महासमुंद,/ अंगूठा लगवाकर मृत महिला समेत 15 महिलाओं को बनाया ठगी का शिकार! आवास मित्र ने डकारे ₹6 लाख 90 हजार

 

महासमुंद/पिथौरा। प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का घर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों को क्या पता था कि जिस व्यक्ति पर वे भरोसा कर रहे हैं, वही उनके खाते तक पहुंच बना लेगा। आवास के काम में मदद करने के नाम पर हितग्राहियों से अंगूठे के निशान लिए गए और शिकायत के मुताबिक बाद में उनके खातों से लाखों रुपये निकल गए। मामला ग्राम पंचायत मोहदा का है, जहां 15 हितग्राहियों की कुल ₹6.90 लाख की राशि कथित तौर पर आहरित किए जाने का आरोप लगा है।

मामले की शुरुआत 14 जुलाई 2026 को कलेक्टर जनदर्शन महासमुंद में दी गई शिकायत से हुई। शिकायत पुलिस अधीक्षक के माध्यम से चौकी बुंदेली पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि परस राम पटेल (24), निवासी ग्राम कोटादादर, को जनपद पंचायत पिथौरा के माध्यम से ग्राम पंचायत मोहदा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास मित्र के पद पर रखा गया था। उसका काम हितग्राहियों के आवास निर्माण को पूरा कराने और जियो टैग जैसे कार्यों में सहयोग करना था। बताया गया है कि वह एयरटेल पेमेंट बैंक में ग्रामीण बैंक मित्र के रूप में भी काम करता था।

 

हितग्राहियों का आरोप है कि आवास योजना से जुड़ी प्रक्रिया के नाम पर आवास मित्र ने उनसे फिंगर मशीन में अंगूठे के निशान लिए। शिकायत के अनुसार, हितग्राहियों को इसकी पूरी जानकारी नहीं थी कि उनके नाम से एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खोले जा रहे हैं। इसके बाद इन्हीं खातों से आवास योजना की राशि निकाले जाने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में हेमिन बाई पटेल से ₹55 हजार, गणेशु ध्रुव से ₹40 हजार, नूरपति पटेल से ₹55 हजार, लीला बाई पटेल से ₹55 हजार, तारा बाई पटेल से ₹55 हजार, मोहरमति बरिहा से ₹40 हजार, अगहन बाई ओगरे से ₹55 हजार, मुनु राम ओगरे से ₹55 हजार, पुरानीक ध्रुव से ₹55 हजार, उषा बाई ध्रुव से ₹55 हजार, मनटोरिया बाई निषाद, फगनी बाई निषाद और इन्द्रौतिन बाई निषाद से ₹25-25 हजार, मखियार बरिहा से ₹55 हजार तथा बोधनी बाई (मृतक) के नाम से ₹40 हजार की राशि का उल्लेख किया गया है।

 

पुलिस जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर परस राम पटेल के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला विवेचना में लिया है। अब जांच का अहम हिस्सा यह है कि हितग्राहियों के अंगूठे के निशान किस प्रक्रिया से लिए गए, खाते किस आधार पर खोले गए और ₹6.90 लाख की राशि आखिर किन खातों से और किसने निकाली। बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।

CG सरायपाली/ ट्रक सीज करने से फोरक्लोजर तक… इंडसइंड बैंक शाखा प्रबंधक और , रायगढ़ की रेपो एजेंसी पर गंभीर आरोप, 3 साल के खातों के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

CG सरायपाली/ ट्रक सीज करने से फोरक्लोजर तक… इंडसइंड बैंक शाखा प्रबंधक और , रायगढ़ की रेपो एजेंसी पर गंभीर आरोप, 3 साल के खातों के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

