रायपुर। भूपेश बघेल द्वारा सट्टा माफिय़ा के साथ फोटोग्राफ ट्यूटर आइडी में पोस्ट एक नया विवाद को जन्म दे दिया और उसे कहते उड़ता तीर लेना। क्रिकेट सट्टे के माफिय़ा शराब माफिय़ा और तरह तरह के दो नंबर के कारोबार जो छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के अंतर्गत शुरू हुए हैं उसका छत्तीसगढ़ सरकार कमर कस का मुक़ाबला कर रही है और धर पकड़ा ज़ोर शोर से जारी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के मंत्री ओपी चौधरी ने ट्विटर वार में अपनी सरकार का पक्ष रखते हुए कांग्रेस पार्टी को हर तरीक़े से नंगा कर दिया ।
देने का आरोप लगा रहे ग़ौरतलब है कि रायगढ़ में एक सटोरिये की गिर तारी के बाद कांग्रेस-भाजपा के नेता एक दूसरे पर अपराधियों को प्रश्रय देने का आरोप लगा रहे हैं। वैसे तो कोई भी दल या नेता दूध के धूले हुए नहीं होते और उनका कोई-न-कोई सफेदपोश अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों से संबंध होता ही है। बावजूद राजनीतिज्ञ खुद को पाक-साफ और बड़ा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं और लोगों की चर्चा में बने रहने के लिए बिना सिर-पैर के बयानबाजी करते रहते हैं। लेकिन इस तरह का व्यवहार दोयम दर्जे के नेताओं तक ही ठीक लगता है। लेकिन जो राज्य में सत्ता का केन्द्र बिन्दु रहा हो, या जिनकी सत्ता में बड़ी भूमिका हो ऐसे लोग जब एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए बयानबाजी करते हैं तब उनकी राजनीति का स्तर बेहद नि न हो जाता है, गंभीरता और जनता के प्रति जवाबदेही भी संदेहास्पद हो जाती है।
वित्तमंत्री ओपी चौधऱी से जोड़ा राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है, अपराधियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है, ये और बात है कि इसका अपराधियों पर ना तो असर नहीं दिख रहा है और न ही अपराध कम हो रहे हैं। लेकिन इसमें दो राय नहीं पुलिस अपराधियों, ड्रग माफिया, अडडेबाजों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ पुलिस ने पिछले दिनों एक बड़े सटोरिये को गिर तार किया है। इस नेटवर्क जुड़े सटोरियों से पुलिस ने लगभग एक करोड़ कैश भी जब्त किया है। सटोरिये करन चौधरी की गिऱ तारी के बाद पूर्व मु यमंत्री भूपेश बघेल ने इस सटोरिए का संबंध मु यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्तमंत्री ओपी चौधऱी से जोड़ते हुए सोशियल मीडिया पर पोस्ट किया जिसके बाद से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भूपेश ने अपने पोस्ट में लिखा कि तस्वीरों में दिख रहा क्रस्स् का सट्टा स्वयंसेवक करन चौधरी है. प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी का बेहद खास ये सट्टा स्वयंसेवक उनके साथ खाते-खिलाते हुए और छत्तीसगढ़ संवारते हुए नजर आ रहा है। इसकी पहुंच सीधे मु यमंत्री तक भी है। रायगढ़ में पकड़े गए सबसे बड़े ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के सिंडिकेट का यह सरगना है. ब्लैक मनी को हवाला के ज़रिए सफ़ेद व्हाइट करता है. मौक़े से पुलिस को एक करोड़ से अधिक नकदी, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल और वित्तीय लेनदेन के अहम साक्ष्य बरामद होने की सूचना है। सवाल यह है कि सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी के इस खेल में खिलाड़ी तो पकड़ा गया है. लेकिन कप्तान का वित्त अब कौन सँभालेगा? इस तरीके के न जाने कितने सट्टा स्वयंसेवक शाखाओं में तैयार किए जा रहे हैं. सावधान!
वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने पोस्ट किया कि भूपेश बघेल जी! कल आपने एक सट्टेबाज द्वारा मेरे और मु यमंत्री जी के साथ पोस्ट की गई तस्वीर को आधार बनाकर अपराधियों को प्रश्रय देने का स्तरहीन आरोप लगाया है। आश्चर्य की बात है प्रदेश का पूर्व मु यमंत्री सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए अनर्गल झूठ का सहारा ले रहा है। मैं उसी व्यक्ति की तस्वीरें आपकी सरकार में उप मु यमंत्री रहे टी.एस. सिंहदेव जी के साथ और आपकी सरकार में मंत्री रहे जय सिंह अग्रवाल जी के साथ साझा कर रहा हूं। एक तस्वीर में तो वह कांग्रेस के पूरे कुनबे के साथ मुस्कुराता खड़ा है। टीएस सिंह देव जी वाली तस्वीर में तो उसकी पहुँच बेड रूम तक दिखायी दे रही है, मानो कि वह उनकी किचन कैबिनेट का हिस्सा हो ।
भूपेश बघेल जी — अब आप क्या कहेंगे? क्या अपने नेताओं पर भी वही आरोप लगाएंगे जो हम पर लगा रहे थे क्या आप इन तस्वीरों को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे ? सार्वजनिक जीवन में स्वाभाविक है कि जब रोज अपने विधानसभा क्षेत्र में 200-400 माताएं-बहनें, युवा-बुजुर्ग आपके साथ तस्वीर खिंचवाते हैं, तो हर एक का बैकग्राउंड वेरीफाई करके ही मिलना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता है। भूपेश जी, राजनीति में असली गुनाह अपराधी को जानते-बूझते संरक्षण देना है,जो आपकी सरकार पांच सालो तक देती रही । मै आपसे पूछना चाहता हूं अगर हमारी सरकार इस व्यक्ति को प्रश्रय दे रही होती, तो क्या आज रायगढ़ पुलिस 1 करोड़ नकदी, नोट गिनने की मशीन और डिजिटल सबूतों के साथ इस सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर पाती? मैंने खुद आपके पोस्ट करने से 5-6 घंटे पहले ही इस बहादुरी के लिए रायगढ़ पुलिस को बधाई दी थी ,क्योंकि भाजपा जैसी पार्टी के लिए किसी भी अपराधी को प्रश्रय देने के बजाय उस पर कानूनी कार्यवाही करना प्राथमिकता है। कांग्रेस भाजपा की राजनीति में यह फर्क साफ है भूपेश जी,आपकी सरकार में महादेव ऐप के आरोपी मु यमंत्री निवास में पनाह पाते थे। शराब घोटाले के सरगना ईडी की चार्जशीट के बाद भी आपके साथ मंच साझा करते थे। कोयला लेवी के आरोपी ष्टरूह्र से पूरे सिस्टम को चलाते थे।आपकी सरकार अपराधियों की ढाल बनी रही,और हमारी सरकार अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है। रायगढ़ की जनता आज भी याद कर सिहर उठती है;जब आपके राज में पुलिस अपराधियों की संरक्षक ही नहीं, बल्कि अपराधों की संचालक भी बन गई थी। जुआ सट्टा सबका संचालन पुलिस ही करवाती थी। आज वही पुलिस अपराधियों की कमर तोड़ रही है —
यही सुशासन है। जिस प्रदेश को आपने 5 सालो तक लुटा आज जब हम उसे संवार रहे हैं, तो आप तस्वीरें दिखाकर ब्लेम-गेम का अनर्गल खेल खेल रहे हैं। भूपेश बघेल जी, याद रखिए विपक्ष की ये ओछी राजनीति छत्तीसगढ़ में शांति व्यवस्था की बुनियाद को कमजोर करेगी। जब अपराधी पर कार्रवाई हो तो विपक्ष को पुलिस का मनोबल बढ़ाना चाहिए, न कि अपराधी के बहाने सरकार को झूठा बदनाम करना चाहिए।