महासमुंद : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव महारुद्राभिषेक में शामिल हुए

पावन श्रावण मास के अवसर पर विशाल मेगा मार्ट परिसर, महासमुंद में एक माह तक आयोजित महारुद्राभिषेक एवं हवन-पूजन कार्यक्रम में आज उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर हवन-पूजन किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की। उन्होंने भगवान शिव से प्रदेश में निरंतर विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित परिवारजन, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व सांसद श्री चुन्नी लाल साहू, पूर्व विधायक डाॅ. विमल चोपड़ा, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

रायपुर : जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जे.एल. ध्रुव ने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला एवं शिल्प शैली है। यदि इन कारीगरों को उचित बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी आय एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे जिले की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।

 

विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी

 

मेले में अतिथियों एवं अधिकारियों ने कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके कार्य, उत्पादों की मांग, बाजार की उपलब्धता और आय के संबंध में जानकारी ली। स्टॉलों में वस्त्र एवं हस्तकला, धातु शिल्प, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद, मिट्टी शिल्प, बांस एवं बेंत शिल्प, जनजातीय आभूषण, उपहार एवं उपयोगी सामग्री तथा चित्रकला सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

 

ट्राइफेड नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कहा कि यह मेला जिले के जनजातीय कारीगरों एवं उद्यमियों को ट्राइफेड के व्यापक विपणन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों एवं जनजातीय उद्यमियों से उत्कृष्ट उत्पादों के साथ ऐसे अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

 

इस अवसर पर उप संचालक कृषि मनीष साहू, उप संचालक पंचायत नकुल वर्मा, सहायक संचालक आजीविका संदीप गन्नाडे, उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक, जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रायपुर : जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जे.एल. ध्रुव ने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला एवं शिल्प शैली है। यदि इन कारीगरों को उचित बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी आय एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे जिले की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।

 

विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी

 

मेले में अतिथियों एवं अधिकारियों ने कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके कार्य, उत्पादों की मांग, बाजार की उपलब्धता और आय के संबंध में जानकारी ली। स्टॉलों में वस्त्र एवं हस्तकला, धातु शिल्प, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद, मिट्टी शिल्प, बांस एवं बेंत शिल्प, जनजातीय आभूषण, उपहार एवं उपयोगी सामग्री तथा चित्रकला सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

 

ट्राइफेड नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कहा कि यह मेला जिले के जनजातीय कारीगरों एवं उद्यमियों को ट्राइफेड के व्यापक विपणन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों एवं जनजातीय उद्यमियों से उत्कृष्ट उत्पादों के साथ ऐसे अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

 

इस अवसर पर उप संचालक कृषि मनीष साहू, उप संचालक पंचायत नकुल वर्मा, सहायक संचालक आजीविका संदीप गन्नाडे, उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक, जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रायपुर : बिहान से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया आधार, मछली पालन से बढ़ेंगे आजीविका के अवसर

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद पंचायत लखनपुर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता करते हुए ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

 

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जाए। मछली बीज वितरण जैसी पहल से ग्रामीणों को मछली पालन के लिए आवश्यक आधार मिलेगा और वे इसे आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार मजबूत होता है, बल्कि पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है।

 

श्री अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ‘बिहान’ अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ इन समूहों तक पहुंचाकर उन्हें कृषि, पशुपालन, मछली पालन, लघु उद्यम तथा अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से विकास की दृष्टि से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि विकास की मुख्यधारा से गांव का प्रत्येक परिवार जुड़े और स्थानीय स्तर पर ही आय के पर्याप्त साधन विकसित हों।

 

मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने मछली पालन से जुड़े हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

 

कार्यक्रम के दौरान मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण हितग्राहियों को मछली बीज का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाओं से उन्हें अपने गांव में ही आय का नया साधन प्राप्त हो रहा है।

 

कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर : राखी का बंधन, खुशियों का संसार, महतारी वंदन से मिला बहनों को संबल अपार राखी से पहले बहनों को मिला विष्णु भैया का उपहार, महतारी वंदन से कांति के चेहरे पर आई मुस्कान 30वीं किश्त ने बढ़ाया त्योहार का उत्साह, महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान का मजबूत आधार

रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले जब हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पेंड्रा निवासी श्रीमती कांति चंद्राकर के बैंक खाते में महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त की राशि पहुंची, तो उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से बहनों के लिए मिले स्नेह, सम्मान और संबल का उपहार है। कांति चंद्राकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया से बहनों को संबल मिला है।”

 

श्रीमती कांति चंद्राकर ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी सहूलियत होती है। इस बार रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से त्योहार की तैयारियां भी सहज हो गई हैं। उन्होंने बताया कि वह इस राशि से अपने भाई के लिए रक्षासूत्र खरीदेंगी और रक्षाबंधन की अन्य तैयारियां करेंगी। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व पर आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए खुशी को और बढ़ाने वाला है।