सरायपाली। इंडसइंड बैंक की सरायपाली शाखा के शाखा प्रबंधक सुजीत शनिकर, कैशियर गुणसागर, रायगढ़ की रेपो एजेंसी से जुड़े भरत यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ बैंक ग्राहक शिकायत कर्ता पटेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय प्रमुख (Regional Head), इंडसइंड बैंक लिमिटेड, रायपुर को शिकायत की है। शिकायत में ट्रक सीज करने, फोरक्लोजर राशि में कथित गड़बड़ी, अवैध वसूली, रिश्वत मांगने, धमकी देने, रकम के हिसाब में अनियमितता और बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार उसके नाम पर बैंक से दो ट्रक फायनेंस हैं। इनमें CG06GT3467 को बेचकर उसका लोन फोरक्लोज करना था, जबकि CG06HA7227 का लोन नियमित रूप से चल रहा था। शिकायत में दोनों वाहनों के लोन खातों का भी उल्लेख किया गया है।

17.50 लाख में ट्रक का सौदा, फोरक्लोजर राशि पर सवाल

शिकायत के अनुसार 2 जून 2026 को बैंक प्रबंधक ने ट्रक CG06GT3467 के लिए एक खरीदार तय किया और करीब 17.50 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे खरीदार से सीधे बातचीत करने का अवसर नहीं दिया गया। इसके बाद फोरक्लोजर राशि करीब 18.50 लाख रुपए बताई गई। आरोप है कि शाम के समय कुटेला ब्रिज के पास बैंक प्रबंधक ने एजेंट पुरुषोत्तम साहू और विद्या साहू की मौजूदगी में वाहन संबंधी प्रक्रिया पूरी कराई।

शिकायतकर्ता का कहना है कि इन्वेंट्री पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए गए, लेकिन उसकी प्रति नहीं दी गई। रात करीब 11:30 बजे वाहन को सरायपाली यार्ड में खड़ा करा दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 3 जून को खरीदार से 60 हजार रुपए नकद लेकर एक किस्त खाते में जमा कराई गई।

फोरक्लोजर राशि में 3 लाख अधिक दिखाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 7 से 12 जून के बीच जब वह फोरक्लोजर के लिए बैंक पहुंचा तो शाखा प्रबंधक ने सिस्टम से सीधे राशि बताने के बजाय कैशियर के ई-मेल से अपने ई-मेल पर जानकारी मंगाई। शिकायत के अनुसार इसमें वास्तविक देय राशि से करीब 3 लाख रुपए अधिक राशि दिखाई गई।

आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने कंपनी से वेवर/डिस्काउंट दिलाने की बात कहते हुए कथित तौर पर 1 लाख रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता द्वारा राशि देने से इनकार करने पर कथित रूप से धमकी दी गई कि भविष्य में उसे बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा और वह गाड़ी नहीं चला पाएगा।

इसके बाद 16 जून को कथित फोरक्लोजर लेटर दिखाकर कंपनी से 3 लाख रुपए की वेवर मंजूर कराने का दावा किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वास्तविकता में यह राशि बैंक के सिस्टम में देय ही नहीं थी और अतिरिक्त राशि दिखाकर उसे भ्रमित किया गया।

1.03 लाख काटे, दूसरे खाते में 70 हजार डालने का आरोप

शिकायत में 25 जून की घटना का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता के अनुसार बैंक कर्मचारी विद्या साहू उसे महासमुंद आरटीओ कार्यालय लेकर गईं, जहां वाहन के नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया की गई। शिकायतकर्ता ने अंतर की राशि को दूसरे चालू ट्रक CG06HA7227 के लोन में समायोजित करने की बात कही थी।

आरोप है कि बैंक की ओर से 1,03,000 रुपए ट्रक CG06GT3467 के खाते से काटे गए। इसके बाद 26 जून की रात 8:56 बजे केवल 70 हजार रुपए दूसरे ट्रक CG06HA7227 के लोन खाते में ट्रांसफर किए गए। शिकायतकर्ता ने शेष राशि के संबंध में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है।

