरूक कर सकेंगे।

अभिहित अधिकारी श्री सागर दत्ता ने कहा कि जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण, मानक एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता को लेकर इस प्रकार के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बच्चों के हक की एक भी सीट नहीं होगी प्रभावित: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और MBBS की सीटें बढ़ाने का उद्देश्य ही यही है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक बच्चों को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिले।

 

श्री जायसवाल ने कहा है कि डोमिसाइल को लेकर अगर कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिनके दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर कहीं नियमों का उल्लंघन या फर्जीवाड़ा पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने मेहनत की है, उनके भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेज और सीटें बढ़ाना हमारी उपलब्धि है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि इसका लाभ पात्र विद्यार्थियों को ही मिले। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।

 

नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग

 

पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी काउंसलिंग, मेरिट और आवंटन की संपूर्ण प्रक्रिया प्रचलित प्रवेश नियमों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शी ढंग से संपादित की जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति ने नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

 

नियम 7 के तहत होगा सत्यापन

 

छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम का निर्धारण, आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा एवं प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है। पात्रता परीक्षण के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी/संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र तथा नियमानुसार अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवंटन के बाद अभ्यर्थी द्वारा आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने और उनके सत्यापन में पात्र पाए जाने के उपरांत ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।

 

गलत जानकारी दी तो निरस्त होगा प्रवेश

 

प्रवेश नियम के नियम 12 में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा झूठी या गलत जानकारी देकर अथवा प्रासंगिक तथ्यों को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया गया हो, या प्रवेश के बाद किसी भी समय यह पाया जाए कि अभ्यर्थी को किसी त्रुटि अथवा चूक के कारण प्रवेश प्राप्त हो गया है, तो नियमानुसार उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। मूल निवासी अथवा अन्य दस्तावेजों को लेकर कोई शिकायत या तथ्य सामने आने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

 

अफवाहों से बचें, पोर्टल पर करें शिकायत दर्ज

 

राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि काउंसलिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल पर Candidate Login में उपलब्ध “Candidates Grievances and Query Redressal System” के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अथवा काउंसलिंग शाखा के ई-मेल

cgdme.counseling@gmail.com

पर संपर्क कर सकते हैं।

रायपुर : बहन के हाथों में हुनर, आंखों में सपने ‘विष्णु भैया’ ने दिया आत्मनिर्भरता का सहारा

रायपुर, 23 अगस्त 2026

 

हर बहन चाहती है कि उसके भाई के जीवन में खुशियां ही खुशियां हो। सफलता उसके भाई के कदम चूमे। हर भाई की भी यही इच्छा होती है कि उसकी बहन सदैव खुश रहे अपने बलबूते पर अपना जीवन यापन करें। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया और प्रदेश की लाखों बहनों के चहेते भाई ‘विष्णु भैया‘ का भी यही अरमान है। प्रदेश की बहनें स्वरोजगार करे और आत्मनिर्भर बने।

जन-जन के प्यारे ‘विष्णु भैया‘ और उनकी सुशासन की सरकार ने बहनों के सपनो को साकार किया है। प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कोई कसर नही छोड़ रही है।

इसका उदाहरण है मामा-भांचा गांव की श्रीमती रोहिणी साहू। जिन्होंने बिहान योजना से जुड़ कर अपनी आजीविका शुरू की थी। उन्होंने गांव में श्री राम हॉटल खोलकर आर्थिक मजबूती की ओर कदम बढ़ाया।

श्रीमती रोहिणी साहू ने बताया कि विष्णु भैया के सुशासन की सरकार में उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अपनी आजीविका शुरू कर वे बहुत खुश हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। इस व्यवसाय से उन्हें 15 से 10 हजार की शुद्ध मासिक आय की प्राप्ति होती है। जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हुई है।

