रायपुर : सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिल रहा खाद और बीज

रायपुर : सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिल रहा खाद और बीज

मुख्यमंत्री ने समय पर आपूर्ति के दिए निर्देश

राज्य में खरीफ फसल का सीजन प्रारंभ हो चुका है और किसान खेतों में सक्रिय हो गए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को खाद और बीज की आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे निश्चिंत होकर कृषि कार्य कर सकें।

राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए जा रहे निर्णयों से खेती के प्रति किसानों में नया उत्साह देखा जा रहा है। सरकार ने प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से बीज और खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की है। साथ ही अल्पकालिक ऋण की सुविधा भी किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में आसानी हो रही है।

किसानों को अब केवल धान फसल तक सीमित न रखते हुए दलहन, तिलहन और मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा बढ़ावा देने कहा गया। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार अब इन फसलों की बुआई करने वाले पंजीकृत किसानों को भी कृषक उन्नति योजना का लाभ मिलेगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे खेती की विविधता बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत होंगे।

सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर जिले के तपकरा, कांसाबेल, चोंगरीबहार और कुनकुरी स्थित सहकारी समितियों में किसानों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में किसानों ने समितियों से खाद और बीज का उठाव किया। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि की रफ्तार तेज हुई है और किसान संतुष्टि के साथ बुआई की दिशा में अग्रसर हैं।

राज्य सरकार के इन प्रयासों से यह स्पष्ट हो रहा है कि खेती को समृद्ध और टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस कार्य किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बन सके।

 

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका से वाटर वुमेन सुश्री पाठक ने की सौजन्य भेंट

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका से वाटर वुमेन सुश्री पाठक ने की सौजन्य भेंट

नदियों के किनारे 25 लाख पौधे लगाएं

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में वाटर वुमेन और पंचतत्व फाउंडेशन नोएडा (उ.प्र) की संस्थापक सुश्री शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। सुश्री पाठक ने बताया कि उन्होंने आयोध्या से रामेश्वरम तक पद यात्रा की है साथ ही गोमती एवं सरयू नदी के उद्गम से लेकर समागम तक यात्रा कर 25 लाख पौधे नदियों के किनारे लगाए और नदियों की सफाई के लिए लोगों को जागरूक किया। इस अभियान में उनके साथ 15 लाख लोग जुड़े हुए है। छत्तीसगढ़ में भी यह अभियान चलाया जाएगा जिसमें विद्यार्थियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थानों को जोड़ा जाएगा।

श्री डेका ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्याे की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने भी राज्यपाल को सिंदूर का पौधा भेंट किया।

इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्य प्रोफेसर श्री हरिशंकर सिंह उपस्थित थे।

 

रायपुर : खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, उठाव जारी

रायपुर : खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, उठाव जारी

कलेक्टर ने किया भंडारण व वितरण व्यवस्था का निरीक्षण

खरीफ सीजन 2025 के अंतर्गत जिले में कृषि गतिविधियाँ पूरे जोर पर हैं। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में खरीफ फसलों की बोनी लगभग पूर्ण हो चुकी है और अब धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। ऐसे में कृषकों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर तथा कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के मार्गदर्शन में खाद-बीज की आपूर्ति, भंडारण और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंजीकृत किसानों को सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए, जिससे खेती-किसानी में किसी प्रकार की बाधा न आए।

जिले में वर्तमान में डीएपी खाद की मांग अधिक है, किंतु सीमित आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए इसके विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) और एनपीके (NPK) खाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन विकल्पों को लोकप्रिय बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा समितियों में प्रचार-प्रसार हेतु बैनर व पोस्टर लगाए गए हैं।

अब तक जिले की सहकारी समितियों में कुल 22,281 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के खाद की आपूर्ति हुई है, जिसमें से 18,125 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। वर्तमान में 2134 मी.टन SSP और 564 मी.टन एनपीके खाद समितियों एवं डबल लॉक में उपलब्ध हैं।

बीज वितरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। खरीफ 2025 के लिए 6090 क्विंटल बीज का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके विरुद्ध 6201 क्विंटल बीज का भंडारण कर सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को वितरण किया गया।

कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कृषकों से अपील की है कि समितियों में उपलब्ध खाद-बीज का शीघ्र उठाव करें और उन्नत कृषि के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में SSP एवं NPK खाद का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त करें।

 

रायपुर : जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है खाद व बीज

रायपुर : जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है खाद व बीज

 

किसानों को 28 हजार 260 मेट्रिक टन से अधिक खाद का किया गया वितरण

किसान पंकज कुमार ने कहा समय पर खाद बीज मिलने खेती कार्य में हो रही सुविधा

जिले में लगातार हो रही बारिश के साथ ही कसानों के खरीफ फसलों की बुआई का कार्य जोरों पर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा किसानों की मांग के अनुसार सहकारी समितियों में खाद व बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सेवा सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया, पोटाश और गुणवत्तापूर्ण बीजों का भंडारण एवं वितरण का कार्य निरंतर रूप से किया जा रहा है। जिले के किसानों द्वारा अब तक 23015.80 क्विंटल बीज तथा 28260 मेट्रिक टन उर्वरक का उठाव कर लिया गया है। सहकारी समितियों में यूरिया, डी.ए.पी, पोटाश, एन.पी.के. सिंगल सुपर फास्फेट, नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी. आदि का भण्डारण निरंतर किया जा रहा है तथा किसानों की मंाग के अनुरूप सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण किया जा रहा है।

जिलेे के सेवा सहकारी समिति सांकरा ज. के किसान श्री पंकज कुमार देशमुख ने बताया कि उन्हें समिति से पर्याप्त मात्रा में बीज व खाद प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि सेवा सहकारी समिति सांकरा ज. से उन्होंने अपनी फसल के लिए 09 बोरी डीएपी और 09 बोरी युरिया लिया है। पंकज कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज मिलने से वह अब अपने खेती के कार्य को बेहतर तरीके से कर सकेगा। उसने कहा कि समय पर संसाधन उपलब्ध होने से फसल उत्पादन में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। किसान श्री पंकज देशमुख ने शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान हितैषी योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, 21 क्विंटल धान की खरीदी से हम किसानों के जीवन में काफी बदलाव आया है, जिससे किसान काफी सशक्त हुए हैं।

 

महासमुंद/पटेवा ट्रक कंटेनर ने कार को पीछे से मारी टक्कर 

महासमुंद/पटेवा ट्रक कंटेनर ने कार को पीछे से मारी टक्कर

थाना पटेवा जिला ग्राम झलप में मेरी छड़-सीमेन्ट की दुकान है । दिनांक 03.07.2025 को मैं अपनी कार क्रमांक CG 06 GE 9510 में झलप से महासमुंद आ रहा था कि सुबह करीबन 11.00 बजे NH 53 रोड कृष्णा ढाबा के सामने पहुंचा था कि पीछे से आ रही अज्ञात कंटेनर ट्रक के चालक द्वारा अपनी वाहन को तेजी एवं लापरवाही पूर्वक चलाकर मेरे कार को पीछे से ठोकर मारकर एक्सीडेन्ट कर दिया । एक्सीडेन्ट से कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है । मुझे किसी प्रकार की चोट नही आई व किसी प्रकार की कोई जनहानि नही हुई है । घटना की रिपोर्ट करता हूं, धारा 281-BNS के तहत कार्यवाही किया जाए ।

सरायपाली/ग्राम लिमऊगुडा में अवैध रूप से शराब पीने पिलाने की व्यवस्था करते आरोपी पकड़ाए रिपोर्ट दर्ज

सरायपाली/ग्राम लिमऊगुडा में अवैध रूप से शराब पीने पिलाने की व्यवस्था करते आरोपी पकड़ाए रिपोर्ट दर्ज

 

 

