छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर में पोटाकेबिन बालिका छात्रावास में भीषण आग, बच्‍ची की मौत, हास्‍टल में फंसी 304 छात्राओं को किया रेस्क्यू

छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर में पोटाकेबिन बालिका छात्रावास में भीषण आग, बच्‍ची की मौत, हास्‍टल में फंसी 304 छात्राओं को किया रेस्क्यू

छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां बुधवार की देर रात आवासीय पोटाकेबिन छात्रावास में भीषण आग लग गई। इस आग की चपेट में आने से एक बच्‍ची झुलस गई, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्रावास में आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। वहीं छात्रावास में करीब 300 से अधिक बच्‍चों और कर्मचारियों सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं। हालांकि छात्रावास में आग लगने का शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। मौके पर पहुंची स्‍थानीय थाना की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

304 छात्राओं को उठाकर सु‍रक्षित बाहर निकाला गया
जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के चिंताकोंटा आवासीय बालिका पोटा केबिन में बुधवार देर रात आग लग गई। आग लगने से छात्रावास में अफरा-तफरी मच गई। छात्रावास में जब आग लगी उस वक्‍त छात्राएं सो रहीं थीं। नींद में सो रहे 304 छात्राओं को उठाकर सु‍रक्षित बाहर निकाला गया।

वहीं आग में झुलसने की वजह से एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई है। बच्ची का नाम लिपाक्षी बताया गया है। पोटा केबिन के स्टाफ और स्‍थानीय लोगोंं की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई। पोटा केबिन में आग लगने के कारण शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।

जानकारी मिलते ही विभाग के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे है‌। आवापल्ली थानाक्षेत्र के अंतर्गत चिंताकोंटा बालिका पोटा केबिन की घटना‌ है। बीजापुर कलेक्टर अनुराग पांडे भी घटना की जानकारी मिलते ही चिंताकोंटा बालिका पोटा केबिन पहुंचे है।

कलेक्टर संग जिले के अधिकारियों का दल भी घटनास्थल पहुंचा है। बालिका पोटा केबिन में आग लगने के कारणों तथा विभागीय अधिकारियों का कोई बयान नहीं आया है। विभाग के अधिकारी इस मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी नही दे रहे है।

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महाशिवरात्रि की कथा : हिरणी की सत्यनिष्ठा की यह कहानी आपको रुला देगी

महाशिवरात्रि की कथा : हिरणी की सत्यनिष्ठा की यह कहानी आपको रुला देगी एक बार पार्वती ने भगवान शिवशंकर से पूछा, ‘ऐसा कौन सा श्रेष्ठ तथा सरल व्रत-पूजन है, जिससे मृत्यु लोक के प्राणी आपकी कृपा सहज ही प्राप्त कर लेते हैं?’ उत्तर में शिवजी ने पार्वती को ‘शिवरात्रि’ के व्रत का विधान बताकर यह कथा सुनाई- ‘एक गाँव में एक शिकारी रहता था।  पशुओं की हत्या करके वह अपने कुटुम्ब को पालता था। वह एक साहूकार का ऋणी था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधवश साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि थी।

शिकारी ध्यानमग्न होकर शिव संबंधी धार्मिक बातें सुनता रहा। चतुर्दशी को उसने शिवरात्रि की कथा भी सुनी। संध्या होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के विषय में बात की। शिकारी अगले दिन सारा ऋण लौटा देने का वचन देकर बंधन से छूट गया।

अपनी दिनचर्या की भाँति वह जंगल में शिकार के लिए निकला, लेकिन दिनभर बंदीगृह में रहने के कारण भूख-प्यास से व्याकुल था। शिकार करने के लिए वह एक तालाब के किनारे बेल वृक्ष पर पड़ाव बनाने लगा। बेल-वृक्ष के नीचे शिवलिंग था जो बिल्वपत्रों से ढँका हुआ था। शिकारी को उसका पता न चला।

पड़ाव बनाते समय उसने जो टहनियाँ तोड़ीं, वे संयोग से शिवलिंग पर गिरीं। इस प्रकार दिनभर भूखे-प्यासे शिकारी का व्रत भी हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए।एक पहर रात्रि बीत जाने पर एक गर्भिणी मृगी तालाब पर पानी पीने पहुँची। शिकारी ने धनुष पर तीर चढ़ाकर ज्यों ही प्रत्यंचा खींची, मृगी बोली, ‘मैं गर्भिणी हूँ। शीघ्र ही प्रसव करूँगी। तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे, जो ठीक नहीं है।  मैं अपने बच्चे को जन्म देकर शीघ्र ही तुम्हारे सामने प्रस्तुत हो जाऊँगी, तब तुम मुझे मार लेना।’ शिकारी ने प्रत्यंचा ढीली कर दी और मृगी झाड़ियों में लुप्त हो गई।