श्रीमती रोहिणी साहू ने इसके लिए ‘विष्णु भैया‘ को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी वजह से प्रदेश की लाखों बहनें आत्मनिर्भर हुई है।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं। कठिन यात्रा के बीच शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को प्रकट करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढि़यारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जितनी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति से है, उतनी ही इसकी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। यहां के पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखती हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की यही भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेषता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इससे हमारी आस्था के केंद्रों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

महासमुंद उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव महारुद्राभिषेक में शामिल हुए

महासमुंद उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव महारुद्राभिषेक में शामिल हुए

महासमुंद, 22 अगस्त 2026/ पावन श्रावण मास के अवसर पर विशाल मेगा मार्ट परिसर, महासमुंद में एक माह तक आयोजित महारुद्राभिषेक एवं हवन-पूजन कार्यक्रम में आज उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर हवन-पूजन किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की। उन्होंने भगवान शिव से प्रदेश में निरंतर विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित परिवारजन, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व सांसद श्री चुन्नी लाल साहू, पूर्व विधायक डाॅ. विमल चोपड़ा, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे

महासमुंद उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा

महासमुंद उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा

महासमुंद, 22 अगस्त 2026/ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष महासमुंद में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, खेलकूद एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों की आवागमन सुविधा पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। सड़कों के मरम्मत के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उपकरणों के मदद से कार्याें को आसान बनाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हैंड ओवर करने के पश्चात सचिवों और सरपंच की बैठक लेकर उन्हें संचालन की जानकारी दें एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाएं। सभी ग्राम पंचायतों में जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि बंद पड़े ट्यूबवेल को चालू करें।

नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, सड़क एवं नाली निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा शहरों के व्यवस्थित विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और नगरीय निकायों में स्वच्छता एवं जन सुविधाओं की नियमित निगरानी हो। उन्होंने अधोसंरचना मद 15वें वित्त के कार्य, नालंदा परिसर आदि के लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्षों के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। प्रधानमंत्री आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली पर भी विशेष ध्यान देवें। खेलकूद एवं कल्याण विभाग की समीक्षा में जिले में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने उपलब्ध खेल संसाधनों के बेहतर उपयोग और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं से खिलाड़ी तैयार करें। प्रत्येक बच्चे मैदान जाएं और खेलों में शामिल रहें।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभागीय गतिविधियों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने विभागवार कार्यों की वर्तमान स्थिति, पूर्ण हो चुके कार्यों तथा प्रगतिरत कार्यों से अवगत कराया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभाग की गतिविधियों और कार्ययोजनाओं की जानकारी उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित जिले के अधिकारी मौजूद थे।

ग्राम सभा में आवेदन फाड़ने को लेकर मारपीट, दो आरोपियों पर अपराध दर्ज

ग्राम सभा में आवेदन फाड़ने को लेकर मारपीट, दो आरोपियों पर अपराध दर्ज

बसना/भंवरपुर। ग्राम बरेकेल में आयोजित ग्राम सभा के दौरान श्मशान भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने संबंधी आवेदन को लेकर विवाद हो गया। आवेदनकर्ता जयप्रकाश बघेल ने आरोप लगाया है कि दो व्यक्तियों ने आवेदन छीनकर फाड़ दिया और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस के अनुसार, घटना 20 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1 बजे ग्राम बरेकेल के पंचायत भवन में हुई। शिकायतकर्ता जयप्रकाश बघेल ग्राम सभा में श्मशान भूमि से कब्जा हटाने संबंधी आवेदन लेकर पहुंचा था। जब ग्राम सचिव द्वारा आवेदन पढ़कर सुनाया जा रहा था, तभी महेन्द्र शेष और विनोद शेष ने कथित रूप से आवेदन छीनकर फाड़ दिया।

शिकायत में जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। मौके पर मौजूद सहदेव पारेश्वर, सुनील चौधरी, सरपंच पति भीष्मनारायण चौहान और पंच राजू ने बीच-बचाव किया। शिकायतकर्ता ने चेहरे और गले पर चोट के निशान होने की बात भी कही है।

