महासमुन्द कवर्धा/ गांजा तस्कर से जाली नोटों का सौदागर बना आरोपी, पुलिस-आरोपी की सेटिंग से महकमे में खलबली 4 पुलिस कर्मचारीयों को सस्पेंड कर दिया गया है

महासमुन्द कवर्धा/ गांजा तस्कर से जाली नोटों का सौदागर बना आरोपी, पुलिस-आरोपी की सेटिंग से महकमे में खलबली 4 पुलिस कर्मचारीयों को सस्पेंड कर दिया गया है

महासमुंद/कवर्धा।
महासमुंद जिले में पुलिस और आरोपी की कथित सेटिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांजा तस्करी में पकड़ा गया आरोपी न सिर्फ नशीले पदार्थों की तस्करी करता था बल्कि जाली नोटों के धंधे में भी शामिल पाया गया है। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और चार आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।

दैनिक भास्कर मे छपी खबर के अनुसार आरोपी भीखम चंद्रवंशी (27), निवासी ग्राम मोहत्तर, थाना पांडातराई, जिला कबीरधाम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक (सीजी 07 बीएम 8370) पर ओडिशा से गांजा खरीदकर लौट रहा था। 5 सितंबर को पिथौरा पुलिस ने उसे 20 किलो गांजा सहित पकड़ा, लेकिन आरोप है कि उसने पुलिस से 60 हजार रुपये में सेटिंग कर ऑनलाइन भुगतान कर छूट प्राप्त कर ली।

दो दिन बाद जब आरोपी अपने गांव लौट रहा था, तो कबीरधाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। दशरंगपुर चौकी के पास तलाशी में उसके पास से 500-500 रुपये के 15 नकली नोट (कुल 7,500 रुपये) बरामद हुए। हालांकि गांजा नहीं मिला, लेकिन जांच में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क की जानकारी हाथ लगी।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लंबे समय से जाली नोटों का कारोबार कर रहा है। अब तक लगभग 50 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुका है। आरोपी ने 3 से 4 लाख रुपये तक के नकली नोट अलग-अलग जगहों पर खपाने की बात भी मानी। वह ओडिशा के सप्लायरों के संपर्क में आया था और वहीं से नकली नोटों का धंधा शुरू किया।

डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर (कवर्धा) ने बताया कि आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 179 और 180 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक पूछताछ में ओडिशा नेटवर्क की पुष्टि हुई है। जल्द ही पुलिस टीम ओडिशा रवाना होगी।

इस बीच, महासमुंद एसपी आशुतोष सिंह ने गांजा तस्कर को सेटिंग कर छोड़ने के आरोप में चार आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राशिफल विशेष, जहां आप पाएंगे आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल

राशिफल विशेष, जहां आप पाएंगे आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल

 

मेष 👉  अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।

वृषभ 👉 ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।

मिथुन 👉 का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा

कर्क 👉 ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी।

सिंह 👉 मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

कन्या 👉 ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

आज चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। माता को पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।

तुला👉 रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।

वृश्चिक  👉 तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी।

धनु, 👉 ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।

मकर 👉 भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।

कुंभ👉गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।

मीन 👉दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।

अब कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और उर्वरक हुए सस्ते; दूध-पनीर पर जीएसटी खत्म ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा – जीएसटी सुधारों से मजबूत होंगे खेत-खलिहान

अब कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और उर्वरक हुए सस्ते; दूध-पनीर पर जीएसटी खत्म ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा – जीएसटी सुधारों से मजबूत होंगे खेत-खलिहान

 

 

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्रेस वार्ता
जीएसटी की नई दरें और स्लैब से कृषि के क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर असर दिखाई देगा ।इससे विशेष कर छोटे और मंझौले किसानों को बहुत लाभ होगा, कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरें कम होने के कारण कृषि की लागत घटेगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। यह विचार केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में व्यक्त किये।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म-पोषक तत्वों पर GST घटाई गई है, जिससे किसानों को लाभ होगा। साथ ही रासायनिक उर्वरकों से जैव उर्वरकों की तरफ किसानों की प्रवृति निश्चित रूप से बढ़ेगी। डेयरी क्षेत्र में अब दूध और पनीर पर कोई GST नहीं होगा। इससे आम आदमी को तो लाभ होगा ही, साथ ही किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को भी फायदा मिलेगा।

आज अनंत चतुर्दशी का महापर्व है और गणपति बप्पा को हम विदाई देंगे। उनसे यही प्रार्थना है कि सुख-समृद्धि और ऋद्धि-सिद्धि देश की जनता की ज़िंदगी में आए।

जनता की ज़िंदगी बेहतर बने। इसके लिए प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में NDA की सरकार लगातार प्रयत्न कर रही है।

