महासमुंद: मेडिकल कॉलेजों के लिए NMC का बड़ा निर्देश, MBBS सीटों के नवीनीकरण के लिए 30 मई तक देनी होगी रिपोर्ट

महासमुंद। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस सीटों के वार्षिक नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू करते हुए मेडिकल कॉलेजों को 30 मई तक वार्षिक प्रकटीकरण रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड ने निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने को कहा है।
जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय तक रिपोर्ट जमा नहीं होने की स्थिति में सीटों के नवीनीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी बीच महासमुंद शासकीय मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और अन्य स्टाफ की कमी को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

एनएमसी ने निर्देश दिया है कि सभी कॉलेज अपनी जानकारी आयोग के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर ही जमा करें। जिन संस्थानों ने आधार-सक्षम बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का पंजीकरण पूरा नहीं किया है, वे पोर्टल पर लॉग-इन नहीं कर पाएंगे। आयोग के अनुसार, एक बार डेटा सबमिट होने के बाद उसमें संशोधन की अनुमति नहीं होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी शैक्षणिक सत्र में नए बैच के प्रवेश के समय संसाधनों और स्टाफ की कमी चुनौती बन सकती है। कॉलेज में उपकरणों की उपलब्धता और जिला अस्पताल के साथ समन्वय को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मेकाहारा महासमुंद के प्रोफेसर अलख राम वर्मा ने कहा कि कॉलेज में डॉक्टरों के साथ-साथ सहायक स्टाफ की भी कमी है। उनके अनुसार, 396 स्वीकृत पदों में से 250 से अधिक पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि लैब अटेंडेंट, लाइब्रेरी सहायक, तकनीशियन और स्वीपर जैसे पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं होने से प्रैक्टिकल कक्षाओं और लाइब्रेरी संचालन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कॉलेज में 21 प्रोफेसरों की आवश्यकता है, जबकि केवल 6 प्रोफेसर कार्यरत हैं। इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है और पदोन्नति तथा स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है।

गांजा तस्करी पर महासमुंद पुलिस का बड़ा प्रहार; ओडिशा के संबलपुर से आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। कोमाखान पुलिस ने 5.180 किलोग्राम अवैध गांजा को बरामद कर एक मोटर साइकिल एवं एकमोबाइल संग एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने टेमरी जांच नाका में घेराबंदी कर मोटर साइकिल को रोककर चालक से पूछताछ की। पूूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रसन्न महानंद ने अपने मोटर साइकिल की डिक्की एवं सीट में गांजा होना बताया। मौके पर आरोपी से करीब 5.180 किलो ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपी को जेल भेज दिया है। जब्त गांजा की कीमत 2 लाख 59 हजार रुपए  बताई गई है।

महासमुंद: गांजा तस्करी के मामले में खल्लारी पुलिस का बड़ा एक्शन, ओडिशा के संबलपुर से आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। थाना खल्लारी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री और आपूर्ति से जुड़े एक आरोपी को ओडिशा के सम्बलपुर जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान ग्राम धामा निवासी सुशांता मुखी के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि थाना खल्लारी में अप.क्र. 36/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 बी में 28 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया गया था। उस कार्रवाई में 20 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई थी। साथ ही परिवहन में प्रयुक्त एम्बुलेंस बोलेरो वाहन सहित कुल 15 लाख 16 हजार 800 रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर मामले के कथित सोर्स पॉइंट तक पहुंचा गया। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों सलमान खान और सिराज खान ने पूछताछ में बताया था कि गांजा ओडिशा से खरीदा गया था।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुशांता मुखी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेल भेज दिया गया है।

देश में पेट्रोल-डीजल और गैस का गंभीर संकट, बढ़ती महंगाई से आम जनता बेहाल: राजेंद्र तिवारी