54 हजार रुपए के हिसाब पर विवाद

शिकायतकर्ता के अनुसार 2 जुलाई को स्टेटमेंट लेने पर उसे पता चला कि बैंक की ओर से 34 हजार रुपए का वेवर दिया गया था, जबकि हिसाब में करीब 20 हजार रुपए अतिरिक्त का अंतर था। इस तरह कुल 54 हजार रुपए के अंतर को लेकर बैंक में विवाद हुआ।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसने बैंक शाखा में सीसीटीवी के सामने कथित रिश्वत मांगने का विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद कथित रूप से रकम वापस की गई और उसे धमकी दी गई। शिकायत में शाखा प्रबंधक द्वारा अपने पद का हवाला देते हुए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

6 अगस्त को दूसरे ट्रक को जबरन सीज करने का आरोप

शिकायत का सबसे गंभीर आरोप 6 अगस्त 2026 की घटना से जुड़ा है। शिकायत  कर्ता पटेल के अनुसार उनका चालू ट्रक CG06HA7227 बैंक शाखा प्रबंधक, रायगढ़ रेपो एजेंट भरत यादव और उनके चार अन्य साथियों द्वारा जबरन सीज कर लिया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाहन को सीज करने से पहले उसे NPA नोटिस नहीं दिया गया और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन जब्त किए जाने के करीब एक सप्ताह बाद खाते को NPA दर्शाया गया। शिकायतकर्ता ने इसे बैंकिंग नियमों के विपरीत बताते हुए जांच की मांग की है।

तीन साल के सभी खातों का फॉरेंसिक ऑडिट मांगा

शिकायतकर्ता ने शाखा प्रबंधक पर ग्राहकों से कथित अवैध वसूली और धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उसने कहा है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान इंडसइंड बैंक की सरायपाली शाखा के सभी ग्राहकों के खातों और किए गए सभी Waiver का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

शिकायतकर्ता के अनुसार इस ऑडिट से यह पता चल सकेगा कि वेवर के नाम पर कहीं अन्य ग्राहकों से भी अतिरिक्त राशि तो नहीं ली गई। यदि अन्य ग्राहक भी इस तरह की कथित अनियमितता के शिकार हुए हैं तो उन्हें भी न्याय मिल सकेगा।

विजिलेंस जांच और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग

पटेल ने बैंक की Vigilance Team से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने 7 जून से 16 जून के बीच शाखा प्रबंधक और कैशियर के ई-मेल, कंप्यूटर सिस्टम तथा संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। साथ ही 2 अगस्त 2026 और अन्य संबंधित दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखकर जांच में शामिल करने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने सीज किए गए ट्रक CG06HA7227 को बिना अतिरिक्त शुल्क वापस कराने, सभी लेन-देन का सही हिसाब देने, मानसिक एवं आर्थिक नुकसान का मुआवजा देने तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उसने शिकायत में कहा है कि यदि 7 दिनों के भीतर मामले में उचित और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई तो वह Banking Ombudsman, आर्थिक अपराध शाखा (EOW), उपभोक्ता न्यायालय और उच्च न्यायालय की शरण लेगा।

नोट: बैंक शाखा प्रबंधक, कर्मचारियों और रेपो एजेंसी से जुड़े लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता की ओर से दी गई शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित बैंक प्रबंधन या अन्य पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

CG/ सरायपाली के पूर्व विधायक रामलाल चौहान सहित 3 को कैबिनेट मंत्री का दर्जा, 15 को राज्य मंत्री का दर्जा

CG/ सरायपाली के पूर्व विधायक रामलाल चौहान सहित 3 को कैबिनेट मंत्री का दर्जा, 15 को राज्य मंत्री का दर्जा छत्तीसगढ़ में 18 पदाधिकारियों को मंत्री दर्जा, 3 को कैबिनेट और 15 को राज्य मंत्री का दर्जा

रायपुर, 28 अगस्त। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न निगम, मंडल और आयोगों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस संबंध में विभाग ने 27 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया है। आदेश में कुल 18 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।