सरकार की कोशिश और प्रधानमंत्री जी के प्रयत्न हैं कि आम आदमी की ज़िंदगी में कठिनाइयाँ न रहें। लाल किले की प्राचीर से उन्होंने देश को ये कहा था कि GST में नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म लाए जाएंगे और वो रिफॉर्म जनता को बड़ी राहत लेकर आएंगे।

किसान और कृषि मंत्री के नाते मैं प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूँ। हमारा संकल्प है कि खेती में उत्पादन की लागत घटाना और उत्पादन बढ़ाना। उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी तो किसान का खेती में प्रॉफ़िट बढ़ेगा।

GST में जो सुधार किए गए हैं अगर उन्हें देखें तो उनका बड़ा लाभ देश के किसानों को मिलने वाला है। कुछ कंपनियों ने शुरू कर दिया है। कृषि उपकरण चाहे वो ट्रैक्टर हो, हार्वेस्टर, रोटावेटर हो, अलग-अलग तरह के जो GST घटाकर 5% की गई है वो किसान के लिए वरदान सिद्ध होगी।

हमारे देश के किसानों की जोत का आकार छोटा है। इसलिए हम कोशिश कर रहे हैं इंटीग्रेटेड फार्मिंग की मतलब खेती के साथ किसान खेती से जुड़े और एलाइड सेक्टर के बाकी काम कुछ न कुछ करे।

जैसे पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन, कृषि वानिकी, भेड़-बकरी पालन, पॉल्ट्री फार्म, अगर ओवरऑल आप देखेंगे तो पूरे सेक्टर में क्योंकि कृषि और पशुपालन तो एक-दूसरे के पूरक हैं। उस पर भी GST में जो छूट दी गई है वो भी हमारी खेती और किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी।

अगर इससे जुड़ा हुआ ग्रामीण क्षेत्र देखें। तो हस्तशिल्प, चमड़े का सामान, दूध उत्पाद के काम में व्यापक पैमाने पर महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप काम कर रहे हैं। जिन्होंने कई बहनों को लखपति दीदी बना दिया है। उनकी ज़िंदगी भी GST में इस छूट से और बेहतर होगी, आमदनी बढ़ेगी और लखपति दीदी के आंदोलन को भी नई ताकत मिलेगी।

अगर हम जीएसटी सुधारो को देखें तो एक उदाहरण के तौर पर कोई ट्रैक्टर अगर 9 लाख रुपए में आता था 9 लख रुपए में खरीदते थे तो अब किसान को 65 हजार रुपए की बचत उसपर होगी।

अगर ट्रैक्टर 35 एचपी का है जिसकी कीमत लगभग 5 लख 80 हजार रुपए होती थी तो एक ट्रैक्टर खरीदने पर 41 हजार रुपए की बचत होगी, 45 एचपी के ट्रैक्टर पर 45 हजार रुपए बचत होगी, 50 एचपी के ट्रैक्टर पर 53 हजार रुपए बचत होगी और 75 एचपी के ट्रैक्टर पर लगभग 63 हजार रुपए बचत होगी तो ट्रैक्टर पर ही अगर बचत देखें तो 25 हजार से लेकर 63 हजार रुपए तक की बचत किसानों को होगी।

डेरी क्षेत्र में अब दूध और पनीर पर कोई जीएसटी नहीं होगा इससे आम आदमी को तो लाभ होगा ही इसकी मांग भी बढ़ेगी और दूध खरीदकर डेरी उत्पाद तैयार करने वाले वो भी लाभ में रहेंगे और किसानों को भी सीधा जो दुग्ध उत्पादक, पशुपालक हैं उनको सीधा फायदा होगा।

मक्खन, घी इनपर जीएसटी कम की गई है तो निश्चित तौर पर यह स्वदेशी उत्पाद ज्यादा बिकना प्रारंभ होंगे दूध के डिब्बों पर भी जीएसटी घटाई गई है उसका लाभ भी डेरी क्षेत्र को मिलेगा और अगर डेरी क्षेत्र आगे बढ़ेगा तो सीधे किसान और पशुपालक आगे बढ़ेंगे।

कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर 12 जीव कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्व हैं माइक्रो न्यूट्रेंट उनपर भी जीएसटी घटाई गई है इससे प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को क्योंकि जैविक जो इनपुटस् हैं उनकी कीमत कम होगी तो उसमें लाभ होगा और रासायनिक उर्वरकों से जैव उर्वरकों की तरफ किसान के बढ़ने की प्रवृति निश्चित तौर पर बढ़ेगी।

