आज का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार जानिए दैनिक राशिफल

आज का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार जानिए दैनिक राशिफल

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार में लाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा। संतान पक्ष से आरोग्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। हानि संभव है। भाइयों का साथ मिलेगा।

राशि फलादेश

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। परिवार व मित्रों के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। शारीरिक कष्ट संभव है, सावधान रहें। निवेश शुभ रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना बन सकती है।

राशि फलादेश

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह): व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। बजट बिगड़ेगा। दूर से शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। भागदौड़ रहेगी। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार में अधिक ध्यान देना पड़ेगा। जोखिम न उठाएं।

राशि फलादेश

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): कष्ट, भय, चिंता व तनाव का वातावरण बन सकता है। जीवनसाथी पर अधिक मेहरबान होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। पारिवारिक प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यय होगा। मित्रों से मेलजोल बढ़ेगा। नए संपर्क बन सकते हैं। धनार्जन होगा।

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सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ बाहर जाने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के योग हैं। परिवार व स्नेहीजनों के साथ विवाद हो सकता है। शत्रुता में वृद्धि होगी। अज्ञात भय रहेगा। थकान महसूस होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

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कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): यात्रा सफल रहेगी। शारीरिक कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी। नई योजना बनेगी। लोगों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। काफी समय से अटके काम पूरे होने के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आय में मनोनुकूल वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा।

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तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। व्ययसाय लाभप्रद रहेगा। कार्य पर ध्यान दें।

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वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): कोई राजकीय बाधा हो सकती है। जल्दबाजी में कोई भी गलत कार्य न करें। विवाद से बचें। काफी समय से अटका हुआ पैसा मिलने का योग है, प्रयास करें। या‍त्रा लाभदायक रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। वस्तुएं संभालकर रखें।

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धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): किसी की बातों में न आएं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। अचानक लाभ के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार में वृद्धि से संतुष्टि रहेगी। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। उत्साह से काम कर पाएंगे।

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मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): परिवार की आवश्यकताओं के लिए भागदौड़ तथा व्यय की अधिकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कार्य की गति धीमी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। निवेश करने का समय नहीं है। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है, धैर्य रखें।

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कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्यवसाय धीमा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की नाराजी झेलनी पड़ सकती है। परिवार में मनमुटाव हो सकता है। सुख के साधनों पर व्यय सोच-समझकर करें। निवेश करने से बचें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

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मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): किसी अपरिचित की बातों में न आएं। धनहानि हो सकती है। थोड़े प्रयास से ही काम सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे।

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महासमुंद/महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित कुपोषण मुक्ति के लिए समन्वय के साथ कार्य करें – कलेक्टर श्री लंगेह

महासमुंद/महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित कुपोषण मुक्ति के लिए समन्वय के साथ कार्य करें – कलेक्टर श्री लंगेह

महासमुंद/ महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा वजन त्यौहार की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार सहित जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने बैठक में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि वजन त्यौहार के दौरान प्राप्त आंकड़ों की शत-प्रतिशत सही एंट्री पोषण ट्रैकर में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य कुपोषण को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग समन्वय करते हुए उत्कृष्ट कार्य करें। सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर को प्रो-एक्टिव होकर कार्य करने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रत्येक माह कम से कम एक बार ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। ताकि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय से कार्य किया जा सके। बैठक में सीडीपीओ को हर माह फॉलो-अप सिस्टम विकसित कर सुपरवाइजरों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कुपोषण की रोकथाम हेतु उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं का चिन्हांकन कर स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से उपचार सुनिश्चित करने तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव पर जोर दिया गया।

