महासमुंद में ट्रक की टक्कर से कार सवार छह लोग घायल, दो रायपुर रेफर

महासमुंद, 24 अगस्त 2026। महासमुंद थाना क्षेत्र में एनएच-353 पर शहीद स्मारक के पास सोमवार सुबह ट्रक की टक्कर से कार सवार छह लोग घायल हो गए। हादसे में दो घायलों को गंभीर चोटें आने पर रायपुर रेफर किया गया है।

 

पुलिस के अनुसार, महासमुंद निवासी रेशकुमार चौहान ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके बड़े भाई गणेश सिंह चौहान अपने परिवार के साथ कार क्रमांक CG 04 LG 0568 से ग्राम गुखेरा, आरंग जा रहे थे। सुबह करीब 9:30 बजे शहीद स्मारक के पास ट्रक क्रमांक CG04 QY 6372 के चालक ने वाहन को तेज और लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए कार को साइड से टक्कर मार दी।

 

हादसे में गणेश सिंह चौहान, उनकी पत्नी रानी सिंह चौहान, शुभांगी चौहान, तनीश सिंह चौहान, आयान सिंह चौहान और कार चालक दीपक सिंह चौहान घायल हुए। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल महासमुंद ले जाया गया। इनमें दीपक सिंह चौहान और शुभांगी चौहान को गंभीर चोटें होने के कारण रायपुर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

 

मामले में महासमुंद थाना पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(a) और 281 के तहत FIR क्रमांक 0477/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पिथौरा में दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत, 22 वर्षीय युवक की मौत

पिथौरा/महासमुंद। थाना पिथौरा क्षेत्र के ग्राम किशनपुर मोड़ के आगे 15 जुलाई 2026 की शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत में 22 वर्षीय युवक मगेन्द्र बरिहा की मौत हो गई। हादसे में मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे युवक अंश बरिहा को भी सिर में चोट आई, जिसका उपचार बिलाईगढ़ के अस्पताल में कराया गया।

 

पुलिस के अनुसार, मगेन्द्र बरिहा पिता मोहनलाल बरिहा, उम्र 22 वर्ष, निवासी सलिहाभाठा, थाना कसडोल, अपने साथी अंश बरिहा के साथ मोटरसाइकिल क्रमांक CG 06 GB 8208 से पिथौरा मीना बाजार देखने आया था। मीना बाजार देखने के बाद दोनों वापस अपने गांव सलिहाभाठा जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम किशनपुर मोड़ के आगे सामने से आ रही मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 QY 3197 के चालक ने तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को सामने से टक्कर मार दी।

 

टक्कर में मगेन्द्र बरिहा के सिर में गंभीर चोट आई। उसे उपचार के लिए शासकीय अस्पताल पिथौरा ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं पीछे बैठे अंश बरिहा के सिर में चोट आने पर उसे आगे के उपचार के लिए बिलाईगढ़ रेफर किया गया।

 

घटना की सूचना 16 जुलाई 2026 को थाना पिथौरा में दी गई। पुलिस ने मर्ग क्रमांक 38/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि दूसरे मोटरसाइकिल चालक की तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से दुर्घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी चालक के विरुद्ध धारा 281, 125(ए) एवं 106(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

बसना साल्हे तराई के फार्म हाउस में जुए की फड़ पर पुलिस की दबिश तीन गिरफ्तार, दो फरार; ₹8,500 नगद समेत ₹2.08 लाख का सामान जब्त

बसना। थाना बसना पुलिस ने रविवार रात ग्राम साल्हे तराई स्थित एक फार्म हाउस में चल रहे जुआ फड़ पर दबिश देकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी 52 पत्ती ताश से रुपये-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर काट पत्ती नामक जुआ खेल रहे थे। कार्रवाई के दौरान दो जुआरी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित कुल ₹2 लाख 8 हजार 500 रुपये का मशरूका जब्त किया है।

 