फर्टिलाइजर पर भी जो अमोनिया सुल्फ़्यूरिक ऐसिड, नाइट्रिक ऐसिड इनपर भी 18% से घटाकर जीएसटी 5% की गई है यह कच्चा माल है जो उर्वरक तैयार करता है इससे भी निश्चित तौर पर इनकी कीमतें कम होगी तो किसानों को उसका भी लाभ होगा।

श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने कम की कृषि उपकरणों में जीएसटी दर 18% से कम कर 5% करने से से कृषि उपकरण और अन्य वस्तुएं सस्ती होंगी।

 

 

जैसे 35 एचपी ट्रैक्टर – पहले 6,50,000 रुपए , अब 6,09,000 रुपए (अनुमानित) , बचत 41,000 रुपए
45 एचपी ट्रेक्टर- पहले 7,20,000 रूपए, अब 6,75,000 रूपए, बचत 45,000 रू. 75 एचपी ट्रेक्टर- पहले 10,00,000 रूपए, अब 9,37,000 रूपए, बचत 63,000 रूपए 50 एचपी ट्रेक्टर- पहले- 8,50,000 रूपए, अब 7,97,000 रूपए, बचत 53,000 रूपए पावर टिलर 13 एचपी- पहले 20,357 रूपए, अब 8,482 रूपए, बचत 11,875 रूपए बहुफसली थ्रेशर – 4 टन- पहले 24,000 रूपए, अब 10,000 रू, बचत 14,000 रू.
धान रोपण यंत्र -(4 पंक्ति – वॉक बिहाइंड)- पहले 26,400 रूपए, अब 11,000, बचत 15,400 रूपए पावर वीडर – 7.5 एचपी- पहले 9,420 रू. अब 3,925 रू., बचत 5,495 रूपए सीड कम फर्टिलाइज़र ड्रिल – 11 टाइन- पहले 18,000 रू, अब 7,500 रू. बचत 10,500 रू.सीड कम फर्टिलाइज़र ड्रिल – 13 टाइन- पहले 5,520 रू. अब 2,300 रू. बचत 3,220 रू 14 फीट कटर बार- पहले 3,21,428 रू. अब 1,33,928 रू. बचत 1,87,500 रू. स्ट्रॉ रीपर – 5 फीट- पहले 37,500 रू, अब 15,625 रू, बचत 21,875 रू. हैप्पी सीडर – 10 टाइन- पहले 18,214 रू. अब 7,589 रू. बचत 10,625 रू. सुपर सीडर – 8 फीट- पहले 28,928 रू. अब 12,053 रू. बचत 16,875 रू. रोटावेटर – 6 फीट- पहले 13,392 रू. अब 5,580 रू. बचत 7,812 रू. स्क्वायर बेलर – 6 फीट- पहले 1,60,714 रू. अब 66,964 रू. बचत 93,750 रू. मल्चर – 8 फीट- पहले 19,821 रू. अब 8,258 रू. बचत 11,562 रू. ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर – 400 लीटर- पहले 16,071 रू. अब 6,696 रू. बचत 9,375 रूपए तक होगी।

 

पावर टिलर में इसकी अनुमानित क़ीमत बता रहा हूँ लेकिन मोटे तौर पर पावर टिलर 13 HP का लगभग 1 लाख 69 हज़ार 643 रुपए का आता है। उसमें 11 हज़ार 875 रुपए की लगभग बचत होगी।

धान के रोपण का जो यंत्र होता है वो 2 लाख 20 हज़ार रुपए का आता है। उसमें 15 हज़ार 400 रुपए की बचत होगी।

बहुफसलीय थ्रेशर जिससे अलग-अलग फसलें निकालते हैं। उस पर लगभग 14 हज़ार रुपए की बचत होगी।

पावर वीडर जो घास निकालता है, ज़मीन तैयार करता है 7.5 HP का इसमें 78 हज़ार रुपए के आस-पास आता है, इसमें 5 हज़ार 495 रुपए की बचत होगी।

सीड कम फर्टिलाइज़र ड्रिल 11 टाइन ये 1 लाख 50 हज़ार रुपए का आता है, इसमें लगभग 10 हज़ार 500 रुपए की बचत होगी।

सीड कम फर्टिलाइज़र ड्रिल – 13 टाइन ये 46 हज़ार रुपए का आता है, इसमें लगभग 3 हज़ार 200 रुपए से ज़्यादा की बचत होगी।

ऐसे ही 14 फीट कटर बार अगर हम कम्बाइन्ड हार्वेस्टर की बात करें, इसमें 1 लाख 87 हज़ार 500 की बचत होगी।

स्ट्रॉ रीपर – 3 लाख 12 हज़ार 500 रुपए का, 21 हज़ार 875 रुपए बचत होगी।

सुपर सीडर – 16 हज़ार 875 रुपए की बचत होगी, जो 2 लाख 41 हज़ार 71 रुपए का आता है।

हैप्पी सीडर – 10 टाइन का 1 लाख 51 हज़ार के आस-पास आता है, इसमें 10 हज़ार 600 के आस-पास बचत होगी।