सुपरवाइजरों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कमजोर केंद्रों का चिन्हांकन कर जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने कहा। साथ ही अधोसंरचना विकास के अंतर्गत अपूर्ण एवं जर्जर आंगनवाड़ी केन्द्रां का आवश्यक सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने और व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्र की सभी बेड भरी रहें, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रिक्त बेड के आधार पर रोटेशन प्रणाली से गंभीर कुपोषित बच्चों को केंद्र तक लाने के लिए कहा गया। साथ ही पूरक पोषण आहार लक्षित हितग्राहियों को उनके सामने खिलाकर सेवन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना आदि का लाभ देने एवं पोषण ट्रैकर में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीयन अनिवार्य रूप से करने तथा इसके लिए नियमित कैंप आयोजित करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। वर्तमान में एएनसी रजिस्ट्रेशन की स्थिति 98.83 प्रतिशत है। इसे शत-प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं नियमित जांच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन प्रथम तिमाही में अनिवार्य रूप से किया जाए। उच्च जोखिम गर्भावस्था के मामलों की शत-प्रतिशत पहचान कर समय पर इलाज, रेफरल और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, टीकाकरण में एक भी बच्चा न छूटे यह सुनिश्चित करने तथा पूर्ण टीकाकरण के बाद बच्चों को क्यूआर कोड युक्त प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था पर चर्चा की गई। प्रमाण पत्र में बच्चे के टीकाकरण की पूरी जानकारी रहेगी। इसके साथ ही आरसीएच 2.0 पोर्टल में सभी प्रविष्टियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि कुष्ठ उन्मुलन में समाज की सहभागिता बढ़ाएं। इसे अभियान के रूप में लेते हुए वृहद खोज अभियान चलाएं। कलेक्टर ने कहा कि आज दैनिक जीवन में उच्च रक्तचाप और मधुमेह सामान्य जीवन का अंग बनता जा रहा है। इसका अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कराएं तथा प्रत्येक लोगों का चेकअप सुनिश्चित करें। चेकअप पश्चात फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि आयुष्मान कार्ड निर्माण में भी प्रगति लाएं। वहीं सिकल सेल, टीबी आदि बीमारियों का भी नियमित स्क्रीनिंग होता रहे। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ जिला बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिक्वेन्द्र जटवार, सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. बसंत माहेश्वरी, महिला बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, सुपरवाइजर तथा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक मौजूद थे।

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने स्कूलों का किया भ्रमण परीक्षा केंद्रों में अनुशासन, शांति व्यवस्था, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता तथा सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने स्कूलों का किया भ्रमण परीक्षा केंद्रों में अनुशासन, शांति व्यवस्था, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता तथा सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद जिले में शैक्षणिक सत्र 2025-26 अंतर्गत हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार किया जा रहा है। जिले में इस वर्ष कुल 254 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं के 12 हजार 839 विद्यार्थी तथा 168 विद्यालयों के कक्षा 12वीं के 10 हजार 724 विद्यार्थी 115 परीक्षा केन्द्रों के माध्यम से परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। कक्षा 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से 24 मार्च 2026 तक तथा कक्षा 12वीं की परीक्षा 1 मार्च से 23 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज हाई स्कूल परीक्षा की व्यवस्था का निरीक्षण करने महासमुंद स्थित स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल बेलसोंडा एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों में अनुशासन, शांति व्यवस्था, पर्यवेक्षकों की उपस्थिति, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता तथा सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण रहें।

कलेक्टर श्री लंगेह ने शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल बिरकोनी में लो-विजन 70 प्रतिशत दिव्यांगता से पीड़ित परीक्षार्थी कु. आस्था पांडेय सह-लेखक कु. केशरी निषाद के माध्यम से परीक्षा दे रही है, जिसका भी अवलोकन किया और दिव्यांग विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में बोर्ड परीक्षाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं अनुशासन के साथ किया जा रहा है तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आत्मविश्वास एवं लगन के साथ परीक्षा देने का संदेश दिया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा मौजूद थे।

महासमुंद/टीबी मुक्त पंचायत सत्यापन समिति की बैठक सम्पन्न

महासमुंद/टीबी मुक्त पंचायत सत्यापन समिति की बैठक सम्पन्न

महासमुंद/ जिले को टीबी से मुक्त करने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में आज टीबी मुक्त पंचायत सत्यापन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. आई. नागेश्वर राव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की।

