पिथौरा। महासमुंद जिले की जोक नदी क्षेत्र में रेत खनन को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितताओं और अवैध उत्खनन के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांकरा के समीप देवसराल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में रेत निकासी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बलदीडीह रेत घाट के खसरा नंबर 626, रकबा 5 हेक्टेयर का पट्टा रोहित साहू के नाम वर्ष 2029 तक स्वीकृत है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित क्षेत्र के अलावा देवसराल इलाके से भी रेत निकाली जा रही है।
ग्रामीणों ने दावा किया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और डंपरों के माध्यम से रेत परिवहन किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि कुछ रेत पास के चरागाह क्षेत्र में संग्रहित की जा रही है तथा डंपरों के जरिए बाहर भेजी जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि रेत खनन और भंडारण स्थलों पर फोटो और वीडियो बनाने से रोका जाता है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नदी क्षेत्र में मशीनों का उपयोग भी किया जा रहा है।
‘छत्तीसगढ़’ द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान नदी किनारे रेत संग्रहण और मशीनों की मौजूदगी देखे जाने की बात कही गई है। हालांकि खनन की वैधता और संचालन की शर्तों को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए रेत ले जाने वाले लोगों से प्रति ट्रैक्टर 200 रुपये लिए जा रहे हैं और रसीद नहीं दी जाती। इस संबंध में भी प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्षेत्र में रेत के साथ ईंट निर्माण गतिविधियां संचालित होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार नदी किनारे कई स्थानों पर रेत का भंडारण किया जा रहा है।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।



