कार की सीट के नीचे छिपा था 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 का सोना, 3 गुजराती गिरफ्तार

महासमुंद। सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रहे अवैध परिवहन पर रोक लगाने चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान सिंघोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वोक्सवैगन कार से 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये के सोने के आभूषण के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो गुजरात के अलग-अलग जिलों के रहने वाले है।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देश पर एनएच-353 स्थित रेहटीखोल नाका में 17 मई 2026 को वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही वोक्सवैगन वरटस कार क्रमांक जीजे 03 एनपी 4230 को रोककर जांच की गई। कार में सवार तीन व्यक्तियों ने अपना नाम जयेश अकबरी (32 वर्ष), सुनीत कारेना (22 वर्ष) एवं रूशी अग्रावत (26 वर्ष), निवासी राजकोट (गुजरात) बताया। पूछताछ के दौरान कार की पिछली सीट में बनाए गए चेंबर में दो पीठू बैग में सोने के आभूषण परिवहन करना स्वीकार किया। तलाशी लेने पर छह प्लास्टिक बॉक्स में विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनका कुल वजन 7512.488 ग्राम पाया गया।

बरामद सोने की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 17 लाख 84 हजार 220 रुपये बताई गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त वोक्सवैगन कार,जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है, को भी जब्त कर लिया। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये रही। कार में बैठे व्यक्तियों को सोने के आभूषणों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु धारा 94 बीएनएस के तहत नोटिस दिया गया, लेकिन वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने धारा 106 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त कर ली। मामले की अग्रिम जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय, छत्तीसगढ़ को सूचित कर प्रकरण अग्रेषित किया गया है।

अवैध रेत और ईंट परिवहन के मामले में 6 वाहन जब्त

बलरामपुर। जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत परिवहन में लगे 4 वाहनों और मिट्टी ईंट से भरे 2 वाहनों को जब्त किया है। जानकारी के अनुसार विकासखंड राजपुर के ग्राम गोपालपुर और ग्राम कर्रा क्षेत्र में खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान गोपालपुर क्षेत्र में एक रेत वाहन और एक मिट्टी ईंट वाहन अवैध परिवहन करते पाए गए, जबकि ग्राम कर्रा क्षेत्र में तीन रेत वाहन और एक मिट्टी ईंट वाहन बिना वैध अनुमति के खनिज परिवहन करते मिले। संयुक्त टीम ने सभी वाहनों को जब्त कर राजपुर थाना के सुपुर्द कर दिया है।

जंगली सूअर के मांस की बिक्री पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 14 किलो मांस जब्त

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण, शिकार और उत्खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। प्रबंध संचालक श्री प्रेमकुमार के निर्देश पर प्रदेश के सभी परियोजना मंडलों में नियमित गश्त और निगरानी की जा रही है। इसका सकारात्मक असर वन सुरक्षा पर दिखाई दे रहा है।
कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर के परिक्षेत्र भैंसाझार अंतर्गत रतनपुर के जूनाशहर क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर के मांस की अवैध बिक्री का मामला पकड़ा है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कल 17 मई को वार्ड क्रमांक 15, जूनाशहर निवासी सूरज मरावी के घर पर दबिश दी गई। तलाशी वारंट जारी होने के बाद वन विभाग, पुलिस बल, स्थानीय पार्षद, पंचगण एवं आसपास के लोगों की उपस्थिति में घर की तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान 14 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद किया गया, जिसे वन विभाग ने मौके पर जब्त कर लिया। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। जब्त मांस के नमूनों को लैब परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया, जबकि शेष मांस को केंद्रीय रोपणी भैंसाझार में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री अभिषेक सिंह एवं मंडल प्रबंधक श्री सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी श्री वैभव साहू के नेतृत्व में की गई। अभियान में वन विभाग के अधिकारियों, क्षेत्ररक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रबंध संचालक श्री प्रेमकुमार ने वन अपराध के खिलाफ तत्परता से कार्रवाई करने वाली टीम की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी तरह सजग रहकर वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वन सुरक्षा और संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख उनके गोपनीय प्रतिवेदन में भी किया जाएगा।

वन विभाग ने अवैध कटाई करने वाले ठेकेदार पर 20 लाख की क्षतिपूर्ति का जारी किया नोटिस