पुलिस से मिली प्रथम सूचना के अनुसार 23 अगस्त को थाना बसना में पदस्थ पीएसआई अंजना चंद्रा हमराह प्रधान आरक्षक क्रमांक 683 तथा आरक्षक क्रमांक 112, 551 और 700 के साथ शासकीय अधिग्रहित वाहन क्रमांक CG06GW8714, चालक एवं विवेचना किट के साथ कानून व्यवस्था ड्यूटी तथा टाउन-देहात पेट्रोलिंग पर रवाना हुई थीं। वीरनारायण सिंह चौक बसना के पास मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम साल्हे तराई में सूर्यकांत मिश्रा के फार्म हाउस में कुछ लोग 52 पत्ती ताश से रुपये-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं।

 

सूचना से थाना प्रभारी को अवगत कराने के बाद पुलिस ने गवाह योगेश सेन एवं गोपाल पात्रे को धारा 179 बीएनएसएस का नोटिस देकर पुलिस टीम के साथ मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर दबिश दी। पुलिस के मुताबिक मौके पर तीन लोगों को जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़ा गया, जबकि दो लोग पुलिस को देखकर फरार हो गए।

 

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

 

पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्‍मद सकील पिता मोहम्‍मद अब्दुल गफ्फार (40), निवासी वार्ड क्रमांक 01 इंद्रा कॉलोनी बसना; जुनेद खान पिता सहील खान (32), निवासी वार्ड क्रमांक 08 गुरुनानक वार्ड बसना; तथा जितेन्द्र साहू पिता स्वर्गीय विक्रम सिंह (39), निवासी वार्ड क्रमांक 14 आदर्श नगर बसना के रूप में हुई।

 

पूछताछ में फरार आरोपियों के नाम मनीष गुप्ता निवासी बसना तथा सूर्यकांत मिश्रा निवासी खुर्सीपहार बताए गए।

 

आरोपीवार जब्ती

 

पुलिस के मुताबिक मोहम्‍मद सकील के पास से ₹250 नगद, फड़ से ₹2,650, ओप्पो कंपनी का मोबाइल कीमत ₹15,000 जब्त किया गया।

 

जुनेद खान के पास से ₹300 नगद, फड़ से ₹2,900, वीवो कंपनी का मोबाइल कीमत ₹10,000 तथा सुपर स्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG06G2919, कीमत ₹20,000 जब्त की गई।

 

जितेन्द्र साहू के पास से ₹200 नगद, फड़ से ₹2,200, वनप्लस कंपनी का मोबाइल कीमत ₹10,000 तथा होंडा हॉर्नेट मोटरसाइकिल क्रमांक MP21MK1330, कीमत ₹60,000 जब्त की गई।

वहीं फरार बताए गए मनीष गुप्ता का ओप्पो कंपनी का मोबाइल, जिसमें जियो एवं एयरटेल कंपनी के सिम लगे होना बताया गया है, कीमत ₹15,000, तथा पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG06GU8442, कीमत ₹50,000 जब्त की गई। दूसरे फरार बताए गए सूर्यकांत मिश्रा की हीरो स्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG06GE2993, कीमत ₹20,000 भी पुलिस ने जब्त की।

इस प्रकार पुलिस ने कुल ₹8,500 नगद, 52 पत्ती ताश, चार मोबाइल फोन कीमत ₹50,000 और चार मोटरसाइकिल कीमत ₹1,50,000, कुल ₹2,08,500 का मशरूका जब्त किया।

21:25 बजे गिरफ्तार, अपराध दर्ज

पुलिस के अनुसार आरोपियों से जब्त सामग्री को गवाहों के समक्ष जब्ती पत्रक के मुताबिक पुलिस कब्जे में लिया गया। आरोपियों का कृत्य धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 एवं धारा 112(2) बीएनएस के तहत पाए जाने पर तीनों आरोपियों को 23 अगस्त को करीब रात 9:25 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार प्रकरण अजमानतीय होने के कारण गिरफ्तारी की सूचना आरोपियों के परिजनों को मौके पर दी गई।

 

