CG बसना: पिरदा शाखा में करोड़ों का धान घोटाला 2 धान खरीदी केंद्र में 9180 क्विंटल धान की कमी,
महासमुंद। जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत पिरदा शाखा में संचालित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के अधीन धान खरीदी केंद्र नरसैयापल्लम और बम्हनी में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान बड़े पैमाने पर बोगस धान खरीदी और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत ललित मुखर्जी द्वारा कलेक्टर महासमुंद से करते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार धान खरीदी केंद्र नरसैयापल्लम में 4805 क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी समर्थन मूल्य राशि लगभग 1 करोड़ 48 लाख 95 हजार 500 रुपये बताई गई है। वहीं बम्हनी धान खरीदी केंद्र में 4375 क्विंटल धान कम पाया गया है, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 35 लाख 62 हजार 500 रुपये आंकी गई है। इस प्रकार दोनों केंद्रों में कुल 9180 क्विंटल धान की कथित बोगस खरीदी कर करीब 2 करोड़ 84 लाख 58 हजार रुपये की अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में नरसैयापल्लम एवं बम्हनी केंद्रों के प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक, धान खरीदी प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, बारदाना प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। उनका कहना है कि आज तक दोनों केंद्रों में करोड़ों रुपये मूल्य के धान की कमी बनी हुई है।
हर सप्ताह हो रहा था भौतिक सत्यापन, फिर कैसे हुआ करोड़ों का घोटाला?
गौरतलब है कि इस वर्ष राज्य शासन द्वारा धान खरीदी में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी। कलेक्टर स्तर से लेकर राजस्व, मंडी, सहकारिता एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा हर सप्ताह धान खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही थी। इसके बावजूद करोड़ों रुपये के धान की कमी और बोगस खरीदी का मामला सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि जब लगातार निरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी, तब इतनी बड़ी अनियमितता आखिर कैसे हुई? लोगों का कहना है कि मामले में केवल खरीदी केंद्र के कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और निगरानी करने वाले विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
डिप्टी कलेक्टर की निगरानी के बावजूद गड़बड़ी
बताया जा रहा है कि पिरदा शाखा में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और गड़बड़ी रोकने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद कथित रूप से अधिकारियों और कर्मचारियों ने शातिराना तरीके से बोगस खरीदी कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार कर दिया, जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है।
जांच टीम गठित होगी : कलेक्टर
मामले को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए जल्द ही जांच टीम गठित की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“धान की कमी के कारण परिवहन नहीं हो पाया”
पिरदा शाखा प्रबंधक उषत प्रधान ने कहा कि धान परिवहन कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन धान की कमी के कारण परिवहन नहीं हो सका। मामले की जांच कराई जाएगी।



