झलप /कृषि सेवा केंद्र का ताला तोड़कर 11 हजार रुपये की चोरी, सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ा

झलप। ग्राम कोलपदर निवासी एवं झलप स्थित श्रीराम कृषि सेवा केंद्र के संचालक की दुकान में अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर करीब 11 हजार रुपये नगद सहित जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए। चोरों ने दुकान के शटर में लगे दोनों तालों को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और सबूत मिटाने के लिए दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

दुकान संचालक के अनुसार, 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उन्होंने दुकान बंद करने से पहले गल्ले (दराज) के अंदर एक झिल्ली में करीब 11,000 रुपये नगद तथा अनु प्रोडक्ट लिमिटेड का एक बिल रख दिया था। इसके बाद दुकान के शटर में ताला लगाकर वे घर चले गए।

27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे जब वे दुकान खोलने पहुंचे तो शटर में लगे दोनों ताले गायब मिले। आसपास देखने पर दोनों टूटे हुए ताले दुकान के बाजू में पड़े मिले। शटर भी थोड़ा उठा हुआ था। दुकान के अंदर जाने पर सीसीटीवी कैमरा टूटा हुआ मिला तथा गल्ले में रखी नगदी और अनु प्रोडक्ट लिमिटेड का बिल भी गायब था।प्रथम दृष्टया अज्ञात चोरों ने रात के समय दुकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखी नगदी समेत दस्तावेज चोरी कर फरार हो गए। दुकान संचालक ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात चोर के खिलाफ कार्रवाई करने और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। पुलिस द्वारा मामले की जांच करते हुए आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों एवं अन्य संभावित सुरागों के आधार पर चोर की तलाश की जा रही है।

तुमगांव।शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार

तुमगांव। थाना तुमगांव पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर शराब के नशे में हंगामा कर आने-जाने वाले लोगों को परेशान करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को सहायक उप निरीक्षक हमराह आरक्षक क्रमांक 828 के साथ मोटरसाइकिल से टाउन पेट्रोलिंग पर रवाना हुए थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गाडाघाट स्थित सरकारी मदिरा दुकान के पास सार्वजनिक आम रास्ते पर एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत होकर हो-हल्ला कर रहा है तथा राहगीरों को परेशान कर रहा है।

सूचना पर पुलिस ने गवाह सुयश वर्मा एवं भारत देवदास को धारा 179 बीएनएसएस का नोटिस तामील कर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर एक व्यक्ति को शराब के नशे में जोर-जोर से चिल्लाते हुए उत्पात करते पाया।

पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम गैंदराम लोहार (39 वर्ष), पिता चोवाराम लोहार, निवासी वार्ड नंबर 02 तुमगांव, थाना तुमगांव, जिला महासमुंद बताया। पुलिस द्वारा ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच करने पर उसके द्वारा मानक से अधिक शराब का सेवन किया जाना पाया गया।

पुलिस ने आरोपी गैंदराम लोहार के खिलाफ धारा 36(च) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। उसे 26 अगस्त को दोपहर 2:45 बजे गिरफ्तार किया गया। मामला जमानतीय होने के कारण सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर आरोपी को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण को विवेचना में लिया है।

CG/ राज्यपाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी: हाईकोर्ट ने माफी और पोस्ट हटाने की शर्त पर दी राहत

 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी को शर्तों के साथ राहत दी है। दोनों ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों को सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने, अपने फेसबुक अकाउंट पर प्रमुखता से माफी का पोस्ट करने और राज्यपाल के खिलाफ की गई आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया से स्थायी रूप से हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा नहीं करने का शपथपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

 

जानकारी के अनुसार, प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी ने अपने-अपने फेसबुक अकाउंट से असमिया भाषा में राज्यपाल रामेन डेका के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक लेख पोस्ट किए थे। इसके साथ ही राज्यपाल से संबंधित एक कार्टून भी सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।

शिकायत के बाद राजभवन की ओर से रायपुर के सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। बाद में मामला रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचा।

