रायपुर : सरकारी कर्मचारियों को शेयर व म्युचुअल फंड में निवेश की रहेगी अनुमति, इंट्राडे ट्रेडिंग पर रोक

रायपुर : सरकारी कर्मचारियों को शेयर व म्युचुअल फंड में निवेश की रहेगी अनुमति, इंट्राडे ट्रेडिंग पर रोक

सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत भारत सरकार के प्रावधानों की तर्ज पर अब राज्य के शासकीय सेवकों को शेयर (Shares), प्रतिभूतियों (Securities), डिबेंचर्स (Debentures) और म्युचुअल फंड्स (Mutual Funds) में निवेश की अनुमति दी गई है। यह संशोधन नियम 19 में नया उप-खण्ड जोड़ते हुए लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इंट्रा-डे ट्रेडिंग, बीटीएसटी (BTST), फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसे  प्रकृति के निवेश गतिविधियों पर रोक लागू रहेगी।

 

बलौदाबाजार/ग्राम गोपालपुर मे बारातियों के बीच हुई आपस में गाली गलौज मारपीट की घटना रिपोर्ट दर्ज

बलौदाबाजार/ग्राम गोपालपुर मे बारातियों के बीच हुई आपस में गाली गलौज मारपीट की घटना रिपोर्ट दर्ज

ग्राम देवगांव थाना राजादेवरी जिला बलौदाबाजार का निवासी हूं स्नातक तक पढाई किया हूं खेती किसानी का काम करता हूं कि आज दिनांक 01.07.2025 को हमारे गांव का मेरा दोस्त डमरूलाल बरिहा के बरात में ग्राम गोपालपुर आये थे दोपहर करीबन 03 बजे बराती स्वागत के समय बरात में आये बच्चे लोग के द्वारा फटाखा फोड रहे थे इस बात को लेकर ग्राम गोपालपुर के रितेश उर्फ बलराम यादव एवं उसके अन्य साथियों के द्वारा फटाखा क्यों फोड रहे हो कहकर गाली गुप्तार करने लगे हमारे द्वारा मना करने पर हम लोग के साथ हाथ मुक्का, लकडी के डंडा तथा जान से मारने के धमकी देते हुए राकेश उर्फ बलराम यादव नुकीला वस्तु से मुझे व मेरे अन्य साथियों के ऊपर वार करना शुरू कर दिया जिसे मेरे बांये हाथ के बांह में, अशोक के बांये आंख के ऊपर, श्रवण के दाहिने कंधे के पास, आशीष बरिहा के सिर में गंभीर चोटे आयी है जिसका रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही चाहता हूं। रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है ।

सरायपाली/ग्राम आंवलाचक्का में अवैध रूप से शराब पीने पिलाने की व्यवस्था करवाते आरोपी पकड़ाए

सरायपाली/ग्राम आंवलाचक्का में अवैध रूप से शराब पीने पिलाने की व्यवस्था करवाते आरोपी पकड़ाए

थाना सरायपाली में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हूं कि आज दिनांक 01/07/2025 हमराह स्टाफ आरक्षक 394 के स्वयं के साधान से मय विवेचना कीट के जुर्म जरायम पता साजी हेतु टाउन /देहात रवाना हुआ था ग्राम सागरपाली के पास जरिये मुखबीर सूचना मिला कि ग्राम आवंलाचक्का के रतिराम सिदार अपने घर के सामने परछी में लोगों को अवैध रूप से शराब पीने व पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है कि गवाह मनोज यादव एवं रामेश्वर सिन्हा को धारा 179 BNSS का नोटिस देकर साथ लेकर मुखबीर द्वारा बताये गये स्थान ग्राम आवंलाचक्का के रतिराम सिदार अपने घर के सामने परछी में हमराह स्टाफ व गवाह के घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किये शराब पीने वाले पुलिस को देखकर भाग गये । एक व्यक्ति को पकड़े जिसका नाम पता पुछने पर अपना नाम रतिराम सिदार पिता अंजोर सिंग सिदार उम्र 60 साल साकिन आंवलाचक्का थाना सरायपाली जिला महासमुंद छ0ग0 निवासी होना बताया,एवं लोगो को अवैध रूप से शराब पिलाना स्वीकार किया । लोगो को शराब पीने पिलाने के संबंध में धारा 94 BNSS का नोटिस दिया जो नोटिस में ही कोई वैध कागजात नहीं होना बताया । गवाहो के समक्ष आरोपी रतिराम सिदार के कब्जे से 02 नग देशी प्लेन शराब की खाली शीशी 180 ML वाली खाली जिसमें शराब का गंध आ रही, एवं 02 नग खाली डिस्पोजल गिलास जिसमें शराब का गंध आ रही है को समक्ष गवाहन के मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त किया गया । आरोपी रतिराम सिदार का कृत्य अपराध धारा 36(C) आबकारी एक्ट का पाये जाने से आज दिनांक 01/07/2025 को 18:10 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया एवं अपराध जमानतीय होने से आरोपी द्वारा सक्षम जमानतदार पेश करने पर जमानत मुचलका में रिहा किया आरोपी के खिलाफ धारा 36(C) आबकारी एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया ।

