नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने किया बोर खनन कार्य का भूमिपूजन…वाहन पार्किंग परिसर में दूर होगी पेयजल किल्लत

महासमुंद। नगर पालिका अधिनस्थ पुराना सिविल लाईन स्थित वाहन पार्किंग परिसर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर खनन कार्य का भूमिपूजन नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने पूजा-अर्चना कर किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष  साहू ने कहा कि नगर पालिका के वाहन पार्किंग स्थल पर कार्यरत कर्मचारियों, वाहन चालकों तथा सफाई मित्रों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। बोर खनन कार्य पूर्ण होने के बाद परिसर में जल समस्या का समाधान होगा तथा दैनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी।  भूमिपूजन में पार्षद नीरज चन्द्राकर, पूर्व पार्षद कपील साहू, शहबाज़ राजवानी, वाहन प्रभारी सुरेश तिवारी, स्वच्छ भारत मिशन के नौशाद बक्श, नगर पालिका के अधिकारी- कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

महासमुंद-गरियाबंद का सफर होगा आसान: विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने ₹5.85 करोड़ के मार्ग व पुलिया निर्माण का किया भूमिपूजन

महासमुंद। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने चिंगरौद-हथखोज मार्ग एवं पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन रविवार को  किया। इस कार्य की लागत करीब 5 करोड़ 85 लाख रुपए है। इस मार्ग के निर्माण से आवाजाही में काफी सुगमता होगी। ग्रामीणों के साथ साथ महासमुंद और गरियाबंद आवागमन करने वालों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह मार्ग आगे गरियाबंद जिले को जोड़ती है। साथ ही काफी समय से इस मार्ग के लिए ग्रामीणों द्वारा मांग की जा रही थी। खासकर बरसात के दिनों में आवागमन में समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही ग्राम बम्हनी में श्रावण मास में बम्हनेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। गरियाबंद क्षेत्र से भी शिवभक्त बम्हनी आते हैं, मार्ग निर्माण से उन्हें भी सुगमता होगी।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में गांव के पहुंच मार्गों के साथ आंतरिक सडक़ों का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे बारिश में होने वाली आवागमन की समस्याओं से ग्रामीणों को छुटकारा मिल रहा है। राज्य सरकार अनेक विकास कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य में डबल इंजन की सरकार अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैए जिसका लाभ आमजन तक पहुंच रहा है। राज्य में सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लक्ष्य के साथ काम शुरू किया गया है।

विधायक सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन सरकार में किसी भी वर्ग को वंचित नहीं रखा जा रहा है। मजदूर, किसान, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी सभी वर्गों के लिए कार्य हो रहे हैं। आगे कहा कि राज्य एवं केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार होने के कारण डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में केंद्र की योजनाओं का लाभ राज्य के लोगों तक पहुंचने में काफी समस्या हो रही थी। अब डबल इंजन की सरकार के चलते प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक एक.एक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा।

इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिका, ग्रामीण मंडल महामंत्री साजन यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश साहू, श्याम साकरकर, राजेंद्र चंद्राकर,पीयूष साहू, दिनेश रूपरेला, अभिषेक पांडे, सोसायटी अध्यक्ष नामदेव साहू, रामेश्वर पांडे, बम्हनी सरपंच रूपा घनश्याम ध्रुव,चिंगरौद सरपंच छेरकु धीवर, बरोंडाबाजार सरपंच लेखराज साहू, शंकर सोनी, मनीष यादव, मासूम पांडे, उत्तम साहू, खिलावन यादव, दीपक साहू सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ की प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण

रायगढ़। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव, नए बस स्टैंड, किसान राइस मिल परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन तथा दूध डेयरी ऑक्सीजोन के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। चौधरी ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से रायगढ़ शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। मरीन ड्राइव शहरवासियों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, नया बस स्टैंड यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, जबकि ऑक्सीजोन परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कम बारिश की आशंका के बीच बसना के किसानों ने ‘सरना धान’ पर जताया भरोसा।