कुछ ही देर बाद एक और मृगी उधर से निकली। शिकारी की प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। समीप आने पर उसने धनुष पर बाण चढ़ाया। तब उसे देख मृगी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया, ‘हे पारधी ! मैं थोड़ी देर पहले ही ऋतु से निवृत्त हुई हूँ। कामातुर विरहिणी हूँ। अपने प्रिय की खोज में भटक रही हूँ। मैं अपने पति से मिलकर शीघ्र ही तुम्हारे पास आ जाऊँगी।’

शिकारी ने उसे भी जाने दिया। दो बार शिकार को खोकर उसका माथा ठनका। वह चिंता में पड़ गया। रात्रि का आखिरी पहर बीत रहा था। तभी एक अन्य मृगी अपने बच्चों के साथ उधर से निकली शिकारी के लिए यह स्वर्णिम अवसर था। उसने धनुष पर तीर चढ़ाने में देर न लगाई, वह तीर छोड़ने ही वाला था कि मृगी बोली, ‘हे पारधी! मैं इन बच्चों को पिता के हवाले करके लौट आऊँगी। इस समय मुझे मत मार।’

शिकारी हँसा और बोला, ‘सामने आए शिकार को छोड़ दूँ, मैं ऐसा मूर्ख नहीं। इससे पहले मैं दो बार अपना शिकार खो चुका हूँ। मेरे बच्चे भूख-प्यास से तड़प रहे होंगे।’

उत्तर में मृगी ने फिर कहा, ‘जैसे तुम्हें अपने बच्चों की ममता सता रही है, ठीक वैसे ही मुझे भी, इसलिए सिर्फ बच्चों के नाम पर मैं थोड़ी देर के लिए जीवनदान माँग रही हूँ। हे पारधी! मेरा विश्वास कर मैं इन्हें इनके पिता के पास छोड़कर तुरंत लौटने की प्रतिज्ञा करती हूँ।’

मृगी का दीन स्वर सुनकर शिकारी को उस पर दया आ गई। उसने उस मृगी को भी जाने दिया। शिकार के आभाव में बेलवृक्ष पर बैठा शिकारी बेलपत्र तोड़-तोड़कर नीचे फेंकता जा रहा था। पौ फटने को हुई तो एक हष्ट-पुष्ट मृग उसी रास्ते पर आया। शिकारी ने सोच लिया कि इसका शिकार वह अवश्व करेगा।

शिकारी की तनी प्रत्यंचा देखकर मृग विनीत स्वर में बोला,’ हे पारधी भाई! यदि तुमने मुझसे पूर्व आने वाली तीन मृगियों तथा छोटे-छोटे बच्चों को मार डाला है तो मुझे भी  मारने में विलंब न करो, ताकि उनके वियोग में मुझे एक क्षण भी दुःख न सहना पड़े। मैं उन मृगियों का पति हूँ। यदि तुमने उन्हें जीवनदान दिया है तो मुझे भी कुछ क्षण जीवनदान देने की कृपा करो। मैं उनसे मिलकर तुम्हारे सामने उपस्थित हो जाऊँगा।’

मृग की बात सुनते ही शिकारी के सामने पूरी रात का घटना-चक्र घूम गया। उसने सारी कथा मृग को सुना दी। तब मृग ने कहा, ‘मेरी तीनों पत्नियाँ जिस प्रकार प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएँगी। अतः जैसे तुमने उन्हें विश्वासपात्र मानकर छोड़ा है, वैसे ही मुझे भी जाने दो। मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूँ।’

उपवास, रात्रि जागरण तथा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से शिकारी का हिंसक हृदय निर्मल हो गया था। उसमें भगवद् शक्ति का वास हो गया था। धनुष तथा बाण उसके हाथ से सहज ही छूट गए। भगवान शिव की अनुकम्पा से उसका हिंसक हृदय कारुणिक भावों से भर गया। वह अपने अतीत के कर्मों को याद करके पश्चाताप की ज्वाला में जलने लगा।

