Sunday, February 22, 2026
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महासमुंद: डर दिखाकर आरटीओ चालान में धोखाधड़ी, परिवहन विभाग ने की जागरूक रहने की अपील

छत्तीसगढ़ राज्य में हाल के दिनों में ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक नया तरीका तेजी से सामने आ रहा है। यह तरीका लोगों के मोबाइल पर आने वाले नकली आरटीओ ई-चालान संदेशों से जुड़ा है। धोखेबाज़ ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर लोगों को डरा रहे हैं और मोबाइल पर ऐसे संदेश भेज रहे हैं, जिनमें लिंक या संदिग्ध एप्लीकेशन (apk फाइल) शामिल होती है। लोग जैसे ही इन लिंक पर क्लिक करते हैं, उनके मोबाइल फोन से निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड तक चोरी कर लिए जाते हैं। इसके बाद उनके खाते से पैसे गायब होने लगते हैं।

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कैसे हो रही है धोखाधड़ी?परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठग सबसे पहले यादृच्छिक मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजते हैं। इनमें यह लिखा होता है कि आपके खिलाफ ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ई-चालान जारी किया गया है। मैसेज में एक लिंक दिया जाता है और कहा जाता है कि चालान भरने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। कुछ मामलों में तो नकली आरटीओ लोगो लगाकर ऐसे मैसेज भेजे गए, जिससे यह वास्तविक लगने लगे।

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जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में एक फर्जी ऐप या वेबसाइट खुलती है। वहां पर चालान की जानकारी डालने के बहाने उनसे बैंक अकाउंट, यूपीआई आईडी या डेबिट/क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगी जाती है। एक बार जानकारी भरने के बाद, उनके खाते से पैसे तुरंत ट्रांसफर कर लिए जाते हैं।

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विभाग ने दी चेतावनी

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छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी चालान से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध है:
👉 https://echallan.p arivahan.gov.in

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विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक ई-चालान भरने के लिए किसी अनजान लिंक या ऐप की आवश्यकता नहीं होती। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और सीधे सरकारी पोर्टल पर ही होती है।

असली चालान की जानकारी कैसे देखें?

1. सबसे पहले echallan.parivah an.gov.in वेबसाइट पर जाएं।

2. “पे ऑनलाइन” विकल्प पर क्लिक करें।

3. अपना चालान नंबर और कैप्चा डालें।

4. आपके पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी आएगा।

5. ओटीपी डालने के बाद आप अपने चालान का पूरा विवरण देख सकते हैं और वहीं से सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।

 

जनता के लिए विशेष अपील

विभाग ने नागरिकों से कहा है कि—

किसी भी संदिग्ध लिंक या एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें।

अनजान व्यक्ति या कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी कभी न साझा करें।

वास्तविक ई-चालान की सूचना केवल विभाग की आधिकारिक एसएमएस सेवा से ही मिलती है, किसी निजी नंबर से नहीं।

अगर कोई संदिग्ध संदेश, कॉल या ऐप प्राप्त होता है तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।

साइबर अपराध बढ़ते खतरे

विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट साक्षरता की कमी के कारण वहां के लोग इन धोखेबाज़ों के निशाने पर ज्यादा रहते हैं। वहीं शहरों में भी कई लोग जल्दबाजी या डर की वजह से लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं।

पुलिस विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ऐसे मामलों में नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। एक क्लिक से आपकी मेहनत की कमाई गायब हो सकती है, इसलिए हर कदम पर सतर्क रहें।

निष्कर्ष

नकली ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चिंता का विषय बन चुकी है। सरकार और परिवहन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। असली चालान की जानकारी और भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही संभव है। यदि लोग थोड़ी सतर्कता बरतें और संदिग्ध संदेशों से दूरी बनाए रखें, तो इस तरह की ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

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