विपक्ष का आक्रामक होकर आरोप लगाना तब जायज कहा जा सकता है,जब कार्यवाही न हो रही हो,जो आपकी सरकार के समय की हालत थी। जनता-जनार्दन सब देख रही है, सब समझ रही है। इसीलिए पूरे देश और प्रदेश में कांग्रेस का यह हश्र हो रहा है। जब तक आप झूठ और नफरत की सियासत नहीं छोड़ेंगे, जनता आपको माफ नहीं करेगी। भाजपा राज में कानून का राज है यहां अपराधी की तस्वीर किसी के साथ हो, अपराधी के लिए असली मंजिल सिर्फ जेल है। क्योंकि हमारे लिए कुर्सी नहीं, छत्तीसगढ़ का भविष्य बड़ा है। बिना किसी कारण, मेरा नाम घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण: टीएस जब ओपी चौधरी ने जवाब में सोशल मीडिया में पोस्ट कर करन चौथरी की टीएस सिंहदेव के साथ वाली तस्वीर पोस्ट की तब पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर दी उन्होंने ओपी चौधरी को संबोधित करते हुए लिखा कि ओपी चौधरी जी, बिना किसी कारण, केवल किसी को जवाब देने के लिए मेरा नाम घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, और पूरी तरक से अनावश्यक था। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते, मेरे द्वार सबके लिए खुले हैं – यह मेरी प्रतिबद्धता है और रहेगी। जो व्यक्ति यहां चर्चा में है, उसका संबंध एक धार्मिक संगठन से है, क्रस्स् से है, और क्चछ्वक्क के कई नेताओं से भी है। मुझसे मिलने आने वाले किसी भी व्यक्ति से – चाहे उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो – मैं संवाद करता हूं और करता रहूँगा। परंतु मैंने कभी किसी आपराधिक मंशा का समर्थन नहीं किया, न करता हूँ और न ही कभी करूंगा। इस मामले में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और कानूनी रूप से अभियुक्त को न्यायोचित सजा मिलनी चाहिए। इस पर भी ओपी चौधऱी ने जवाबी पोस्ट करते हुए लिखा कि आदरणीय टीएस सिंहदेव जी ! आप एक अच्छे व्यक्ति हैं,लेकिन पड़े तो गलत संगत में ही हैं। जिनको आपने किसी कहकर संबोधित किया है,कभी उनके साथ आपकी जय-वीरू की जोड़ी मानी जाती थी। अगर वीरू जबरन किसी बाल्टी भर कीचड़ उछालेगा, तो संभावना तो बनती ही है कि जय पर भी कुछ छींटें पड़ जायें। मुझे प्रसन्नता है कि वैचारिक रूप से आप वही बात बोल रहे हैं, जो मैं भी अपने जवाब में कह रहा था। आश्यर्य है…कभी सत्ता के शीर्ष पर रहे और वर्तमान में सत्ता में प्रमुख दायित्व निभा रहे नेताओं के बीच एक दूसरे का एक सटोरिए से संबंध दिखाने के लिए सोशल मीडिया में की टिप्पणियों से न सिर्फ राजनीति के गिरते स्तर का पता चलता है बल्कि जनता के लिए जवाबदेह नेताओं का ऐसा व्यवहार भी उनके आचरण और सतही सेवाभाव की ओर इशारा करता है। किसी व्यक्ति का किसी के साथ तस्वीरों में होना एक दूसरे का संबंधी होने का प्रमाण नहीं होता। राजनीति में स्वस्थ आलोचना, सार्थक कार्रवाई औप जन हितैषी नीतियों-निर्णयों का स्वागत होना चाहिए, तभी लोकतंत्र की सार्थकता है। महादेव सट्टा ऐप के प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश में गांजा और सट्टे के प्रमुख कारोबारी भी कांग्रेस नेता के संरक्षण में लगातार ख़ुलासा प्रदेश के प्रमुख सट्टा कारोबारी आशु शर्मा पूर्व कांग्रेस के नेता की और कांग्रेस के परिवार के रिश्तेदारी में जो अभी फऱार चल रहा है कांग्रेस के अधिकांश छुटभैया नेता विगत तीन सालों से क्रिकेट सट्टे के आरोपों में अलग-अलग थानों में लोग गिरफ्तार हो चुके हैं विगत 4-5 सालों से छत्तीसगढ़ में सट्टे के कारोबार की बढ़ोतरी हुई है क्रिकेट सट्टा सिर चढक़र बोल रहा है पुलिस कार्रवाई भी बढ़ी है लेकिन सट्टे के खाईवाल बाज़ नहीं आ रहे – नाड़ा पायजामा छाप कांग्रेसी नेताओं के सर्वेक्षण में बेफिक्र होकर सट्टे के कारोबार को अंजाम दे रहे थे।