मल्चर – जो पराली को काटकर ऊपर छोड़ता है, 1 लाख 65 हज़ार रुपए के आस-पास आता है, इसमें लगभग 11 हज़ार 500 रुपए की बचत होगी।

ऑटोमेटिक प्लांटर की बहुत ज़रूरत है ताकि बीज एक समान दूरी पर डाले जा सकें, कम ज़्यादा न हों बराबर डालें। ये 4 लाख 68 हज़ार 700 रुपए के आस-पास आता है, इस पर 32 हज़ार 800 रुपए के आस-पास की बचत होगी।

ऐसे ही हमने अलग-अलग चीज़ों के दाम निकाले हैं। क्योंकि 12% से 5% में क्या-क्या फ़ायदा होगा वो एकदम समझ में नहीं आता है, लेकिन ये जो किसानों की बचत है ये मैंने बताने का प्रयत्न किया है।

 

फल और सब्जियां अब जरूरी हो गया है कि इनकी वैल्यू एडीशन करें, प्रोसेसिंग करें इस प्रोसेसिंग पर भी तैयार संरक्षित सब्जियां, फल, मेवे इनपर भी जीएसटी घटाई गई है जिनका लाभ सीधे सीधे किसानों को मिलेगा।

कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग उसको भी इसका निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा ऐसे ही हमारे मछली उत्पादक किसान देश के बड़े हिस्से में मछली पालन का काम होता है केवल समुद्रों में नहीं अब तो खेतों में भी तालाब बनाकर व्यापक पेमाने पर मछली पालन का काम किया जा रहा है तो इसपर भी जो तैयार या संरक्षित मछली पर भी कर की दर कम की गई है उससे भी देशभर के जो मछली पालन के काम में किसान लगे हैं उनको लाभ होगा वैसे ही प्राकृतिक शहद पर भी जीएसटी कम होगा, शहद उत्पादक किसान उनको सीधा सीधा इसका लाभ मिलेगा।

एक और किसानों का लाभ है ऊर्जा आधारिक उपकरणों पर जीएसटी कम की गई है 12% से घटाकर 5% इससे सस्ते शोध आधारिक उपकरण वो और सस्ते होंगे क्योंकि किसान ऊर्जादाता भी बने इसका प्रयत्न भी चल रहा है शोध ऊर्जा के आधार पर तो उनको भी इसका लाभ मिलेगा वैसे ही ड्रिप इरीगेशन वगेरा उसपर भी जीएसटी कम की गई है तो जो पर ड्रॉप मोर क्रॉप के जो उपकरण हैं ड्रिप ए, स्प्रिंकलर उसपर भी जीएसटी कम की गई है वो और सस्ते हो जाएंगे और किसान की पहुंच में और आसानी से आएंगे तो किसान उनका भी इस्तेमाल करेगा तो पानी भी बढ़ेगा, पानी भी बचेगा, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों का प्रॉफ़िट बढ़ेगा।

ग्रामीण भारत के लिए सीमेंट, लोहा जो GST कम की गई है उसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान बनाना भी सस्ता हो जाएगा। क्योंकि सीमेंट, लोहे के दाम कम होंगे गरीब का घर बनाना भी आसान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जो इंफ्रा बनता है।

स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन, उनकी लागत भी निश्चित तौर पर कम हो जाएगी। सबसे बड़ा फ़ायदा अर्थव्यवस्था को जो होगा, आज देश जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, हमें हमारी अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करना है। इसलिए ये जो दाम कम होंगे, उससे निश्चित तौर पर मांग बढ़ेगी।

सुधार किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। नए प्रावधानों में कई तरह की छूट दी गई हैं, जो किसानों और लखपति दीदियों के लिए वरदान सिद्ध होंगी।

मांग बढ़ने से बाज़ार में और पैसा आएगा, उससे हमारी अर्थव्यवस्था भी निश्चित तौर पर मज़बूत होगी। इसलिए इन कदमों के लिए जिन्होंने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है, इन फैसलों के लिए मैं प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी को हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ।

इससे हमारी प्राकृतिक खेती, जैविक खेती को भी बल मिलेगा और विशेषकर इन्टीग्रेटेड फार्मिंग की तरफ हम देश को ले जाना चाहते हैं। ये केवल फल, सब्ज़ी या अनाज की खेती नहीं, उसके साथ बाकी कामों में भी किसान लगे उसको भी बल मिलेगा। इस क्रांतिकारी सुझाव के लिए प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद, वित्तमंत्री जी का आभार