थोड़ी ही देर बाद मृग सपरिवार शिकारी के समक्ष उपस्थित हो गया, ताकि वह उनका शिकार कर सके, किंतु जंगली पशुओं की ऐसी सत्यता, सात्विकता एवं सामूहिक प्रेमभावना देखकर शिकारी को बड़ी ग्लानि हुई। उसके नेत्रों से आँसुओं की झड़ी लग गई। उस मृग परिवार को न मारकर शिकारी ने अपने कठोर हृदय को जीव हिंसा से हटा सदा के लिए कोमल एवं दयालु बना लिया।

देव लोक से समस्त देव समाज भी इस घटना को देख रहा था। घटना की परिणति होते ही देवी-देवताओं ने पुष्प वर्षा की। तब शिकारी तथा मृग परिवार मोक्ष को प्राप्त हुए।’

छत्तीसगढ़ : पीएम उज्ज्वला योजना से छत्‍तीसगढ़ की महिलाओं के जीवन में आया बड़ा बदलाव, 36.76 लाख को चूल्हा फूंकने से मिली मुक्ति

छत्तीसगढ़ : पीएम उज्ज्वला योजना से छत्‍तीसगढ़ की महिलाओं के जीवन में आया बड़ा बदलाव, 36.76 लाख को चूल्हा फूंकने से मिली मुक्ति  केंद्रीय योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। छत्‍तीसगढ़ में अब तक 36,76,260 महिलाओं के चेहरे खिले हैं और रसोई के काले धुएं से छुटकारा मिला है। Chhattisgarh: केंद्रीय योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। प्रदेश में अब तक 36,76,260 महिलाओं के चेहरे खिले हैं और रसोई के काले धुएं से छुटकारा मिला है। महिलाएं अब चूल्हा नहीं फूंकती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा वितरित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में योजना के तहत महिलाओं को महज 976 रुपये में रसोई गैस का सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लांच होने से पहले लाखों महिलाएं जलाऊ लकड़ी, कोयला और गाय के गोबर के उपलों जैसे खाना पकाने के पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने मजबूर थीं। धुएं से भरी रसोई में भोजन पकाने की वजह से दिनभर खांसना और सांस लेने में परेशानी होना सामान्य बात थी। यही नहीं महिलाओं का स्वास्थ्य खराब होने के साथ-साथ पर्यावरण संबंधी चुनौतियां भी पैदा हो रही थी। ऐसे में महिलाओं ने इन समस्याओं से निजात पाने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इसका काफी लाभ मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के पहले चरण में प्रदेश की 34,92,221 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं, इसमें सबसे अधिक बिलासपुर की 2,80,345 शामिल है। दूसरे चरण में 1,84,039 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। दूसरे चरण में सिलेंडर के लिए 2,49,533 का केवाइसी हो चुका है। बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना 1 मई, 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू किया था। इसके तहत देश में पांच करोड़ गरीब परिवारों की महिलाओं को गैस कनेक्शन बांटने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद वर्ष-2018 में इस योजना को आगे बढ़ाते हुए सात और श्रेणियों की महिलाओं को इसका लाभ दिया गया।

इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अंत्योदय अन्न योजना, अति पिछड़ा वर्ग, चाय बागान श्रमिक, वनवासी और द्वीपों में रहने वाले लोग भी शामिल थे। योजना के पहले चरण के सफल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 यानी दूसरे चरण की शुरुआत किया था। प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के पहले चरण के दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहलामानपुर- अंबागढ़ चौकी, सक्ती, और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले अस्तित्व में नहीं आए थे। दूसरे चरण में इन जिलों को भी योजना का लाभ मिल रहा है। इन जिलों में सक्ती के सबसे अधिक 7,160 परिवार अब तक लाभान्वित हुए हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने घोषणा पत्र जारी किया था। इसके तहत लोगों से 20 वादे किए गए थे। इसमें से गरीब परिवार की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देना भी शामिल है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मोदी की गारंटी के 12 वादे पूरे कर लिए गए हैं। रसोई गैस सब्सिडी को लेकर महिलाओं को इंतजार है।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संयुक्त संचालक विक्रम राम भगत ने कहा, प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के पहले चरण के बाद दूसरा चरण जारी है। हितग्राहियों को सस्ते दाम पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना-एक और दो के कुल लाभान्वित हितग्राही
बालोद- 97,745 -7394  बलौदाबाजार-2,09,337-17,795। बलरामपुर- 1,14,720-1,866। बस्तर- 1,31,889- 1,666। बेमेतरा- 1,22,399-10,978, बीजापुर- 15,726- 585। बिलासपुर- 2,80,345-13,789। दंतेवाड़ा- 30,706- 769। धमतरी- 1,15,406- 13,237। दुर्ग- 90,585- 8,333 गरियाबंद- 1,15,750- 2,501 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- 0- 164, जांजगीर-चांपा- 2,74,650- 9,839 जशपुर- 1,42,185- 12,254 कांकेर- 92,654- 2,672 कबीरधाम- 1,20,895- 8,718 खरागढ़-छुईखदान-गंडई- 0- 2,114 कोंडगांव- 86,435- 1,540 कोरबा- 1,55,683- 5431, कोरिया- 92,955- 3354 महासमुंद- 1,93,464- 6,892 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर- 0- 2,570 मोहला मानपुर- अंबागढ़ चौकी-0- 225 मुंगेली- 1,19,549- 4,117 नारायणपुर- 19,696- 1,007 रायगढ़- 2,30,101- 7,794, रायपुर- 1,56,593- 9,325 राजनांदगांव- 2,17,651- 7,296 सक्ती- 0- 7,160 सारंगढ़-बिलाईगढ़- 0- 813 सुकमा- 24,682- 405 सुरजपुर- 1,15,659- 5,261 सरगुजा- 1,24,761- 6,175,

