बागबाहरा : जैन मंदिर मैदान के पास गाली गलौज कर मारपीट से चोट लगने पर थाना में मामला दर्ज

बागबाहरा : जैन मंदिर मैदान के पास गाली गलौज कर मारपीट से चोट लगने पर थाना में मामला दर्ज
मैं विक्की राजपूत ग्राम हरनादादर थाना बागबाहरा जिला महासमुंद का रहने वाला हूं ,कक्षा 12वी तक पढा लिखा हू। कि दिनांक 28/04/2024 को शाम 7.58 बजे बागबाहरा के सोनू देवागंन फोन कर जैन मंदिर मैदान में बुलाया फिर में अपने भाई दीपक राजपूत और दोस्त सौरभ बंजारे एवं वेद चन्द्राकर के साथ जैन मंदिर मैदान को गया

जहां सोनू देवागंन अपने साथी अर्जुन गोस्वामी ,राजा सेन ,शिवा वगैरह के साथ था पुरानी रंजिश विषय को लेकर देखते ही मुझे मां बहन की गंदी गंदी गाली अश्लील गलौच करने लगा मेरे द्वारा क्यो गाली बक रहे हो बोलने पर गंदी गंदी गाली गुप्तार करते जान से मारने की धमकी देते हुये

सोनू देवागंन ,अर्जुन गोस्वामी ,राजा सेन ,शिवा राय वगैरह हाथ मुक्का , हाथ में पहने कड़ा ,हाथ में पकड़े स्पीकर एवं बीयर बाटल से मारपीट किया मारपीट से मेरे सिर के पीछे भाग में चोंट आयी है । घटना को दीपक राजपूत ,सौरभ बंजारे ,वेद चन्द्राकर ,निखिल चन्द्राकर देखे सुने एवं बीच बचाव किये है रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही की जावे । थाना में धारा 294-IPC, 323-IPC, 34-IPC, 506-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

सरायपाली बार्ड कमाक 08 टावर पास अपने घर के सामने एक व्यक्ति तीन लीटर देशी कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ाया

सरायपाली बार्ड कमाक 08 टावर पास अपने घर के सामने एक व्यक्ति तीन लीटर देशी कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ाया
मै उप निरीक्षक नन्द किशोर सिन्हा थाना सरायपाली में पदस्थ हूँ कि दिनाक 29.04.2024 के 17:00 बजे हमराह स्टाफ आर/914 नवीन कुमार ध्रुव मय विवेचना कीट सामान के शासकीय मोटर सायकल कमांक सीजी 03 ए 0607 के रवाना होकर झिलमिला चौक की ओर गया था कि जरिये मुखबीर से मौखिक सूचना प्राप्त हुआ

कि प्रमात साहू पिता स्व शुरूसाहू निवासी टावर पास बार्ड कमाक 08 सरायपाली अपने घर के सामने अवैध शराब बिकी कर रहा है कि सूचना पर मंजीत ढाबा झिलमिला के पास दो गवाह (1) केशव चौहान (2) मनोज यादव मिले जिसे मुखबीर सूचना से अवगत कराया जाकर धारा 160 जा फौ का नोटिस तामिल किया सहमति प्राप्त किया बाद दबिस देने सदेही के घर मकान के पास गया

जहाँ पर लोगो का मिड लगा था जो पुलिस को देख कर भाग निकले मौके पर उपस्थित सदेही से नाम पता पुछने पर अपना नाम प्रभात साहू पिता शुरू साहू उम्र 49 वर्ष निवासी झिलमिला का होना बताये जिसे मुखबीर सूचना से अवगत कराया गया तलासी लिये जाने के संबंध में सहमति लिया। सदेही ने मेरा तथा हमराह स्टाप व गवाहो मोटर सायकल का तलासी लिया

किसी प्रकार की कोई आपत्ती जनक सामान नहीं मिला। संदेही का तलासी लिये जाने पर उनके फुल पेट के पाकिट मे नगदी 100-100 रूपये कुल दो सौ रूपये तथा संदेही के पास से एक दो लीटर वाली प्लास्टिक बाटल एवं एक लीटर वाली बाटल जो भरा हुआ था कुल तीन लीटर देशी कच्ची महुआ मदिरा जुमला कीमती 800/- रूपये बरामद हुआ