आपातकाल की स्याह छाया और लोकतंत्र की पुकार”, 50वीं वर्षगांठ पर भाजपा का मॉक पार्लियामेंट :विधायक डॉ. संपत अग्रवाल

 

*रायपुर* । 1975 की वो रात, जब लोकतंत्र की लौ पर अंधकार की चादर डाल दी गई । आज, ठीक पचास वर्षों बाद, भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने इस ऐतिहासिक त्रासदी की पुनरावृत्ति को स्मरण करने एवं युवा पीढ़ी को लोकतंत्र की नाजुकता से परिचित कराने हेतु भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा 2 जुलाई को *’मॉक पार्लियामेंट’* आयोजित करने की घोषणा की है। यह आयोजन रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में संपन्न होगा।

राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी,बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल, आरंग विधायक खुशवंत सिंह साहेब ने आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होने वाले मॉक पार्लियामेंट के पोस्टर का विमोचन किया । जिसमें भाजपा के युवा नेता सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज सबसे काली तारीख़ थी। उस रात सिर्फ अधिकार नहीं छीने गए, बल्कि जनभावनाओं को अनसुना कर कांग्रेस की सत्ता की चाह में देश को बंदी बना दिया गया। इस ‘मॉक पार्लियामेंट’ का उद्देश्य इतिहास को पुनः मंचित करना है, ताकि आज की पीढ़ी महसूस कर सके कि लोकतंत्र कोई स्थायी उपहार नहीं, बल्कि सतत रक्षा की मांग करता है।

*मुख्य विषयवस्तु:*

•प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध

•विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और उत्पीड़न

•संविधान संशोधन और लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना

•जनमत की अनदेखी और राजकीय दमन

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कांग्रेस द्वारा लागू आपातकाल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत सत्ता-लिप्सा के लिए देश को झोंक देने वाली मानसिकता को उजागर करना आवश्यक है। लाखों नागरिकों की गिरफ्तारी, पत्रकारों की आवाज़ को कुचलना और विपक्षी विचारों पर प्रहार , यह सब लोकतंत्र के मौलिक सिद्धांतों के विरुद्ध था।

उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रहित में आयोजित प्रयास है जो जनता को याद दिलाने हेतु कि लोकतंत्र को सजग रहकर ही जीवित रखा जा सकता है।

संकुल समन्वयक संघ सरायपाली के अध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अन्नपूर्णा होटल सरायपाली में संपन्न हुई जिसमें सर्वसम्मति से संकुल समन्वयक केंदुढार श्री देवानंद नायक को संकुल समन्वयक सरायपाली का विकासखंड अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

सरायपाली : संकुल समन्वयक संघ सरायपाली के अध्यक्ष नियुक्त हुए देवानंद नायक
दिनांक 01-07-2025 को संकुल समन्वयक संघ सरायपाली के अध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अन्नपूर्णा होटल सरायपाली में संपन्न हुई जिसमें सर्वसम्मति से संकुल समन्वयक केंदुढार श्री देवानंद नायक को संकुल समन्वयक सरायपाली का विकासखंड अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