शासन के आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

वहीं गौरीशंकर श्रीवास, आनंद निषाद, राजेश कुमार राजपूत, राजेंद्र नायक, सुधीर गौतम, एजाज मिर्जा बेग, भोजराज देवांगन, प्रभात मिश्रा, सुषमा जेठानी और शशिकांत द्विवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।

राज्य मंत्री का दर्जा पाने वालों में रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (श्री राजीव लोचन दास महाराज), अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे और अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मंगल दास ठाकुर भी शामिल हैं।

रूप सिंह मंडावी का दर्जा हुआ अपग्रेड आदेश में रूप सिंह मंडावी के दर्जे में संशोधन किया गया है। विभागीय आदेश दिनांक 29 अक्टूबर 2025 के तहत उन्हें पहले राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। अब नए आदेश के तहत उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।

केवल शिष्टाचार के लिए मंत्री दर्जा सरकार ने स्पष्ट किया है कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को दिया गया कैबिनेट मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा केवल शिष्टाचार के लिए है। उन्हें नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक विभाग या आयोग की होगी। यह सूची किसी प्रकार की वरिष्ठता या प्रोटोकॉल की स्थिति नहीं दर्शाती। आदेश जारी होने के दिन से प्रभावी होगा। आदेश छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

सरायपाली/ Beo समझते है अपने आप को मंत्री आरोप लगाते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर रकम नहीं, तीन माह से भुगतान रोकने का आरोप: ऐसे लापरवाही से शासन की छवि होती है खराब? हड़ताल में सम्मिलित कर्मचारियों का लेन देन कर वेतन जारी करने का आरोप?

सरायपाली/ Beo समझते है अपने आप को मंत्री आरोप लगाते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर रकम नहीं, तीन माह से भुगतान रोकने का आरोप: ऐसे लापरवाही से शासन की छवि होती है खराब? हड़ताल में सम्मिलित कर्मचारियों का लेन देन कर वेतन जारी करने का आरोप?

हड़ताल में शामिल 10 कर्मचारियों का वेतन जमा होने का दावा, बैंक स्टेटमेंट और हस्ताक्षर को बताया प्रमाण; लेन-देन कर मनमाने तरीके से भुगतान करने का आरोप

सरायपाली। रक्षाबंधन के त्योहार के बीच सरायपाली ब्लॉक के अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों के भुगतान का मामला गरमा गया है। छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ, ब्लॉक सरायपाली ने जून, जुलाई और अगस्त—तीन माह का भुगतान रोके जाने का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग की भुगतान व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ ने आज छुट्टी के दिन लाचार होकर 28 अगस्त 2026 को जारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है।

संघ के पत्र में कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए कहा गया है कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के समय भी उन्हें भुगतान नहीं मिला है। पत्र में कर्मचारियों की स्थिति को लेकर “आज कर्मचारी पेमेंट के लिये रो रहे हैं” जैसी बात लिखी गई है। कर्मचारियों का सवाल है कि जब उन्हें नियमित रूप से भुगतान मिलना चाहिए, तो लगातार तीन महीने का भुगतान रोकने की स्थिति आखिर क्यों बनी?

हड़ताल में थे 10 कर्मचारी, फिर वेतन जमा होने का दावा

कर्मचारियों ने भुगतान को लेकर सबसे गंभीर सवाल यह उठाया है कि हड़ताल में शामिल 10 कर्मचारियों का वेतन उनके खातों में जमा होने का दावा किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में उनके पास बैंक स्टेटमेंट और कर्मचारियों के हस्ताक्षर सहित दस्तावेज मौजूद हैं।

कर्मचारियों के मुताबिक, यदि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का भुगतान किया गया है तो अन्य कर्मचारियों का भुगतान किस आधार पर रोका गया? क्या सभी कर्मचारियों के भुगतान के लिए एक समान नियम लागू नहीं होना चाहिए? यही सवाल अब शिक्षा विभाग की भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहा है।