मौके पर बरामदगी पंचनामा तैयार किया मुताबिक जप्ती पत्रक समक्ष गवाहो के सम्पत्ति जप्त किया जप्ती पत्रक तैयार किया। सदेही को धारा 91 जाफो का नोटिस तामिल किया जिसमे शराब बिकी करने के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं होना लिखित में दिया कि संदेही का कृत्य अपराध सदर धारा 34(1) क, आबकारी एक्ट का अपराध घटित करना पाया गया आरोपी को गिरफतारी का कारण बताकर दिनाक 29.04.2024 के 19.00 बजे गिरफतार किया गया

हालात थाना प्रभारी को अवगत कराया गया । जुर्म जमानती होने से आरोपी द्वारा सक्षम जमानत दार द्वारा का पत्र 5000/- रुपये तथा उतनी ही राशि का स्वयं का जमानत मुचलका पेश करने पर जमानत मुचलका पर रिहा किया गया। मौके पर घटना स्थल का सजरी नक्शा तैयार किया गवाहों का कथन लेखबद्ध किया देहाती नालसी लेखबद्ध कर बाद जप्त शुदा सम्पत्ति हमराह स्टाप स्टेशन के लिये रवाना हुआ। पृथक से असल नम्बरी अपराध पंजीबद्ध किया जाता है।

सरायपाली : ग्राम भोथलडीह के पेट्रोल टंकी के पास वाहन कमाण्डर में मिक्चर मशीन में लगे एंगल से पीकप की हुई टक्कर पीकप सवार एक व्यक्ति की हुई मौत

सरायपाली : ग्राम भोथलडीह के पेट्रोल टंकी के पास वाहन कमाण्डर में मिक्चर मशीन में लगे एंगल से पीकप की हुई टक्कर पीकप सवार एक व्यक्ति की हुई मौत
मैं कमल साय पटेल उपरोक्त पते पर रहता हूं कक्षा 12वीं पढा हूं पेशे से ड्रायवर हूं। स्वयं के नाम पर वाहन पीकप क्रमांक CG06GC6424 पंजीकृत है दिनांक 28.04.2024 को ग्राम मल्दामाल से ग्राम टांगाफासा शादी का सामान लेने के लिए अपने वाहन में दीपक मांझी पिता तुलाराम मांझी ग्राम प्रेतनडीह के साथ अन्य 4 मजदूरों को लेकर ग्राम टांगाफांसा जा रहा था

कि ग्राम भोथलडीह के पेट्रोल टंकी के पास पहुंचा ही था कि सरायपाली की ओर से विपरीत दिशा में एक वाहन कमाण्डर के चालक ने अपने वाहन कमाण्डर में मिक्चर मशीन जिसमें मोबाइल नंबर ********** लेख है को टोचन कर तेज व लापरवाही पूर्वक चलाते आ रहा था मिक्चर मशीन में लगे एंगल से मेरे वाहन के बायें भाग में ठोकर मारकर एक्सीडेंट कर दिया।

जिससे मेरे वाहन के डाला में बैठे मजदूर दीपक मांझी एवं उनके 4 साथियों को गंभीर चोट आया। चोटिल व्यक्तियों को उपचार हेतु मेरे द्वारा तत्काल नजदीक के शासकीय अस्पताल सरायपाली ले जाकर भर्ती किये। अस्पताल ले जाकर भर्ती किया जहां डाक्टर द्वारा दीपक मांझी को मृत घोषित कर दिया गया तथा अन्य 4 चोटिल व्यक्तियों को रीफर करने पर अन्य अस्पताल ले जाकर भर्ती किये हैं।

आरोपी वाहन कमाण्डर का चालक द्वारा तेज व लापरवाही पूर्वक चलाकर मेरे वाहन को ठोकर मारने से मेरे वाहन के मजदूरों को चोट आया है। घटना की रिपोर्ट करता हूं रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है कार्यवाही चाहता हूं। थाना में धारा 279-IPC, 304-A-IPC, 337-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

सरायपाली : पदमपुर रोड़ में स्थित SK ट्रेडर्स के पास कुटेला चौक की ओर से आते हुए एक वाहन तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाते लाकर एक व्यक्ति को एक्सीडेंट कर चोट पहुंचाया जिस पर मामला दर्ज