CG News: सरगुजा क्षेत्र में फिर एक बांध टूटने से मची तबाही, कई एकड़ धान की फसल नष्ट

CG News: सरगुजा क्षेत्र में फिर एक बांध टूटने से मची तबाही, कई एकड़ धान की फसल नष्ट

अंबिकापुर : सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गेरसा में शनिवार सुबह वर्ष 1988 में निर्मित बांध का बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात से ही बांध में रिसाव शुरू हो गया था, लेकिन शनिवार सुबह लगभग नौ बजे बांध का मेड़ बह गया और पानी का तेज बहाव निकल पड़ा।

गनीमत रही कि बांध के निचले हिस्से में कोई बस्ती नहीं है, जिससे जनहानि की आशंका टल गई। हालांकि, इस हादसे में किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। बांध टूटने से करीब 25 से 30 एकड़ क्षेत्र में लगी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

बीते मंगलवार की रात बलरामपुर जिले में लुत्ती जलाशय टूटने की घटना हुई थी, जिसकी पीड़ा लोग भूल भी नहीं पाए थे कि गेरसा बांध के टूटने ने एक बार फिर से बांधों के रखरखाव की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संसाधन विभाग की अनदेखी और समय पर मरम्मत कार्य न होने के कारण ही यह स्थिति बनी।

मौके पर पहुंचे कलेक्टर

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विलास भोसकर मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों को बांध की मरम्मत और स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित किसानों को राहत दिलाने का आश्वासन भी दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि गेरसा जलाशय की क्षमता से अधिक पानी भरने और देखरेख में लापरवाही बरतने की वजह से बांध का एक हिस्सा टूटा है।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में भारी बारिश हुई है। जिस कारण सभी नदी-नाले और जलाशय लबालब भरे हुए हैं। ऐसे में पुराने हो चुके बांध रखरखाव के अभाव में नष्ट हो रहे हैं। जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है। लुत्ती जलाशय के हादसे में 7 लोगों की जान चली गई वहीं 50 से ज्यादा मवेशी मारे गए थे। वहीं अब इस बांध के टूटने से किसानों के धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों के लिए केंद्र सरकार से मिला पैसा, चार्जिंग व्यवस्था नहीं होने अटकी योजना

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों के लिए केंद्र सरकार से मिला पैसा, चार्जिंग व्यवस्था नहीं होने अटकी योजना

 

रायपुर: बसों के लिए केंद्र सरकार से धनराशि मिल चुकी है, परंतु चार्जिंग की व्यवस्था करने में विफलता ने इलेक्ट्रिक बस योजना को फंसा दिया है। पूरी प्रक्रिया में प्रदेश के अधिकारी ‘हाथी निकल गया, परंतु पूंछ अटक गया’ की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं।

शहरी विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक केवल 215 ई-बसें ही संचालित हो सकी हैं, जबकि पिछले पांच महीनों से टेंडर प्रक्रिया और अन्य तैयारियां अधूरी पड़ी हैं। वहीं ओडिशा में 450, पश्चिम बंगाल में 391 और आंध्र प्रदेश में 238 ई-बसें संचालित हो रही है और ये राज्य छत्तीसगढ़ से आगे निकल चुके हैं। देश में सर्वाधिक ई-बसें दिल्ली में 3,564, महाराष्ट्र में 3,296, कर्नाटक में 2,236 और उत्तरप्रदेश में 850 में चल रही हैं।

जारी रिपोर्ट में बताया गया कि पूरे भारत में 14,329 ई-बसें चल रही हैं। शीर्ष चार राज्य दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के बाद ओडिशा इन बड़े राज्यों से थोड़ा पीछे है। आने वाले वर्षों में 1,000 से अधिक ई-बस बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है।

290 चार्जिंग स्टेशन स्थापित

राज्य में करीब 290 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में लगभग 50 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, जबकि शेष 50 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन अन्य जिलों में हैं। सभी शोरूम या विक्रय स्थलों पर अनिवार्य रूप से चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए।

बढ़ाए जा रहे चार्जिंग प्वाइंट

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी और उपयोगिता को बढ़ावा देने विभिन्न स्थानों पर ई-वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना को लेकर पिछले महीने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों की मंत्रालय बैठक हुई थी। इस बैठक में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंपों और इलेक्ट्रिक वाहन विक्रेताओं से चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर जोर दिया गया।

जिन जिलों में चार्जिंग स्टेशन की संख्या कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना करने का काम चल रहा है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से विशेष उपाय किए गए हैं, जिनमें चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले हितग्राहियों को सब्सिडी प्रदान करने का प्राविधान शामिल है।

