महासमुंद। राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को 2700 किलोग्राम 27 क्विंटल अवैध पीडीएस चावल और उसे ले जा रहे ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस के हवाले किया है।
जानकरी के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 10 बजे ग्राम केना से एक ट्रैक्टर में बड़ी मात्रा में सरकारी चावल भरकर अवैध बिक्री के लिए राइस मिल ले जा रहा था। इसी दौरान चालक रास्ता भटक गया। सरायपाली पहुंचने का रास्ता तलाशते हुए उसने स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। इस बीच सुबह-सुबह ट्रैक्टर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और अधिकारियों की पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि जब्त किया गया चावल चंद्रहास प्रधान का है। चंद्रहास ने उसे सिर्फ गाड़ी चलाने के लिए कहा था।
उसने बताया कि पीछे धान से भरी एक पिकअप गाड़ी भी आ रही है। उसी गाड़ी का चालक मुख्य सूत्रधार है। वही जानता है कि सस्कारी चावल की डिलीवरी किस राइस मिल या ठिकाने पर करनी है। चालक की घबराहट और जवाबों में हिचकिचाहट ने संदेह और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो मामला खुल गया। इसके बाद तत्काल प्रशासन को सूचना दी गई। अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर पहुंची राजस्व और खाद्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान चावल के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाया। टीम ने 2700 किलो पीडीएस चावल जब्त कर ट्रैक्टर सहित पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले में आगे जांच जारी है। जब्त चावल अब खाद्य अधिकारी की अभिरक्षा में परिवहन में इस्तेमाल हो रहे ट्रैक्टर को जब्त कर सरायपाली पुलिस थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। जब्त चावल को खाद्य अधिकारी की न्यायिक अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। पुलिस अब मुख्य आरोपी चंद्रहास प्रधान और पिकअप चालक की तलाश में जुट गई है।
प्रभारी एसडीएम मनोज खांडे को जानकारी मिलते ही वे तहसीलदार श्रीधर पंडा और खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे के साथ फ ौरन मौके पर पहुंचे। यहां 27 क्विंटल चावल जब्त किया गया। परिवहन और चावल से संबंधित कोई भी वैध कागजात मौके पर नहीं मिले। अधिकारियों ने गवाहों की मौजूदगी में घटना स्थल पर ही पंचनामा बनाया। प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे ने कहा कि सरकारी राशन बेचने वाले माफियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस रैकेट में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