 

एफआईआर रद्द कराने के लिए दोनों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान 14 अगस्त 2026 को दोनों की ओर से बिना शर्त माफी मांगने और सोशल मीडिया पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री को हमेशा के लिए हटाने की सहमति जताई गई।

हालांकि, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनोज गोयल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दोनों द्वारा की गई टिप्पणी को माफ नहीं किया जा सकता।

 

इसके बाद 19 अगस्त 2026 को दोनों याचिकाकर्ताओं ने दोबारा माफी मांगते हुए हाईकोर्ट में शपथपत्र पेश किया। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता ने कुछ कड़ी शर्तों के साथ समझौते पर सहमति जताई।

सुनवाई के दौरान यह भी तर्क रखा गया कि राज्यपाल छत्तीसगढ़ के प्रथम नागरिक और संवैधानिक पद पर हैं। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति की गरिमा और छवि को नुकसान पहुंचाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों से विभिन्न वर्गों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

माफी, पोस्ट हटाने और दोबारा गलती न करने की शर्त

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की ओर से मांगी गई माफी और आपत्तिजनक सामग्री हटाने की सहमति को ध्यान में रखते हुए दोनों को शर्तों के साथ राहत दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों को सार्वजनिक रूप से और न्यायालय के समक्ष माफी मांगनी होगी।

इसके अलावा फेसबुक सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक पोस्ट और कार्टून पूरी तरह हटाने होंगे। भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा नहीं करने का शपथपत्र भी देना होगा।

इस आदेश के साथ हाईकोर्ट ने मामले में दोनों याचिकाकर्ताओं को राहत प्रदान की है।

महासमुंद/ महतारी वंदन योजना की राशि रक्षाबंधन से पहले किश्त मिलने से बहनों के चेहरे पर खिली खुशी, त्योहार का उत्साह हुआ दोगुना

 

महासमुन्द 26 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का पवित्र पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं भाई भी बहनों की खुशियों और सम्मान की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार ने रक्षाबंधन के इस पावन अवसर से पहले प्रदेश की लाखों बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की किश्त अंतरित कर उनके त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।

रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि पहुंचने से महासमुन्द जिले की बहनों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आंवराडबरी की श्रीमती भुनेश्वरी साहू, कोमाखान की श्रीमती रोशनी कंवर और ग्राम मामा-भांचा की श्रीमती कुमारी बाई साहू सहित जिले की हजारों महिलाओं के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की राशि पहुंची है। त्योहार से ठीक पहले मिली इस आर्थिक सहायता ने उनके लिए रक्षाबंधन की तैयारियों को और आसान बना दिया है।

‘विष्णु भैया’ ने बहनों की खुशियों का रखा ध्यान आंवराडबरी की श्रीमती भुनेश्वरी साहू ने खुशी जाहिर करते हुए pl मिलने से उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदेंगी। उनके लिए यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि त्योहार के अवसर पर भाई के समान सरकार की ओर से मिला स्नेह और सहयोग है।

ग्राम मामा-भांचा की श्रीमती कुमारी बाई साहू ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को अपने छोटे-छोटे जरूरी खर्चों के लिए सहारा मिला है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले राशि मिलने से इस बार त्योहार की खुशी और बढ़ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश की बहनों की भावनाओं और जरूरतों को समझते हुए त्योहार से पहले ही राशि उपलब्ध कराई है।

इसी तरह कोमाखान की श्रीमती रोशनी कंवर ने कहा कि महतारी वंदन की राशि उनके लिए ‘विष्णु भैया’ के स्नेह और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की खुशी अलग ही होती है और त्योहार से पहले खाते में राशि आने से घर की जरूरतों के साथ-साथ त्योहार की तैयारियां भी आसानी से की जा सकेंगी।

आर्थिक संबल से बढ़ रहा महिलाओं का आत्मविश्वास महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे महिलाओं को घरेलू जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की आवश्यकताओं और छोटे-बड़े व्यक्तिगत खर्चों में सहयोग मिल रहा है। योजना ने महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को भी मजबूत किया है।