सरायपाली : पदमपुर रोड़ में स्थित SK ट्रेडर्स के पास कुटेला चौक की ओर से आते हुए एक वाहन तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाते लाकर एक व्यक्ति को एक्सीडेंट कर चोट पहुंचाया जिस पर मामला दर्ज
मैं युधिष्ठिर राणा कक्षा पाचवीं पढा हूं रोजी मजदूरी का काम करता हूं कि दिनांक 28.04.2024 को लवली सरदार के घर मकान निर्माण चल रहा है जहां पर मैं और मेरे साथी आहत नकुल यादव काम करने के लिए आये थे।

कि मकान निर्माण हेतु सीमेंट लेने के लिए पदमपुर रोड़ में स्थित SK ट्रेडर्स के दुकान में सीमेंट लेनदेन कर रहे थे। उसी समय कुटेला चौक की ओर से वाहन क्र. CG06GW 6630 के चालक ने अपने वाहन को अत्यधिक तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाते लाकर आहत नकुल यादव को एक्सीडेंट कर चोट पहुंचाया है।

घटना को मैं देखा हूं बाद में मौके पर अन्य से वाहन मांगकर नकुल यादव को उपचार हेतु नजदीक के अस्पताल शुभ्रा नर्सिंग होम ले जाकर भर्ती किये। चालक द्वारा अपने वाहन को तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाने से घटना घटित हुआ है। घटना की रिपोर्ट करता हूं रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है कार्यवाही चाहता हूं। थाना में धारा 279-IPC, 337-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

सरायपाली : इनोवा गाडी के नाम पर और पुराना जमीन विवाद से हुई गली गलौच कर मारपीट में आई चोट पर थाना में मामला दर्ज

सरायपाली : इनोवा गाडी के नाम पर और पुराना जमीन विवाद से हुई गली गलौच कर मारपीट में आई चोट पर थाना में मामला दर्ज
मैं अशोक अग्रवाल मीरा साडी सेंटर मेन रोड सरायपाली में निवास करता हूं । मीरा साडी सेन्टर कपडा दुकान का संचालक हूं । दिनांक 28.04.2024 के सुबह करीबन 09.30 बजे मैं अपने दुकान के सामने छोटा हाथी में माल लोडिंग करा रहा था उसी समय मेरा भैय्या सुरेश अग्रवाल व उसकी पत्नि रश्मि अग्रवाल दोनो पतेरापाली की ओर से आये और मेरा पतेरापाली के मकान में किसी और को कैसे रखा है एवं इनोवा गाडी क्रमांक सीजी 04 केयू 7847 मेरा है कहकर मांगा जिसको इनोवा गाडी मैं एवं सुरेश अग्रवाल दोनो साथ में रहकर खरीदे है पैसा तो मैं दिया हूं बोला तो उतने में दोनो पति पत्नि मां बहन की अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुये सुरेश अग्रवाल बांस के डण्डा से मारपीट किया और रश्मि अग्रवाल मेरे को धक्का दी जिससे मैं जमीन में गिर गया गिरने से एवं मारपीट करने से मेरे दाहिने कंधा एवं पीठ में चोट लगा है । मारपीट को जन्मजय साहू व हेमंत पटेल देखे सुने एवं छुडाये है। सुरेश अग्रवाल व रश्मि अग्रवाल के विरूद्ध रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जाये। रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है। थाना में धारा 294-IPC, 323-IPC, 34-IPC, 506-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