महासमुंद। कांग्रेस नेताओं ने महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता तथा उर्वरक की कमी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी ने कहा कि पिछले दो महीनों से देश डीजल, पेट्रोल और गैस संकट का सामना कर रहा है। बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की आर्थिक स्थिति खराब कर दी है।
राजेंद्र तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उर्वरक के कम उपयोग, वर्क फ्रॉम होम अपनाने तथा तेल-गैस का कम इस्तेमाल करने संबंधी अपीलें की जा रही हैं। उन्होंने इन अपीलों की आलोचना करते हुए कहा कि आम नागरिक पहले से महंगाई और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। उनका दावा था कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ और किसान महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने तथा कर्ज लेने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, जबकि अब तक 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंचा है। तिवारी ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम की सलाह उन लोगों के लिए व्यावहारिक नहीं है जो फील्ड में काम करते हैं, मजदूरी करते हैं या छोटे व्यवसाय से आजीविका चलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि खाद्य तेल, गैस, दाल, दूध, आटा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने वर्ष 2013 और 2026 के बीच विभिन्न वस्तुओं की कीमतों की तुलना भी प्रस्तुत की। उनके अनुसार आटा, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल और दालों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दवाइयों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं।

राजेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर अधिक कर लगाया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम ऊंचे बने हुए हैं। उनका यह भी कहना था कि छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में पेट्रोल-डीजल और कमर्शियल गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
उन्होंने केंद्र सरकार के खर्च और विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए। तिवारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी, टोल टैक्स और रेल किराए में वृद्धि के कारण मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में है।
पत्रकार वार्ता में विधायक द्वारिकाधीश यादव, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर और अमरजीत चावला सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित थे।

सरायपाली पुलिस की बड़ी कामयाबी: अपहरण का सनसनीखेज खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार, लग्जरी कार जब्त

महासमुंद। सरायपाली पुलिस ने युवक अपहरण मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपहृत युवक को छुड़ा लिया गया है। घटना में प्रयुक्त लग्जरी कार भी जब्त कर ली है।

पुलिस के अनुसार गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि अज्ञात लोग युवक निरंजन दास का अपहरण कर ओडी कार में ओडिशा की ओर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई। अलग-अलग पुलिस टीमें संदिग्ध वाहन की तलाश में जुटीं। इसी दौरान मुखबिर के बताए हुलिए और नंबर वाली कार दिखाई दी।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रोक लिया। तलाशी लेने पर कार में छह लोग सवार मिले। जिन्होंने एक युवक को बंधक बनाकर रखा था। आरोपियों की पहचान देबार्चन मलिक, राजेश मलिक, रंजन प्रधान, भागीरथी बेहरा, बंशीधर बंछोर और कुनु बाघ के रूप में हुई है। अधिकांश आरोपी पड़ोसी राज्य ओडिशा के बरगढ़ जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपहृत युवक को सुरक्षित मुक्त कराते हुए प्रयुक्त कार जब्त कर ली है।

निरंजन दास ने बताया कि उसने मुख्य आरोपी देबार्चन मलिक से 3.50 लाख रुपए उधार लिए थे। इसमें से वह 50 हजार रुपए वापस कर चुका था।

तेज रफ्तार बाइक ने दंपत्ति को मारी जोरदार टक्कर: वी. वाय. अस्पताल में 8 दिनों तक चला इलाज, आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज

महासमुंद। महासमुंद के ग्राम नांदगांव के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपत्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्राम बासिन (गरियाबंद) निवासी दंपत्ति अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के चालक ने उन्हें लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए सामने से सीधी टक्कर मार दी। हादसे में घायल पति को नाक, कमर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिनका निजी अस्पताल में 8 दिनों तक इलाज चला। कोतवाली पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

ग्राम जुनवानी से लौट रहा था दंपत्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बासिन (थाना फिंगेश्वर, गरियाबंद) निवासी थनवारिन बाई रात्रे अपने पति चेतन रात्रे के साथ दिनांक 6 मई 2026 को मोटरसाइकिल क्रमांक सी.जी. 23 के. 3128 पर सवार होकर ग्राम जुनवानी गए थे। सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच जब वे वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी ग्राम नांदगांव स्थित दैनिक भास्कर राइस मिल के पास यह हादसा हुआ।

सामने से आ रही बाइक ने मारी सीधी टक्कर

पीड़ित महिला के अनुसार, जब वे राइस मिल के पास पहुंचे थे, तभी सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल क्रमांक सी.जी. 04 एन.सी. 4236 के चालक ने अपने वाहन को अत्यधिक तेज गति और उतावलेपन से चलाते हुए दंपत्ति की बाइक को सामने से जोरदार ठोकर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दंपत्ति सड़क पर दूर जा गिरे।

इस हादसे में चेतन रात्रे के नाक, कमर और पैर में गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय राहगीरों ने तुरंत मानवता दिखाते हुए दोनों को संभाला और प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल महासमुंद पहुंचाया।

