रायगढ़: कापू रेंज में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, लकड़ी लेने गया था जंगल

रायगढ़। जिले में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत हो गई। वह जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गया था, लेकिन रातभर घर वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह उसकी लाश जंगल में मिलने के बाद घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। मामला कापू रेंज का है। धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इंदकालो निवासी मालिकराम बंजारा (55) शुक्रवार को जलाऊ लकड़ी लेने छेनापतरा जंगल गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए।शनिवार सुबह अलोला बीट के जंगल में एक ग्रामीण का शव पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई गई कि हाथी के हमले में उसकी मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अमले ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। फिलहाल विभाग आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है। बताया जा रहा है कि कापू रेंज के अलोला बीट क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सरगुजा की ओर से आया एक हाथी विचरण कर रहा था। इसे देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों से जंगल नहीं जाने की अपील कर रही थी। इसी दौरान यह घटना घटित हो गई। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार धर्मजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में वर्तमान में 135 हाथियों का दल विचरण कर रहा है।

 

बलौदाबाजार प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: मोहितराम को वर्षों बाद मिला पुश्तैनी जमीन पर हक, हटा अवैध कब्जा

बलौदाबाजार। जिला प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से लोगों की राजस्व सम्बंधित समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान हो रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर एसडीएम व तहसीलदार बलौदाबाजार द्वारा शनिवार को मोहितराम वर्मा के ग्राम अर्जुनी में स्थित पुश्तैनी जमीन पर अतिक्रमण हटाकर कब्ज़ा दिलाया गया।

अपनी पुश्तैनी जमीन के कब्जे को लेकर पिछले कई वर्षो से संघर्षरत मोहित राम वर्मा को जब राजस्व अधिकारियों एवं अनावेदक की उपस्थित में शांति पूर्ण ढंग से कब्ज़ा दिलाया गया तो उसके चेहरे पर ख़ुशी के भाव झलक उठे। मोहित राम ने जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही की भूरी भूरी प्रशांसा करते हुए कहा कि मेरी वर्षो पुरानी समस्या का अब समाधान हो गया हैं, इसके लिये शासन प्रशासन को धन्यवाद देता हूं।

एसडीएम बलौदाबाजार प्रकाश कोरी ने बताया कि शनिवार तहसील बलौदाबाजार के ग्राम अर्जुनी, पहन. 10 में मौक़े पर तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, ग्राম कोटवार, आवेदक मोहितरल राम वर्मा, अनावेदकगण हीरालाल वर्मा एवं जवाहर वर्मा उपस्थित थे। आवेदक मोहितराम की आवेदित भूमि खसरा नंबर 183 रकबा 0.615 का कब्जा अनावेदकगण एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण तरीके से दिलाया गया। मौके पर जेसीबी के द्वारा मोहितराम की जमीन को चिन्हांकित कराया गया जिस पर अनावेदकगण को कोई आपति नहीं है।मौके पर पंचनामा तैयार किया गया।

बसना: खाद की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा; किसानों ने स्टिंग कर पकड़ा कृषि केंद्र का खेल, दोगुने दाम पर बिक रही यूरिया

महासमुंद। महासमुंद जिले के बसना में खाद की कालाबाज़ारी का बड़ा खुलासा हुआ है। किसानों ने खुद स्टिंग ऑपरेशन कर एक कृषि केंद्र संचालक पर निर्धारित कीमत से दोगुने दाम में खाद बेचने का आरोप लगाया है। आरोप है कि 269 रुपये की यूरिया खाद 540 रुपये में बेची जा रही है। इतना ही नहीं, किसानों को जबरन कीटनाशक और अन्य दवाइयां खरीदने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है। शिकायत और वीडियो सबूत देने के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से किसानों में भारी नाराज़गी है।

खेती के सीजन में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के सामने अब कालाबाज़ारी की मार भी पड़ रही है। मामला बसना क्षेत्र के बंसुला स्थित विजय कृषि सेवा केंद्र का है, जहां किसानों ने स्टिंग ऑपरेशन कर दुकानदार पर मनमानी वसूली का आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में दुकान संचालक सत्या साहू कथित तौर पर 269 रुपये की यूरिया खाद के बदले 540 रुपये मांगता दिखाई दे रहा है। किसानों का कहना है कि सिर्फ महंगे दाम ही नहीं, बल्कि खाद लेने आने वाले किसानों पर कीटनाशक, विटामिन और दूसरी कृषि दवाइयां खरीदने का दबाव भी बनाया जाता है।