इस अवसर पर जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव ने कहा कि टीबी को पूरी तरह खत्म करने के लिए गांव स्तर पर समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करेंगे तभी हर पंचायत टीबी मुक्त होगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे ने बताया कि वर्तमान में जिला महासमुंद की 305 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। शेष पंचायतों को भी टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से मुक्त करने की योजना बनाई जा रही हैँ। बैठक में सी बी नॉट टेस्ट एवं टीबी के संदेह वाले मरीजों की समय पर पहचान, एक्स-रे जांच और इलाज जल्द शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही जिले में जल्द शुरू होने वाले 100 दिन के टीबी अभियान की जानकारी दी गई।

बैठक में डॉ. एच. बी. कलिकोटी अध्यक्ष, आईएमए महासमुंद, डॉ. हरजोत सिंह गुरुदत्ता सचिव, आईएमए महासमुंद, डॉ. आशीष बघेल मेडिकल कॉलेज, कम्युनिटी मेडिसिन, डॉ. छत्रपाल चंदकर नर्सिंग होम एक्ट नोडल अधिकारी, डॉ. घनश्याम साहू आरएमओ, जिला अस्पताल, डॉ. विकास चंद्राकर जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी, उत्तम श्रीवास टी बी सलाहकार, हरिशंकर साहू हेल्थ एजुकेटर सहित जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

महासमुंद/फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत महासमुंद जिले ने राज्य में हासिल किया दूसरा स्थान दवा वितरण पर ही नहीं सेवन पर भी दिया गया जोर

महासमुंद/फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत महासमुंद जिले ने राज्य में हासिल किया दूसरा स्थान दवा वितरण पर ही नहीं सेवन पर भी दिया गया जोर

महासमुंद/ महासमुंद जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 से 25 फरवरी तक विशेष अभियान का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के बेहतर समन्वय से निर्धारित लक्ष्य कुल 10 लाख 42 हजार 760 हितग्राहियों के विरूद्ध कुल 10 लाख 32 हजार 588 पात्र नागरिकों को एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) दवा का सेवन कराया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 98.92 प्रतिशत है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के आधार पर महासमुंद जिला फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में पूरे छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि जिले में महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 2 लाख 49 हजार 906 नागरिकों को दवा का सेवन कराया गया। इसी तरह बागबाहरा अंतर्गत 2 लाख 31 हजार 348, पिथौरा अंतर्गत 2 लाख 6 हजार 31, बसना अंतर्गत एक लाख 66 हजार 755 और सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत एक लाख 78 हजार 548 पात्र नागरिकों को दवा का वितरण एवं दवा सेवन निर्धारित समय-सारणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में कराया गया।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अभियान की सफलता पर कहा कि यह उपलब्धि जिले के सभी विभागों, मैदानी अमले, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन एवं स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया जाए ताकि जिले को शीघ्र फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जा सके। कलेक्टर श्री लंगेह ने जिलेवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा अभियान में सहयोग देने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों, स्वयंसेवकों एवं आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

महासमुंद में बड़ी नक्सल हलचल — 15 सक्रिय कैडरों ने हथियार डालने का किया ऐलान

महासमुंद में बड़ी नक्सल हलचल — 15 सक्रिय कैडरों ने हथियार डालने का किया ऐलान

गृह मंत्री विजय शर्मा को लिखे एक भावुक पत्र में BBM डिवीजन के कुल 15 सक्रिय कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने और सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वे हथियार छोड़कर भारतीय संविधान के दायरे में रहकर जनता के हित में काम करना चाहते हैं.

डिवीजन के 15 सक्रिय नक्सली करेंगे सरेंडर, गृह मंत्री को लिखा पत्रछ त्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सलवाद के विरुद्ध जारी अभियान के बीच एक बड़ी सफलता की खबर सामने आ रही है. भाकपा (माओवादी) के BBM डिवीजन (बलांगीर-बरगढ़- महासमुंद) के सचिव विकास और उनके साथ 14 अन्य सक्रिय कैडरों ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर आत्म-समर्पण की इच्छा जताई है.