ज्ञात हो कि उक्त बैठक में जिला कार्यकारिणी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सम्माननीय श्री कैलाश चंद्र पटेल के मार्गदर्शन में यह बैठक संपन्न हुआ जिसमें अध्यक्ष पद हेतु प्रस्ताव मंगाया गया जिसमें केवल एक नाम देवानंद नायक का नाम घनश्याम दास संकुल समन्वयक केदुवा कि ओर से प्रस्तावित किया गया जिसका समर्थन संकुल समन्वयक बाराडोली प्रभात मांझी के द्वारा किया गया, अन्य कोई नाम प्रस्तावित ना होने की स्थिति में सर्वसम्मति से देवानंद नायक को संकुल समन्वयक सरायपाली का विकासखंड अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उक्त बैठक में सरायपाली विकासखंड के संकुल समन्वयक गण उपस्थित हुए जिसमें रविशंकर आचार्य, भोलानाथ नायक, किशोर कुमार पटेल, पुरुषोत्तम पटेल,कैलाश पटेल,गिरधारी लाल पटेल, मुकेश बारिक,जय नारायण पटेल, कृष्णचंद्र पटेल, लाल भूषण पाढ़ी,सुशील चौधरी, खिरोद्र सोनी,छबीलाल पटेल,ऋषि

प्रधान,राजेश पटेल, घनश्याम दास, प्रभात मांझी,दुष्यंत पटेल, संजीत पात्र, छबिलाल पटेल, पालसिंह बंजारे, किशोर पंडा, प्रभात मांझी, अरुण विशाल, गिरधारी पटेल,कौशल प्रधान,नवीन कुमार मिश्रा एवं अन्य संकुल समन्वयकगण उपस्थित रहे। नवीन अध्यक्ष नायक जी ने अपने उद्बोधन मे संकुल समन्वयकों से एकता कि बात करते हुए संकुल समन्वयक संघ को एक साथ चलते हुए संकुल समन्वयकों कि समस्यायों के समाधान कि बात कही, उक्त कार्यक्रम का संचालन कृष्णचंद्र पटेल के द्वारा किया गया।

छत्तीसगढ़: ओवरटेक करने के चक्कर में हाईवा से टकराई बस, तीन यात्रियों की मौत, 6 घायल

छत्तीसगढ़: ओवरटेक करने के चक्कर में हाईवा से टकराई बस, तीन यात्रियों की मौत, 6 घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर इलाके में बस और हाईवा की टक्कर हो गई। इस सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, वहीं 6 लोग घायल है। बस जगदलपुर से रायपुर आ रही थी। तेज रफ्तार बस ने पीछे से हाईवा को ठोकर मार दिया। बस के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बस में सवार 3 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर में भर्ती कराया गया है। हादसा केन्द्री गांव के पास हुआ।

मिली जानकारी के मुताबिक बस रात को जगदलपुर से छूटकर रायपुर आ रही थी। अभनपुर ब्लाक के केन्द्री गांव के पास बस ने ओवरटेक के चक्कर में ट्रक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के सामने का क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक महिला और दो पुरुषों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 यात्री घायल हुए हैं। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ लोगों को रायपुर भी इलाज के लिए भेजा गया है।

हादसे के बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी। घायलों को अस्पताल पहुंचाने 108 की मदद ली गई। घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पहले घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया और फिर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद नेशनल हाईवे पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम हो गया था, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य किया। क्रेन से क्षतिग्रस्त बस को किनारे किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का किया शुभारंभ : इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का किया शुभारंभ : इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य

भारत का नया ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

1 लाख 23 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त : 20 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

लॉजिस्टिक नीति एवं जन विश्वास विधेयक से छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी नई गति

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और नागरिक जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता सुनिश्चित की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि निवेशकों, उद्योगपतियों और नागरिकों के लिए ऐसा परिवेश बने जिसमें न्यूनतम बाधाएं हों और विकास के हर क्षेत्र में अधिकतम संभावनाएं खुलें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी।

कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में क्रांतिकारी पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।

