तुमगांव थाना : ग्राम कोडार में दो व्यक्तियों के बिच गाली गलौज और मार पीट से एक व्यक्ति का सिर फटने पर मामला दर्ज मैं दुर्गा प्रसाद दीवान ग्राम कोडार में रहता हुं। मजदूरी काम करता हुं रात्रि में शादी कार्यक्रम होने के कारण देर रात तक जगने से दिनांक 14.03.2024 के 11.00 बजे खाना खाकर घर में सोया था , घर में मेरी पत्नी देवकुमारी, बहु सावित्री दीवान , राजेश्वरी दीवान , पुत्र सदाराम दीवान थे। उसी समय गांव के गब्बर निषाद घर में 02-03 बार आया तब मेरी बहु राजेश्वरी दीवान ने मुझे उठाई । तब मैं गब्बर निषाद को घर में बार बार क्यों आ रहा है कहकर पकडकर गांव के दुर्गा चौक के पास छोड कर वापस घर आने लगा। तभी गब्बर निषाद द्वारा गंदी गंदी मां बहन की गाली देते हुए पीछे से आकर लकडी से सिर में मार कर चोट पहुंचाया। चोट पहुंचाने से सिर से खून बहने लगा। तब आरोपी द्वारा जाते जाते पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराने जायेगा तो जान से मारने की धमकी दिया। बाद इस समय मैं अपनी पत्नी देवकुमारी पुत्र सदाशिव के साथ थाना आकर रिपोर्ट दर्ज करा रहा हुं, रिपोर्ट मेरे बताये अनुसार लिखी गई है कार्यवाही चाहता हूं।
छत्तीसगढ़ का एक साधारण युवक चंद महीनों में ही अरबपति बन गया। उसके पास बेसुमार दौलत आ गई। हैरानी की बात यह है कि, युवक के पिता कोई बिजनेसमैन नहीं बल्कि एक किसान हैं और बढ़ई का काम करते हैं। ऐसे में बेटे का ये ठाठ हजम कर पाना मुश्किल है। युवक शिवा साहू महज 23 वर्ष का है। वह सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रायकोना गांव का रहने वाला है। महज एक साल में ही वह 1500 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी का मालिक बन गया।
पैसों की बरसात होते ही शिवा पर लग्जरी गाड़ियों का शौक सवार हो गया। इतना कि, उसके पास 100 से ज्यादा महंगी गाड़ियां हैं। मर्सिडीज, BMW, थार जैसी कारें उसके आंगन की शोभा बढ़ा रहे हैं। लोग उसकी चमत्कारिक कामयाबी का राज जानने के लिए आतुर हैं। वहीं कुछ लोगों ने शिवा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।

गांव वालों ने कुछ भी बताने से किया इंकार
इधर अमीरी का रहस्य सुलझाने मीडिया की एक टीम रायकोना गांव पहुंची। वहां पर लोगों ने कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया। इतना ही नहीं लोग नाराज भी लग रहे थे। गांव के लोगों ने कहा कि, हमें हमारा ब्याज समय पर मिल रहा था, अब शिवा साहू कहां है, हमें नहीं पता।
पैसे डबल करने का देता था झांसा
सक्ती के रहने वाले ट्रांसपोर्टर सौरभ अग्रवाल ने शिवा साहू और उसके साथियों के खिलाफ सरसींवा थाने में 2 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि सौरभ अग्रवाल, दीपक अग्रवाल और तरुण सोनी ने शिवा को 2 करोड़ रुपए दिए थे, लेकिन शिवा ने उन्हें 30 फीसदी ब्याज नहीं दिया।
शेयर मार्केट और बिटकॉइन से कमाया मुनाफा
बताया जा रहा है कि, उसने ऐसा वादा कर 4 लोगों से 2 करोड़ रुपये लिए। लोगों ने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में उसे पैसे भी दे दिए। अनुमान लगाया जा रहा है कि शिवा महीने का 2 से 5 करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज के मुनाफों से कमाता है। इसके अलावा शेयर मार्केट में पैसे लगाकर भारी मुनाफा कमाता है। इसके साथ ही बिटकॉइन में भी पैसा लगाता है।
शिवा समेत 5 लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
शिकायत के बाद जब पुलिस मामला दर्ज कर शिवा को गिरफ्तार कर जेल ले गई, तो गांव वाले एकजुट होकर उसे थाने से लेकर चले गए और अब शिवा गायब है। शिवा समेत 5 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें शिवा साहू, मिथिलेश साहू, झगेश साहू, सूर्यकांत साहू और बिंदा साहू शामिल है। बिंदा की गिरफ्तारी हो गई है और शिवा समेत 4 लोग फरार हैं।
ठगी से बनाया बेशुमार पैसा, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिवा ने ठगी से बेशुमार पैसा बनाया है। उनके पास अभी सिर्फ 4 करोड़ की ठगी का मामला पहुंचा है। जिन लोगों से शिवा पैसे निवेश करवाता था, शुरुआत में उन्हें मोटा ब्याज देता था। सारंगढ़ इलाके घूम रहे उसके एजेंट ही लोगों से पैसे निवेश करवाते थे। फिलहाल पुलिस शिवा की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि, शिवा की गिरफ्तारी के बाद ही इस बात का खुलासा हो सकेगा कि उसने करोड़ों की संपत्ति कैसे बनाई।

संबलपुर से 64 किमी दूर स्थित नृसिंहनाथ पश्चिमी ओडिशा की गंधमर्दन पहाड़ियों के उत्तरी किनारे पर पदमपुर उपखंड में एक तीर्थ स्थान है ।छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली बसना होते हुए भी लगभग 70 किलोमीटर मे पंहुचा जा सकता है नृसिंहनाथ विदाला-नृसिंहनाथ के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। उड़िया और देवनागरी शिलालेखों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि मंदिर का निर्माण 14वीं शताब्दी में बैजल देव द्वारा किया गया था, हालांकि इसका पुराना स्वरूप नौवीं शताब्दी से अस्तित्व में था।



मंदिर के उत्तरी दरवाजे के पास चट्टान को काटकर एक और आकृति बनाई गई है, जो पांचवें पांडव भाई सहदेव की बताई गई है। उसके पास ही गणपति की एक और विशाल आकृति भी बनी हुई है। इसके सामने सात घोड़ों के साथ एक अच्छी तराशी हुई चौकी भी है, जो टूटी हुई मूर्तियों के पास खुदी हुई है जो शिथिल रूप से फैली हुई हैं। इस पर जो छवि स्थापित की गई थी वह मूल रूप से भगवान सूर्य की थी।