प्रथम सूचना में घटना का समय 23 अगस्त की रात करीब 9:02 बजे, घटना स्थल सूर्यकांत मिश्रा का फार्म हाउस, ग्राम साल्हे तराई, थाना बसना से पश्चिम करीब 8 किलोमीटर तथा रिपोर्ट का समय रात 9:50 बजे दर्ज है। मौके पर बिना नंबरी अपराध कायम कर विवेचना शुरू की गई और बाद में थाना वापस आकर असल नंबरी अपराध दर्ज किया गया।

 

पुलिस ने मामले में फरार बताए गए दोनों व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रकरण की विवेचना जारी है।

महासमुंदवासियों के लिए खुशखबरी, बसना में निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा

महासमुंदवासियों के लिए खुशखबरी, बसना में निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा

बसना। महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर है। अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में छत्तीसगढ़ सरकार से मान्यता प्राप्त योजना के तहत निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह सुविधा प्रत्येक शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी।

अस्पताल के प्रचार सामग्री के मुताबिक मरीजों को मोतियाबिंद सर्जरी के साथ रहना, भोजन, दवाइयां, लेंस और सर्जरी की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इसके लिए मरीजों को अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारी से हस्ताक्षरित अनुमति पत्र लेकर आने की अपील की गई है।

अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों से इस सुविधा का लाभ उठाने और समय रहते अपना पंजीयन कराने की अपील की है। अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए 84618-11000 तथा 77730-86100 पर संपर्क किया जा सकता है।

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) में उपलब्ध इस सुविधा से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद मरीजों को मोतियाबिंद उपचार में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरायपाली में 9 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

सरायपाली में 9 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

सरायपाली। थाना सरायपाली पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बाजारपारा स्थित सब्जी मंडी के पीछे से एक व्यक्ति को 9 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त शराब की कुल कीमत करीब 1,800 रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त 2026 की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाजारपारा स्थित सब्जी मंडी के पीछे एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब रखकर ग्राहकों की तलाश कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम शासकीय वाहन से मौके के लिए रवाना हुई। अग्रसेन चौक के पास गवाह रामेश्वर सिन्हा और लोकनाथ निषाद को साथ लेकर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी।

मौके पर पुलिस ने मनीष सारथी (30 वर्ष), पिता शिकारी सारथी, निवासी वार्ड नंबर 11, बाजारपारा, सरायपाली को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक सफेद प्लास्टिक बोरी में 5 लीटर महुआ शराब तथा दो हरे रंग की 2-2 लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक बोतलों में 2-2 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। इस प्रकार कुल 9 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 1,800 रुपये है, जब्त की गई।

पुलिस ने जब्त शराब में से परीक्षण के लिए तीन नमूने तैयार कर शेष शराब को नियमानुसार सीलबंद किया। आरोपी के पास शराब रखने अथवा बिक्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की तथा उसे 22 अगस्त को रात करीब 8:10 बजे गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की विवेचना प्रधान आरक्षक सिरती राम भोई द्वारा की जा रही है।

पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

धमतरी : गांव के बच्चों के हाथों में होगी भविष्य की तकनीक, मगरलोड में बनेगी अत्याधुनिक रोबोटिक्स एवं 3-डी प्रिंटिंग लैब

जिले के मगरलोड क्षेत्र में विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा मगरलोड में अत्याधुनिक रोबोटिक्स लैब एवं रोबोटिक्स थ्री-डी प्रिंटिंग लैब विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों और युवाओं को तकनीकी शिक्षा के व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।

 

इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग, डिजाइन, प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार जैसे क्षेत्रों में प्रयोग एवं सीखने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद मिलेगी।

 

लैब की संकल्पना को स्थानीय युवाओं की रुचि और सहभागिता से आगे बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में मगरलोड में रोबोटिक्स वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें युवाओं एवं विद्यार्थियों को रोबोटिक्स तकनीक की प्रारंभिक जानकारी, मॉडल निर्माण, प्रोग्रामिंग तथा तकनीकी प्रयोगों से परिचित कराया गया। वर्कशॉप के दौरान युवाओं की तकनीक के प्रति उत्सुकता और सीखने की रुचि को देखते हुए इस पहल को और व्यापक स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।इस रोबोटिक्स वर्कशॉप में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा भी पहुंचे थे । उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित किया । उनके आइडियाज की सराहना की थी ।