बीजापुर। जिले के वन मण्डल बीजापुर सामान्य के तहत आने वाले वन परिक्षेत्र बीजापुर, गंगालूर, भैरमगढ़, आवापल्ली एवं पामेड़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर वन नियमों के उल्लंघन करते हुए वन विभाग द्वारा बिना अनुमति 280 खड़े वृक्षों की कटाई एवं अवैध उत्खनन पर कड़ी कार्यवाही करते हुए वन विभाग ने संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कुल 20,06,755 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वसूली हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।
बीजापुर सामान्य वन मंडल से मिली जानकारी के अनुसार मनकेली-गोरना, बीजापुर-सरपंचपारा मनकेली, चेरपाल-नेन्ड्रा, काकेकोरमा-मुनगा, पीडिय़ा-मिरघानघोटूल, अकेली-कोटवारपारा, बैल-मयुरिपारा, बीरगुड़ा-बड़े संकनपल्ली, सारकेगुड़ा-बड़े पेगड़ापल्ली, एल-022-तिम्मापुर, पामेड़-रासपल्ली, एल-069/032-मंगलतोर एवं रासपल्ली (एर्रापल्ली)-पेदाचंदा सहित कुल 13 निर्माणाधीन मार्गों में बिना वन विभागीय अनुमति के कार्य किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि सड़क निर्माण के दौरान कुल 280 खड़े वृक्षों को जमीन सतह से उखाड़कर गिरा दिया गया तथा कई स्थानों पर अवैध खुदाई कर लगभग 8755 घनमीटर मुरूम का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध वन अपराध के कुल 18 प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं। साथ ही नियमानुसार कार्यवाही करते हुए कुल 20,06,755 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वसूली हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।वन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास एजेंसी, जिला बीजापुर के कार्यपालन अभियंता एवं उप अभियंता को भी पत्र प्रेषित कर भविष्य में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का कार्य नही करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि, वृक्षों एवं प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

बसना में पेंशन, आवास, राशन, नल कनेक्शन, साफ-सफाई और मरम्मत से जुड़े सुशासन त्यौहार पर 150 आवेदन नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने जल्द 7 दिनों के अंदर पहल करने समाधान वादा भी की

बसना में पेंशन, आवास, राशन, नल कनेक्शन, साफ-सफाई और मरम्मत से जुड़े सुशासन त्यौहार पर 150 आवेदन नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने जल्द 7 दिनों के अंदर पहल करने समाधान वादा भी की

सुशासन त्यौहार बना जनसेवा का महापर्व: वार्ड 8 में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने दिलाया विकास का भरोसा, पार्षद मुजम्मिल कादरी ने लिया हर समस्या के त्वरित समाधान का संकल्प महासमुंद/बसना – “अब आपकी सरकार आपके द्वार” – इस संकल्प के साथ नगर पंचायत बसना ने ‘सुशासन त्यौहार’ को जनसेवा के महापर्व में बदल दिया। वार्ड क्रमांक 8 के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित विशेष शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जनता के बीच पहुंचकर न सिर्फ समस्याएं सुनीं, बल्कि हर शिकायत के समाधान का समयबद्ध वादा भी किया।

नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने दिखाई विकास की नई राह
शिविर का शुभारंभ करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने कहा कि सुशासन का मतलब है जनता को सहूलियत देना। उन्होंने दो टूक कहा, “बसना में विकास की रफ्तार रुकने वाली नहीं है। वार्ड 8 की हर गली, हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।” श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में मिले हर आवेदन पर 7 दिन के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी कार्य स्वीकृत हैं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरा कराया जाएगा और नई मांगों को भी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी।

उपाध्यक्ष शीत गुप्ता बोले: जनता की संतुष्टि ही असली सुशासन
नगर पंचायत उपाध्यक्ष शीत गुप्ता ने शिविर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ कागजों पर नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं।” उपाध्यक्ष गुप्ता ने ऐलान किया कि वार्ड 8 में सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति को अगले 15 दिनों में और दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने जनता से सीधा संवाद कर कहा कि आपकी हर समस्या का समाधान मेरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

वार्ड क्रमांक 8 पार्षद एवं नगर पंचायत सभापति मुजम्मिल कादरी ने संभाला मोर्चा, घर-घर जाकर सुनी पीड़ा
वार्ड क्रमांक 8 के ऊर्जावान पार्षद एवं नगर पंचायत सभापति मुजम्मिल कादरी इस पूरे अभियान के केंद्र बिंदु रहे। शिविर से पहले उन्होंने पूरे वार्ड में पैदल भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया। शिविर में उन्होंने एक-एक व्यक्ति से मिलकर समस्याएं नोट कीं। सभापति कादरी ने मंच से वादा किया, “वार्ड 8 का कोई भी नागरिक अब खुद को अकेला न समझे। सड़क, नाली, बिजली, पानी की जो भी समस्या है, उसका स्थायी समाधान होगा। लंबित कामों को युद्धस्तर पर पूरा कराया जाएगा। यह मेरा वार्डवासियों से वचन है।” उनकी सक्रियता देखकर वार्डवासियों में नया उत्साह दिखा।