जिला अस्पताल से वी. वाय. हॉस्पिटल किया गया रेफर

जिला अस्पताल में समुचित उपचार की सुविधा न होने के कारण घायल चेतन रात्रे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत महासमुंद के ही वी. वाय. हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां वे दिनांक 6 मई से 14 मई 2026 तक (कुल 8 दिन) जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे और डॉक्टरों की निगरानी में उनका गहन इलाज चला।

नए कानून के तहत मामला दर्ज

पति के गंभीर रूप से घायल होने और अस्पताल में लंबे समय तक इलाज में व्यस्त रहने के कारण पीड़ित परिवार समय पर थाने नहीं पहुंच सका था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, प्रार्थी थनवारिन बाई ने सिटी कोतवाली महासमुंद पहुंचकर लिखित आवेदन पेश किया।

कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विलंब के कारणों को स्वीकार किया और आरोपी मोटरसाइकिल (CG 04 NC 4236) के अज्ञात चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(A) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की जप्ती और आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

महासमुंद पुलिस की मुस्तैदी: तुमाडबरी रोड पर घेराबंदी कर पकड़ाया शराब कोचिया, ‘ई-साक्ष्य’ के साथ 29 पौवा अवैध शराब जप्त

महासमुंद । महासमुंद पुलिस द्वारा अवैध शराब के कारोबार और परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना महासमुंद की पेट्रोलिंग टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर तुमाडबरी रोड शराब भट्ठी जाने वाले रास्ते के पास घेराबंदी करते हुए एक शातिर शराब कोचिया को रंगे हाथों दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध देशी शराब जप्त की है। खास बात यह है कि पुलिस ने नए कानून के तहत इस पूरी कार्रवाई का डिजिटल वीडियो (ई-साक्ष्य) भी तैयार किया है, जो कोर्ट में अहम सबूत बनेगा।

जुर्म जरायम पतासाजी के दौरान मिली सफलता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 मई 2026 को महासमुंद थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 843 रोहित दीवान अपने हमराह स्टाफ आरक्षक क्र. 302, 300 और 915 के साथ शासकीय वाहन (CG 03 9685) से टाउन पेट्रोलिंग और जुर्म जरायम पतासाजी पर रवाना हुए थे। इस दौरान टीम के पास विवेचना कीट भी मौजूद थी। भ्रमण के दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक व्यक्ति तुमाडबरी रोड शराब भट्ठी जाने के रास्ते के पास अधिक मात्रा में अवैध देशी शराब बिक्री के लिए छिपाकर रखा हुआ है।

गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी और गिरफ्तारी

सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रधान आरक्षक रोहित दीवान ने मौके पर मुखबिर सूचना पंचनामा तैयार किया और रास्ते में मिले दो गवाहों (देवनारायण निषाद एवं गोकुल यादव) को वैधानिक नोटिस देकर कार्रवाई से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस टीम ने गवाहों को साथ लेकर तुमाडबरी रोड पर रणनीतिक घेराबंदी की।

वहां मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम गणेश यादव पिता गोकुल यादव (उम्र 43 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 08, खल्लारी पारा बेमचा, महासमुंद) बताया।

झोले से निकली अवैध शराब, मौके पर बना ‘ई-साक्ष्य’

जब पुलिस ने आरोपी के पास रखे एक मटमैले भूरे रंग के झोले की तलाशी ली, तो उसके अंदर से 29 पौवा देशी प्लेन शेरा शराब (प्रत्येक पौवा 180 ML, कुल मात्रा 5220 ML) बरामद हुई। शराब के संबंध में वैध दस्तावेज या लाइसेंस मांगने पर आरोपी कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। पुलिस ने 2,320 रुपये मूल्य की अवैध शराब को मौके पर ही सीलबंद कर जप्त कर लिया।

नए कानून के तहत पारदर्शिता और पुख्ता कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रधान आरक्षक रोहित दीवान ने स्वयं के मोबाइल से इस पूरी जप्ती और कार्रवाई का वीडियो/फोटो (ई-साक्ष्य) तैयार किया।

गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज

आरोपी गणेश यादव का यह कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय और गैर-जमानती पाए जाने पर दोपहर 13:05 बजे उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। नियमानुसार आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने मौके पर देहाती नालसी दर्ज करने के बाद थाने में असल अपराध पंजीबद्ध कर लिया है, और मामले की सूचना संबंधित मजिस्ट्रेट को भेजकर आगे की कानूनी विवेचना शुरू कर दी है।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गायत्री शक्ति पीठ के पास घेराबंदी कर पकड़ाया शराब कोचिया, बाइक और अवैध देशी शराब जप्त