बस्तर और सरगुजा : विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अब ‘विकसित बस्तर’ के सपने को साकार कर रहा है। 90,000 युवाओं को कौशल विकास और 40,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहां विशेष निवेश प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। बस्तर में अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बस्तर दशहरा का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

युवाओं को अवसर, निवेशकों को विश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म – इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं सभी उद्यमियों से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में निवेश करें। यहां हर सुविधा और भरोसे के साथ विकास में सहभागी बनें। हम मिलकर विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में चल रहे व्यापक विकास और सुरक्षा अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का संपूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित करना है, ताकि सभी प्रभावित क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और विकास की नई शुरुआत हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। इससे अनुमतियों में लगने वाला समय घटकर रिकॉर्ड समय में आएगा। यह इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियाँ अब न्यूनतम समय में प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नई औद्योगिक नीतियों और सहज अनुमतियों की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने उपस्थित उद्यमियों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भू खंड ऑनलाइन आबंटन हेतु  उपलब्ध कराए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 प्रमुख कंपनियों से प्राप्त 1 लाख 23 हजार 73 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिए उन्हें इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा, जिससे 20 हजार 627 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिन निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा गया उनमें मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, मेसर्स आर्टिफिशियल इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेलिजेंस मटेरियल्स लिमिटेड चेंगापट्टू तमिलनाडू, मेसर्स केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कोरबा, मेसर्स जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड कोलकाता, मेसर्स ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नासिक महाराष्ट्र, मेसर्स करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड मेरठ उत्तरप्रदेश, मेसर्स एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, मेसर्स जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड रायगढ़, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (थर्मल पावर), मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (सोलर पावर) और मेसर्स वीटेक प्लास्टिक प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघानिया सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : जनसंपर्क विभाग के उपसंचालक श्री आनंद प्रकाश सोलंकी को सेवानिवृत्ति पर दी गई गरिमामय विदाई

रायपुर : जनसंपर्क विभाग के उपसंचालक श्री आनंद प्रकाश सोलंकी को सेवानिवृत्ति पर दी गई गरिमामय विदाई

मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ में अनवरत 23 वर्षों तक उल्लेखनीय सेवाएं

जनसंपर्क विभाग में 31 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले उप संचालक श्री आनंद प्रकाश सोलंकी के सेवानिवृत्ति अवसर पर 30 जून सोमवार को जनसंपर्क संचालनालय में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर संचालक श्री जे एल दरियो, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा एवं अपर संचालक श्री संजीव तिवारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्री सोलंकी की सेवा, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

यहां यह उल्लेखनीय है कि श्री आनंद प्रकाश सोलंकी ने अपने सेवाकाल के 23 वर्ष तक मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ में एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए राज्य शासन की योजनाओं एवं नीतियों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उनके कार्यकुशलता,निष्ठा और विश्वास का प्रमाण है। विभागीय अधिकारियों ने इस अवसर पर श्री सोलंकी के उज्ज्वल भविष्य और सुदीर्ध स्वस्थ्य जीवन की कामना की। अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा एवं संयुक्त संचालक श्री बी.एम तंबोली ने कहा कि श्री सोलंकी का सरल व्यवहार, उनकी सौम्यता और कार्यशैली अनुकरणीय है।

समारोह में उनके साथ कार्य कर चुके सहकर्मियों ने  भी अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री सोलंकी को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी। श्री आनंद प्रकाश सोलंकी ने इस मौके पर विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त मार्गदर्शन और सहकर्मियों से मिले सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि आप सभी लोगों के सहयोग से ही वह अपने दायित्वों के निर्वहन में सफल रहे हैं।

 

रायपुर : महतारी वंदन योजना की 17वीं किश्त के तहत 647 करोड़ रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित 

रायपुर : महतारी वंदन योजना की 17वीं किश्त के तहत 647 करोड़ रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आज एक तारीख को माह जुलाई 2025 की सत्रहवीं  किश्त का भुगतान जारी कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश की 69.23 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 647.66 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 17 माहों में 11081.68 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