सभापति आसाराम महोदय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और बल दिया।

जनसैलाब ने दिया सुशासन को समर्थन
शिविर में बुजुर्ग, महिला, युवा सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। पेंशन, आवास, राशन, नल कनेक्शन, साफ-सफाई और मरम्मत से जुड़े 150 से अधिक आवेदन मौके पर लिए गए। नगर पंचायत के मानेंद्र पटेल और रामचन्द्र यादव ने तत्काल रसीद देकर हर आवेदक को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका ने महिलाओं और बच्चों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।

अब दिखेगा बदलाव: काम बोलता है
नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि बसना में विकास कार्य लगातार जारी हैं और सुशासन त्यौहार से उनमें और तेजी आएगी। उन्होंने कहा, “हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। जनता ने जो विश्वास दिखाया है, हम उस पर खरा उतरेंगे। वार्ड 8 को मॉडल वार्ड बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।”

अंत में उपाध्यक्ष शीत गुप्ता ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि जनता का यही विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। नगर पंचायत आपके साथ थी, है और हमेशा रहेगी।

खास बात:
नेतृत्व: नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल के विजन, उपाध्यक्ष शीत गुप्ता के सहयोग और वार्ड क्रमांक 8 पार्षद एवं नगर पंचायत सभापति मुजम्मिल कादरी की जमीनी मेहनत से शिविर बना सफल।

संकल्प: हर आवेदन का समयबद्ध निराकरण, लंबित कार्यों को प्राथमिकता, नई मांगों पर त्वरित प्रस्ताव।

संदेश: विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी, जनता की हर आवाज सुनी जाएगी।
प्रमुख उपस्थिति: नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डॉक्टर खुशबू अग्रवाल, उपाध्यक्ष शीत गुप्ता, वार्ड क्रमांक 8 पार्षद एवं नगर पंचायत सभापति मुजम्मिल कादरी, सभापति आसाराम महोदय, नगर पंचायत कर्मचारी मानेंद्र पटेल, रामचन्द्र यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी।

नगर पंचायत बसना का वादा: आपकी समस्या, हमारा समाधान। सुशासन त्यौहार सिर्फ शुरुआत है, बदलाव की बयार अब हर वार्ड तक पहुंचेगी।

हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी; पिथौरा में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जताया विरोध

पिथौरा। बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल के दामों के खिलाफ पिथौरा कांग्रेस द्वारा बागबाहरा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

पूर्व जनपद उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर चुनाव जीतकर आई सरकार के शासन में महंगाई बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन आम आदमी के हित में है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर हर चीज पर पड़ता है जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और केंद्र की भाजपा सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन सिंह दीवान ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर लोगों के बजट पर पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सडक़ से लेकर सदन तक सरकार का विरोध करेगी और आने वाले दिनों में भी यह आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में आज पिथौरा पेट्रोल पंप पर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में आत्मा राम यादव पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष , नरेन्द सेन, अरविन्दर सिंह छाबड़ा, काशीराम शर्मा, प्रेमलाल सिन्हा, पूनम मानिकपुरी, घनश्याम धाँढ़ी, पवन कुमार साहू, हराधन साहू, बुद्धेश्वर डड़सेना, मिक्कू आजमानी, सुदर्शन मुन्ना, राजू सिन्हा, महेंद्र साहू, फिरोज खान, कौशल रोहिल्ला, श्याम सेन, रमेश प्रधान, पंचराम यादव, हेमलता निषाद,  , परमेश्वरपुर, संतोष पटेल, यशवंत ठाकुर, देव दीवान, काशीराम दीवान, आरती नायक, लता ठाकुर, स्वतंत्र पांडे, पप्पू साहू, पुष्पराज,  दर्शन, जैन सिंह, तेज साहू, सुभाष साहू, खिलेश ठाकुर, किशोर, हीरालाल, रंजन, भानु यादव, बांका कुमार, छन्नू पटेल, विशाल यादव एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

महासमुंद में पेट्रोल-डीजल का बड़ा संकट: थमने लगे बसों के पहिए, 4 दिनों से यात्री बेहाल, बस स्टैंडों पर उमड़ी भीड़

महासमुंद। जिला मुख्यालय सहित पूरे महासमुंद रूट पर पेट्रोल और डीजल की कमी के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। पिछले चार दिनों से जारी इस संकट के कारण रूट पर चलने वाली बसों का संचालन कम हो गया है, जिससे बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। ईंधन न मिलने के कारण कई यात्री अपनी यात्रा स्थगित या निरस्त कर रहे हैं।