प्रस्तावित लैब विद्यार्थियों के लिए सीखने के साथ-साथ ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) का प्रभावी मंच बनेगी। यहां विद्यार्थी अपनी कल्पनाओं को मॉडल और प्रोटोटाइप के रूप में विकसित कर सकेंगे। थ्री-डी प्रिंटिंग जैसी तकनीक के माध्यम से डिजाइन को वास्तविक रूप देने का अवसर मिलेगा। आगे चलकर स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने, नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने और इच्छुक युवाओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता की दिशा में मार्गदर्शन देने की संभावनाएं भी विकसित होंगी।

 

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा, “मगरलोड में रोबोटिक्स और थ्री-डी प्रिंटिंग लैब की स्थापना का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराना और उनकी रचनात्मक क्षमता को अवसर देना है। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र का विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक को केवल देखे नहीं, बल्कि उसे समझे, प्रयोग करे और अपने विचारों को नवाचार में परिवर्तित करे। स्थानीय युवाओं की सहभागिता से विकसित यह पहल शिक्षा को रोजगार, कौशल और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।”

 

यह पहल जिले में तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार की संस्कृति और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति प्रदान करेगी। मगरलोड की यह लैब आने वाले समय में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए सीखने, प्रयोग करने और नए विचारों को साकार करने का सशक्त केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर : नई सरकार के गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण का कार्य निरंतर गति से जारी है। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मकान पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ लगातार कार्य कर रही है।

 

प्रथम कैबिनेट में 18 लाख से अधिक आवासों का संकल्प

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद प्रथम कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने एवं निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसी संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया है। पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के स्वीकृत आवासों को आवश्यक राशि उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा रहा है।

 

पिछले वित्तीय वर्ष में 5.92 लाख से अधिक आवास पूर्ण

श्री शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 5 लाख 92 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए। यह उपलब्धि पूरे देश में सर्वाधिक है। राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की गति को बनाए रखते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।2011 और 2018 की पात्रता सूची के सभी पात्र आवास स्वीकृत

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2011 एवं 2018 की पात्रता सूची के अंतर्गत पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं, वर्तमान में लगभग 4 लाख आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आवास स्वीकृत करना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को शीघ्रता से उनके पक्के मकान का लाभ दिलाना है। इसी उद्देश्य से निर्माणाधीन आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

 

पुराने वित्तीय वर्षों के आवास भी वर्तमान सरकार में हुए पूर्ण

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए 11 लाख से अधिक आवासों में पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। पुराने समय में स्वीकृत ऐसे आवास, जो विभिन्न कारणों से लंबित थे, उन्हें भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर वर्तमान सरकार द्वारा पूर्ण कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने लंबित आवासों को भी प्राथमिकता देते हुए हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलाने का कार्य किया है। इस प्रकार पिछले ढाई वर्षों के अल्प समय में पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के आवासों को मिलाकर 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।मुख्यमंत्री आवास योजना और विशेष योजनाओं के आवास भी शामिल

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए आवासों में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 48 हजार आवासों में से लगभग 20 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत लगभग 23 हजार आवास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवास भी आवास निर्माण की उपलब्धि में शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से विशेष रूप से जरूरतमंद, गरीब एवं वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

 

गरीबों को पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रत्येक गरीब परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के बाद आवास निर्माण को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत आवासों के निर्माण में तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक आवासों का पूर्ण होना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। पुराने लंबित आवासों को पूरा करने के साथ-साथ नए स्वीकृत आवासों का निर्माण भी नियमित रूप से जारी है।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 4 लाख आवास निर्माणाधीन हैं और इन्हें भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार पुराने एवं नए सभी वित्तीय वर्षों के आवासों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्के आवास का लाभ दिलाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