फैक्ट फाइल – 1 मई, 2016 को योजना के पहले चरण की शुरूआत – 36,76,260-महिलाएं पहले चरण में लाभान्वित – 2,80,345-महिलाएं बिलासपुर की सबसे अधिक लाभान्वित – 15,726-महिलाओं को बीजापुर की सबसे कम लाभान्वित – 2,49,533- का दूसरे चरण के लिए हो चुका है केवाइसी – 1,84,039-महिलाओं को दूसरे चरण में मिल चुका है सिलेंडर – 976 रुपये में वर्तमान में उपलब्ध कराया जा रहा सिलेंडर – 500 रुपये में गैस सिलेंडर की उम्मीद

CG news शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है.

CG news शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है.भिलाई  मे शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है.आरोपियों ने ठगी के लिए फर्जी वाट्सअप ग्रुप बनाया.इसमें जुड़ने वाले लोगों को ठगों ने थोड़ा निवेश करने के बाद लाखों रुपए अर्जित करने का सपना दिखाया.ठगों के इस जाल में भिलाई निवासी एक युवक आ गया.युवक ने ठगों पर भरोसा करके 35 लाख 70 हजार रुपए गंवा दिए.

वाट्सअप ग्रुप बनाकर पैसे करवाएं निवेश : पुलिस के मुताबिक भिलाई सेक्टर 5 निवासी श्याम कुमार को ब्लैकरॉक कैपिटल वीआईपी 8 नाम के ग्रुप में जोड़ा गया.इस ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश करने के टिप्स बताए जाते थे.इसी को देखकर श्याम कुमार ने एक लाख रुपए निवेश किए. ठग ने निवेश के बाद श्याम कुमार को एक लाख का रिटर्न दिया.रिटर्न पाने के बाद श्याम कुमार को भरोसा हो गया कि पैसे लगाने पर बढ़ेंगे.

अच्छा रिटर्न देकर पीड़ित का जीता भरोसा : ठग ने इसके बाद एक हफ्ते का ले आउट प्रोग्राम का आयोजन भी किया.जिसमें श्याम कुमार ने अलग-अलग खातों में निवेश किया.इस दौरान श्याम कुमार को ठग ने भरोसा दिया कि उसे 30 फीसदी का अच्छा रिटर्न मिलेगा. ट्रेड करने के बाद जब श्याम कुमार ने पैसे मांगे तो ठग ने पैसे वापस नहीं किए.इसके बाद श्याम कुमार को लगा कि उसके साथ ठगी हुई है.जिस ग्रुप से श्याम कुमार जुड़ा था,उसके एडमिन से भी श्याम कुमार ने ट्रांजेक्शन करने की अनुमति मांगी.लेकिन किसी ने भी श्याम कुमार को रकम निकालने की अनुमति नहीं दी.जिस नंबर से ग्रुप बनाया गया था वो विदेशी निकला. इस ठगी की शिकायत श्याम कुमार ने पुलिस से की है.