मैं सुरेश अग्रवाल हाउस नं0 डी 155 सेक्टर 4 देवेन्द्र नगर रायपुर थाना देवेन्द्र नगर रायपुर में निवास करता हूं । मैं पंडरी कपडा मार्केट रायपुर में स्थित मीरा साडी सेंटर रायुपर का संचालक हूं । मेरे नाम पर इनोवा गाडी क्रं0 सीजी 04 केयू 7847 है जिसे करीबन 03 वर्ष हो गया खरीदे उक्त गाडी को करीब एक साल हो गया मेरे चचेरा छोटा भाई अशोक अग्रवाल को दिया हूं। गाडी मांगने पर वापस कर दुंगा बोलता है और नहीं देता है। रायपुर से दिनांक 27.04.2024 को अपने चचेरे भाई अमित अग्रवाल के यहां कार्यक्रम था तो उसमें शामिल होने आये थे और सुनील अग्रवाल के यहां रूके । दिनांक 28.04.2024 सुबह मैं अपनी पत्नि के साथ पतेरापाली अपने पुराना मकान देखने गये थे करीब 09.30 बजे के आसपास सुनील अग्रवाल के यहां जा रहे थे तो अशोक अग्रवाल अपने दुकान मीरा साडी सेंटर में बैठा था वह बाहर आया और पुराना हम लोगो का जमीन विवाद चल रहा है और इनोवा गाडी वापस मांगा था उसी रंजीश के कारण मां बहन की अश्लील गाली गुप्तार कर जान से मारने की धमकी देते हुये हाथापाई करने लगा जिससे मेरी पत्नि रश्मि अग्रवाल छुडाने लगी तो धक्का देते हुये अशोक अग्रवाल कुछ हाथ में पकडा था और स्प्रे कर दिया जिससे मेरे आंख,चेहरा एवं हाथ में जलन होने लगा एवं मेरे पत्नि रश्मि अग्रवाल के चेहरे पर भी स्प्रे किया जिससे उसके चेहरे पर भी जलन हो रहा है। रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जाये। रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है। थाना में धारा 294-IPC, 323-IPC, 506-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

बसना : वार्ड नं 04 बसना मे गली गलौच कर चाकू से मारपीट करने पर थाना में मामला दर्ज

बसना : वार्ड नं 04 बसना मे गली गलौच कर चाकू से मारपीट करने पर थाना में मामला दर्ज
मैं भुवनराम चौलिक वार्ड नं 04 बसना का निवासी हूं किराना दुकान का व्यवसाय करता हूं की दिनांक 27.04.2024 को रात करीब 10.25 बजे मेरे घर के बाहर गली में मेरा पुत्र निखील चौलिक एवं उसके दोस्त रजा, जुनैद, रीजवान के साथ खडे थे वही पास में एक आवारा कुत्ता था कुत्ता को मैं हमारे मोटर सायकल के पासींग लाईट को अप डाउन करके चीढा रहे थे

उसी समय समद खान आया और मेरे पुत्र निखील को मां बहन की गंदी-गंदी गाली गुप्तार कर लाईट को क्यों अप डाउन कर रहा है कहते हुए झगडा विवाद कर जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हाथ में रखे चाकू से मारने से मेरे पुत्र निखील के छाती एवं बांए पैर के जांघ में चोट आने के संबंध में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रहा हूं

कि रिपोर्ट पर अपराध धारा 294,323,506 भादवि का अपराध घटित करना पाया जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया लिखित आवेदन नकल जैल है- प्रति श्रीमान थाना प्रभारी जी थाना बसना जिला महासमुन्द छ0ग0, विषय- मेरे पुत्र निखील चौलिक को समद खान द्वारा चाकू से मारने के संबंध में, निवेदन है कि मैं भुवनराम चौलिक पिता मोहन साय चौलिक उम्र 40 साल वार्ड नं 04 बसना का निवासी हूं मेरे पुत्र निखील चौलिक कक्षा 10 वीं में पढता है

दिनांक 27.04.2024 के रात्रि 10.25 बजे को मेरे घर के बाहर गली में निखील,रजा, जुनैद, रिजवान व मोहल्ले के अन्य लोग बाहर में बैठे थे सामने में खडे कुत्ते को देखकर हमारे मोटर सायकल की लाईट चालू कर अप डाउन कर रहे थे इतने में समद खान के द्वारा मेरे पुत्र निखील को मां बहन की गंदी-गंदी गाली देते हुए झगडा किया और चला गया

पुन: कुछ समय बाद समद आया जान से मार दूंगा कहते हुए हाथ में रखे चाकू से मेरे पुत्र निखील को मारा जिसे छाती एवं बांए पैर के जांघ में चोंट आकर खुन निकल गया उसके बाद समद खान वहां से भाग गया घटना को रजा,जुनैद,रिजवान एवं अन्य लोग देखे सुने है कृपया उचित कार्यवाही करने की कृपा करें