बसना। फुलझरराज में खरीफ धान सीजन की तैयारियां शुरू होते ही किसानों के बीच इस वर्ष कम बारिश की आशंका सबसे बड़ी चिंता बनकर उभर रही है। मौसम वैज्ञानिकों और ओड़िया पंचांग द्वारा सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद किसान अब ऐसी धान किस्मों की तलाश में हैं, जो विपरीत मौसम में भी बेहतर उत्पादन दे सके। ऐसे दौर में एक बार फिर सरना धान किसानों की पहली पसंद बनकर सामने आई है। किसानों का कहना है कि कम पानी, तेज गर्मी , अत्यधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता और अनिश्चित मौसम के बावजूद सरना धान संतोषजनक उत्पादन देने वाली सबसे भरोसेमंद किस्म मानी जाती है।

धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के फुलझर राज यानी बसना-सरायपाली क्षेत्र में सरना धान पिछले लगभग 41 वर्षों से किसानों की सबसे लोकप्रिय धान किस्म बनी हुई है। बदलते कृषि दौर, नई उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीकों के बावजूद इसकी स्थिर उत्पादन क्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मजबूत दाना और बाजार मांग ने इसे आज भी किसानों की पहली पसंद बनाए रखा है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि आज तक सरना धान जैसी दीर्घकालीन लोकप्रियता किसी अन्य धान किस्म को नहीं मिली। बीते चार दशकों में सैकड़ों नई किस्में आईं, कुछ वर्षों तक चलीं और धीरे-धीरे विलुप्त होती चली गईं। किसानों के अनुसार क्रांति धान भी लगभग 15 से 20 वर्षों तक ही प्रभाव में रही, जबकि सरना धान पिछले 41 वर्षों से लगातार किसानों की सबसे भरोसेमंद धान किस्म बनी हुई है।  यही कारण है कि आज बसना-सरायपाली क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बड़े पैमाने पर इसकी परम्परागत खेती की जाती है।

बीते एक सप्ताह से कम बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों के बीच धान बीज चयन को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। किसानों ने बताया कि 1965 की हरित क्रांति के दौर में क्षेत्र में क्रांति धान, 1001, सफरी, भुलाउ, गुरमुटिया और महामाया जैसी किस्मों की खेती बड़े पैमाने पर होती थी। उस समय क्रांति धान अधिक उत्पादन देने वाली प्रमुख फसल थी और देश में खाद्यान्न संकट के दौर में लोगों का पेट भरने में इसकी बड़ी भूमिका रही। मजदूर वर्ग को मेहनताना भी धान के रूप में ही देने का प्रचलन था। हालांकि अधिक ऊंचाई, फसल गिरने और खड़ी बाली रोग की समस्या के कारण किसान परेशान रहने लगे थे। वर्ष 1984-85 तक क्रांति धान का प्रभाव बना रहा, लेकिन इसके बाद सरना धान का दौर शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार वर्ष 1985 में आंध्रप्रदेश से विकसित सरना धान का बीज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर पहुंचा, जहां से इसका प्रसार 1986 – 87 में क्षेत्र में प्रारंभ हुआ। किसानों को 5 किलो वाले मिनी किट बीज वितरित किए गए। कम जोखिम, मजबूत पौधे और कम बारिश में भी बेहतर उत्पादन ने किसानों को तेजी से आकर्षित किया और देखते ही देखते सरना धान 1990 में फुलझर राज की प्रमुख फसल बन गई। विगत 15 से 20 वर्षों के धान उपार्जन आंकड़ों में भी सरना धान की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। जानकारी के अनुसार कुल धान खरीदी में इसकी हिस्सेदारी लगभग 38 से 43 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जो किसानों के अटूट विश्वास को दर्शाती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सरना धान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और विपरीत मौसम में टिकाऊ उत्पादन है। इससे निकलने वाला चावल पतला, चमकदार, मुलायम और स्वादिष्ट होता है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है। किसानों का कहना है कि सामान्य से कम वर्षा में भी सरना धान की फसल संतोषजनक उत्पादन देती है। इसके पौधे मजबूत होते हैं तथा फसल गिरने की संभावना कम रहती है। कृषि जानकारों के मुताबिक यह मध्यम अवधि में पकने वाली किस्म है, जिससे किसान समय पर कटाई कर अगली रबी फसल की तैयारी आसानी से कर लेते हैं।