रक्षाबंधन से पहले मिली किश्त ने इस योजना के भावनात्मक पक्ष को भी उजागर किया है। बहनों के लिए यह राशि केवल बैंक खाते में आई रकम नहीं, बल्कि उनके प्रति सरकार के विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश है। यही वजह है कि जिले के गांवों और शहरों में महिलाएं इस पहल को लेकर खुशी जाहिर कर रही हैं।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधेंगी, तब उनके मन में सरकार के प्रति भी यह भाव रहेगा कि ‘विष्णु भैया’ की सरकार बहनों के सुख-दुख और जरूरतों के साथ खड़ी है। त्योहार से पहले मिली इस सौगात ने महासमुन्द जिले की हजारों बहनों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है और रक्षाबंधन की खुशियों को और भी खास बना दिया है।

महासमुंद/ तुमगांव “ट्रेडिंग के लालच में फंसी युवती, पैसे वापस मांगे तो मिली AI फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी”

 

तुमगांव। ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर 20 वर्षीय युवती से करीब 1.42 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। Instagram के माध्यम से संपर्क में आए अज्ञात लोगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क कर युवती को निवेश के नाम पर रकम भेजने के लिए कहा। बाद में ठगी का पता चलने पर रकम वापस मांगने पर AI से बनाए गए फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। मामले में तुमगांव पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, वार्ड क्रमांक 02 स्वामी विवेकानंद वार्ड तुमगांव निवासी चित्रांशा दुबे पति अद्वेत दुबे (20) ने थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में बताया गया है कि 24 फरवरी 2025 को Instagram के माध्यम से एक मोबाइल नंबर धारक ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया। उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट करने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपी की बातों में आकर युवती ने रकम भेजना शुरू कर दिया।

शिकायत के अनुसार, युवती ने अपनी मां ममता साहू पति मुकेश साहू निवासी भोरिंग के जिला सहकारी बैंक शाखा तुमगांव स्थित खाते से गांव के च्वाइस सेंटरों के माध्यम से रकम निकालकर आरोपियों द्वारा दिए गए QR कोड पर पैसे भेजे। 23 फरवरी 2025 को 4 हजार, 24 फरवरी को 4,650, 12 मार्च को 10 हजार और 8,986.90 रुपए, 13 मार्च को 4 हजार, 24 मार्च को 5 हजार, 4 अप्रैल को 14,452.89 रुपए, 10 अप्रैल को 19 हजार, 22 अप्रैल को 7 हजार, 30 मई को 10 हजार, 25 अगस्त को 6 हजार, 4 सितंबर को 15 हजार, 29 सितंबर को 7 हजार, 30 सितंबर को 6 हजार, 27 अक्टूबर को 7 हजार, 2 नवंबर को 7 हजार तथा 22 दिसंबर 2025 को 7 हजार रुपए भेजे गए।

इस तरह शिकायत में कुल करीब 1,42,089.79 रुपए की राशि अलग-अलग QR कोड के माध्यम से भेजे जाने का उल्लेख है। राशि भेजने के बाद जब युवती को अपने साथ धोखाधड़ी होने का पता चला तो उसने आरोपियों से पैसे वापस मांगे।

शिकायत में बताया गया है कि रकम वापस करने के बजाय आरोपित ने युवती से कहा कि उसका 13,854 रुपए का अंतिम भुगतान बाकी है। इसके बाद उसकी मैच्योरिटी राशि 2,33,570.29 रुपए प्रॉफिट सहित मिलने की बात कही गई। युवती ने अतिरिक्त रकम देने से मना कर दिया और पहले से दिए पैसे वापस मांगे।

आरोप है कि इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबर धारक ने AI से बनाए गए फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। परेशान युवती ने मामले की लिखित शिकायत तुमगांव थाने में की और संबंधित मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रार्थी के आवेदन पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस द्वारा संबंधित मोबाइल नंबरों, QR कोड और ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