थाना सरायपाली में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हूं कि आज दिनांक 03/07/2025 को हमराह आरक्षक 867, 53 को साथ लेकर अवैध शराब रेड कार्यवाही एवं जुर्म जरायम पतासाजी हेतु स्वयं के वाहन से मय विवेचना कीट के देहात रवाना हुआ था कि दौरान जरिये मुखबीर सूचना मिला कि ग्राम लिमऊगुडा पुल के पास एक व्यक्ति लोगों को शराब पिलाने का अवैध साधन उपलब्ध करा रहा है कि सूचना तस्दीक पर ग्राम बैदपाली से गवाह केशव चौहान एवं रामेश्वर सिन्हा को धारा 179 BNSS का नोटिस देकर साथ लेकर मुखबीर द्वारा बताये गये स्थान ग्राम लिमऊगुडा पुल के पास जाकर रेड कार्यवाही किये शराब पीने वाले पुलिस को देखकर भाग गये । एक व्यक्ति को पकड़े जो नाम पता पूछने पर अपना नाम परस राम निषाद पिता स्व दाऊराम निषाद उम्र 58 वर्ष साकिन लिमऊगुडा थाना सरायपाली जिला महासमुंद छ0ग0 का होना बताया एवं लोगो को अवैध रूप से शराब पिलाना स्वीकार किया । लोगो को शराब पीने पिलाने के संबंध में धारा 94 BNSS का नोटिस तामिल किया गया नोटिस में कोई वैध कागजात नहीं होना बताया । गवाहो के समक्ष परस राम के कब्जे से 02 नग देशी प्लेन शराब 180 ML वाली का खाली शीशी जिसमें शराब का कुछ अंश है एवं 02 नग खाली डिस्पोजल गिलास जिसमें शराब का गंध आ रही है को समक्ष गवाहन के मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्तश किया गया । आरोपी परस राम निषाद का कृत्य अपराध धारा 36(C) आबकारी एक्ट का अपराध घटित करने पाये जाने पर आज दिनांक 03/07/2025 के 12/20 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया एवं अपराध जमानतीय होने से सक्षम जमानतदार पेश करने पर जमानत मुचलका में रिहा किया बाद हमराह स्टाफ एवं गवाहन के वापस स्टेशन आकर आरोपी के खिलाफ धारा 36(C) आबकारी एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।

श्री पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं।एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।

इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।

प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।

इस संबंध में जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।

छत्तीसगढ़: किसानों के लिए खुशखबरी, डीएपी की जगह सरकार ने एनपीके और एसएसपी की व्यवस्था की!

छत्तीसगढ़: किसानों के लिए खुशखबरी, डीएपी की जगह सरकार ने एनपीके और एसएसपी की व्यवस्था की!

देश में डीएपी खाद के आयात में कमी के चलते चालू खरीफ सीजन में राज्य में डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने का वैकल्पिक मार्ग छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाल लिया है। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत के चलते परेशान होने की जरूरत नहीं है। डीएपी के बदले किसानों को भरपूर मात्रा में इसके विकल्प के रूप में एनपीके और एसएसपी खाद की उपलब्धता सोसायटियों के माध्यम सुनिश्चित की जा रही है। डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एनपीके (20:20:013) और एनपीके (12:32:13) के वितरण लक्ष्य में 3.10 लाख मेट्रिक टन तथा एसएसपी के वितरण लक्ष्य में 1.80 लाख मेट्रिक टन की वृद्धि करने के साथ ही इसके भण्डारण एवं वितरण की भी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है। एनपीके और एसएसपी के लक्ष्य में वृद्धि होने के कारण चालू खरीफ सीजन में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण लक्ष्य 14.62 लाख मेट्रिक टन से 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे-एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इस पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