गृह मंत्री विजय शर्मा को लिखे एक भावुक पत्र में BBM डिवीजन के कुल 15 सक्रिय कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने और सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वे हथियार छोड़कर भारतीय संविधान के दायरे में रहकर जनता के हित में काम करना चाहते हैं.

बदली परिस्थितियों के कारण लिया सरेंडर का निर्णय
नक्सली नेता विकास ने गृह मंत्री विजय शर्म को लिखे पत्र में स्वीकार किया है कि देश और दुनिया की वर्तमान आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अब दीर्घकालीन जनयुद्ध और सशस्त्र संघर्ष जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है. पत्र में उल्लेख किया गया है कि पार्टी के भीतर भी इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि अलग-अलग सरेंडर करने के बजाय पूरी पार्टी को ही सशस्त्र संघर्ष त्याग देना चाहिए.

गृह मंत्री विजय शर्मा को भेजा गया नक्सलियों का पत्र
गृह मंत्री विजय शर्मा को भेजा गया नक्सलियों का पत्र
2 अथवा 3 मार्च तक सरेंडर कर सकते हैं नक्सली, मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक सशस्त्र माओवादियों ने सुरक्षा की गारंटी मांगते हुए गृह मंत्री से रेडियो के माध्यम से आह्वान करने की अपील की है. उनका कहना है कि वो सरकारी आश्वासन के बाद ही सरेंडर के लिए बाहर आएंगे. पत्र के अनुसार नक्सली 2 या 3 मार्च तक सरेंडर कर सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वो महासमुंद जिले में सरेंडर करना चाहते हैं और इसके लिए पूर्व माओवादी सागर के माध्यम से रिसीविंग का प्लान बनाने का सुझाव दिया है.

 

गृह मंत्री को लिखे पत्र में सचिव विकास ने अपील की है कि उनके बाहर निकलने की प्रक्रिया के दौरान ओडिशा के बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद जिलों में कॉम्बिंग और सर्चिंग ऑपरेशन रोकी जाए. उन्हें डर है कि यदि रास्ते में पुलिस की आवाजाही दिखी, तो उनके साथी तितर-बितर हो सकते हैं, जिससे आत्मसमर्पण की योजना खटाई में पड़ सकती है.

 

15 नक्सलियों की टीम में बस्तर के कैडर शामिल
सरेंडर की इच्छा जताने वाले इन 15 नक्सलियों में संगठन के विभिन्न पदों के पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 3 DVC सदस्य, 5 AC सदस्य और 7 पार्टी सदस्य (PM) हैं. बड़ी बात यह है कि इनमें से 14 नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि सचिव विकास तेलंगाना का है. उन्होंने ओडिशा के बजाय छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि अधिकांश साथी छत्तीसगढ़ के ही मूल निवासी हैं.

 

सरेंडर के लिए तैयार नक्सलियों ने
रखे 3 सुझाव
गौरतलब है नक्सलियों ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में सरेंडर के लिए तीन सुझाव दिए हैं. उनकी मांग है कि सरकार की तीन घोषणाओं के बाद वो संघर्ष का रास्ता छोड़ सकते हैं. सशस्त्र संघर्ष छोड़ने पर माओवादी पार्टी को एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने, माओवादियों पर लगे पुलिस केस रद्द करने और जेल में बंद साथियों को रिहाई और उन्हें संविधान के दायरे में काम की अनुमति दी जाए.