सरायपाली/ तमिलनाडु में बंधक बनाए गए बरिहापाली के चार श्रमिक एवं बच्चों को प्रशासन ने कराया मुक्त श्रमिकों को रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मिली राहत

सरायपाली/ तमिलनाडु में बंधक बनाए गए बरिहापाली
के चार श्रमिक एवं बच्चों को प्रशासन ने कराया मुक्त
श्रमिकों को रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मिली राहत*

महासमुंद, 26 अगस्त 2026/ महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील के ग्राम बरिहापाली के चार श्रमिकों को तमिलनाडु के नमक्कल जिले के परामती वेलुर तहसील अंतर्गत ग्राम परिवेसोलीपालयम में बंधक बनाए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया गया है। आज शाम करीब 5 बजे रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी श्रमिकों को बंधन से मुक्त कराया गया।

श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि श्रमिकों को आज तमिलनाडु के वेलुर तहसील क्षेत्र में मुक्त करा लिया गया है। मौके पर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। समस्त औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद श्रमिकों के आज देर रात अथवा कल महासमुंद के लिए रवाना होने की संभावना है। उनके परसों तक जिले में पहुंचने की उम्मीद है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बरिहापाली के श्रमिक पुनीत राम यादव उम्र 65, उनके पुत्र रोहित यादव 23, बहन तेजवंती 30 उमेश यादव 11, मानसी यादव 07 एवं तुलसी यादव 40 वर्ष रोजगार के लिए तमिलनाडु गए थे। वहां कार्य करने के दौरान उन्हें काम पसंद नहीं आने पर वे वापस अपने गांव लौटना चाहते थे, लेकिन ठेकेदार द्वारा उन्हें वापस भेजने से मना कर दिया गया। इस स्थिति से परेशान होकर पुनीत राम यादव की पत्नी श्रीमती मीना यादव ने सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री मनोज कुमार खांडे के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपने पति एवं अन्य श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई एवं कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय लंगेह द्वारा श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए टीम गठित कर तमिलनाडु भेजी गई। टीम ने वहां पहुंचकर स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी श्रमिकों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया।

रेस्क्यू टीम में सरायपाली नायब तहसीलदार श्री हरि प्रसाद भोई, लेबर इंस्पेक्टर श्री टीकम चंद्राकर, कांस्टेबल श्री हेमंत भोई एवं श्रीमती गायत्री कंवर शामिल रहे। टीम द्वारा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की गई।

प्रशासन द्वारा श्रमिकों की वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं एवं औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

कोमाखान/टेमरी में 8.290 किलो गांजा जब्त, ओडिशा का युवक गिरफ्तार

गांजा की कीमत 4.14 लाख, मोबाइल समेत कुल 4.24 लाख रुपये का सामान जब्त

कोमाखान। थाना कोमाखान पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम टेमरी स्थित काली मंदिर के पास एक युवक को 8.290 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से गांजा, मोबाइल फोन सहित कुल 4 लाख 24 हजार 500 रुपये का सामान जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार 25 अगस्त 2026 को सउनि सिकंदर भोई हमराह आरक्षक क्रमांक 169, 916 एवं 193 के साथ अधिग्रहित वाहन क्रमांक CG 04 QT 8247 में विवेचना किट, लैपटॉप व प्रिंटर लेकर कोमाखान चौकड़ी एनएच-353 मार्ग पर वाहन चेकिंग के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम टेमरी में काली मंदिर के पास एक व्यक्ति बैग में अवैध गांजा रखकर बस का इंतजार कर रहा है।

सूचना पर पुलिस ने मुखबिर सूचना पंचनामा एवं बिना वारंट तलाशी पंचनामा तैयार किया। आरक्षक क्रमांक 916 जगदीश दीवान को आवश्यक दस्तावेज एसडीओपी कार्यालय बागबाहरा भेजा गया। इस दौरान कोमाखान की ओर से आ रहे देवेन्द्र धीवर (36), निवासी लुकुपाली तथा करण सोनवानी (29), निवासी कोमाखान को सूचना से अवगत कराकर धारा 179 बीएनएसएस के तहत नोटिस देकर गवाह बनाया गया।