चालू खरीफ सीजन में 14.62 लाख मेट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य कृषि विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था, जिसमें यूरिया 7.12 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3.10 लाख मेट्रिक टन, एनपीके 1.80 लाख मेट्रिक टन, एमओपी 60 हजार मेट्रिक टन, एसएसपी 2 लाख मेट्रिक टन शामिल था। डीएपी के कमी को देखते हुए कृषि विभाग ने इस लक्ष्य को संशोधित किया है। डीएपी की आपूर्ति की कमी चलते इसके लक्ष्य को 3.10 लाख मेट्रिक टन से कमकर 1.03 लाख मेट्रिक टन किया गया है, जबकि एनपीके के 1.80 लाख मेट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 4.90 लाख मेट्रिक टन और एसएसपी के 2 लाख मेट्रिक टन को बढ़ाकर 3.53 लाख मेट्रिक टन कर दिया गया है। यूरिया और एमओपी के पूर्व निर्धारित लक्ष्य को यथावत् रखा गया है। इस संशोधित लक्ष्य के चलते रासायनिक उर्वरकों के वितरण की मात्रा 14.62 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर अब 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गई है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि डीएपी की कमी को अन्य उर्वरकों के निर्धारित मात्रा का उपयोग कर पूरी की जा सकती है और फसल उत्पादन बेहतर किया जा सकता है। फसलों के लिए जरूरी पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश सहित मात्रा में मिले तो उपज में कोई कमी नहीं आती है। डीएपी की कमी को देखते हुए किसानों को अन्य फॉस्फेट खादों के उपयोग की सलाह दी है। डीएपी के प्रत्येक बोरी में 23 किलोग्राम फॉस्फोरस और 9 किलोग्राम नाइट्रोजन होता है। इसके विकल्प के रूप में तीन बोरी एसएसपी और एक बोरी यूरिया का उपयोग करने से पौधों को पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस, कैल्सियम, नाइट्रोजन और सल्फर मिल जाता है। एसएसपी उर्वरक पौधों की वृद्धि के साथ-साथ जड़ों के विकास में भी सहायक है, इसके उपयोग से फसल की क्वालिटी और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। डीएपी की कमी को दूर करने के लिए किसान जैव उर्वरकों का भी उपयोग कर सकते हैं।

महासमुंद / कारखाना प्रबंधन एवं संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। संयुक्त टीम द्वारा निर्माणाधीन पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज का किया गया निरीक्षण

संयुक्त टीम द्वारा निर्माणाधीन पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज का किया गया निरीक्षण
महासमुंद, 03 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में संयुक्त टीम द्वारा आज बेलटुकरी स्थित निर्माणाधीन पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता श्री बी.के. पाण्डेय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक श्री मनीष कुंजाम, एवं नापतौल विभाग के श्री सिद्धार्थ दुबे शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों की पुष्टि हेतु दस्तावेजों की जांच की गई तथा प्रबंधन को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि कारखाने में अन्य राज्यों से आए लगभग 100 श्रमिक कार्यरत हैं, जिनकी सूची नाम-पता सहित श्रम विभाग को प्राप्त हुई है। हालांकि, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त) अधिनियम 1996 के अंतर्गत श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र तथा संबंधित रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके लिए कारखाना प्रबंधन एवं संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग बलौदाबाजार द्वारा निरीक्षण में पाया गया कि कुछ श्रमिक बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के कार्यरत हैं, जिस पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में चूंकि कारखाना निर्माणाधीन है, इसलिए किसी प्रकार की माप तौल संबंधी अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं खनिज विभाग की रिपोर्ट में उद्योग द्वारा खनिज अधिनियम या नियमों का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया है।
निरीक्षण के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि भारी वाहनों के आवागमन व वर्षा के चलते भोरिंग से अछोली ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मार्ग की मरम्मत खनिज विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज एवं करणी कृपा संस्था के सहयोग से फर्शी पत्थर खदान के गिट्टी व बजरी से की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता द्वारा निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मार्ग मरम्मत कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है तथा कार्य की निगरानी संबंधित उद्योग प्रबंधन द्वारा की जा रही है।

राज्यपाल श्री रमेन डेका शुक्रवार को पिथौरा प्रवास पर रहेंगे

राज्यपाल श्री रमेन डेका शुक्रवार को पिथौरा प्रवास पर रहेंगे

महासमुंद, 3 जुलाई 2025/
राज्यपाल श्री रमेन डेका 4 जुलाई 2025, शुक्रवार को पिथौरा प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर 1:30 बजे राजभवन,रायपुर से प्रस्थान करेंगे तथा दोपहर 3:00 बजे सर्किट हाउस पिथौरा में अधिकारियों की बैठक लेंगे।

बैठक के दौरान वे जिले के विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात राज्यपाल श्री डेका पिथौरा से पुनः राजभवन के लिए प्रस्थान करेंगे।