रायपुर : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और राज्य चुनाव आयुक्तों (SECs) के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं संवैधानिक हितों के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प

रायपुर : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और राज्य चुनाव आयुक्तों (SECs) के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं संवैधानिक हितों के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प

रायपुर, भारत निर्वाचन आयोग  द्वारा आयोजित ECI एवं राज्य चुनाव आयुक्तों  का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में 30 राज्यों के राज्य चुनाव आयोगों ने सहभागिता की। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी  उपस्थित रहे।

राज्य चुनाव आयुक्तों द्वारा सम्मेलन की व्यापक सराहना की गई। यह सम्मेलन 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया गया। ECI एवं SECs ने भविष्य में इस प्रकार के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन को वार्षिक रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी राज्य चुनाव आयुक्तों ने ‘राष्ट्रीय घोषणा 2026’ को अपनाने का संकल्प लिया। इसमें यह पुनः स्थापित किया गया कि शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है तथा चुनावों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं कुशल संचालन लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ बनाता है।

राष्ट्रीय एवं संवैधानिक हितों को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग  (ECI) ने चुनावी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने हेतु सभी राज्य चुनाव आयोगों के साथ पारस्परिक रूप से स्वीकार्य एवं विधिसम्मत तंत्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसके अंतर्गत ECINET, EVM, मतदाता सूची एवं इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) के उन्नत प्रशिक्षण अवसंरचना को साझा करने का प्रावधान शामिल है।घोषणा में यह भी उल्लेख किया गया कि पंचायत एवं नगरीय निकायों के चुनावों से संबंधित विधिक प्रावधानों को संसद एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों से संबंधित कानूनों के अनुरूप बनाने हेतु भारत निर्वाचन आयोग (ECI) एवं राज्य चुनाव आयुक्तों  (SECs) मिलकर कार्य करेंगे तथा राष्ट्रीय एवं संवैधानिक हितों को सुदृढ़ करने हेतु आपसी सहयोग को और अधिक सशक्त बनाएंगे।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा राज्य चुनाव आयुक्तों को इसके अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता हेतु आमंत्रित किया गया है।

सम्मेलन के दौरान प्राप्त सुझावों का विस्तृत परीक्षण ECI के उप चुनाव आयुक्तों के नेतृत्व में गठित विधिक एवं तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा।राष्ट्रीय हित में प्रभावी निर्णय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगामी तीन माह के भीतर राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशवार कार्ययोजन आयोग को प्रस्तुत की जाएगी।

छत्तीसगढ़ : स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध – श्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ : स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध – श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा

छत्तीसगढ़ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।

श्री साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़: विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़: विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है।

उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील सिंघी, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आज किस राशि पर मेहरबान हैं ग्रह-नक्षत्र? जानिए दैनिक राशिफल

आज किस राशि पर मेहरबान हैं ग्रह-नक्षत्र? जानिए दैनिक राशिफल

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्‍थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवेक से कार्य करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

राशि फलादेश

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। मनोरंजन का समय मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। कारोबारी वृद्धि की योजना बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से कोई भी कार्य न करें। विवाद में न पड़ें।

राशि फलादेश

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह): बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ समय मनोरंजन में व्यतीत होगा। आय होगी। व्यापार ठीक चलेगा।

राशि फलादेश

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): थकान व कमजोरी रह सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। समय अच्छा व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी।

राशि फलादेश

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): विवाद को बढ़ावा न दें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। कुसंगति से दूर रहें। हानि संभव है।

राशि फलादेश

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जल्दबाजी न करें।

राशि फलादेश

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। तनाव रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। यात्रा में विशेष सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

राशि फलादेश

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): दूर से अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। सामाजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार ठीक चलेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

राशि फलादेश

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है। कोई आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। मित्रों के साथ समय मनोरंजक बीतेगा। मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं, मेडिटेशन करें।

राशि फलादेश

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनोरंजन के साधन प्राप्त होंगे। तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। लाभ होगा।

राशि फलादेश

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन होगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी व लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। हल्की हंसी-मजाक न करें। विवाद हो सकता है। किसी व्यक्ति की नाराजी से मन खराब होगा।

राशि फलादेश

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): बुद्धि का प्रयोग किसी भी समस्या का निवारण कर सकता है, यह याद रखें। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों का सहयोग व साथ मिलेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यापार ठीक चलेगा। समय सुखमय व्यतीत होगा।

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