12 हजार बिके ई-वाहन लेकिन ई-चार्जिंग पर्याप्त नहीं

वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न कंपनियों द्वारा 12,617 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की गई है, जो राज्य की ई-वाहन नीति में निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। यह रुझान बताता है कि ई-वाहनों की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन मुख्य चुनौती पर्याप्त और सुलभ ई-चार्जिंग प्वाइंट की उपलब्धता बनी हुई है।

इस वर्ष राज्य सरकार ने रायपुर में 100, दुर्ग भिलाई और बिलासपुर में 50-50 और कोरबा में 40 कुल 240 ई-बस उतारने की योजना मंजूर करने के साथ ही 52.75 करोड़ रुपए नागरिक सुविधाओं और विद्युत संरचना के विकास के लिए स्वीकृत की है। अधिकारियों ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और अनुबंध शीघ्र ही दिए जाएगे,जो अब तक नहीं हो पाया है।

ई-कार के लिए रायपुर से अंबिकापुर, जगदलपुर समेत अन्य शहरों तक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। प्रत्येक 40-40 किलोमीटर में यह व्यवस्था होनी चाहिए। खासकर पेट्रोल पंपों में स्थापित करने को कहा गया है। वहीं रायपुर नगर निगम ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बना रहा है।

-डी.रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

छत्तीसगढ़/ बच्चों की जान से खिलवाड़! स्कूल के खाने में नजर आए कीड़े, प्रिंसिपल को मिला नोटिस

छत्तीसगढ़/ बच्चों की जान से खिलवाड़! स्कूल के खाने में नजर आए कीड़े, प्रिंसिपल को मिला नोटिस

 

रायगढ़ सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।

ताजा मामला घरघोड़ा विकासखंड के संकुल केंद्र टेरम स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। यहां आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारी को मध्याह्न भोजन में कीड़े मिले हैं। मामले में बीईओ ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

प्रिंसिपल को मिला नोटिस

टेरम स्कूल के प्राचार्य किशोर देवांगन पर यह आरोप है कि उनकी सीधी निगरानी में बच्चों को गंदा भोजन परोसा जा रहा था। यह आचरण न सिर्फ घोर लापरवाही है बल्कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का भी खुला उल्लंघन है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन द्वारा समय-समय में जारी साफ-सफाई, सावधानी एवं सतर्कता बरतने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों को रसोईयों एवं स्व सहायता समूहों को आपके द्वारा निर्देशित नहीं किया गया।

इससे प्रतीत होता है कि बच्चों के सेहत का कोई ख्याल नहीं रखते हुए बिना साफ-सफाई कर भोजन तैयार किया जा रहा है तथा अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरती जा रही है जो कि छ०ग० सिविल सेवा आचरण अधिनियम-1965 के नियम-3 के विपरीत है। इस कृत्य के लिए क्यों न वरिष्ठ कार्यालय को आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया जाए।

बहरहाल तीन दिवस के भीतर शालेय कार्यावधि के पश्चात अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वतः उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण अनिवार्यतः प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिए है। वहीं, स्पष्टीकरण संतोषजनक स्थिति नहीं पाये जाने पर आगामी माह का वेतन लंबित रखते हुए खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं के निर्देश से मचा हड़कंप

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कई तथ्यों का उल्लेख किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की इस सख्त चेतावनी और निर्देश से अन्य स्कूलों के प्रचार्य एवं प्रधान पाठकों में हड़कंप मच गया है। वही देखना यह भी होगा कि इस निर्देश और सख्ती बातों का कितना असर पड़ता है।

क्या कहते हैं विकासखंड शिक्षा अधिकारी

इस विषय मे जानकारी लेने जब हमने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह से बच्चों के खाने में कीड़े निकलने पर उनके द्वारा जारी नोटिस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मेरे ध्यान में नही है,अभी थोड़ा व्यस्त हूं।

सरकारी स्कूल में ससुर की जगह बच्चों को पढ़ा रहा दामाद, बिलासपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

सरकारी स्कूल में ससुर की जगह बच्चों को पढ़ा रहा दामाद, बिलासपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

 

बिलासपुर कोटा ब्लाक के बेलगहना क्षेत्र का आमागार प्राथमिक स्कूल में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। यहां लकवा ग्रस्त शिक्षक शंकर सिंह कंवर की जगह उनका दामाद बीते तीन सालों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। आरोप यह भी है कि दामाद अकसर शराब पीकर स्कूल पहुंचता है। यह चौंकाने वाला मामला शिक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

बीईओ ने झाड़ा पल्ला

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। जिन बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी योग्य शिक्षक की थी, वहां शराबी दामाद पढ़ा रहा है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है। मामला खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तक पहुंचा तो उन्होंने केवल आकर देखता हूं कहकर पल्ला झाड़ लिया।