चौकी भंवरपुर से प्राप्त बिना नंबरी नालसी को थाना बसना भेजकर असल नंबरी अपराध कायम करने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने मामले में धारा 296, 115(2), 351(2) एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू की है।:::

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 32 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज महासमुंद में 31 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। वे शहर के लोहिया चौक में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में महासमुंद के नए बस स्टैंड को सुविधायुक्त और आधुनिक बस स्टैंड के रूप में विकसित करने 6 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए की भी घोषणा की।

 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश की दशा और दिशा बदलने का कार्य किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी शहर स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनें। उन्होंने कहा कि राज्य के छह जिलों को स्वच्छता के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 38 नालंदा परिसर स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि घर बैठे मिल रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।

 

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 12 हजार 666 करोड़ रुपए के पुल-पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महासमुंद जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों के लिए 468 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर सड़कों और अधोसंरचना के विकास को गति दी जा रही है। महासमुंद के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में महासमुंद को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सभी मिलकर संकल्प लें कि ये शहर हमारा है, यहां का मान-सम्मान मेरा सम्मान है और यहां का गौरव मेरा गौरव है।

 

विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में महासमुंद के विकास को लगातार प्राथमिकता मिल रही है। महासमुंद लगातार विकास की ओर अग्रसर है और सभी के सहयोग से जिले को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महासमुंद का गौरव पथ और तुमगांव रोड निर्माणाधीन है। नहर लिंकिंग रोड स्वीकृत हो चुका है तथा सड़कों के कार्यों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं। सीकासेर का पानी कोडार तक पहुंच रहा है। सिरपुर बैराज भी स्वीकृत हो चुका है। विधायक श्री सिन्हा ने महासमुंद शहर के विकास के लिए रिंग रोड की आवश्यकता पर जोर देते हुए नए बस स्टैंड तथा नए कार्यालय भवन की मांग उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

 

नगर पालिका अध्यक्ष श्री निखिल कांत साहू ने महासमुंद को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और शहर के विस्तार को देखते हुए महासमुंद नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मांग रखी।

 

पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, छ.ग. राज्य स्काउट गाइड के मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी और कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह सहित पार्षदगण, ऐल्डरमेन स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या

दुर्ग:-अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम से बदल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में तकनीक और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में दुर्ग जिले में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत की गई है। शासन एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से गदा चौक के पास अंबेडकर चौक, सुपेला भिलाई स्थित पुराने वैशाली नगर थाना भवन में 8 अगस्त 2026 को ग्रेन एटीएम की स्थापना की गई। इस सुविधा से राशनकार्डधारियों को पारंपरिक राशन दुकानों की कतारों और समय की पाबंदी से राहत मिल रही है। ग्रेन एटीएम के माध्यम से दुर्ग जिले सहित अन्य स्थानों के राशनकार्डधारी अपनी सुविधानुसार चावल प्राप्त कर रहे हैं। मशीन से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में चावल का वितरण किया जाता है। इससे हितग्राहियों को तौल में किसी तरह की कमी की आशंका नहीं रहती और पूरी मात्रा में राशन प्राप्त होता है। दुर्ग जिले व बाहर के राशनकार्डधारी ग्रेन एटीएम से चावल शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्हें तौल में बिना कमी के पूरी मात्रा प्राप्त हो रही है।

 

24 घंटे उपलब्ध है सुविधा

 

ग्रेन एटीएम की सुविधा 24×7उपलब्ध होने से दैनिक वेतनभोगी, मजदूर, महिलाएं एवं अन्य राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी राशन प्राप्त कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया में कम समय लगने से हितग्राहियों के समय की भी बचत हो रही है। आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए राशन वितरण होने से वितरण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी हुई है। साथ ही राशनकार्डधारियों की उचित मूल्य दुकान संचालकों पर निर्भरता भी कम हुई है। तकनीक आधारित व्यवस्था से चावल की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में भी मदद मिल रही है। शासन द्वारा अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की सुविधा के संबंध में आम नागरिकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक राशनकार्डधारी इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठा सकें। ग्रेन एटीएम को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, सुगमता और तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।