पुलिस टीम गवाहों के साथ काली मंदिर, ग्राम टेमरी पहुंची और घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम शिबु मुण्ड (27), पिता सुमंत कुमार मुण्ड, निवासी बनीजरा, थाना जुनागढ़, जिला कालाहांडी, ओडिशा बताया। पुलिस ने उसे मुखबिर सूचना से अवगत कराया। पूछताछ में आरोपी ने बैग में गांजा होना स्वीकार करते हुए बताया कि वह गांजा जुनागढ़ ओडिशा से मंडला मध्यप्रदेश लेकर जा रहा था।

धारा 50 का नोटिस देकर ली तलाशी

पुलिस ने आरोपी को धारा 50 एनडीपीएस एक्ट के तहत नोटिस देकर संवैधानिक संरक्षण के बारे में बताया तथा मजिस्ट्रेट या राजपत्रित अधिकारी के समक्ष तलाशी कराने के अधिकार की जानकारी दी। आरोपी ने मौके पर उपस्थित पुलिस अधिकारी से अपने कब्जे के बैग की तलाशी कराने के लिए लिखित सहमति दी। इसके बाद पुलिस स्टाफ, वाहन और गवाहों की तलाशी लेने के पश्चात आरोपी के ग्रे रंग के पिट्ठू बैग की गवाहों के समक्ष तलाशी ली गई।

तलाशी में बैग के अंदर खाकी रंग के टेप से पैक किए हुए 7 पैकेट गांजा बरामद हुए। आरोपी की पेंट की दाहिनी जेब से आसमानी रंग का OPPO कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल, एक प्रति धारा 50 एनडीपीएस एक्ट का नोटिस भी बरामद किया गया। पुलिस ने बरामदगी एवं तलाशी पंचनामा तैयार किया।

8.290 किलो गांजा, कीमत 4.14 लाख

बरामद पदार्थ को गवाहों के समक्ष जांचने पर गांजा जैसा पाया गया। इसके बाद तौलकर्ता योगेश यादव (27), निवासी लुकुपाली को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन के साथ बुलाया गया। मशीन का 100 ग्राम बाट रखकर सत्यापन किया गया, जिसमें मशीन सही पाई गई। आरोपी के बैग में रखे सातों पैकेटों को बैग सहित तौलने पर कुल वजन 8.290 किलोग्राम पाया गया, जिसकी कीमत 4,14,500 रुपये बताई गई। गांजे को उसी ग्रे रंग के पिट्ठू बैग में सीलबंद किया गया।

आरोपी की जामा तलाशी में अन्य कोई जप्ती योग्य वस्तु नहीं मिली। गांजा रखने के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए आरोपी को धारा 67 एनडीपीएस एक्ट का नोटिस दिया गया। आरोपी ने लिखित रूप से कोई वैध दस्तावेज नहीं होना बताया।

4.24 लाख रुपये की कुल जब्ती

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ग्रे रंग का पिट्ठू बैग, बैग सहित 8.290 किलो गांजा कीमत 4,14,500 रुपये, OPPO मोबाइल कीमत 10,000 रुपये तथा धारा 50 एनडीपीएस एक्ट के नोटिस की एक प्रति जब्त की। जब्त सामान की कुल कीमत 4,24,500 रुपये बताई गई है।

