महासमुंद/अंधे कत्ल का खुलासा: कोडार डेम जंगल में महिला की निर्मम हत्या, 1 साल बाद आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद। थाना तुमगांव क्षेत्र अंतर्गत कोडार डेम के सागौन जंगल में अज्ञात महिला की जली हुई लाश मिलने के अंधे कत्ल की गुत्थी को महासमुंद पुलिस ने सुलझा लिया है। करीब एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी सूरज ध्रुव को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
डीएनए से हुई थी मृतिका की पहचान
दिनांक 02 अप्रैल 2025 को ग्राम कोडार डेम के जंगल में एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव मिला था। थाना तुमगांव में अपराध क्रमांक 82/25 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। डीएनए परीक्षण के बाद मृतिका की पहचान सुनीता रजक पति राजेश रजक (55 वर्ष), निवासी धमतरी के रूप में हुई।
परिजनों ने बताया कि सुनीता रजक पटेवा मड़ई मेला देखने अपनी बहन के घर आई थी और 30 जनवरी 2025 को महासमुंद जाने के लिए मोटरसायकल में लिफ्ट लेकर निकली थी, जिसके बाद थाना पटेवा में गुम इंसान दर्ज कराया गया था।
आरोपी ने किया सनसनीखेज खुलासा
संदेही सूरज ध्रुव पिता हृदय ध्रुव निवासी ग्राम खुंटेरी थाना खल्लारी से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी पहले भी वर्ष 2018 में अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और दिसंबर 2024 में जेल से छूटा था।
उसने बताया कि उसने मृतिका को मोटरसायकल में बैठाकर कोडार डेम घुमाने का झांसा दिया, फिर उसे अपने जीजाजी के बंद मकान में डेढ़ माह तक रखा। जब महिला ने घर छोड़ने की जिद की, तब लालच में आकर उसने उसकी हत्या कर गहने लूटने की योजना बनाई।
जंगल में ले जाकर की हत्या, फिर जला दिया शव
मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में आरोपी ने महिला को महासमुंद छोड़ने का बहाना बनाकर कोडार डेम के जंगल में ले गया। वहां साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी और पहचान छुपाने के लिए शव को जंगल में जला दिया।
पुलिस ने किया महत्वपूर्ण बरामदगी
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने –
2 नग सोने के टॉप्स
2 नग चांदी की पायल
6 नग चांदी की बिछिया
1 नग सोने का झुमका
घटना में प्रयुक्त मोटरसायकल CG 06 GA 3140
को जब्त किया है।
विशेष टीम की रही अहम भूमिका
इस अंधे कत्ल को सुलझाने में थाना प्रभारी तुमगांव निरीक्षक दिनेश कुमार यादव, निरीक्षक विनोद कश्यप (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक आबिद खान, आरक्षक कीर्तन सिन्हा, फलेश वर्मा, कमलेश निर्मलकर, महेन्द्र क्षत्रिय, मोनू नामदेव एवं महिला आरक्षक तृष्णा मारकण्डेय का विशेष योगदान रहा।