सरना धान राइस मिलरों की पहली पसंद

राइस मिलरों के अनुसार लाल सरना धान की मिलिंग रिकवरी भी बेहतर मानी जाती है। इससे औसतन 64 से 68 प्रतिशत चावल तथा 22 से 26 प्रतिशत भूसा प्राप्त होता है। दाना मजबूत होने के कारण मिलिंग में टूटन कम होती है, जिससे व्यापारियों और राइस मिलरों के बीच इसकी मांग बनी रहती है।

सरना धान बनी फुलझर राज के खेती संस्कृति का हिस्सा

फुलझर राज क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु भी सरना धान के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। किसान बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी और कम बारिश की स्थिति में भी इसका प्रदर्शन संतोषजनक रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और अनिश्चित वर्षा के दौर में सरना धान किसानों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है। स्वाद, उत्पादन क्षमता और विपरीत परिस्थितियों में भी स्थिर प्रदर्शन के दम पर सरना धान आज फुलझरराज सहित पूरे छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

CHHATTISGARH : अमेरिका में मिली 43 साल पहले छत्तीसगढ़ से चोरी हुई मूर्ति

महासमुंद. महासमुंद के ऐतिहासिक सिरपुर से 43 साल पहले जो दुर्लभ अवलोकितेश्वर कांस्य मूर्ति चोरी हो गई थी, वो अब फिर से छत्तीसगढ़ लौटने वाली है। ये मूर्ति कभी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में रखी थी, लेकिन 1982 के आसपास चोरी होकर विदेश तक पहुंच गई।

अब अमेरिका में यह कीमती धरोहर मिल गई है और भारत को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसकी कीमत करीब 19 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सरकार और पुरातत्व विभाग इसकी वापसी के लिए तैयारी में जुट गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि सिरपुर की प्राचीन बौद्ध कला और इतिहास की बहुत बड़ी निशानी है, जिसे शिल्पकार द्रोणादित्य ने बनाया था। अब 4 दशक से ज्यादा बाद ये विरासत अपने घर लौटने जा रही है।

बसना: मशीन से लेकर बाइक पार्ट्स पंप, साइकिल एंगल-पाइप से लेकर कूलर-पंखे तक जप्त पुलिस छापे में खुला कबाड़ का खेल

बसना: मशीन से लेकर बाइक पार्ट्स पंप, साइकिल एंगल-पाइप से लेकर कूलर-पंखे तक जप्त पुलिस छापे में खुला कबाड़ का खेल

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अवैध कबाड़/स्क्रैप यार्ड पर छापा, 10 टन संदिग्ध लोहा स्क्रैप जप्त
महासमुंद जिले में अवैध गतिविधियों, संदिग्ध संपत्तियों के भंडारण एवं कबाड़ के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बसना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 स्थित ग्राम सिरको के पास संचालित एक कबाड़/स्क्रैप यार्ड पर छापा मारकर भारी मात्रा में संदिग्ध लोहा स्क्रैप जप्त किया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 16 मई 2026 को थाना बसना पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम सिरको स्थित एक स्क्रैप यार्ड का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान यार्ड संचालक तनवीर दानी की मौजूदगी में यार्ड की तलाशी ली गई, जहां भारी मात्रा में लोहा स्क्रैप बरामद हुआ।

जप्त सामग्री में पुरानी मशीनें, पंप, साइकिल, मोटरसाइकिल पार्ट्स, लोहे के एंगल, पाइप, पुराने टीन, कूलर, पंखे सहित अन्य कबाड़ सामग्री शामिल है। बरामद सामग्री का अनुमानित वजन करीब 10 टन (10,000 किलोग्राम) बताया गया है।
पुलिस द्वारा यार्ड संचालक से बरामद स्क्रैप के वैध स्वामित्व, खरीद-बिक्री संबंधी बिल एवं व्यापार अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रस्तुत करने कहा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उक्त कबाड़ को संदिग्ध संपत्ति मानते हुए धारा 106 बीएनएसएस के तहत जप्त कर पूरे स्क्रैप यार्ड को मौके पर ही सीलबंद कर दिया।