परिवहन प्रभावित होने से मालवाहक वाहनों, टैक्सियों और ऑटो के चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। वाहनों का संचालन रुकने से स्थानीय आवागमन पर भी असर पड़ा है। शहर के पुलिस वेलफेयर पेट्रोल पंप सहित अन्य पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगे हुए हैं।

 ई-वाहनों की मांग में वृद्धि

पेट्रोल-डीजल के संकट के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों (ई-वाहनों) की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। रायपुर मार्ग स्थित भवानी चेतन इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के ब्रांच मैनेजर सागर यादव ने बताया कि उनके शोरूम से सामान्यत: प्रति माह 15 से 17 इलेक्ट्रॉनिक बाइक की बिक्री होती थी, लेकिन इस संकट के दौरान पिछले दो दिनों में 25 गाडिय़ों की बिक्री हो चुकी है और वाहनों की बुकिंग जारी है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को ईंधन नहीं दिया जा रहा है। रायपुर मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर सुबह 10 बजे कुछ लोगों को पेट्रोल देने के बाद अन्य ग्राहकों को स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया गया। नागरिकों का कहना है कि खाद्य विभाग द्वारा पेट्रोल पंपों के स्टॉक की भौतिक जांच नहीं की जा रही है और न ही उपलब्धता का हिसाब-किताब लिया जा रहा है।

जय अंबे ट्रेवल्स के संचालक दिलीप चंद्राकर का कहना है कि  डीजल की अनुपलब्धता के कारण परिवहन व्यवसाय प्रभावित हुआ है। रूट पर चलने वाली कुल 70 बसों में से वर्तमान में केवल 40 बसें ही चल पा रही हैं। ईंधन न मिलने से गाडिय़ां खड़ी करनी पड़ रही हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।

डिप्टी कलेक्टर तरुण नायक का कहना है कि कंपनी स्तर पर आपूर्ति (सप्लाई) की समस्या के कारण यह दिक्कत हो रही है। कंपनी से इस संबंध में निरंतर चर्चा की जा रही है। सभी पंपों को औसत तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बात हुई है। आगामी 2 से 3 दिनों में स्थिति में सुधार हो जाएगा, नागरिकों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।

पुरानी वैन से हो रही थी तस्करी: महासमुंद पुलिस ने पकड़ी 450 लीटर अवैध महुआ शराब, आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। पुलिस ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से तस्करी कर लाई जा रही 450 लीटर अवैध महुआ शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस को चकमा देने के लिए तस्कर एक पुरानी वैन का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे पुलिस ने नाकेबंदी कर धर दबोचा।

रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मारुति वैन में महुआ शराब लेकर सरायपाली की ओर आ रहा है।

इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरायपाली पुलिस ने सारंगढ़ रोड की ओर दर्राभांठा 132 केवी बिजली ऑफिस के पास कड़ी नाकेबंदी कर दी। कुछ ही देर में संदेही मारुति वैन मौके पर पहुंची, जिसे पुलिस टीम ने रोक लिया। वाहन में केवल चालक मौजूद था। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो अंदर 15 प्लास्टिक ड्रम रखे हुए मिले, जिनमें कुल 450 लीटर महुआ शराब भरी हुई थी।

जब्त शराब की अनुमानित कीमत 90 हजार रुपए है। यह शराब सारंगढ़ से लाकर सरायपाली के ग्रामीण और शहरी इलाकों में खपाने की योजना थी। तस्करी में प्रयुक्त पुरानी मारुति कार कीमत 35,000 रुपये को भी जब्त कर लिया गया है।

इस तरह पुलिस ने कुल 1,25,000 रुपये की संपत्ति जब्त की है। पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम फागुलाल थुरिया सारंगढ़-बिलाईगढ़ बताया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34 (2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

सांकरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कत्लखाने ले जाए जा रहे 54 गौवंश को कराया मुक्त; 2 तस्कर गिरफ्तार, 2 फरार

महासमुंद। थाना सांकरा पुलिस ने गौवंश तस्करी के एक बड़े मामले में चार आरोपियों के खिलाफ  अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 54 बछड़ा गौवंश को ओडिशा स्थित कत्लखाने ले जाए जाने से बचा लिया है। मामले में दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम लोहरीनडोंगरी निवासी दीपक पुरोहित को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चार से पांच व्यक्ति क्रूरतापूर्वक हांकते हुए बड़ी संख्या में बछड़ा गौवंश को ओडिशा की ओर कत्लखाने ले जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए दीपक पुरोहित अपने साथियों के साथ बताए गए स्थान की ओर रवाना हुए। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि कुछ लोग 54 बछड़ा गौवंश को हांकते हुए ले जा रहे थे।