 

कांति चंद्राकर मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पति इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए उपयोगी आर्थिक सहारा बन रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पूर्व में प्राप्त राशि को बचाकर उन्होंने अपने लिए साड़ी और चांदी की पायल भी खरीदी थी। उन्होंने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं।

 

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

 

श्रीमती कांति चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं की खुशहाली और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि योजना की राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने का अवसर देती है और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को भी मजबूत बनाती है।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “राखी का यह पर्व मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि इस बार विष्णु भैया का उपहार पहले ही मिल गया है। महतारी वंदन की राशि ने मेरी खुशियों को दोगुना कर दिया है।”

 

राखी के धागे में विश्वास, बहनों के साथ सरकार का संबल

 

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। ऐसे अवसर पर महतारी वंदन योजना की किश्त का मिलना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ भावनात्मक खुशी का भी माध्यम बन रहा है। कांति चंद्राकर के लिए यह राशि राखी के धागे में जुड़े उस विश्वास की तरह है, जो परिवार की खुशियों और बेहतर भविष्य की उम्मीद को मजबूत करता है।

 

बहनों को खुशहाली का उपहार, विष्णु भैया की सरकार।

 

रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर कांति चंद्राकर की खुशी प्रदेश की उन अनेक महिलाओं की उम्मीदों और विश्वास को अभिव्यक्त करती है, जो महतारी वंदन योजना से जुड़कर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। उनके लिए राखी का यह पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह का उत्सव नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल की नई अनुभूति भी लेकर आया है।

रायपुर : ‘दवाईयों और पोषण की चिंता हुई कम, ‘मोर विष्णु भैया’ ल धन्यवाद’

 

 

कांकेर के अघन नगर की श्रीमती प्रेमलता शर्मा के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जीवन में बुढ़ापे का सहारा बनकर आई है। उन्हें अब तक योजना की 30 किस्तें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनका उपयोग वे अपने पोषण और दवाईयों की जरूरतों को पूरा करने में करती हैं।

 

श्रीमती प्रेमलता शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं। उनका बड़ा बेटा ज्योतिष और छोटा बेटा मैकेनिक हैं। उनके पति घर पर रहते हैं। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।

 

उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि से वे अपनी जरूरी दवाईयां और पोषण संबंधी जरूरतें पूरी कर पाती हैं। यह राशि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में संबल देती है। महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को स्नेहपूर्वक “मोर विष्णु भैया” ल बहुत-बहुत धन्यवाद कहा है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और बुढ़ापे में अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। श्रीमती प्रेमलता शर्मा जैसी अन्य माताओं के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक सहायता से बढ़कर सम्मान, आत्मनिर्भरता और भरोसे का संबल बन रही है।

रायपुर : नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के बाद बस्तर में विकास की नई गति : मुख्यमंत्री श्री साय

 

 

लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की दौड़ में पीछे रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। बस्तर की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर क्षेत्र के लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक श्री पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए चेन्नई के पत्रकारों के दल से चर्चा के दौरान यह बात कही।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्रकारों से छत्तीसगढ़ में विकास की बदलती तस्वीर, बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद तेज हुई विकास गतिविधियों, राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति, निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे विस्तार पर चर्चा की।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।

महासमुंद शासकीय उचित मूल्य दुकानों के नवीन आबंटन हेतु 31 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद शासकीय उचित मूल्य दुकानों के नवीन आबंटन हेतु 31 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद, 18 अगस्त 2026/ अनुविभाग पिथौरा अंतर्गत आदर्श महिला स्व-सहायता समूह अठारहगुड़ी द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान अठारहगुड़ी तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जाड़ामुड़ा द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान जबलपुर का समर्पण किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिथौरा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार एवं छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 9 के तहत उक्त समर्पित दुकानों का युक्तियुक्तकरण किया जाना है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत अठारहगुड़ी एवं जबलपुर में शासकीय उचित मूल्य दुकानों का नवीन आबंटन किया जाएगा।

उक्त दुकानों के संचालन के लिए विकासखंड में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुद्देशीय सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य उपभोक्ता सहकारी समितियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक संस्थाएं निर्धारित प्रपत्र-एक में आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन 31 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन अवधि में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पिथौरा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आबंटन छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

महासमुंद कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

महासमुंद कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

महासमुंद, 18 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

वर्तमान में बारिश की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों, एंटी-रेबीज वैक्सीन तथा अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में नागरिकों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। ग्राम पंचायतों में मुनादी करने एवं तटीय इलाकों में अनावश्यक नहीं जाने और पर्यटन स्थलों खासकर जल प्रपातों स्थलों में सावधानी पूर्वक पर्यटन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायतों में आपात स्थिति में खाद्य पदार्थों की व्यवस्था करने कहा गया है। बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने विभागों में आधार बेस्ड उपस्थिति की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों में ई-फाइल व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का वास्तविक स्थिति की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने समय-सीमा के भीतर लंबित शिकायतों का निराकरण करने तथा बार-बार आने वाली शिकायतों के स्थायी समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 1952 प्रकरणों का फीडबैक सहित निराकरण किया गया है तथा 733 प्रकरणों स्पेशल क्लोजर किया गया है। जिले में सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत अभी तक 5169 शिकायत प्राप्त हुए हैं।

