महासमुंद। महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक के पिरदा शाखा अंतर्गत संचालित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी से जुड़े नरसैयापल्लम एवं बम्हनी धान उपार्जन केंद्रों में धान स्टॉक और रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ी की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में नरसैयापल्लम केंद्र में 34 हजार 364 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार इसमें से 29 हजार 838.08 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है, जबकि 4525.92 क्विंटल धान शेष बताया गया है।
इसी तरह बम्हनी उपार्जन केंद्र में 40 हजार 464 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई थी। इसमें से 36 हजार 088.80 क्विंटल धान के उठाव और 4375.20 क्विंटल धान शेष होने का उल्लेख रिकॉर्ड में है। स्थानीय स्तर पर यह शिकायत सामने आई है कि दोनों केंद्रों में रिकॉर्ड के अनुरूप धान स्टॉक उपलब्ध नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि खरीदी प्रक्रिया में रिकॉर्ड में गड़बड़ी और कथित अनियमितता हुई है। शिकायत में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दोनों केंद्रों को मिलाकर लगभग 9180 क्विंटल धान की कमी होने संबंधी शिकायत की जांच की जा रही है। नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने मीडिया को बताया कि कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर 12 मई को पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है।
टीम को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच समिति में तहसीलदार मोहित अमला, सहकारिता निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक दीपांशु देवांगन, पिरदा शाखा प्रबंधक उसत प्रधान तथा संग्रहण केंद्र प्रभारी को शामिल किया गया है।