इस दौरान जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, दो व्यक्ति मौके से भाग निकले। जबकि दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आनंद पटेल तथा संतोष सिदार दोनों निवासी ग्राम गौरिया, थाना सांकरा के रूप में की गई है। वहीं फरार आरोपियों में गोविंद मंडल तथा मंशा यादव निवासी ग्राम गौरिया थाना सांकरा शामिल बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बछड़ा गौवंश को ओडिशा के कत्लखाने ले जाने के उद्देश्य से परिवहन कर रहे थे। इस के बाद तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही सांकरा पुलिस द्वारा दोनों पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। साथ ही गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए सभी चारों आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ  छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम एवं संबंधित धाराओं के तहत धारा 10-एलसीजी,4-एलसीजी एवं 6-एलसीजी के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

महासमुंद में बड़ा खुलासा: 47 धान उपार्जन केंद्रों में मिली भारी कमी; जिम्मेदार कर्मचारियों को नोटिस, वसूली शुरू

महासमुंद। महासमुंद जिले के 47 धान उपार्जन केंद्रों में धान की कमी (शॉर्टेज) पाई गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान धान खरीदी में अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और उपायुक्त सहकारिता विभाग ने जिम्मेदार कर्मचारियों को नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। कुल 49,838.4 क्विंटल धान खरीदी में से 1,652.09 टन (16 लाख 52 हजार 90 किलो) धान कम पाया गया है, जो कुल खरीदी का 33.15 प्रतिशत है।

नूनपानी अमरकोट केंद्र में 9.99 प्रतिशत शॉर्टेज दर्ज की गई। डोंगरीपाली केंद्र में 12.62 प्रतिशत शॉर्टेज दर्ज की गई। धान की कमी की भरपाई संबंधित समितियों को मिलने वाले कमीशन से की गई है, जिससे समितियों को आर्थिक नुकसान हुआ है। रिकवरी नोटिस जारी होने के बाद भी इन्हीं खरीदी केंद्र प्रभारियों से दोबारा धान खरीदी कराई जा रही है।

बैंक प्रबंधन के अनुसार राशि जमा नहीं करने पर संबंधित कर्मचारियों के वेतन से कटौती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए केंद्र प्रभारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और विक्रेताओं को जिम्मेदार माना गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर द्वारा संबंधित कर्मचारियों को 7 दिनों के भीतर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

103 केंद्रों में खुले में पड़ा धान जिले के 182 में से 103 धान खरीदी केंद्रों में वर्तमान में 82 हजार 403 क्विंटल धान खुले में रखा हुआ है। मौसम और तेज धूप के कारण धान में सूखत की समस्या आ रही है, जिससे प्रत्येक बोरे में 1 से 2 किलो तक वजन कम हो रहा है। धान के उठाव की समय-सीमा (डेडलाइन) लगातार बढ़ाई जा रही है।

प्रमुख केंद्रों से वसूली की विवरणीभोरिंग केंद्र में विक्रेता यशांत निर्मलकर को 734.02 क्विंटल की कमी के लिए 16,88,246 रुपए जमा करने का आदेश दिया गया है। जोबा केंद्र समिति प्रभारी रेवाराम साहू को 679.10 क्विंटल कमी के लिए 15 लाख61 हजार 930 रुपए जमा करने का नोटिस मिला है।

इसी तरह बिरकोनी केंद्र में लिपिक कुसुमलता निषाद से 21लारख, 40 हजार, 679 रुपए की वसूली निकाली गई है। कांपा केंद्र में समिति प्रबंधक मोहन सिंह जांगड़े को 13लाख, 92 हजार 857 रुपए की भरपाई करने को कहा गया है। इसी तरह अन्य समितियों का शामिल है।

जिला नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा का कहना है कि धान का उठाव 25 मई तक किया जाना है। उठाव की प्रक्रिया में विलंब हुआ है, इसलिए मिलरों को केंद्रों से धान का तेजी से उठाव करने के निर्देश दिए गए हैं। धान उपार्जन नीति के तहत समितियों के लिए सूखत मान्य नहीं है।

उपायुक्त सहकारिता ने निर्देश दिया था कि यदि निर्धारित समय सीमा 9 दिसंबर 2025 तक संतोषजनक स्पष्टीकरण या राशि जमा नहीं की जाती है तो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 58.बी के तहत कड़ी वसूली की कार्रवाई की जाएगी। बावजूद राशि नहीं जमा नहीं कराई गई है।