कलेक्टर श्री लंगेह ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से शिविरों में उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें और मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्रवाई करें। उन्होंने आदि सेवा केन्द्रों में प्रत्येक सप्ताह शिविर आयोजित करने तथा शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने कहा। बैठक में विभिन्न प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित एवं अप्रारंभ कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे सभी कार्यों को प्राथमिकता से प्रारंभ करने तथा निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर श्री लंगेह ने ई-हॉस्पिटल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवश्यक डाटा का ऑनलाइन पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाना है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से ऑनलाइन डाटा अपडेट करें। उन्होंने एंटी-रेबीज एवं एंटी वेनम वैक्सीन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी आवश्यक स्वास्थ्य केन्द्रों में वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि कुत्ते अथवा अन्य पशुओं के काटने के मामलों में लोगों को तत्काल उपचार मिलना जरूरी है, इसलिए वैक्सीन की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल हुए मरीजों को निःशुल्क उपचार का लाभ दिलाने के लिए अस्पतालों में प्रकरण रजिस्टर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत मरीजों से किसी भी प्रकार की राशि लेना गंभीर अनियमितता मानी जाएगी। अस्पताल द्वारा मरीजों से पैसे लेने की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ मरीजों को समय पर उपचार और योजना का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस योजना के तहत अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज किया जाता है।

कलेक्टर ने जिले में बच्चों के आधार कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन बच्चों के आधार कार्ड अभी नहीं बने हैं, उनकी पहचान कर पंजीयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्कूलों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से पात्र बच्चों का आधार पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में वीबी राम जी योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों को निर्देश दिए कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के अंतर्गत कम से कम एक कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए एवं अधिक से अधिक संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की और अप्रारंभ आवास निर्माण कार्यों को प्रारम्भ कराते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही अस्वीकृत आवासों को स्वीकृत करने के निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों, डिजिटल क्रॉप सर्वे और स्वामित्व पट्टा वितरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वामित्व पट्टा से संबंधित कार्यों में भी आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूर्ण करने को कहा, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को योजना के संबंध में लोगों को जागरूक करने तथा आवेदन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा कलेक्टर ने न्यायालय के प्रकरणों का जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करने, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सरायपाली/ झंडारोहण के दौरान सरपंच पर छिड़का तुलसी जल, पंडित बुलाकर कराया मंत्रोच्चार; किसडी पंचायत में विवाद सचिव के कृत्य पर जातिगत भेदभाव के आरोप

सरायपाली/ झंडारोहण के दौरान सरपंच पर छिड़का तुलसी जल, पंडित बुलाकर कराया मंत्रोच्चार; किसडी पंचायत में विवाद सचिव के कृत्य पर जातिगत भेदभाव के आरोप,

सरायपाली/ ग्राम पंचायत किसडी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पंचायत की राजनीति के साथ सामाजिक माहौल को भी गरमा दिया है। पंचायत सचिव पृथ्वीराज भोई पर सरपंच के साथ जातिगत भेदभाव करने का आरोप लगा है। आरोप है कि झंडारोहण के दौरान सचिव ने सरपंच पर तुलसी मिला पानी छिड़का और इसके बाद पंडित को बुलाकर मंत्रोच्चार कराया गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

 

 

जानकारी के अनुसार 15 अगस्त को पंचायत भवन में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान सचिव द्वारा सरपंच पर तुलसी मिला पानी छिड़कने की घटना सामने आई। इसके बाद पंडित को बुलाकर मंत्रोच्चार कराया गया। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यह सब सरपंच की जाति को लेकर किया गया। हालांकि घटना की वास्तविक मंशा और परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

इस घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन एक सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक स्थान है। यहां निर्वाचित सरपंच के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

किसडी पंचायत में सचिव और सरपंच के बीच पहले से विवाद होने की बात भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन सरपंच अपना पद बचाने में सफल रहे। अब ग्रामीण इस पुराने विवाद को भी वर्तमान घटना से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि यह केवल ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा आरोप है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अधिकारियों से शिकायत, कार्रवाई की मांग

घटना के बाद सरपंच ने जिला कलेक्टर महासमुंद, पंचायत विभाग के अधिकारियों, एसडीएम तथा सरायपाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपने की जानकारी दी है। शिकायत में सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो पंचायत में विवाद और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि झंडारोहण कार्यक्रम के दौरान पूरा घटनाक्रम किस परिस्थिति में हुआ और लगाए गए आरोप कितने सही हैं।