थाना बसना में धारा 106 BNSS के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
यार्ड संचालक
तनवीर दानी (40 वर्ष)
निवासी – बसना, थाना बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)
जप्त संपत्ति
भारी मात्रा में लोहा स्क्रैप
(पुरानी मशीनें, पंप, साइकिल, मोटरसाइकिल पार्ट्स, एंगल, पाइप, पुराने टीन, कूलर, पंखा आदि)
अनुमानित वजन – 10 टन (10,000 किलोग्राम)

महाजनपद न्यूज

BREAKING: जगदलपुर में भीषण सड़क हादसा, यात्रियों से भरी बस पलटी।

जगदलपुर। जगदलपुर में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां यात्रियों से भरी पलट गई है। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर ही एक यात्री की मौत हो गई, जबकि 30 यात्री घायल हो गए हैं, जिसमें 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद अफरातफरी का माहौल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना बालिंगा के नेशनल हाइवे 30 पर हुई है। बताया जा रहा है कि बस यात्रियों को लेकर रायपुर से कोंटा जा रही थी। इसी दौरान बस का पट्टा टूटने से बस अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे ये हादसा हुआ है। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सभी का इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

महासमुंद: भोरिंग पेट्रोल पंप के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, युवक गंभीर रूप से घायल

महासमुंद। तुमगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भोरिंग में स्थित एक पेट्रोल पंप के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से एक मोटर साइकिल सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ  मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम बाना जिला रायपुर निवासी राजू बंजारे का पुत्र पवन बंजारे  11 मई को मोटरसाइकिल से दवाई लेने के लिए तुमगांव गया हुआ था। रात करीब 10.30 बजे जब वह वापस घर लौट रहा था, तभी भोरिंग स्थित राधेश्याम किसान सेवा पेट्रोल पंप के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात वाहन के चालक ने उसकी बाइक को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में राजू बंजारे के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं उसकी मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल दाखिल कराया गया। जहां उसका इलाज जारी है।
तुमगांव पुलिस ने मामले में शिकायत के बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ  अपराध कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

महासमुंद: सांवरा डेरा पानी टंकी के पास हुए सड़क हादसे में घायल तुमगांव के युवक की इलाज के दौरान मौत

महासमुंद। भांठापारा वार्ड-13 तुमगांव निवासी तुमगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सांवरा डेरा पानी टंकी के सामने हुए एक सडक़ हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग जांच के बाद आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
थाने में दर्ज स्पिोर्ट के अनुसार रमेश कुमार निषाद गत 24 मार्च को अपनी मोटरसाइकिल से भोरिंग चौक होते हुए अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रात लगभग 8.30 बजे सांवरा डेरा पानी टंकी के पास महासमुंद की ओर से आ रही एक अन्य तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए रमेश की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल रमेश कुमार निषाद को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया थाए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में विवेचना शुरू कर दी है।

महासमुंद: सरायपाली, बसना, सांकरा और सिंघोड़ा में पुलिस की बड़ी दबिश, 68 लीटर अवैध शराब के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। सरायपाली, बसना, सांकरा व सिंघोड़ा में दबिश देकर 68 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।  इस बार सरायपाली पुलिस ने मितेश डोंगरी,  रामलाल डोंगरी वार्ड नंबर 11 बाजार पारा सरायपाली के पास 20 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब कीमती 4 हजार रुपए बरामद किया है।

बसना पुलिस ने ग्राम लोहडीपुर में गणेश खुंटे व दशरथ खुंटे उडेला थाना के पास से 10 हजार एमएल महुआ शराब कीमती 2 हजार रुपए बरामद कर किया है।  थाना सांकरा में चुड़ामणी विश्वकर्मा सांकरा के पास से बिक्री करने वास्ते रखे 13 हजार एम एल महुआ शराब किमती 2600 रुपए को जब्त कर धारा 34-2 आबकारी एक्ट की कार्यवाही कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा पर भेजा गया। सिंघोड़ा पुलिस ने छेदीलाल नेगी जगदीशपुर, विरेन्द्र विश्वकर्मा मुरमुरी के पास से 25 हजार एमएल महुआ शराब कीमती 5 हजार रुपए को बरामद कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है।