महासमुंद जिला पंचायत सीईओ श्री नंदनवार ने जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ली समीक्षा बैठक
महासमुंद/ जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समस्त विकासखण्डों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मौजूद थे। विकासखण्डों के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त जिला सलाहकार, बीपीएम, बीईटीओ एवं सेक्टर सुपरवाइजर वीडियो कांफ्रेंस से जुड़े।
बैठक में सीईओ श्री नंदनवार ने आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदन योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि जिले के विकासखण्डों में अभी भी लगभग 10 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति लंबित है। इस पर सीईओ श्री नंदनवार ने ग्रामवार कार्ययोजना बनाकर डोर-टू-डोर सर्वे करते हुए शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत एवं खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित कर आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन कार्ड निर्माण में आ रही समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत पिथौरा एवं सरायपाली विकासखण्ड की प्रगति को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने समस्त विकासखण्डों को निर्देशित किया कि 31 जनवरी 2026 तक भारत सरकार को बाह्य मूल्यांकन हेतु आवेदन अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाए।
कायाकल्प योजना की समीक्षा के दौरान जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिन संस्थाओं ने चालू वर्ष में कायाकल्प योजना में भाग नहीं लिया है, उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।
टीबी मुक्त पंचायत अभियान की समीक्षा करते हुए समस्त ग्राम पंचायतों को दिशा-निर्देशों के अनुरूप टीबी मुक्त पंचायत के लिए तैयार कर आवेदन करने को कहा गया। वहीं जिन पंचायतों को पूर्व में टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है, उन्हें मानक मापदण्डों की निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सिकल सेल कार्यक्रम की समीक्षा में सभी विकासखण्डों को शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिकल सेल रोग से ग्रसित मरीजों को शत-प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान करने एवं सिकल सेल वाहकों के लिए परामर्श सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कुष्ठ खोज अभियान के तहत सभी विकासखण्डों को घर-घर जाकर कुष्ठ रोग के शंकास्पद मरीजों की पहचान करने, ग्रामवार कार्ययोजना बनाकर उनकी पुष्टि करने तथा चिन्हित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।