महासमुंद। महासमुंद जिला पुलिस द्वारा अवैध शराब परिवहन और बिक्री करने वालों के खिलाफ चलाई जा रही मुस्तैद मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना महासमुंद की पेट्रोलिंग टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर गायत्री शक्ति पीठ मंदिर के पास घेराबंदी करते हुए एक शातिर शराब कोचिया को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध देशी शराब और परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त की है।

पेट्रोलिंग के दौरान मिली मुखबिर की सूचना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 मई 2026 को महासमुंद थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक क्रमांक 231 उत्तरा दीवान अपने हमराह स्टाफ आरक्षक 443 और 484 के साथ शासकीय वाहन (CG 03 9685) से टाउन देहात पेट्रोलिंग पर रवाना हुई थीं। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक व्यक्ति काले रंग की होंडा ड्रीम युगा मोटरसाइकिल (क्रं. CG 05 W 3248) पर अवैध शराब लोड कर शीतली नाला भट्ठी की ओर से महासमुंद की तरफ आ रहा है।

गवाहों के समक्ष दी गई घेराबंदी

सूचना मिलते ही महिला प्रधान आरक्षक उत्तरा दीवान ने तत्परता दिखाते हुए रास्ते में मिले दो स्वतंत्र गवाहों (नकुल सोनी एवं आशीष साहू) को वैधानिक नोटिस देकर साथ लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने गायत्री शक्ति पीठ मंदिर के पास रणनीतिक घेराबंदी की। कुछ ही देर में शीतली नाला की ओर से मुखबिर के बताए हुलिये की काले रंग की मोटरसाइकिल आती दिखाई दी, जिसे पुलिस पार्टी ने चारों तरफ से घेरकर रोका।

बोरी खोलते ही खुली पोल, 40 पौवा शराब जप्त

मोटरसाइकिल चालक ने पूछताछ में अपना नाम सैय्यद अंसारी उर्फ निसार (उम्र 32 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 08, नयापारा महासमुंद) बताया। पुलिस को उसकी गाड़ी की टंकी के ऊपर एक सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी रखी मिली। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी गोलमोल जवाब देने लगा, लेकिन हिकमत अमली से काम लेने पर उसने बोरी में शराब होना कबूल किया।

गवाहों की मौजूदगी में जब बोरी की तलाशी ली गई, तो उसके अंदर से 40 पौवा अवैध देशी प्लेन शेरा शराब (प्रत्येक पौवा 180 ML, कुल मात्रा 7200 ML) बरामद हुई। शराब के वैध दस्तावेज या लाइसेंस मांगने पर आरोपी कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका।

आरोपी गिरफ्तार, आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने मौके पर ही कुल 3,200 रुपये मूल्य की अवैध शराब और शराब परिवहन में प्रयुक्त 10,000 रुपये कीमत की होंडा मोटरसाइकिल (कुल जुमला कीमती 13,200 रुपये) को गवाहों के समक्ष जप्त कर सीलबंद किया।

आरोपी सैय्यद अंसारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय पाए जाने पर, माननीय सर्वोच्च न्यायालय (अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य) के दिशा-निर्देशों और नए कानून (BNSS) की प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोपहर 14:40 बजे उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके पर देहाती नालसी दर्ज करने के बाद थाने में असल अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।

महासमुंद मेडिकल कॉलेज में खूनी झड़प: पूर्व क्लास रिप्रेजेंटेटिव को सरेराह पीटा, कट्टे से उड़ाने की धमकी

महासमुंद। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) महासमुंद में परीक्षा के दौरान नकल पकड़वाने की रंजिश को लेकर एमबीबीएस के छात्रों के बीच खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। पूर्व क्लास रिप्रेजेंटेटिव (CR) और एमबीबीएस के छात्र आशुतोष पाली पर उनके ही सहपाठियों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने पीड़ित को शहीद स्मारक खरोरा के पास बुलाकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा और जाते-जाते “कट्टे से उड़ा देने” की धमकी दी। इस हमले में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