महासमुंद: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ली बैंकर्स की संयुक्त बैठक, शासकीय योजनाओं की प्रगति की हुई कड़ी समीक्षा

महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कल शाम जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय रिव्यु समिति तथा जिला स्तरीय आरसेटी परामर्शदात्री समिति की संयुक्त बैठक लेकर जिले में संचालित बैंकिंग सेवाओं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में वार्षिक जिला साख योजना, सीडी रेशियो, शैक्षिक ऋण, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी एवं मत्स्य पालन ऋण प्रकरणों सहित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, आरबीआई के प्रतिनिधि दीपेश तिवारी, नाबार्ड के प्रबंधक प्रियव्रत साहू, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर अभय पारे एवं जिले के अन्य बैंकों के प्रतिनिधि एवं शासकीय अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर  लंगेह ने कहा कि कृषि कार्यों से जुड़े हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आसान एवं सरलीकृत प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सहकारी बैंक एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी ऋण, छोटे व्यवसायियों के लिए मुद्रा लोन तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित स्वरोजगार योजनाओं के प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।  उन्होंने एनआरएलएम अंतर्गत स्वसहायता समूहों से जुड़े हितग्राहियों के लंबित ऋण प्रकरणों को भी प्राथमिकता के साथ स्वीकृत करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आवश्यकता और जरूरत के अनुसार शैक्षिक ़ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आरसेटी अंतर्गत ग्रामीण युवकों को अधिक से अधिक रोजगार से जोडऩे आवासीय प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों का चयन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया जाए।

कलेक्टर ने बैंकों को नकद जमा अनुपात 60 प्रतिशत तक बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बैंक आम नागरिकों को वित्तीय रूप से जागरूक करने के लिए लगातार वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करें तथा उसका व्यापक प्रचार.प्रसार भी सुनिश्चित करें। साथ ही लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी देकर उनकी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करें।

बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जन-धन योजना, आधार एवं मोबाइल सीडिंगए,रुपे कार्ड वितरण तथा शासन प्रायोजित विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर  लंगेह ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों के शत-प्रतिशत बैंक खाते खोलने तथा खातों को आधार नंबर से लिंक करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी सहज बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश किसी हितग्राही का ऋण प्रकरण स्वीकृत नहीं किया जा सकता है, तो संबंधित बैंक उसे लिखित रूप में कारण सहित जानकारी उपलब्ध कराएंं। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बैंकिंग कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता एवं नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या फ्रॉडंं गतिविधियों से दूर रहें। बैठक के दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, पशुपालन, मत्स्य पालन, अंत्यावसायी तथा ग्रामोद्योग विभाग से संबंधित ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अभय पारे ने विभिन्न आंकड़ों एवं प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जिले में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

जोक नदी क्षेत्र में रेत माफिया सक्रिय! ग्रामीणों का आरोप- देवसराल में नियमों को ताक पर रखकर हो रही बड़ी मात्रा में रेत निकासी

पिथौरा। महासमुंद जिले की जोक नदी क्षेत्र में रेत खनन को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितताओं और अवैध उत्खनन के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांकरा के समीप देवसराल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में रेत निकासी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बलदीडीह रेत घाट के खसरा नंबर 626, रकबा 5 हेक्टेयर का पट्टा रोहित साहू के नाम वर्ष 2029 तक स्वीकृत है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित क्षेत्र के अलावा देवसराल इलाके से भी रेत निकाली जा रही है।

ग्रामीणों ने दावा किया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और डंपरों के माध्यम से रेत परिवहन किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि कुछ रेत पास के चरागाह क्षेत्र में संग्रहित की जा रही है तथा डंपरों के जरिए बाहर भेजी जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि रेत खनन और भंडारण स्थलों पर फोटो और वीडियो बनाने से रोका जाता है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नदी क्षेत्र में मशीनों का उपयोग भी किया जा रहा है।

‘छत्तीसगढ़’ द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान नदी किनारे रेत संग्रहण और मशीनों की मौजूदगी देखे जाने की बात कही गई है। हालांकि खनन की वैधता और संचालन की शर्तों को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए रेत ले जाने वाले लोगों से प्रति ट्रैक्टर 200 रुपये लिए जा रहे हैं और रसीद नहीं दी जाती। इस संबंध में भी प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्षेत्र में रेत के साथ ईंट निर्माण गतिविधियां संचालित होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार नदी किनारे कई स्थानों पर रेत का भंडारण किया जा रहा है।

मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

महासमुंद: घर में घुसकर महिला से रेप की कोशिश करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पटेवा पुलिस की कार्रवाई

महासमुंद। घर में जबरदस्ती घुस कर महिला से रेप की कोशिश करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पटेवा थाना पुलिस के अनुसार 13 मई को सुबह करीब 7 बजे प्रार्थिया घर में पानी भर रही थी, उसी समय सुरेश डोरा प्रार्थिया के घर जबरदस्ती गाली गलौच, धमकी देते हुए उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश करने लगा। उक्त घटना के संबंध में प्रार्थिया ने लिखित आवेदन पेश करने पर आरोपी सुरेश डोरा निवासी ग्राम पचरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आरोपी के खिलाफ कई धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लेकर आरोपी सुरेश डोरा गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

नीट पेपर लीक मामले को लेकर भड़का आक्रोश, NSUI ने फूंका प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला

महासमुंद। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जिला कांग्रेस भवन में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की बैठक में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने निंदा प्रस्ताव पारित कर नेहरू चौक में प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष शाहबाज राजवानी ने कहा कि नीट परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है। इस अवसर पर गोविंद साहू, राजू साहू, सुनील चंद्राकर,सचिन गायकवाड़ के अलावा सैकड़ों लोग शामिल थे।

महासमुंद: सीएमएचओ डॉ. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में वार्षिक समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा

महासमुंद। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय महासमुंद में विभागीय वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आई.नागेश्वर राव द्वारा की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गुप्ता, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. वी पी सिंह, डा.छत्रपाल चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे, सभी विकासखंड से खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड लेखा प्रबंधक, जिला सलाहकार एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में स्वास्थांक 50 पॉइंट इंडिकेटर, मातृ स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, नियमित टीकाकरण, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई, पोषण पुनर्वास केंद्र, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत, सिकल सेल, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, टेली परामर्श, डायलिसिस सेवाएं, वित्तीय प्रगति एवं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आरसीएच पोर्टल में 100 प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित की जाए तथा यू.विन पोर्टल में सभी टीकाकरण सत्रों को नियमित रूप से ऑनगोइंग कर अपडेट किया जाए। टीकाकरण कार्यक्रमों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित लंबित भुगतानों का निराकरण अधिकतम 7 दिवस के भीतर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।  बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें भर्ती कराने एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मैदानी स्वास्थ्य अमले को कुपोषण प्रभावित बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राव ने कहा कि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन शासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध रिपोर्टिंग एवं जनसामान्य तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने हेतु गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

महासमुंद: कीर्तन बैठक में खूनी संघर्ष, तालाब के पानी को लेकर विवाद में दो ग्रामीणों पर जानलेवा हमला

महासमुंद। बसना थाना क्षेत्र के ग्राम छान्दनपुर में कीर्तन नाम यज्ञ की बैठक उस समय खूनी विवाद में बदल गई, जब तालाब में पानी भरने की बात को लेकर हुए विवाद के दौरान एक युवक ने रूमाल में लोहे का बोल्ट बांधकर दो लोगों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दो ग्रामीण लहूलुहान हो गए। घटना के बाद बैठक स्थल पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

14 मई की रात गांव में आयोजित होने वाले कीर्तन नाम यज्ञ को लेकर ग्राम छान्दनपुर के बीच गली स्थित गजाधर नायक के घर के सामने बैठक रखी गई थी। बैठक में गांव के पंच, सरपंच और अन्य प्रमुख ग्रामीण मौजूद थे तथा चंदा वसूली और आयोजन की तैयारियों पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान रात करीब 10.30 बजे गांव के मिनीकेतन भोई ने अचानक तालाब में पानी नहीं भरने की बात को लेकर महेंद्र कुमार साव को कहा कि तालाब में पानी क्यों नहीं भर रहे। फिर मिनकेतन भोई और महेन्द्र साव के बीच जम कर विवाद शुरू हो गया।