बसना / आमापाली में नामयज्ञ का आयोजन में निकला भव्य कलश यात्रा जिले सहित ओडिशा राज्य के अनेक कीर्तन मंडली हैं शामिल

बसना / आमापाली में नामयज्ञ का आयोजन में निकला भव्य कलश यात्रा

बसना::महासमुंद जिले के बसना तहसील क्षेत्र के आमापाली ग्राम में अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ का कल सोमवार से शुभारंभ हुआ है, जीसमें पहले कल सोमवार की सुबह 8 बजे यहां ग्रामवासीयों के द्वारा आयोजित कार्यक्रम अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में भव्य कलश यात्रा निकाल कर पूजा स्थल में अधिवास कर कलश स्थापना की गई,इस मौके पर हजारों की संख्या में महिला पुरुष कलश यात्रा में शामिल होकर बाजे गाजे के साथ गांव के दैवीय तालाब तट से जल उठाकर पुनः पूजा स्थल में स्थापना की गई। सोमवार को दोपहर 2 बजे से अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे का नाम उच्चारण का शुभारंभ किया गया, जिसमें दूर दराज 6 संकीर्तन मंडली शामिल होकर भक्तिमय वातावरण में संगीत से डूबे हुए हैं।इस कार्यक्रम में अनेक वेशभूषा में शामिल होकर नृत्य प्रस्तुत करते हुए कीर्तन किया जा रहा है। आज दोपहर 2 पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा, जिसमें दही हंडी फोड़,नगर भ्रमण कर एक साथ महिला पुरुष महाप्रसाद सेवन करेंगे।

जिले सहित ओडिशा राज्य के अनेक कीर्तन मंडली हैं शामिल

इस यज्ञ के पुरोहित अनील माहाराज आमापाली के बिच मोहल्ले में प्रत्येक वर्ष भांति अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ की धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है,, जिसमें गांव सहित जिले के आधा दर्जन अखंड मंडली इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।। का जाप कर रहें हैं।जिसको लेकर यहां के गांव के लोगों द्वारा यज्ञ स्थल को साफ सफाई के साथ मण्डली को भव्य रूप देकर सजाया गया है।कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए इस नामयज्ञ के पुरोहित अनील महाराज ने बताया की यह अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, सोमवार की प्रातः 8 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिला पुरुष शामिल हुए। 29 अप्रेल दोपहर 2 बजे से हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।। का जाप उच्चारण प्रारंभ किया गया।इस दौरान अनेक कीर्तन मण्डली जैसे कि नगर्दा , केना (महिला) एवं शागुनधाप (महिला) एवं खैरमाल मंडलियों के द्वारा की प्रस्तुति दी जाएगी , आज 30 अप्रेल को पूर्णाहुति एवं नगर भ्रमण के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया जाएगा।इस धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन में शामिल होने के लिए आयोजक ग्राम आमापाली के द्वारा क्षेत्रवासियों से अपिल कर हिंदुत्व की रक्षा के लिए आमंत्रित किया गया है ।

पिथौरा / स्कूल के कई बच्चों और शिक्षको को अस्पताल मे कराना पड़ा भर्ती सेंट स्कूल की लापरवाही राज्य सरकार के आदेश का उल्लंघन करना पड़ा भारी!

पिथौरा / स्कूल के कई बच्चों और शिक्षको को अस्पताल मे कराना पड़ा भर्ती सेंट स्कूल की लापरवाही राज्य सरकार के आदेश का उल्लंघन करना पड़ा भारी!