नकल प्रकरण की रिपोर्टिंग बनी हमले की वजह

शिकायत के मुताबिक, प्रार्थी आशुतोष पाली (26 वर्ष, निवासी बिलासपुर) महासमुंद मेडिकल कॉलेज में पहले कक्षा का प्रतिनिधि था। प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा के दौरान आरोपी छात्र जे.ए.एस. आदित्य झा को नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। संस्थान के नियमानुसार आशुतोष ने इस घटना की सूचना कॉलेज प्रबंधन के निर्देश पर क्लास के व्हाट्सएप ग्रुप में दी थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी पिछले दो साल से आशुतोष को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और जान से मारने की धमकियां दे रहा था।

बातचीत के बहाने बुलाकर किया जानलेवा हमला

दिनांक 11 मई 2026 की शाम आरोपी आदित्य झा ने फोन कर आशुतोष को खरोरा शहीद स्मारक के पास बात करने के लिए बुलाया। मामला सुलझाने की नीयत से आशुतोष अपने साथी छात्र आदर्श मिश्रा, आशीष रात्रे और अक्षित सरकार के साथ वहां पहुंचा। वहां पहले से ही घात लगाए बैठे आदित्य झा, संदर्भ पटेल, धनंजय कटरावत और उनके अन्य साथियों ने गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला बोल दिया।

जब पीड़ितों ने इस घटना की शिकायत कॉलेज प्रशासन से करने की बात कही, तो आरोपी और उग्र हो गए। मारपीट के दौरान:

  • आशीष रात्रे का गला दबाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई।

  • आदर्श मिश्रा के सीने पर जोरदार प्रहार किए गए।

  • मुख्य आरोपी आदित्य झा ने प्रार्थी आशुतोष के संवेदनशील अंगों (पेट और अंडकोष) पर हमला किया, जिससे वह दर्द से कराहते हुए वहीं गिर गया।

“कट्टे से मार दूंगा…” देकर भागे आरोपी

मारपीट के बाद भागते हुए मुख्य आरोपी आदित्य झा ने सरेआम धमकी देते हुए कहा, “अगर तुम लोगों को कट्टे से ना मार दिया तो मैं भी एक बाप की औलाद नहीं।” इस घटना के बाद से पीड़ित छात्र और उनका परिवार गहरे खौफ में है।

पुलिस और कॉलेज प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ित छात्र आशुतोष पाली ने अपने साथियों के साथ कोतवाली थाना महासमुंद में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। छात्रों के पास आरोपी द्वारा व्हाट्सएप पर दी गई धमकियों के स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं, जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है। घायल छात्रों का मेडिकल परीक्षण (MLC) कराया जा रहा है। कॉलेज के छात्रों ने प्रबंधन से भी आरोपियों को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।

महासमुंद पुलिस की अनूठी पहल: “नवा बिहान” अभियान से जिले भर में फैलाई जा रही साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति की अलख

महासमुंद – महासमुंद पुलिस द्वारा आम जनता को सचेत, सतर्क व जागरूक करने के उद्देश्य से संपूर्ण जिले मे “नवा बिहान” बैनर तले जागरूकता कार्यक्रम संचालित की जा रही है। इस कैंपेन के तहत् पुलिस विभाग की टीम हाट-बाजार, स्कूल, कालेज, बस स्टैंड, बैंकों व चौक-चौराहो, गली मुहल्लो मे, लोगो के बीच पहुँचकर मोबाईल धारक आम जनता, स्कूली छात्र-छात्राओं, गांव के युवको, बुजुर्गो हर वर्ग के लोगो को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, जरूरी हेल्पलाइन नंबर, नशा मुक्ति संदेश, गौ तस्करी रोकथाम के बारे मे लोगो को जानकारी दी जा रही है।

नवा बिहान कैपेन के तहत जिला महासमुंद ग्राम बल्दीडीह हॉट बाजार, थाना सांकरा ग्राम छुईपाली बाजार, थाना सिंघोड़ा ग्राम द्वारतलाकला बाजार, चौकी टूहलु, ग्राम पिथौरा लाखागढ़ चौक पेट्रोल पंप के पास, ग्राम भंवरपुर क्षेत्रों के आम जनता को, महासमुंद पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता, अभिव्यक्ति ऐप, नशा मुक्ति अभियान महिला संबंधी अपराध एवं यातायात सुरक्षा की जानकारी दी गयी।