“लेन-देन कर मनमाने तरीके से भुगतान” का आरोप

स्कूल सफाई कर्मचारियों ने भुगतान प्रक्रिया में लेन-देन कर मनमाने तरीके से वेतन जारी करने का आरोप भी लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि भुगतान में समानता नहीं दिखाई दे रही है और कुछ लोगों को भुगतान मिल रहा है, जबकि अन्य कर्मचारी अपने बकाया भुगतान के लिए इंतजार कर रहे हैं।

हालांकि, लेन-देन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इन आरोपों की सच्चाई वेतन बिल, भुगतान आदेश, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही सामने आ सकती है।

सवाल पूछने पर धमकी देने का भी आरोप

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि भुगतान को लेकर सवाल उठाने या अपनी बात रखने पर उन्हें धमकी दिए जाने की बात कही गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने हक का भुगतान मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी समस्या खुलकर रखने में परेशानी होती है।

यदि यह आरोप सही है तो यह भी गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।

मुख्यालय बीईओ कार्यालय, फिर चारभांठा स्कूल में वेतन का काम क्यों?

कर्मचारियों के अनुसार उनका वेतन लेखा-जोखा और संबंधित प्रशासनिक कार्य बीईओ कार्यालय सरायपाली से जुड़ा है। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि वेतन संबंधी कार्य चारभांठा स्कूल में तैयार किया जाता है।

इसी व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि यदि कर्मचारियों का पूरा लेखा-जोखा बीईओ कार्यालय के अधीन है तो वेतन संबंधी कार्य चारभांठा स्कूल में किस आदेश और किस व्यवस्था के तहत किया जा रहा है? इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की है? कर्मचारियों ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

बीईओ टीकम चंद्र पटेल की कार्यप्रणाली पर सवाल

कर्मचारियों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी टीकम चंद्र पटेल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भुगतान के मामले में मनमानी की जा रही है। कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कहा है कि “बीईओ अपने आप को मंत्री समझ रहे हैं।”

यह बयान कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप और उनकी नाराजगी को दर्शाता है। इन आरोपों पर बीईओ टीकम चंद्र पटेल या शिक्षा विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेंगे

रक्षाबंधन पर भुगतान नहीं, तो त्योहार कैसे मनाएं?

स्कूल सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी आय सीमित है और ऐसे में तीन महीने का भुगतान रुकना उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी है। रक्षाबंधन के मौके पर बहनों और परिवार के लिए जरूरी खर्च भी करना होता है। ऐसे में भुगतान नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों का सवाल सीधा है—जब सरकार की ओर से कर्मचारियों को समय पर भुगतान की व्यवस्था है, तो सरायपाली में तीन महीने का भुगतान क्यों अटका हुआ है?

शासन की छवि पर भी सवाल

मामला केवल कर्मचारियों के भुगतान तक सीमित नहीं है। यदि तीन माह का भुगतान वास्तव में बिना उचित कारण रोका गया है या भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई है, तो इससे संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली के साथ-साथ शासन की छवि पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

वहीं, यदि भुगतान रोकने के पीछे कोई प्रशासनिक, तकनीकी या वैधानिक कारण है, तो विभाग को कर्मचारियों के सामने उसकी स्पष्ट जानकारी रखनी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।

₹8,860 के कथित दोहरे भुगतान की भी जांच की मांग

इसी मामले से जुड़े एक अन्य बिंदु में लमकेनी एमएस स्कूल के कर्मचारी बसंत बेहरा के नाम पर जून, जुलाई और अगस्त की ₹8,860 राशि के दो बार भुगतान होने की बात सामने आई है।

यह भी फिलहाल दावा/शिकायत है। इसकी पुष्टि के लिए संबंधित वेतन बिल, भुगतान वाउचर और बैंक रिकॉर्ड का मिलान जरूरी है। यदि एक ही अवधि और मद की राशि वास्तव में दो बार जारी हुई है, तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि दोहरा भुगतान किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत हुआ।

जांच हुई तो कई सवालों के मिल सकते हैं जवाब

अब पूरे मामले में कर्मचारियों की मांग है कि जून, जुलाई और अगस्त के सभी कर्मचारियों के वेतन बिल, भुगतान सूची, बैंक ट्रांजेक्शन, हस्ताक्षर, उपस्थिति/हड़ताल संबंधी रिकॉर्ड और भुगतान आदेशों की जांच कराई जाए।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि—

तीन माह का भुगतान किन कर्मचारियों का रोका गया और क्यों?