 

भीषण गर्मी मे जहाँ छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग ने भले ही बच्चों की चिंता करते हुए सासाकीय सहित निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलो के लिए आगामी आदेश तक छुट्टी घोषित कर दिया है चुकी भीषण गर्मी मे बच्चो के सेहत पर फर्क पड़ रहा था भले ही राज्य सरकार को बच्चों की चिंता है पर निजी स्कूलो को नहीं महासमुंद जिले के पिथौरा मे सेंट फ्रांसेस नामक स्कूल मे आज राज्य सरकार के छुट्टी घोषित होने के बावजूद बच्चों के लिए समर कैम्प चलाया जा रहा था लेकिन छुट्टीया के आदेश को दरकिनार करना इस स्कूल के बच्चों को भारी पड़ा स्कूल परिसर मे ही मधु मखियों का डेरा था जो अचानक आज बच्चों और शिक्षकों पर हमला कर दिया मधु मक्षी के हमले से लगभग आधा दर्जन बच्चे और कुछ शिक्षक घायल बताये गए जिनको अस्पताल मे भर्ती कराया गया वही इस घटना पर स्कूल प्रबंधन के लापरवाही भी सामने आया है जहाँ मधु मक्षी के छत को परिसर से आज तक नहीं हटाया गया!

सरायपाली / मारवाड़ी युवा मंच जागृति शाखा सरायपाली के द्वारा बोंदा में आयोजित रामायण पाठ के दौरान श्रद्धालु भक्तों को शरबत पिलाया गया

सरायपाली / रामायण पाठ में श्रद्धालुओं को शरबत पिलाया गया मारवाड़ी युवा मंच जागृति शाखा सरायपाली के द्वारा आज ग्राम बोंदा में आयोजित रामायण पाठ के दौरान श्रद्धालु भक्तों को शरबत पिलाया गया।इस दौरान प्रिया अग्रवाल, मोना अग्रवाल, नेहा अग्रवाल आदि सदस्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ / एक तरफा प्यार मे सती हो गई थी राजकुमारी, महल के सुरक्षा के लिए शवप्न देखने के बाद राजा ने शिव भक्त शिव नाथ को बाँध मे चुनवा दिया था इस नदी की कहानी!

छत्तीसगढ़ / एक तरफा प्यार मे सती हो गई थी राजकुमारी, महल के सुरक्षा के लिए शवप्न देखने के बाद राजा ने शिव भक्त शिव नाथ को बाँध मे चुनवा दिया था इस नदी की कहानी!छत्तीसगढ़ के समीप महाराष्ट्र के जिला गढ़चिरौली ग्राम गोड़री से निकली शिवनाथ नदी का बहना प्रेम का रूपांतरण है। इसकी कथा यह है कि गढ़चिरौली के गोड़ राजा के छः भाई और एक बहन थी। राज अपनी बहन फुलवाशन को बहुत लाड-प्यार करते थे, लेकिन बहन को एक आदिवासी लड़के से एकतरफा प्यार हो गया।

राजकुमारी उससे शादी करने के लिए हटकर बैठी। लड़का आदिवासी और गरीब था। राजा के भाइयों ने इस शादी को लेकर सख्त विरोध किया। लेकिन बड़े भाई ने शिवनाथ को लमसेना (परीक्षा) के रूप में छः महीने के लिए घर में रख लिया। उसे राजमहल के चारों तरफ छः महीने के अंदर बाउंड्री बनाने को कहा। वहीं राजा को स्वप्न आया   कि यदि अपने परिवार के किसी भी एक व्यक्ति की बलि चढ़ाएंगे तभी बांध बन पाएगा। राजा ने यह बात अपने भाइयों से साझा की। लेकिन भाइयों ने शिवनाथ की बलि चढ़ाने को कहा।  राजा ने यह कहकर इनकार कर दिया कि इसकी तो राजकुमारी फुलवाशन से शादी होगी। लेकिन राजा की गैरमौजूदगी में उनके भाइयों ने शिवनाथ को बांध में चुनवा दिया। बहन अपने प्यार को ढूंढते-ढूंढते बांध के पास पहुंच गई।

उस वक्त एक बुढ़िया ने राजकुमारी फुलवाशन के भाइयों कीकरतूत को देख लिया था। उसने सब कुछ विस्तार से बताया। जैसे ही राजकुमारी बांध में जाती है, जहां उसे चुनवाया गया था।शिवनाथ की उंगली बाहर दिख रही थी। उसी में राजकुमारी फुलवाशन की साड़ी फंस जाती है और उसे पहनाई हुई अंगूठी से पहचान लेती है। उसी वक्त बोलती है कि यहां प्यार को समझने वाले कोई नहीं है। चल शिवनाथ, छत्तीसगढ़ जाबो।उसने साड़ी को खींचा तभी शिवनाथ नदी बहने लगती है और राजकुमारी फुलबाशन अपने को सतीकर दोनों नदी के बहाव में बह जाते हैं। इसीलिए शिवनाथ नदी का पानी सिर्फ छत्तीसगढ़ से ही