पुलिस टीम के द्वारा शहरी एवं ग्रामीणो क्षेत्रों मे लोगो को विभिन्न प्रकार की जानकारियां साझा की गई, जिसमे सायबर स्टाकिंग, फेक प्रोफाईल के बारे मे बताते हुए, किसी भी व्यक्ति जो इसका शिकार हो, तत्काल रिपोर्ट करने कहा गया। लोगो को बताया गया की सोशल मीडिया में पर्सनल व सेंसिटीव जानकारी शेयर ना करें एवं अपने मोबाईल मे मजबूत पासवर्ड बनाकर रखे, ताकि मोबाइल गुम होने या अन्य कोई भी व्यक्ति इसका दुरूपयोग ना कर सके। आजकल इंटरनेट की दुनिया मे प्रचलित अपराध जैसे फेक ट्रेडिंग एप के नाम पर ठगी, सेक्सटार्शन, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगो को डिजिटल अरेस्ट की धमकी फिर ठगी करने वालो से सतर्क रहने एवं आपके फोन मे अंजान नम्बरो से आये एपीके फाईल लिंक को कभी ओपन ना करने की सलाह दी गयी है।

लोगो को बताया गया है की किसी प्रकार के ऑनलाईन फ्रॉड होने पर सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 में ऑनलाईन शिकायत एवम अपने निकटतम पुलिस थाना या सायबर थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज करावें।

इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराधों के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है। आम जनता को इन खतरों से आगाह करने के लिए यह विशेष जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान कार्यक्रम में मोबाइल धारकों को सोशल मीडिया पर सुरक्षा और निजता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।

अनजान लोगों से दोस्ती पड़ सकती है भारी-

पुलिस द्वारा लोगो को बताया जा रहा है की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें। लोगों से अपील की गई कि वे थर्ड पार्टी ऐप्स और अनजान लिंक्स से दूरी बनाएं रखें और अपनी संवेदनशील जानकारी कभी भी सार्वजनिक न करें।

फॉरवर्डेड मैसेज की सत्यता जांचें- अक्सर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और मैसेज वायरल कर दिए जाते हैं। किसी भी फॉरवर्डेड मैसेज की सत्यता को जाने बिना आगे न भेजें। इसके साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स पर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ ऑन रखने की सलाह दी गई ताकि अकाउंट को हैक होने से बचाया जा सके।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर वसूली से न डरें-

आजकल अपराधी पुलिस, सीबीआई या जज बनकर वीडियो कॉल करते हैं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ या जेल भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी संस्था या अधिकारी इस तरह वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग नहीं करता। ऐसे कॉल्स आने पर घबराएं नहीं और न ही घबराहट में गूगल-पे या फोन-पे के माध्यम से पैसे भेजें।

ठगी होने पर क्या करें-?

यदि आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो देरी न करें। तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा अपने नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में भी सूचना दें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान-

क्षेत्र में गौवंश तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। यदि किसी को भी गौवंश तस्करी या अवैध परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या “संवाद” हेल्पलाइन नंबर 9479229939 पर सूचना दें।

आपातकाल में ‘डायल-112’ का करें उपयोग-

पुलिस ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर ‘डायल-112’ की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी दुर्घटना, विवाद या आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने से पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है। कम से कम समय में सहायता प्राप्त करने के लिए इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया है।

जिला पुलिस द्वारा आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए *जन उपयोगी शिकायत हेल्प डेस्क- “संवाद” की शुरुआत की है, जिसका व्हाट्सएप मोबाइल नंबर 9479229939 जारी किया गया है। एक मैसेज पर होगी कार्रवाई, पहचान रहेगी गुप्त। इस नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा कर सकते हैं। “संवाद” हेल्पलाइन में सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसमें दो विकल्प दिए गए हैं: विकल्प 1: गुप्त सूचना देने के लिए। विकल्प 2: सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिए। आपकी दी हुई एक छोटी सी सूचना न केवल किसी बड़े अपराध को रोक सकती है, बल्कि हमारे समाज को सुरक्षित और खुशहाल भी बना सकती है।

अभियान के दौरान पुलिस ने नागरिकों से नशे की लत से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को खत्म करता है। आइए, एक सजग नागरिक के रूप में पुलिस का साथ दें, नशे की लत को जड़ से मिटाए और साइबर ठगी जैसी बुराइयों के प्रति खुद को और दूसरों को सतर्क करें। महासमुंद पुलिस द्वारा संचालित इस जन जागरूकता कार्यक्रम मे 1500 से अधिक आमजन शामिल होकर लाभान्वित हुए।