”श्याम कुमार को एक फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप के नाम पर शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लाभ का झांसा दिया गया. निवेश करने के लालच में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से 35 लाख 70 हजार रुपये जमा करवाकर ठगी की गई. व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम और फर्जी डीमेट खाते का उपयोग करके शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी पीड़ित के साथ हुई है.” राजकुमार लहरे, टीआई भिलाई नगर श्याम कुमार की शिकायत के बाद पुलिस ने 420 का मामला दर्ज किया है.साथ ही पुलिस ने अपील की है कि किसी भी तरह के वाट्सअप ग्रुप,फोन या मैसेज में रकम दोगुनी करने या निवेश के बाद लाखों कमाने के झांसे में ना आएं.

छत्तीसगढ़ में 5 साल बाद होगी SET परीक्षा, इस तारिक़ से करें आवेदन CG SET 2024

छत्तीसगढ़ में 5 साल बाद होगी SET परीक्षा, इस तारिक़ से करें आवेदन CG SET 2024 : छत्तीसगढ़ के सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के ख्वाब देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. छत्तीसगढ़ राज्य अर्हता परीक्षा (SET) का नोटिफिकेशन जारी हो गया है. इसके लिए आवेदन छत्तीसगढ़ व्यापमं की वेबसाइट पर जाकर 13 मई से किया जा सकेगा. आवेदन की अंतिम तिथि नौ जून तय की गई है.

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार छत्तीसगढ़ व्यावसायिक शिक्षा मंडल (CG VYAPAM) की ओर से छत्तीसगढ़ SET का आयोजन 7 जुलाई 2024 को किया जाएगा. परीक्षा दो शिफ्ट में होगी- सुबह 10 बजे से 11 बजे तक और फिर सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक. पहली शिफ्ट में पेपर-1 और दूसरी में पेपर-2 परीक्षा होगी.

बता दें कि विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी नेट या SET या पीएचडी पास होना जरूरी है. SET पास करने वाले छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती निकलने पर फॉर्म भर सकेंगे.

5 साल बाद होगी SET परीक्षा

छत्तीसगढ़ में SET का आयोजन 5 साल बाद किया जाने वाला है. इससे पहले इस परीक्षा का आयोजन साल 2019 में किया गया था. इस बार SET का आयोजन 19 विषयों- हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल, फिजिकल साइंस, केमिकल साइंस, मैथमेटिकल साइंस, लाइफ साइंस, कंप्यूटर साइंस, फिजिकल एजुकेशन, कॉमर्स, लॉ, संस्कृत, मनोविज्ञान, लाइब्रेरी साइंस और होम साइंस में किया जाएगा.

रायपुर : समय सीमा में संयंत्र नहीं लगाने वाले उद्योगों को तीन दिन के भीतर जारी करें नोटिस: उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

रायपुर : समय सीमा में संयंत्र नहीं लगाने वाले उद्योगों को तीन दिन के भीतर जारी करें नोटिस: उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन बैठक : प्रदेश में शीघ्र की नई औद्योगिक नीति 2024-2029 लागू की जाएगी बैठक में अनुपस्थित नारायणपुर के महाप्रबंधक को शो-काज नोटिस जारी उद्योग और व्यापार केन्द्र के प्रबंधकों की बैठक उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने उद्योग के नाम पर जमीन लेने के लिए बाद भी उद्योग नहीं लगाने वाले उद्योगपतियों को तीन दिन के भीतर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। आज गुरुवार को सर्किट हाउस रायपुर में प्रदेश के सभी जिलों के उद्योग और व्यापार केन्द्र के प्रबंधकों की बैठक लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस आशय के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित नारायणपुर के जिला व्यापार उद्योग केन्द्र के प्रबंधक श्री कमल सिंह मीणा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, संचालक उद्योग पी. अरूण प्रसाद, संयुक्त सचिव एवं अपर संचालक उद्योग श्री अलोक त्रिवेदी, श्री प्रवीण शुक्ला, श्री संतोष भगत सहित जिलों से आए अधिकारी उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने सभी जिलों से आए महाप्रबंधको को निर्देश देते हुए कहा की प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी की सोच है कि ज्यादा से ज्यादा हाथों में रोजगार हो, हमें रोजगार के साथ उनको काबिल भी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े। उद्योग मंत्री ने कहा कि जमीन आबंटन के बाद भी अगर उद्योग स्थापित नहीं हुए हैं, ऐसे उद्योगों के अधिकृत व्यक्ति को नोटिस जारी करें और अगर फिर भी उद्योग नहीं लगाया गया तो जमीन आबंटन निरस्त करने की कारवाई करें। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उद्योग-धंधा सहायक हो सकता है। राज्य सरकार द्वारा शीघ्र की नई औद्योगिक नीति 2024-2029 लागू की जाएगी। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा भी की। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा आवेदको स्वरोजगार के लिए लोन स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। लोन पास करने के नाम पर बैंकर्स हितग्राहियों बैंकों के बार-बार चक्कर न लगवाएं। उद्योग विभाग के अधिकारी इस बात के विशेष ध्यान रखें।