हड़ताल में शामिल 10 कर्मचारियों का भुगतान हुआ या नहीं?

यदि हुआ तो किस आदेश के आधार पर?

चारभांठा स्कूल में वेतन संबंधी कार्य किस आदेश से कराया जा रहा है?

भुगतान प्रक्रिया की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है?

₹8,860 के कथित दोहरे भुगतान की वास्तविकता क्या है?

कर्मचारियों द्वारा लगाए गए लेन-देन और धमकी के आरोपों में कितनी सच्चाई है?

छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद सहित उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर लंबित भुगतान जारी कराने और यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की है।

अब देखना यह है कि रक्षाबंधन के मौके पर तीन माह के भुगतान को लेकर उठे इन सवालों पर शिक्षा विभाग क्या जवाब देता है और दस्तावेजों की जांच में वास्तविकता क्या सामने आती है।

> नोट: इस समाचार में लेन-देन, धमकी, मनमाने भुगतान और ₹8,860 के दोहरे भुगतान संबंधी बातें कर्मचारियों/संघ द्वारा लगाए गए आरोप अथवा दावे के रूप में दी गई हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित बीईओ एवं शिक्षा विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना आवश्यक है।

बसना / जेवरा में भक्तिभाव से निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने की क्षेत्र की खुशहाली की कामना

बसना / जेवरा में भक्तिभाव से निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने की क्षेत्र की खुशहाली की कामना

बसना। बसना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जेवरा में आषाढ़ मास के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन हुआ। रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और रथ के समक्ष माथा टेककर बसना विधानसभा क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होकर कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ साक्षात परमब्रह्म के स्वरूप हैं। सनातन संस्कृति में रथ यात्रा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। भगवान जगन्नाथ समरसता और भ्रातृभाव के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जेवरा में आयोजित यह धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों और अटूट आस्था का जीवंत उदाहरण है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।

मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक ने कहा कि जनसेवा ही प्रभु सेवा है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से क्षेत्र के किसानों के खेतों में हरियाली, हर घर में सुख-समृद्धि और बसना क्षेत्र के निरंतर विकास की कामना की।

कार्यक्रम में ग्राम पटेल लखेश्वर साव, जगन्नाथ मंदिर समिति अध्यक्ष गंगाधर पटेल, कोषाध्यक्ष पुरंदर सांड, मोहन राठौर, पूर्व सरपंच सानमोती चौहान, विधायक प्रतिनिधि खेमराज अग्रवाल, पंच गंगाधर चौहान, मीडिया प्रभारी आर्थिक प्रकोष्ठ विजय पटेल, शिवकिशोर साहू, किशन बंजारा, युवा मोर्चा महामंत्री सहदेव पटेल, उपसरपंच मनीराम साव, रथलाल पटेल, निज सचिव नरेंद्र बोरे सहित संतोष चौहान, अंजोर चौहान, मोहन बंजारा, विद्याचरण बंजारा, रतन साव, लखेराम बंजारा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