आरोपी गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट में अपराध दर्ज

पुलिस के अनुसार आरोपी शिबु मुण्ड का कृत्य धारा 20(B)(II)(B) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पाए जाने पर उसे गिरफ्तारी का कारण बताया गया और गिरफ्तारी पूर्व सूचना देकर गवाहों के समक्ष 25 अगस्त 2026 को दोपहर 12:50 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। मामला अजमानतीय होने के कारण आरोपी के परिजनों को मोबाइल के माध्यम से गिरफ्तारी की सूचना दी गई।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया तथा आरोपी के विरुद्ध थाना कोमाखान में बिना नंबरी देहाती नालसी अपराध क्रमांक 0/2026, धारा 20(B)(II)(B) एनडीपीएस एक्ट कायम कर विवेचना में लिया। देहाती नालसी 25 अगस्त को दोपहर 1:25 बजे ली गई। प्रकरण की कायमी की सूचना संबंधित मजिस्ट्रेट को भेजी गई है।

  1. कार्रवाई में सउनि सिकंदर भोई के साथ आरक्षक क्रमांक 169, 916 एवं 193 की भूमिका रही।

 

रायपुर : ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान से नारायणपुर के दुर्गम गांवों तक पहुंची शिक्षा

छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले नारायणपुर में कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित ‘स्कूल केईन्ता’ ( School Keinta ) अभियान दूरस्थ और दुर्गम वनांचलों में शिक्षा की नई अलख जगा रहा है। इस अभिनव पहल के जरिए न केवल बच्चों तक शिक्षा पहुंच रही है, बल्कि उन्हें आवश्यक सरकारी दस्तावेजों से जोड़कर उनका भविष्य भी संवारा जा रहा है।

22 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित
हाल ही में संकुल केंद्र गारपा के तहत आने वाले ग्राम घमंडी की वैकल्पिक प्राथमिक शाला में नामांकित 22 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को शासकीय योजनाओं और आगे की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सकेगा।

10 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा से मिली मुक्ति
इससे पूर्व, घमंडी गांव के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए 10 किलोमीटर दूर कोड़ेनार पैदल जाना पड़ता था। ऊबड़-खाबड़ और कठिन रास्तों के कारण बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते थे। जिला प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए गांव में ही वैकल्पिक प्राथमिक शाला की शुरुआत की है। इस शाला में वर्तमान में 30 बच्चे अध्ययनरत हैं, जहां स्थानीय श्शिक्षा दूतश् कोसा राम वड्डे समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

’अब तक 2 हजार से अधिक बच्चों का सफल नामांकन कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ा गया’
गौरतलब है कि ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान के तहत अत्यंत दुर्गम और भौगोलिक रूप से कटे क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचाने के लिए 34 नई वैकल्पिक शालाएं शुरू की गईं। इस अभियान के माध्यम से अब तक 2 हजार से अधिक बच्चों का सफल नामांकन कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ा गया है। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज स्थानीय स्तर पर तैयार कर वितरित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का यह कदम साबित करता है कि यदि नीयत और प्रयास सही हों, तो घने जंगलों और दुर्गम पहाडि़यों के बीच भी बच्चों के सपनों को उड़ान दी जा सकती है।

सांस की हर समस्या का इलाज सरायपाली में, 27 अगस्त को रहेंगी हैदराबाद की चेस्ट फिजिशियन डॉ. श्री रजनी

सरायपाली। अग्रवाल नर्सिंग होम एवं पॉलीक्लिनिक, सरायपाली में 27 अगस्त 2026 को श्वसन संबंधी रोगों के मरीजों के लिए विशेष चिकित्सकीय परामर्श शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हैदराबाद की प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशियन एवं MD–Respiratory Medicine विशेषज्ञ डॉ. श्री रजनी मरीजों की जांच कर परामर्श देंगी।

शिविर में फेफड़ों की समस्या, दमा, एलर्जी, सीओपीडी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, लंबी खांसी, छाती में पानी भरना, निमोनिया, टीबी, खर्राटे व नींद संबंधी विकार सहित विभिन्न श्वसन रोगों की जांच एवं उपचार संबंधी परामर्श उपलब्ध रहेगा।

अग्रवाल नर्सिंग होम के अनुसार डॉक्टर की उपलब्धता 27 अगस्त को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी। मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ अनुभवी चिकित्सकीय परामर्श और व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

अग्रवाल नर्सिंग होम एवं पॉलीक्लिनिक मेन रोड, IDBI बैंक के पास, सरायपाली में स्थित है। संपर्क के लिए 9303623130, 7773086100 एवं 9174335366 नंबर जारी किए गए हैं।

सरायपाली/ 2025-26 में 14वें-15वें वित्त से सरायपाली नगर पालिका परिषद को कितनी राशि मिली? जानिए वार्डवार पूरे विकास कार्य का विवरण?

