महासमुंद – महासमुंद पुलिस द्वारा आम जनता को सचेत, सतर्क व जागरूक करने के उद्देश्य से संपूर्ण जिले मे “नवा बिहान” बैनर तले जागरूकता कार्यक्रम संचालित की जा रही है। इस कैंपेन के तहत् पुलिस विभाग की टीम हाट-बाजार, स्कूल, कालेज, बस स्टैंड, बैंकों व चौक-चौराहो, गली मुहल्लो मे, लोगो के बीच पहुँचकर मोबाईल धारक आम जनता, स्कूली छात्र-छात्राओं, गांव के युवको, बुजुर्गो हर वर्ग के लोगो को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, जरूरी हेल्पलाइन नंबर, नशा मुक्ति संदेश, गौ तस्करी रोकथाम के बारे मे लोगो को जानकारी दी जा रही है।
नवा बिहान कैपेन के तहत जिला महासमुंद ग्राम बल्दीडीह हॉट बाजार, थाना सांकरा ग्राम छुईपाली बाजार, थाना सिंघोड़ा ग्राम द्वारतलाकला बाजार, चौकी टूहलु, ग्राम पिथौरा लाखागढ़ चौक पेट्रोल पंप के पास, ग्राम भंवरपुर क्षेत्रों के आम जनता को, महासमुंद पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता, अभिव्यक्ति ऐप, नशा मुक्ति अभियान महिला संबंधी अपराध एवं यातायात सुरक्षा की जानकारी दी गयी।
पुलिस टीम के द्वारा शहरी एवं ग्रामीणो क्षेत्रों मे लोगो को विभिन्न प्रकार की जानकारियां साझा की गई, जिसमे सायबर स्टाकिंग, फेक प्रोफाईल के बारे मे बताते हुए, किसी भी व्यक्ति जो इसका शिकार हो, तत्काल रिपोर्ट करने कहा गया। लोगो को बताया गया की सोशल मीडिया में पर्सनल व सेंसिटीव जानकारी शेयर ना करें एवं अपने मोबाईल मे मजबूत पासवर्ड बनाकर रखे, ताकि मोबाइल गुम होने या अन्य कोई भी व्यक्ति इसका दुरूपयोग ना कर सके। आजकल इंटरनेट की दुनिया मे प्रचलित अपराध जैसे फेक ट्रेडिंग एप के नाम पर ठगी, सेक्सटार्शन, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगो को डिजिटल अरेस्ट की धमकी फिर ठगी करने वालो से सतर्क रहने एवं आपके फोन मे अंजान नम्बरो से आये एपीके फाईल लिंक को कभी ओपन ना करने की सलाह दी गयी है।
लोगो को बताया गया है की किसी प्रकार के ऑनलाईन फ्रॉड होने पर सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 में ऑनलाईन शिकायत एवम अपने निकटतम पुलिस थाना या सायबर थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज करावें।
इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराधों के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है। आम जनता को इन खतरों से आगाह करने के लिए यह विशेष जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान कार्यक्रम में मोबाइल धारकों को सोशल मीडिया पर सुरक्षा और निजता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
अनजान लोगों से दोस्ती पड़ सकती है भारी-
पुलिस द्वारा लोगो को बताया जा रहा है की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें। लोगों से अपील की गई कि वे थर्ड पार्टी ऐप्स और अनजान लिंक्स से दूरी बनाएं रखें और अपनी संवेदनशील जानकारी कभी भी सार्वजनिक न करें।
फॉरवर्डेड मैसेज की सत्यता जांचें- अक्सर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और मैसेज वायरल कर दिए जाते हैं। किसी भी फॉरवर्डेड मैसेज की सत्यता को जाने बिना आगे न भेजें। इसके साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स पर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ ऑन रखने की सलाह दी गई ताकि अकाउंट को हैक होने से बचाया जा सके।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर वसूली से न डरें-
आजकल अपराधी पुलिस, सीबीआई या जज बनकर वीडियो कॉल करते हैं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ या जेल भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी संस्था या अधिकारी इस तरह वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग नहीं करता। ऐसे कॉल्स आने पर घबराएं नहीं और न ही घबराहट में गूगल-पे या फोन-पे के माध्यम से पैसे भेजें।
ठगी होने पर क्या करें-?
यदि आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो देरी न करें। तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा अपने नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में भी सूचना दें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान-
क्षेत्र में गौवंश तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। यदि किसी को भी गौवंश तस्करी या अवैध परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या “संवाद” हेल्पलाइन नंबर 9479229939 पर सूचना दें।
आपातकाल में ‘डायल-112’ का करें उपयोग-
पुलिस ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर ‘डायल-112’ की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी दुर्घटना, विवाद या आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने से पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है। कम से कम समय में सहायता प्राप्त करने के लिए इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया है।
जिला पुलिस द्वारा आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए *जन उपयोगी शिकायत हेल्प डेस्क- “संवाद” की शुरुआत की है, जिसका व्हाट्सएप मोबाइल नंबर 9479229939 जारी किया गया है। एक मैसेज पर होगी कार्रवाई, पहचान रहेगी गुप्त। इस नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा कर सकते हैं। “संवाद” हेल्पलाइन में सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसमें दो विकल्प दिए गए हैं: विकल्प 1: गुप्त सूचना देने के लिए। विकल्प 2: सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिए। आपकी दी हुई एक छोटी सी सूचना न केवल किसी बड़े अपराध को रोक सकती है, बल्कि हमारे समाज को सुरक्षित और खुशहाल भी बना सकती है।
अभियान के दौरान पुलिस ने नागरिकों से नशे की लत से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को खत्म करता है। आइए, एक सजग नागरिक के रूप में पुलिस का साथ दें, नशे की लत को जड़ से मिटाए और साइबर ठगी जैसी बुराइयों के प्रति खुद को और दूसरों को सतर्क करें। महासमुंद पुलिस द्वारा संचालित इस जन जागरूकता कार्यक्रम मे 1500 से अधिक आमजन शामिल होकर लाभान्वित हुए।