धमतरी : नशामुक्ति की राह पर आगे बढ़ा ग्राम बनबगौद, महिलाओं ने संभाली कमान

जिले में नशामुक्ति को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता प्रयासों को ग्राम स्तर पर भी व्यापक जनसहयोग मिल रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से दूर आदिवासी बाहुल्य ग्राम बनबगौद (कुकरेल) की महिलाओं ने नशे के विरुद्ध अनुकरणीय पहल शुरू की है। गांव के करीब 30 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं एकजुट होकर ग्राम को नशामुक्त बनाने के लिए आगे आई हैं।

नशे के कारण परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को करीब से देखने वाली इन महिलाओं ने अब इसे केवल सामाजिक समस्या मानकर चुप रहने के बजाय स्वयं इसके खिलाफ मोर्चा संभाला है। गांव के कई युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने से दुर्घटनाओं में असमय मृत्यु, परिवारों की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव तथा नवविवाहित परिवारों के उजड़ने जैसी घटनाओं ने महिलाओं को इस दिशा में ठोस पहल के लिए प्रेरित किया।

महिलाएं सुबह और शाम गांव में सामूहिक रूप से गश्त लगाती हैं तथा नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नारे लगाती हैं। वे युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूरी बनाने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील कर रही हैं। महिलाओं का यह अभियान सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

अभियान प्रारंभ करने से पहले महिलाओं ने ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इस पहल की जानकारी साझा की तथा उनके सहयोग और सहमति का आग्रह किया। ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष एवं सचिव ने महिलाओं की पहल का समर्थन करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इससे गांव में नशामुक्ति के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूती मिली है।

महिलाओं के इस उत्साह और सामाजिक सरोकार को प्रोत्साहित करने के लिए मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को ग्राम बनबगौद में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा द्वारा महिलाओं को नशामुक्ति अभियान में उपयोग के लिए टोपी और बिगुल प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगरी, उप संचालक समाज कल्याण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

ग्राम बनबगौद की महिलाओं की यह पहल संदेश देती है कि जब समाज की मातृशक्ति किसी सकारात्मक बदलाव का संकल्प लेती है, तो वह अभियान जन आंदोलन का रूप ले सकता है। नशामुक्त गांव की दिशा में महिलाओं का यह प्रयास युवाओं के सुरक्षित भविष्य, स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की नींव मजबूत करने की प्रेरणादायी मिसाल बन रहा है।

रायपुर : महतारी वंदन से सजी रक्षाबंधन की खुशियां, तारागिरी ने अपने पैसों से खरीदी भाई के लिए राखी

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस वर्ष रायगढ़ शहर के इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 7 की निवासी श्रीमती तारागिरी गोस्वामी के लिए यह पर्व और भी खास बन गया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त इस माह की राशि से उन्होंने अपने भाई के लिए राखी खरीदी और त्योहार की तैयारियां कीं। आर्थिक सहयोग मिलने से उनके परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां और बढ़ गई हैं।

 

त्योहार की जरूरतों में काम आई योजना की राशि

तारागिरी गोस्वामी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए अपनी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। इस बार उन्होंने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग राखी खरीदने में किया। अब वे अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के अवसर पर अपनी जरूरत के अनुसार खर्च करने के लिए राशि उपलब्ध होना उनके लिए खुशी की बात है। इससे उन्हें रक्षाबंधन की तैयारियों के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।

 

आर्थिक आत्मनिर्भरता से बढ़ा आत्मविश्वास

तारागिरी गोस्वामी ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है। योजना की राशि महिलाएं अपनी आवश्यकताओं, परिवार की जरूरतों और त्योहारों की तैयारियों में अपनी सुविधा के अनुसार उपयोग कर पा रही हैं। इससे उनमें आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो रही हैं।

उनके लिए इस बार रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधने का पर्व नहीं, बल्कि आर्थिक संबल से मिली आत्मनिर्भरता और खुशी का अवसर भी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभार

तारागिरी गोस्वामी ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विष्णु भैया द्वारा संचालित इस योजना से मिलने वाली नियमित राशि महिलाओं के लिए उपयोगी सहारा बन रही है।उन्होंने कहा कि योजना की राशि से राखी खरीदने और त्योहार की तैयारी करने से उनके चेहरे पर खुशी है। वे इस रक्षाबंधन को अपने परिवार के साथ पूरे उत्साह और उल्लास से मनाएंगी।

महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें अपनी जरूरतों और खुशियों के लिए स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। इस रक्षाबंधन पर तारागिरी के हाथों में राखी और चेहरे पर मुस्कान, महिला सशक्तिकरण की एक सुखद तस्वीर प्रस्तुत कर रही है।

रायपुर : मिट्टी से गढ़ी आत्मनिर्भरता की कहानी, गृहणी से लखपति दीदी बनने तक सावित्री का सफर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। बचत, ऋण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर को आय के साधन में बदल रही हैं। रायगढ़ जिले की ग्राम पंचायत सियारपाली की श्रीमती सावित्री राणा की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।

 

गृहणी से बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी

बिहान योजना से जुड़ने से पहले सावित्री राणा एक सामान्य गृहणी थीं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनके पास अपनी आय का कोई स्वतंत्र साधन नहीं था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत शुरू की और समूह के माध्यम से मिले वित्तीय सहयोग तथा बैंक ऋण का उपयोग अपनी आजीविका शुरू करने में किया।

सावित्री ने अपने पारंपरिक हुनर को पहचानते हुए मिट्टी के दीये, मटके, गमले, गुल्लक सहित विभिन्न उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का निर्माण शुरू किया। मेहनत और लगन से उन्होंने कुम्हारी के पारंपरिक कार्य को व्यवस्थित व्यवसाय का रूप दिया। आज उनकी मासिक आय लगभग 8 से 9 हजार रुपये तक पहुंच गई है और वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

 

समूह का सहारा, ऋण से मजबूत हुआ कारोबार

सावित्री राणा कृष्णा स्वयं सहायता समूह और जागृति ग्राम संगठन से जुड़ी हैं। बिहान योजना के माध्यम से उन्हें नियमित बचत के साथ आंतरिक वित्तीय सहयोग और ऋण की सुविधा मिली। आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए उन्होंने आरएफ से 4 हजार रुपये और सीआईएफ से 8 हजार रुपये का सहयोग प्राप्त किया।

इसके बाद उन्होंने बैंक से पहली बार 30 हजार रुपये और दूसरी बार 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने कुम्हारी व्यवसाय को विस्तार दिया। वर्तमान में उन्होंने बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लिया है, जिसमें से अब केवल 30 हजार रुपये की राशि शेष है। अपने व्यवसाय से प्राप्त आय के माध्यम से वे नियमित रूप से ऋण की अदायगी भी कर रही हैं।

 

मिट्टी से गढ़ रहीं खुशहाली

सावित्री बताती हैं कि कुम्हारी का काम अब उनके लिए केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गया है। वे मांग और मौसम के अनुसार अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं। त्योहारों के समय दीयों की मांग बढ़ने पर वे अधिक संख्या में दीये तैयार करती हैं, वहीं सामान्य दिनों में मटके, गमले, गुल्लक और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं का निर्माण करती हैं।

तैयार उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देती है। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनमें आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जो सावित्री पहले परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, आज वही अपने हुनर के बल पर परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी बन चुकी हैं।

 

“बहनों की तरक्की, परिवार की शानकृविष्णु भैया ने बढ़ाया बहनों की मान”

सावित्री राणा की सफलता यह दर्शाती है कि जब महिलाओं को संगठन, वित्तीय सहयोग और स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं, तो वे अपने पारंपरिक हुनर को भी मजबूत आजीविका में बदल सकती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिहान जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है।

प्रशासन द्वारा बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने, वित्तीय सहायता एवं बैंक ऋण उपलब्ध कराने, कौशल आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता की भावना मजबूत हो रही है।

मिट्टी से दीया गढ़ते-गढ़ते सावित्री राणा ने अपने जीवन में भी उम्मीद और आत्मनिर्भरता का उजाला भर लिया है। गृहणी से अपनी आजीविका संचालित करने वाली महिला बनने का उनका सफर इस बात की मिसाल है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे सकती हैं।