ग्रामीणों ने लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग शिकायतों को दबाने और औपचारिक नोटिस थमाकर मामले को रफा-दफा करने का आदी हो चुका है। अधिकांश सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं, क्योंकि उन्हें खुद सरकारी शिक्षा की सच्चाई पता है। अब बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा विभाग कब तक इस तरह की लापरवाहियों को नजरअंदाज करता रहेगा और बच्चों का भविष्य बिगाड़ता रहेगा।

महासमुंद: डर दिखाकर आरटीओ चालान में धोखाधड़ी, परिवहन विभाग ने की जागरूक रहने की अपील

छत्तीसगढ़ राज्य में हाल के दिनों में ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक नया तरीका तेजी से सामने आ रहा है। यह तरीका लोगों के मोबाइल पर आने वाले नकली आरटीओ ई-चालान संदेशों से जुड़ा है। धोखेबाज़ ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर लोगों को डरा रहे हैं और मोबाइल पर ऐसे संदेश भेज रहे हैं, जिनमें लिंक या संदिग्ध एप्लीकेशन (apk फाइल) शामिल होती है। लोग जैसे ही इन लिंक पर क्लिक करते हैं, उनके मोबाइल फोन से निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड तक चोरी कर लिए जाते हैं। इसके बाद उनके खाते से पैसे गायब होने लगते हैं।

कैसे हो रही है धोखाधड़ी?परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठग सबसे पहले यादृच्छिक मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजते हैं। इनमें यह लिखा होता है कि आपके खिलाफ ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ई-चालान जारी किया गया है। मैसेज में एक लिंक दिया जाता है और कहा जाता है कि चालान भरने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। कुछ मामलों में तो नकली आरटीओ लोगो लगाकर ऐसे मैसेज भेजे गए, जिससे यह वास्तविक लगने लगे।

जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में एक फर्जी ऐप या वेबसाइट खुलती है। वहां पर चालान की जानकारी डालने के बहाने उनसे बैंक अकाउंट, यूपीआई आईडी या डेबिट/क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगी जाती है। एक बार जानकारी भरने के बाद, उनके खाते से पैसे तुरंत ट्रांसफर कर लिए जाते हैं।

विभाग ने दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी चालान से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध है:
👉 https://echallan.p arivahan.gov.in

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक ई-चालान भरने के लिए किसी अनजान लिंक या ऐप की आवश्यकता नहीं होती। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और सीधे सरकारी पोर्टल पर ही होती है।

असली चालान की जानकारी कैसे देखें?

1. सबसे पहले echallan.parivah an.gov.in वेबसाइट पर जाएं।

2. “पे ऑनलाइन” विकल्प पर क्लिक करें।

3. अपना चालान नंबर और कैप्चा डालें।

4. आपके पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी आएगा।

5. ओटीपी डालने के बाद आप अपने चालान का पूरा विवरण देख सकते हैं और वहीं से सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।

 

जनता के लिए विशेष अपील

विभाग ने नागरिकों से कहा है कि—

किसी भी संदिग्ध लिंक या एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें।

अनजान व्यक्ति या कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी कभी न साझा करें।

वास्तविक ई-चालान की सूचना केवल विभाग की आधिकारिक एसएमएस सेवा से ही मिलती है, किसी निजी नंबर से नहीं।

अगर कोई संदिग्ध संदेश, कॉल या ऐप प्राप्त होता है तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।

साइबर अपराध बढ़ते खतरे

विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट साक्षरता की कमी के कारण वहां के लोग इन धोखेबाज़ों के निशाने पर ज्यादा रहते हैं। वहीं शहरों में भी कई लोग जल्दबाजी या डर की वजह से लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं।

पुलिस विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ऐसे मामलों में नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। एक क्लिक से आपकी मेहनत की कमाई गायब हो सकती है, इसलिए हर कदम पर सतर्क रहें।

निष्कर्ष

नकली ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चिंता का विषय बन चुकी है। सरकार और परिवहन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। असली चालान की जानकारी और भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही संभव है। यदि लोग थोड़ी सतर्कता बरतें और संदिग्ध संदेशों से दूरी बनाए रखें, तो इस तरह की ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

CG Crime: 50 लाख रुपये की लालच में बुजुर्ग दंपती को बनाया बंधक, विरोध करने पर पति की हत्या

CG Crime: 50 लाख रुपये की लालच में बुजुर्ग दंपती को बनाया बंधक, विरोध करने पर पति की हत्या

 