सरायपाली में 14वें-15वें वित्त सेलगभग  ₹2.01 करोड़ के 15 विकास कार्य स्वीकृत हुए 

सरायपाली। नगर पालिका परिषद सरायपाली क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत अलग-अलग चरणों में कुल 15 विकास कार्यों के लिए ₹201.29 लाख यानी करीब ₹2.01 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। विभागीय आदेशों में कार्यों का स्थान, स्वरूप और स्वीकृत राशि का उल्लेख है।

15वें वित्त से ₹81.71 लाख के छह कार्य

15 जुलाई 2025 के आदेश के अनुसार 15वें वित्त आयोग के अनटाइड और टाइड ग्रांट के तहत छह कार्यों के लिए कुल ₹81.71 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

1. वार्ड क्रमांक 05 – जोगी तालाब से बस स्टॉप तक फुटपाथ निर्माण – ₹15.70 लाख।
इस कार्य का उद्देश्य इस मार्ग पर पैदल चलने वाले लोगों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

2. वार्ड क्रमांक 05 – बस स्टॉप से सरसींवा रोड में शेड निर्माण – ₹25.79 लाख।
इसका उद्देश्य सड़क किनारे नागरिकों को धूप और बारिश से बचाव के लिए सुविधा उपलब्ध कराना है।

3. वार्ड क्रमांक 05 – जोगी तालाब से बस स्टॉप तक विद्युतीकरण – ₹4.23 लाख।
इस कार्य का उद्देश्य संबंधित मार्ग पर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराकर आवागमन को सुविधाजनक बनाना है।

4. पीएचई टंकी स्थापना एवं पाइपलाइन विस्तार – ₹10.76 लाख।
इसका उद्देश्य पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन सुविधा का विस्तार करना है।

5. पीएचई टंकी स्थापना एवं पाइपलाइन विस्तार – ₹6.23 लाख।
इस कार्य का उद्देश्य पेयजल व्यवस्था का विस्तार एवं जलापूर्ति को बेहतर बनाना है।

6. वार्ड क्रमांक 01 – नलकूप निर्माण – ₹19.00 लाख।
इसका उद्देश्य वार्ड क्षेत्र में पेयजल के लिए जलस्रोत उपलब्ध कराना और स्थानीय जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है।

14वें वित्त से चार कार्यों पर ₹19.19 लाख

13 फरवरी 2026 के आदेश में 14वें वित्त आयोग के निर्माण सेक्टर से चार कार्यों के लिए ₹19.19 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

7. वार्ड क्रमांक 05 – जयलाल टिक्का के घर से मंगललाल साहू के घर तक सीसी रोड – ₹2.37 लाख।
उद्देश्य: संबंधित बस्ती/मार्ग में आवागमन को सुगम बनाना तथा कच्चे मार्ग की समस्या को दूर करना।

8. वार्ड क्रमांक 07 – बेदवापाली रोड से जैका तक आरसीसी नाली – ₹9.22 लाख।
उद्देश्य: सड़क एवं आसपास के क्षेत्र से पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था करना और जलभराव की समस्या कम करना।

9. वार्ड क्रमांक 15 – गणेश चौक से गुणा पहाड़ तक आरसीसी नाली – ₹1.87 लाख।
उद्देश्य: वर्षा एवं घरेलू पानी की निकासी के लिए पक्की नाली व्यवस्था विकसित करना।