सरायपाली/सर्व ब्राह्मण महिला समाज का सावन उत्सव कार्यक्रम संपन्न

नवनिर्मित विप्र भवन में सर्व ब्राह्मण महिला समाज की परिचयात्मक बैठक सह सावन उत्सव कार्यक्रम उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज की विप्र महिलाओं एवं बिटियाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत महिला सदस्यों के तिलक लगाकर स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सावन उत्सव के अवसर पर विभिन्न मनोरंजक एवं सांस्कृतिक आयोजन किए गए, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान समाज के उत्थान, महिला सहभागिता को बढ़ावा देने तथा आगामी दिनों में सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महिला समाज की सदस्यों ने समाज को और अधिक संगठित एवं सक्रिय बनाने पर जोर दिया।इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती शांति प्रकाश मिश्रा, जिला सचिव प्रतिमा पाढ़ी, सरायपाली महिला अध्यक्ष डॉ. अनुपा आशीष दास, श्रीमती मंजू शर्मा, उर्मिला मिश्रा, स्वाति पाणिग्राही, रोशनी दास, पद्मालया दास, गीतांजलि पाढ़ी, रीना देवता, गायत्री पाणिग्राही, सुनीता सतपथी, वंदना सतपथी, साधना पंडा, विभूति त्रिपाठी, निक्की आचार्य, मेनका दास, नेहा पंडा, तुष्टिका दास, सुरेंद्र सड़ंगी, सरोज द्विवेदी, नम्रता पंडा, सीमा सतपथी, सुजाता महापात्र, रश्मि देवता, गीता पुरोहित, कुमारी आयुषी मिश्रा, खुशी सहित बड़ी संख्या में विप्र महिलाएं एवं बिटियाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में जिला उपाध्यक्ष सुनील पाणिग्राही, प्रवक्ता डॉ. आशीष दास, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष पूनम आचार्य एवं सौरभ सतपथी का सहयोग रहा।

बसना/अर्टिगा कार से 11.98 लाख रुपये की संदिग्ध नगदी बरामद, एक व्यक्ति पकड़ा गया

अर्टिगा कार से 11.98 लाख रुपये की बसना। पुलिस ने उड़ीसा मार्ग (पदमपुर रोड) पर सघन चेकिंग के दौरान अर्टिगा कार से बड़ी मात्रा में संदिग्ध नगदी रकम बरामद की है। वाहन में सवार उड़ीसा निवासी करूणा नाईक (32 वर्ष) से पूछताछ के बाद पुलिस ने ₹11,98,300 नगद जब्त किया।

पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त की रात उड़ीसा मार्ग पर चेकिंग के दौरान अर्टिगा कार क्रमांक OD 03 Q 8419 को रोककर जांच की गई। वाहन की तलाशी के दौरान एक थैले में बड़ी मात्रा में नगदी रकम मिली। गवाहों की मौजूदगी में रकम की गिनती करने पर कुल 11 लाख 98 हजार 300 रुपये बरामद हुए।

नगदी के संबंध में पूछताछ करने पर संबंधित व्यक्ति संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका और रकम से संबंधित वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस के तहत नगदी रकम के साथ परिवहन में प्रयुक्त अर्टिगा कार, जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये, तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

पुलिस द्वारा वाहन में सवार व्यक्ति को नगदी रकम के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए धारा 94 बीएनएसएस का नोटिस भी जारी किया गया है। मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

जब्त संपत्ति:

  • नगद राशि — ₹11,98,300
  • अर्टिगा कार — ₹8,00,000
  • दो मोबाइल फोन
  • कुल जुमला कीमत — ₹20,08,300

पिकाडली एग्रो, खुशी स्टोन और जेपी मिनरल्स का संयुक्त निरीक्षण, खामियों पर नोटिस

महासमुंद, 27 अगस्त। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय लंगेह के आदेश के परिपालन में जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने ग्राम बेलटुकरी, तहसील महासमुंद स्थित मेसर्स पिकाडली एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिवहन, श्रम, पर्यावरण, विधिक मापविज्ञान, खनिज एवं उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

परिवहन विभाग की जांच में दो ट्रकों का पीयूसी लैप्स पाया गया, जिस पर 4 हजार रुपये की राशि वसूल की गई। वहीं एक ट्रक का त्रैमासिक कर लंबित मिलने पर 3,575 रुपये कर वसूल किया गया।

विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में धर्मकांटा सत्यापित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। अन्य तौल उपकरणों की जांच सत्यापित बाटों से नियमित रूप से करने तथा विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए। उद्योग, पर्यावरण एवं खनिज विभाग की जांच में स्थिति सामान्य पाई गई।

श्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के तहत जांच की। निरीक्षण के दौरान सूचना बोर्ड एवं अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। इस संबंध में प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है।

इसके बाद संयुक्त टीम ने ग्राम अछोली स्थित खुशी स्टोन इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बयान लिए गए, लेकिन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।

इसी क्रम में ग्राम अछोली स्थित जेपी मिनरल्स का भी निरीक्षण किया गया। यहां श्रम विभाग ने श्रमिकों के बयान लिए, जबकि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।

जिला स्तरीय संयुक्त टीम की कार्रवाई से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में परिवहन, श्रम, पर्यावरण, खनिज एवं विधिक मापविज्ञान संबंधी नियमों के पालन की स्थिति की जांच की गई।

बसना/तिलकपुर में 30 लीटर महुआ शराब जब्त, महिला गिरफ्तार

बसना। थाना बसना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम तिलकपुर जाने के मार्ग पर नाला के पास एक महिला के कब्जे से 30 लीटर हाथ भट्ठी देशी महुआ शराब जब्त की है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 6 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार 26 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तिलकपुर नाला के पास एक महिला भारी मात्रा में महुआ शराब रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रही है। सूचना से थाना प्रभारी को अवगत कराने के बाद पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।

मौके पर राजकुमारी चौहान पति भोगीलाल चौहान, उम्र 40 वर्ष, निवासी तिलकपुर, थाना बसना, जिला महासमुंद मिली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे में एक नीले रंग के 60 लीटर क्षमता वाले ड्रम में हाथ भट्ठी देशी महुआ शराब मिली। जांच में शराब की मात्रा 30 लीटर पाई गई, जिसकी कीमत करीब 6,000 रुपये है।

पुलिस ने शराब को जब्त कर ड्रम को सीलबंद किया। आरोपी महिला के पास शराब रखने एवं बिक्री से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं मिला। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर महिला को गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई थाना बसना पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई।

झलप /कृषि सेवा केंद्र का ताला तोड़कर 11 हजार रुपये की चोरी, सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ा

झलप। ग्राम कोलपदर निवासी एवं झलप स्थित श्रीराम कृषि सेवा केंद्र के संचालक की दुकान में अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर करीब 11 हजार रुपये नगद सहित जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए। चोरों ने दुकान के शटर में लगे दोनों तालों को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और सबूत मिटाने के लिए दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

दुकान संचालक के अनुसार, 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उन्होंने दुकान बंद करने से पहले गल्ले (दराज) के अंदर एक झिल्ली में करीब 11,000 रुपये नगद तथा अनु प्रोडक्ट लिमिटेड का एक बिल रख दिया था। इसके बाद दुकान के शटर में ताला लगाकर वे घर चले गए।

27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे जब वे दुकान खोलने पहुंचे तो शटर में लगे दोनों ताले गायब मिले। आसपास देखने पर दोनों टूटे हुए ताले दुकान के बाजू में पड़े मिले। शटर भी थोड़ा उठा हुआ था। दुकान के अंदर जाने पर सीसीटीवी कैमरा टूटा हुआ मिला तथा गल्ले में रखी नगदी और अनु प्रोडक्ट लिमिटेड का बिल भी गायब था।प्रथम दृष्टया अज्ञात चोरों ने रात के समय दुकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखी नगदी समेत दस्तावेज चोरी कर फरार हो गए। दुकान संचालक ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात चोर के खिलाफ कार्रवाई करने और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। पुलिस द्वारा मामले की जांच करते हुए आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों एवं अन्य संभावित सुरागों के आधार पर चोर की तलाश की जा रही है।