छत्तीसगढ़ : धमतरी घर में रखे नकद व जेवरात को लूटने से मना करने पर बुजुर्ग की चाकू मारकर हत्या करने वाले 6 नकाबपोश आरोपी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लूट के जेवरात व नकदी तथा हत्या करने उपयोग किए औजार को जब्त कर सभी के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार लुटेरों ने घर में 50 लाख रुपये नकद होने की आशंका पर लूट की इस घटना को अंजाम दिया है। बंधक बनाने के दौरान मृतक व उनकी पत्नी से सभी आरोपी इस राशि की मांग लगातार कर रहे थे। अर्जुनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक सितंबर की रात ग्राम भानपुरी निवासी कृतराम साहू अपनी पत्नी के साथ घर में सो रहे थे, तभी रात करीब दो बजे तीन अज्ञात नकाबपोश आरोपी घर में पीछे की ओर से घुसे और सबसे पहले सो रहे बुजुर्ग पति-पत्नी को बंधक बना लिया।

फिर आरोपियों ने घर के आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, नगद पांच हजार रुपये व मोबाइल लूट लिया। इस घटना का जब कृतराम साहू ने विरोध किया, तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर कृतराम साहू की दर्दनाक हत्या कर दी। हमला से मौके पर ही कृतराम साहू की मौत हो गई और सभी ने घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

रश्मि साहू की रिपोर्ट पर पुलिस ने थाना अर्जुनी में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर हत्यारों को ढूंढने में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने विशेष पुलिस टीम बनी, लेकिन घटना व आसपास सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, ऐसे में इस घटना से पर्दा उठाना पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन वैज्ञानिक पद्धति से की गई जांच ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचा दिया। मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर छह आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना को अं जाम देना स्वीकार किया।

सभी आरोपी आसपास गांवों के

गिरफ्तार आरोपियों में धनराज यादव 22 वर्ष ग्राम भठेली, हुपेन्द्र बांधे 18 वर्ष 11 माह ग्राम भठेली, चेतन कुमार साहू 19 वर्ष ग्राम भठेली, कलेश्वर ध्रुव 22 वर्ष ग्राम कचना, हेमसागर मंडावी 20 वर्ष ग्राम गुजरा, हाल संतोषी नगर रायपुर और सोमप्रकाश देवांगन 36 वर्ष ग्राम कुर्रा शामिल है। आरोपियों के पास से पुलिस ने जेवरात, नकदी, मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त चाकू, कपड़ा, जूता और बाइक को जब्त किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

CG PDS Scam: 600 करोड़ के घोटाले में हटाए गए अतिरिक्त संचालक, 10 जिलों में चावल की कालाबाजारी

CG PDS Scam: 600 करोड़ के घोटाले में हटाए गए अतिरिक्त संचालक, 10 जिलों में चावल की कालाबाजारी

 

रायपुर: खाद्य विभाग में वर्ष 2021 से 2023 के बीच करीब 600 करोड़ रुपये का चावल घोटाला सामने आया है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए खाद्य संचालनालय के अतिरिक्त संचालक राजीव कुमार जायसवाल को पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें खाद्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है।

इसकी पुष्टि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. सुभाष राज सिंह ने की है। यह जानकारी खाद्य संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री निवास को भेजे गए पत्र के जरिए दी गई। हमर संगवारी संस्था के अध्यक्ष राकेश चौबे ने 8 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घोटाले की जांच को प्रभावित करने वाले अधिकारियों को हटाने की मांग की थी। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए जायसवाल को संचालनालय से मुक्त किया गया।

👉दिए गए थे प्रमाणित दस्तावेज

राकेश चौबे ने बताया कि विधानसभा जांच समिति को उन्होंने प्रमाणित दस्तावेज सौंपे हैं। सबसे बड़ा सबूत यह है कि खुले बाजार से बोगस चावल खरीदकर राशन कार्डधारियों को बांटा गया, जबकि गुणवत्ता वाला चावल भेजने के लिए केवल नागरिक आपूर्ति निगम अधिकृत है।

👉विधानसभा में बड़ा खुलासा

विधानसभा में तारांकित प्रश्न क्रमांक 58 के जवाब में खाद्य विभाग ने जानकारी दी कि 10 जिलों में 4,63,319 क्विंटल चावल काले बाजार में बेचा गया। इसकी बाजार कीमत करीब 128.09 करोड़ रुपये है।

पीडीएस चावल घोटाले में कोरबा जिला सबसे आगे रहा। यहां 4,669.56 टन चावल, जिसकी कीमत 16.59 करोड़ रुपये है, कालाबाजार में खपा दिया गया। इसमें 298 राशन दुकानों की संलिप्तता सामने आई। इनमें से 50 दुकानों का निलंबन, 31 का निरस्तीकरण और केवल 31 दुकानों से राजस्व वसूली का नोटिस जारी किया गया।