10. वार्ड क्रमांक 15 – समाक बैंड पार्टी से बनिया चौक तक आरसीसी नाली – ₹5.73 लाख।
उद्देश्य: क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करना और जलभराव से राहत दिलाना।

अप्रैल 2026 में तीन कार्यों पर ₹39.44 लाख

28 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुसार 15वें वित्त आयोग से तीन कार्यों के लिए कुल ₹39.44 लाख की स्वीकृति दी गई।

11. वार्ड क्रमांक 12 – सामुदायिक भवन के सामने कंक्रीट नाली – ₹15.30 लाख।
उद्देश्य: सामुदायिक भवन एवं आसपास के क्षेत्र में पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करना।

12. वार्ड क्रमांक 13 – सामुदायिक भवन के सामने कंक्रीट नाली – ₹12.88 लाख।
उद्देश्य: क्षेत्र में जल निकासी को व्यवस्थित करना और जलभराव की समस्या को कम करना।

13. वार्ड क्रमांक 01 से 10 तक विभिन्न स्थानों पर पाइपलाइन विस्तार – ₹11.26 लाख।
उद्देश्य: नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में पेयजल पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार कर जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना।

सड़क निर्माण के दो कार्यों पर ₹60.95 लाख

15वें वित्त आयोग के अनटाइड ग्रांट से दो सड़क निर्माण कार्यों के लिए कुल ₹60.95 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

14. वार्ड क्रमांक 01 – अंबेडकर चौक से महलापारा टाटा शो-रूम तक बीटी रोड – ₹17.32 लाख।
उद्देश्य: प्रमुख मार्ग पर आवागमन को सुगम बनाना तथा सड़क की सुविधा में सुधार करना।

15. वार्ड क्रमांक 09 – बायपास से तृप्ति सिदार के घर तक सीसी रोड – ₹43.63 लाख।
उद्देश्य: संबंधित क्षेत्र में पक्की सड़क उपलब्ध कराकर लोगों के आवागमन को सुगम बनाना और सड़क सुविधा में सुधार करना।

कुल ₹2.01 करोड़ की स्वीकृति

इस प्रकार उपलब्ध विभागीय आदेशों के अनुसार 14वें वित्त आयोग के चार कार्यों पर ₹19.19 लाख तथा 15वें वित्त आयोग के 11 कार्यों पर ₹182.10 लाख, कुल मिलाकर ₹201.29 लाख यानी करीब ₹2.01 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य नगर के विभिन्न वार्डों में सड़क और आवागमन सुविधा, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन विस्तार, विद्युत सुविधा तथा नागरिकों के लिए मूलभूत ढांचे को मजबूत करना है।

दस्तावेज संबंधी सावधानी: समाचार में कार्यों के नाम, स्थान और राशि उपलब्ध विभागीय आदेशों में दर्ज विवरण के आधार पर लिए गए हैं। उपलब्ध प्रतियों में किसी शब्द या स्थान को पढ़ने में त्रुटि की संभावना हो सकती है, इसलिए संबंधित नगर पालिका अथवा विभाग के मूल अभिलेखों से अंतिम पुष्टि की जा सकती है। उल्लेखित रकम स्वीकृत राशि है, इसे वास्तविक भुगतान या खर्च की राशि नहीं माना जाना चाहिए।

 

समाचार प्रकाशन का एक उद्देश्य:
नगर पालिका सरायपाली में 14वें एवं 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत विकास कार्यों, उनकी जगह, कार्य का स्वरूप और स्वीकृत राशि की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना, ताकि लोगों को यह पता चल सके कि उनके वार्डों में किन-किन कार्यों के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही स्वीकृत कार्यों की वास्तविक प्रगति और खर्च की स्थिति की सार्वजनिक निगरानी एवं जवाबदेही को बढ़ावा देना इस समाचार का उद्देश्य है।

ध्यान रहे: इसका उद्देश्य किसी अधिकारी या नगर पालिका पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेजों में स्वीकृत कार्यों और राशि की तथ्यात्मक जानकारी जनता के सामने रखना है।