 

छत्तीसगढ़ की शिवनाथ नदी का भी अपना एक अलग महत्वपूर्ण इतिहास है। छत्तीसगढ़ की यह एक ऐसी नदी है, जिसका जल कभी सूखता नहीं और इसे सदानीरा कहा जाता है। यह शिवनाथ नदी दक्षिणी छत्तीसगढ़ के पूरे जल का संग्रहण कर उत्तर को सौंप देती है। शिवनाथ नदी, महानदी की एक पूरक नदी है। शिवनाथ नदी का उद्गम न तो किसी पर्वत से हुआ है और किसी झील या बड़े सरोवर से ही हुआ है। इसका उद्गम स्थल तो बस खेत की एक साधारण सी मेड़ है। ज्ञात नहीं कि इस मेड़ में ऐसी कौन सी वरुणी शक्ति निहित हैं जो शिवनाथ नदी को सदनीरा बनाये रखती है। शिवनाथ नदी राजनाँदगाँव, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर जिलों का    सीमांकन करती है। शिवनाथ नदी का बहाव सीधा है और यह नदी टेढ़ी-मेढ़ी नहीं बल्कि सीधा मार्ग अपनाते हुए चलती है। शिवनाथ नदी में महानदी की तरह न तो सोना मिलता है और न अन्य खनिज पदार्थ ही उपलब्ध होते हैं। यदि शिवनाथ के पास कोई खजाना है, तो बस केवल रेत का ही है। रेत भी ऐसी कि यदि कोई मनुष्य इसमें खड़ा हो तो वह बस रेत में धँसता ही चला जाता है। इसकी जलधारा की गति तीव्र है और नदी के किनारे प्रायः टूटते और धँसकते रहते हैं। इसके तट पर न तो राजिम जैसा कोई तीर्थ बन पाया है और न श्रृंगी ऋषि के आश्रम जैसा कोई आश्रम बन पाया है। खारून अरपा, इन्द्रावती आदि नदियों को जो गौरव मिला, वैसा गौरव भी इसे नहीं मिला। पर हाँ, इस नदी के साथ एक ईमानदार और श्रमशील आदिवासी युवक की कथा अवश्य जुड़ी हुई है।

कहा जाता है कि एक सीधा और भोला आदिवासी युवक महादेव का परमभक्त था। उसकी शिव-भक्ति को देखकर गाँव के सियान (बुजुर्ग) उसे शिवनाथ कहने लगे। गाँव के इस युवक पर गाँव के एक किसान की दृष्टि पड़ी। किसान की पारू नाम की एक सुन्दर कन्या थी। किसान के मन में इच्छा हुई कि वह शिवनाथ को घर जंवाई बनाकर अपने घर रख ले। पर आदिवासी संस्कृति के रीति-रिवाज के अनुसार वर-पक्ष को कन्या पक्ष वालों को एक निश्चित धन-राशि, मुर्गा, वस्त्र, अनाज आदि वस्तुएँ देना आवश्यक होता है, किन्तु शिवनाथ अत्यधिक ग़रीब होने के कारण इन वस्तुओं  को देने में असमर्थ था। ऐसी स्थिति में एक विकल्प था कि यदि युवक लमसेना बनकर किसान के घर रहकर उसकी सेवा करे और उसके कार्यों में हाथ बँटाये और वह अपनी ये सेवायें तीन साल तक निरन्तर देता रहे तो भावी ससुर के सन्तुष्ट एवं प्रसन्न होने पर कन्या का विवाह उसके साथ हो सकता है। अतः शिवनाथ, किसान को अपनी सेवाएँ देने लगा और एवज में उसे खाना-पीना, रहने के लिए स्थान और कुछ धनराशि मिलने लगी।

 