नए जिलों में योजना के क्रियान्वन पर विशेष ध्यान दें
मंत्री श्री देवांगन ने नए जिलों में भी सभी योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नए जिलों में भी आवेदनों के निराकरण के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करे। कैबिनेट मंत्री ने पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह योजना माननीय प्रधानमंत्री जी की महत्त्वाकांक्षी योजना है, सभी 18 ट्रेड के हितग्राहियों को बेहतर तरीके से ट्रेनिंग दिलवाए।
उद्योग मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारी शासन के विभिन्न योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करे, जिससे आम लोगों को इसका लाभ मिलें। उन्हांेने कहा कि प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथामिकता से कार्य मिले, इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी एवं मैदानी क्षेत्रों पदस्थ अधिकारी बेहतर कार्य करें।
उद्योग मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान प्रदेश में स्थापित नवीन उद्योगों की स्थापना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री फॉर्मलाईजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राईजेस (पी.एम.एफ.एम.ई.) योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, विभिन्न अनुदान, छुट एवं रियायतों के प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा की और फ्री-होल्ड संबंधी प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण, उद्योंगों के लिए किए गए एम.ओ.यू. की प्रगति, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के कार्यों, वाष्पयंत्र निरीक्षणालय कार्यों, पंजीयक फॉर्म एवं संस्थाएं की समीक्षा की गई।

रायपुर : तीन नगरीय निकायों में अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्य शासन ने नियुक्त किया कार्यवाहक अध्यक्ष राज्य शासन ने नए अध्यक्षों के निर्वाचन हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र

रायपुर : तीन नगरीय निकायों में अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्य शासन ने नियुक्त किया कार्यवाहक अध्यक्ष
राज्य शासन ने नए अध्यक्षों के निर्वाचन हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र

 

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने तीन नगरीय निकायों में अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है। विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी अलग-अलग आदेश के अनुसार बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-13 की पार्षद श्रीमती अमरीका कृष्ण कुमार साहू को तखतपुर नगर पालिका का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य शासन द्वारा बेमेतरा जिले के मारो नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-15 के पार्षद श्री धनलाल देशलहरे को मारो नगर पंचायत का और मुंगेली जिले के सरगांव नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-5 के पार्षद श्री परमानंद साहू को सरगांव नगर पंचायत का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

राज्य शासन ने तीनों नगरीय निकायों में वर्तमान अध्यक्षों के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अध्यक्ष के रिक्त पदों की जानकारी देते हुए नए अध्यक्षों के निर्वाचन के लिए आवश्यक कार्यवाही हेतु छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है।

अग्रवाल हॉस्पिटल बसना : बढ़ती उम्र के साथ बढ़ता है पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का खतरा लक्षण देखे उपचार हेतु अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में उपलब्ध

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बढ़ती उम्र के साथ बढ़ता है पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का खतरा
ध्यान न देने एवं समय पर जांच ना कराने पर ये रेनल फेल्योर, सेप्सिस, जिंदगी भर कैथेटर में रहने की परेशानी कर सकता है। ये प्रोस्टेट कैंसर भी हो सकता है। जल्द जांच करवाएं।
लक्षण
पेशाब में रुकावट, धार पतला होना
बार-बार एवं बूंद-बूंद पेशाब होना
पेशाब करते वक़्त दर्द होना
पेशाब में जलन या मवाद आना
बार-बार पेशाब करने के बाद भी यह महसूस होता है की पेशाब नहीं कर पाया
ब्लैडर पेशाब से भर जाने पर निचे वाले हिस्से में दर्द महसूस होना
राशन कार्ड/आयुष्मान कार्ड द्वारा इलाज की सुविधा
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09 मार्च 2024
शाम 05 बजे से
दूरबीन द्वारा जांच एवं
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संपर्क करें: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

अग्रवाल हॉस्पिटल बसना : मध्य भारत के प्रख्यात लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन गॉल ब्लैडर एवं पथरी लिवर ऑपरेशन बच्चेदानी का ऑपरेशन न्यूनतम दरों में किया जायेगा

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