देखते ही देखते मामूली बहस तीखी झड़प में बदल गई। आरोप है कि मिनीकेतन भोई ने महेंद्र कुमार साव को  गालियां देते हुए कहा कि कीर्तन नाम यज्ञ का पूरा खर्चा तुम्हीं उठाओगे और जान से मारने की धमकी देने लगा।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी पहले से ही रूमाल में लोहे का भारी बोल्ट बांधकर लाया था। गुस्से में उसने उसी रूमाल से महेंद्र कुमार साव के सिर और दाहिनी आंख के ऊपर भौंह के पास जोरदार वार कर दिया। वार इतना तेज था कि महेंद्र कुमार साव के सिर से खून बहने लगा और मौके पर हडक़ंप मच गया। घटना के दौरान जब सतीश साव बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी उसी लोहे के बोल्ट से हमला कर दिया। हमले में सतीश साव के सिर में गंभीर चोट आई और वे भी खून से लथपथ हो गए।

घायल महेंद्र कुमार साव ने बताया कि घटना के बाद जब रूमाल छीना गया तो उसके भीतर लोहे का बोल्ट बंधा हुआ मिला।

पूरी घटना गांव के सरपंच पति श्वेत कुमार भोई, कोटवार बिरंची नंद, पंच रामनाथ भोई सहित बैठक में मौजूद कई ग्रामीणों के सामने हुई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ  संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

ईंधन संकट से जूझ रहा महासमुंद; कल भी नहीं सुधरे हालात, आम जनता परेशान

महासमुंद। पेट्रोल की कमी का असर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करने लगा है। महासमुंद शहर में ईंधन की किल्लत कल भी यथावत रही। जिससे आम जनता के साथ-साथ विशेष रूप से फील्ड वर्क से जुड़े लोग परेशान हैं।

शहर के कोतवाली पुलिस पेट्रोल पंप सहित इक्का-दुक्का खुले पंपों पर नजारा बेहद चिंताजनक है। बीती रात घंटों लाइन में लगने के बाद भी जिन लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा था, वे आज सुबह 4 बजे ही पंपों पर पहुंच गए। स्थिति यह है कि लोग अपने जरूरी कामकाज छोडक़र सिर्फ  कुछ लीटर ईंधन की जुगाड़ में पूरा दिन खपा रहे हैं। पुलिस पेट्रोल पंप क ो छोडक़र शहर के अन्य लगभग सभी 7-8 पंपों पर कल भी टैंकर नहीं पहुंचने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित होने से जो पंप खुले भी हैं, वहां दबाव क्षमता से कहीं अधिक है।  सूत्रों से पता चला है कि कल शहर के कुछ पेट्रोल पंपों में टैंकर पहुंचा भी है और सुबह वितरण किया गया। लेकिन अब उन पंपों की बिजली बंद कर वहां पेट्रोल नहीं है का बोर्ड चस्पा कर दिया गया है।

अन्य पंपों में पेट्रोल नहीं का बोर्ड चस्पा होने की वजह से एक बड़ी भीड़ सीधे पुलिस पंप में पहुंच रही है। कल रात 9 बजे यहां भी पेट्रोल नहीं का बोर्ड लटक गया।

डीजल-पेट्रोल की दैनिक आवश्यकता, उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कल शाम जिले के पेट्रोल-डीजल वितरकों की समीक्षा बैठक ली।

बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा बताया गया कि नागरिकों में पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में कमी संबंधी भ्रम के कारण अचानक पेट्रोल एवं डीजल की मांग बढ़ गयी है, जो हितग्राही वाहन में 100-200 रुपए का पेट्रोल डलवाते थे, वही लोग टैंक फुल कराना चाह रहे हैं। जिससे किसी एक पंप में ड्राई की स्थिति निर्मित होने पर निकटस्थ के पंप में लोगों की भीड़ बढ़ जा रही है।

ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्तमान में 7लाख, 18 हजार लीटर पेट्रोल एवं 7 लाख, 33 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है, जो कि जिले के औसत दैनिक खपत के हिसाब से आगामी पेट्रोल 5 दिवस एवं डीजल 2 दिवस हेतु पर्याप्त है और ऑयल कंपनी द्वारा लगातार आपूर्ति जारी है। लोगों में पैनिक की स्थिति निर्मित नहीं होगी तो स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी।

बहरहाल, दूध विक्रेताओं को घरों तक दूध पहुंचाने में देरी हो रही है। मीडिया कर्मियों को कवरेज और समाचार संकलन के लिए आवाजाही करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। एलआईसी एजेंट को क्लाइंट्स से मिलना और फील्ड विजिट पूरी तरह ठप है। सेल्स और डिलीवरी से जुड़े कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर पा रहे हैं।