शिवनाथ ने अपनी ईमानदारी एवं श्रमशीलता से किसान का हृदय जीत लिया। पारू भी शिवनाथ के भोजन आदि कि व्यवस्था अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ किया करती थी और उसकी साधन-सुविधाओं को भी हर तरह से ध्यान रखा करती थी। पारू का आकर्षण शिवनाथ के प्रति दिनोंदिन बढ़ता जा रहा था और शिवनाथ के हृदय में पारू के लिए भी उदात्त प्रेम का स्थान बन गया था। तीसरे वर्ष की बात है कि ज़मीदार के बेटे की दृष्टि पारू पर पड़ी और वह उसके रूप सौन्दर्य पर मुग्ध हो गया और पारू के भाईयों के सामने उससे विवाह करने की अपनी इच्छा व्यक्त की, किन्तु शिवनाथ के होते हुए ऐसा नहीं सो सकता था। अतः जमींदार के पुत्र ने पारू के भाईयों को अनेक सब्ज-बाग दिखाये और तरह-तरह की सुख-सुविधायें व मान-सम्मान देने की भी बात कही। अतः पारू के तीनों भाई लालच में आकर शिवनाथ के विरुद्ध षड़यंत्र रचने की बात सोचने लगे। एक दिन की बात है कि पूरे गाँव में सूचना फैल गई कि मेड़ के फूट जाने से सारा पानी खेतों में भरकर फसल को नुकसान पहुँचा रहा है और मेड़ को जल्दी से जल्दी ठीक करना आवश्यक है। शिवनाथ जैसे ही घर काम से लौटा तो उसे मेड़ फूटने की घटना का पता चला और वह तुरन्त मेड़ बाँधने के लिए उल्टे पैरों चल पड़ा। पारू ने बहुत आग्रह किया कि वह भोजन करने के बाद मेंड़ बाँधने जाये, किन्तु शिवनाथ तो अपने काम की धुन का पक्का था और उसने पारू से कहा कि पहले वह मेड़ बाँध कर आ जाये, फिर भोजन बाद में कर लेगा, इस तरह से शिवनाथ मेड़ बनाने के लिए चल पड़ा। कुछ देर बाद पारू के तीनों भाऊ भी लाठियां लेकर वहां पहुंच गये।

 

उसने सोचा कि शायद ये लोग भी मेड़ बनाने में सहायता के लिए पहुँचे हैं, किन्तु हुआ यह कि उसके ऊपर लाठी पर लाठी बरसने लगी और शिवनाथ ने वहीं अपना दम तोड़ दिया। रात व्यतीत हो गई, किन्तु शिवनाथ घर नही लौटा। पारू ने उसकी प्रतीक्षा करते हुए कोरी आँखों सारी रात निकाली, पर शिवनाथ तो अब इस दुनिया में ही नदी था तो फिर वह लौटता भी कैसे? पारू उसे खोजते हुए मेड़ के पास पहुँची और ‘शिवनाथ-शिवनाथ’ उसे पुकारने लगी, किन्तु उसकी पुकार शून्य में गुँज कर रह जाती। पारू उसे इधर-उधर खोजने लगी। सहसा उसकी दृष्टि शिवनाथ की एक अँगुली पर पड़ी। शिवनाथ का शव एक गड्ढे में गड़ा हुआ था और बाहर केवल वह अँगुली ही निकली हुई थी। पारू ने गड्ढे सारी मिट्टी हटा डाली। उसने गड्ढे मे शिवनाथ की लाश को पड़े हुए पाया। पारू भी पछाड़ खाकर गड्ढे में गिर गई। वह शिवनाथ के बिना नहीं जी सकती थी। अतः दुख में उसके प्राण-पखेरू भी उड़ गये और वह शिवनाथ की लाश के ऊपर जा पड़ी।    अब इस दुनिया में न तो शिवनाथ था और न पारू ही थी। यदि जीवित थी तो बस उनके उदार और वासनारहित प्रेम की कहानी ही जीवित थी। कहते हैं तभी से यह प्रेम धारा निरंतर जलधारा के रूप में सदानीरा बनकर प्रवाहित हो रही है और आदिवासी संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष को उद्घाटित करती है। महानदी, शिवनाथ से जल ग्रहण कर उड़ीसा के उस बाँध तक पहुँचा देती है, जिस बाँध का लाभ छत्तीसगढ़ को तो नहीं, बल्कि उड़ीसा प्रान्त को मिलता है।