योजना से होने वाले भुगतान एवं अन्य जानकारी से अवगत होने के लिए महतारी वंदन योजना के पोर्टल ीजजचेरू//उंीजंतपअंदकंद.बहेजंजम.हवअ.पद अथवा महतारी वंदन योजना का मोबाईल ऐप भी है जिसे हितग्राही प्लेस्टोर से डाउनलोड कर अपनी जानकारी देख सकते हैं। यदि कोई आवेदिका इस सहायता राशि का लाभ नहीं लेना चाहती है, अर्थात् लाभ त्याग करना चाहती है तो वे पोर्टल में लाभ त्याग के ऑप्शन में जाकर लाभ त्याग कर सकती है।

महतारी वंदन योजनांतर्गत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। जिन हितग्राहियों का खाता डीबीटी इनेबल नहीं है वे तत्काल बैंक जाकर आधार सीडिंग करवायें क्योंकि उनको भुगतान किये जाने पर राशि वापस हो जा रही है तथा इस हेतु उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया गया है। यदि किसी हितग्राही को किसी प्रकार की शिकायत हो तो इस पोर्टल में शिकायत करें ऑप्शन में जाकर अपनी समस्या ऑनलाईन दर्ज कर सकती है।

आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील

महिला एवं बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं  से अपील की है कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। ज्ञात हो कि आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई हितग्राहियों का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। ऐसे हितग्राहियों को आधार केंद्र में जाकर पहचान एवं निवास प्रमाण-पत्र के साथ आधार अपडेट कराना आवश्यक है, ताकि आगामी किश्त का भुगतान सुनिश्चित हो सके।

 

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से संवर रही शिक्षा व्यवस्था: जशपुर के स्कूलों में लौटी रौनक, बच्चों में बढ़ा उत्साह

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से संवर रही शिक्षा व्यवस्था: जशपुर के स्कूलों में लौटी रौनक, बच्चों में बढ़ा उत्साह

 

जशपुर जिले के स्कूलों में अब पढ़ाई की गूंज सुनाई देने लगी है। कभी शिक्षकविहीन और एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे विद्यालयों में युक्तियुक्तकरण के बाद स्थायी शिक्षकों की तैनाती से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। जिले के मनोरा विकासखंड स्थित प्राथमिक शाला गीधा में जब नए शिक्षकों की पदस्थापना हुई, तो विद्यालय की तस्वीर ही बदल गई। अब बच्चे पूरे उत्साह से स्कूल पहुँच रहे हैं, नियमित पढ़ाई कर रहे हैं और विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

जिले में युक्तियुक्तकरण से पहले 15 शिक्षकविहीन स्कूल थे, जिनमें 14 प्राथमिक और एक हाईस्कूल शामिल था। अब इन सभी स्कूलों में शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं। प्राथमिक शालाओं में 28 और हाईस्कूल में 6 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा जिले की 262 एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में भी अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती करते हुए इनकी संख्या शून्य कर दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संकल्प के अनुरूप यह पूरी प्रक्रिया राज्य के शिक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर बनकर उभरी है। उनका कहना है कि युक्तियुक्तकरण का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में समानता लाना है। जहां जरूरत अधिक है, वहां अधिक संसाधन और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों का समायोजन कर ऐसे स्कूलों को नजदीकी सुविधायुक्त विद्यालयों से जोड़ा गया है, जहां संसाधनों की उपलब्धता अधिक है। इससे बच्चों को एक बेहतर शैक्षणिक माहौल और सभी विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त शिक्षकों से सीखने का अवसर मिल रहा है। गौरतलब है कि यह पूरी कवायद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप की गई है, जिससे विशेषकर दूरस्थ, आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जाया जा सके।

प्राथमिक शाला गीधा की तरह जिले के अन्य विद्यालयों में भी युक्तियुक्तकरण का असर साफ नजर आ रहा है। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और विषय आधारित पढ़ाई के चलते अब न सिर्फ बच्चों की उपस्थिति बढ़ रही है, बल्कि अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी स्कूलों पर दोबारा लौटने लगा है। यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने की दिशा में ठोस कदम है, बल्कि छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।